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List Of Simple English Sentences For Kids With Hindi Meaning

List Of Simple English Sentences For Kids With Hindi Meaning

बच्चों से रोज बोले जाने वाले जरूरी इंग्लिश वाक्य | 150 Simple Daily Use English Sentences In Hindi For Kids


आज के बदलते समय में हर माँ-बाप की कोशिश रहती है कि उसका भी बेटा इंग्लिश में बात करें। उनकी ये सोच काफी हद तक सही भी है, क्योंकि आज हर जगह इतना प्रतिस्पर्धा बढ़ गया है कि बिना इंग्लिश के आप एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकते हैं। इसलिए अगर आप भी चाहते हैं कि आप भी करियर में तेजी से आगे बढ़ें तो आपको इंग्लिश सीखना बेहद जरूरी है।


आज की ये सच्चाई है कि अगर आपको इंग्लिश अच्छे से नहीं आती है तो आप करियर में उतनी ऊंचाई हासिल नहीं कर सकते हैं जितना कि एक इंग्लिश बोलने वाला कर सकता है।


ऐसे में क्या आप चाहेंगे कि आप और आपका भी बच्चा इस दुनिया की रेस में पिछड़ जाए? शायद बिल्कुल नहीं। आप तो समझदार हैं कि आपको इंग्लिश बोलने के लिए क्या करना चाहिए लेकिन क्या आपके बच्चे को पता है कि इंग्लिश कैसे सीखते हैं? शायद नहीं।


ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा इंग्लिश बोलें तो इसका सबसे बढ़िया उपाय है कि आप अपने बच्चे से इंग्लिश में ही बात करें।


लेकिन आपके सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि उनसे इंग्लिश में कैसे बात करें? इसके लिए आप बच्चे से दैनिक जीवन में रोज उपयोग होने वाले इंग्लिश वाक्य बोलें। जब आप उनसे इंग्लिश में बात करने लगेंगे तो बच्चा खुद-ब-खुद इंग्लिश बोलना सीख जाएगा।


दुनिया में हर जगह बच्चों को इंग्लिश सिखाने का यहीं एकमात्र तरीका है। इसलिए आपको बच्चों से हमेशा इंग्लिश में ही बात करना चाहिए।


अब आप सोच रहे होंगे कि बच्चों से इंग्लिश में कैसे बात करें? इसके लिए हम आपको बच्चों के साथ रोज बोले जाने वाले इंग्लिश वाक्य के बारे में बताने वाले हैं जिसके मदद से आप अपने बच्चे को इंग्लिश बोलना सीखा सकते हैं।


अगर आप इन sentences को एक बार याद कर लेंगे तो यकीन मानिए आपका तो speaking english improve होगा ही साथ में आपका बच्चा भी इंग्लिश बोलना सीख जाएगा।


तो आइए बिना देर किए जानते हैं Most Common Daily Use English Sentences For Kids In Hindi.


100 Daily Use English Conversation Sentences For Kids With Hindi Meaning | बच्चों को इंग्लिश बोलना कैसे सिखाएं

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Daily Use English Sentences For Kids

1. बाल कंघी कर लो- Comb your hair.
2. हिलो मत- Don't move.
3. चुपचाप खड़े रहो- Stand still.
4. बिल्कुल अभी- Right away.
5. अपने पैर मत घसीटो- Don't drag your feet.
6. नहाने का समय हो रहा है- It is time to take a bath.
7. ऐसे चेहरे मत बनाओ- Don't make faces.
8. अपने जूते पहनो- Put on your shoes.
9. तमीज से बात करो- Behave yourself.
10. अपने कपड़े बदल लो- Change your clothes.
11. आपको चप्पल कहाँ है- Where are your slippers?
12. अपनी चप्पल पहन लो- Wear your slippers.
13. मेरे लिए पानी लेकर आओ- Please bring me a glass of water.
14. खाना चबाकर खाओ- Chew your foods.
15. नाखून मत काटो- Don't bite your nails.
16. हिलो मत- Don't move.
17. क्या तुम एक जगह नहीं बैठ सकते?- Can't you sit still?
18. अपने कॉपी की पेज मत फाड़ो- Don't tear your pages.
19. मैम ने क्या कहा- What did your mam say?
20. ये कहाँ से उठाया- Where did you pick it from?
21. चोट लग गयी क्या- Did you heart yourself?
22. क्या खेल रहे हो- What are you playing?
23. क्या आपको मच्छर ने काटा- Did mosquito bite you?
24. स्विच को हाथ मत लगाओ- Don't touch the switch.
25. धीरे बोलो- Speak slowly.
26. टॉफी किसने दी- Who gave you the candy?
27. जुबान मत लड़ाओ- Don't argue.
28. पापा को काम करने दो- Let papa work.
29. क्या ढूंढ रहे हो- What are you looking for?
30. शोर मत मचाओ- Don't make a noise.
31. स्कूल के लिए तैयार हो जाओ- Get ready for school.
32. आज स्कूल में क्या हुआ- What happened at school today?
33. मैम ने कुछ कहा- Did mam say anything?
34. अपनी डायरी लेकर आओ- Bring your dairy.
35. टीचर डाँटेगी- Teacher will scold you.
36. पापा से पूछो- Ask your papa.
37. पेट भर गया क्या- Are you full?
38. अपने दांत अच्छे से साफ करो- Brush your teeth properly.
39. कुल्ला कर लो- Rinse your mouth.
40. मेरे पास आओ- Come to me.
41. अपने पापा के पास जाओ- Go to your papa.
42. इसको खो मत देना- Don't lose it.
43. इसको तोड़ मत देना- Don't break it.
44. नाक में उंगली मत डालो- Don't put a finger in your nose.
45. अपनी नाके साफ करो- Blow your nose.
46. छींकते समय अपनी नाक ढंक लो- Cover your nose while sneezing.
47. आपको वॉशरूम जाना है- Do you want to go to the washroom?
48.:चलो बाहर घूमने चलते हैं- Let's go outside.
49. शरारती मत बनो- Don't be naughty.
50. मुझे तंग मत करो- Don't disturb me.


ये भी पढ़ें:- ● रोज बोले जाने वाले 500 इंग्लिश वाक्य।

घर पर अंग्रेजी बोलना कैसे सीखें?


51-100 Most Important Simple Daily Use English Sentences For Kids In Hindi


51. आप मेरी बात नहीं मानते हैं- You don't listen to me.
52. क्या आपने अपने हाथ धोये- Did you wash your hands?
53. इसको उठाओ और कूड़ादान में डालो- Pick it up and flow in the dustbin.
54. सही ढंग से रखना- Out them in order.
55. अपना होमवर्क खत्म करो- Finish your homework.
56. इसे हाथ मत लगाओ- Don't touch it.
57. पेज मत फाड़ो- Don't tear the page.
58. अपने जूते का फीता बांधो- Tie your shoelaces.
59. टीवी देखना बन्द करो- Stop watching TV.
60. मोबाइल में गेम खेलना बन्द करो- Stop playing game on mobile.
61. अपना खाना जल्दी खत्म करो- Finish your food quickly.
62. अपने नाखून मत काटो- Don't bite your nails.
63. अपने मुह में उंगली मत डालो- Don't put your finger in your mouth.
64. एक घूँट भी नहीं- Not a sip.
65. एक टुकड़ा भी नहीं- Not a bite.
66. छिलका फर्स पर मत फेंको- Don't drop the peels on the floor.
67. अपने खिलौने जगह पर रखो- Keep your toys in place.
68. आप बहुत समझदार बच्चे हो- You are very smart kids.
69. आपको आइसक्रीम ज्यादा पसंद है या चॉकलेट- You like icecream more or a chocolate.
70. आप बहुत टीवी देखते हैं- You watch tv a lot.
71.vकभी हार मत मानो- Never give up.
72. मेरा विश्वास करो- Believe me.
73. चुप रहो- Shut up.
74. इसे लिख लो- Write it.
75. झगड़ा मत करो- Don't fight.
76. मेरे हाथ गन्दे है- My hands are dirty.
77. मुझे प्यास लगी है- I'm thirsty.
78. मुझे भूख लगी है- I'm hungry.
79. मैं आपसे गुस्सा हूँ- I'm angry with you.
80. फिर हम खेलेंगे- Then we will play.
81. झूठ मत बोलो- Don't lie.
82. आपने क्या खाया- What did you eat?
83. मुझे परेशान मत करो- Don't disturb me.
84. आलसी मत बनों- Don't be lazy.
85. कूदो मत- Don't jump.
86. तुम गिर जाओगे- You fall down.
87. आपको पता है- Do you know?
88. ढंग से पेश आओ- Behave properly.
89. एक तरफ हट जाओ- Move aside.
90. थोड़ा हटो- Move a bit.
91. उन्हें सही ढंग से रखो- Put them in correctly.
92. अपनी नाक साफ करो- Clean your nose.
93. ये आसान है- Thai is easy.
94. अब तुम कोशिश करो- Now you try.
95. वापस जाओ- Go back.
96. आप बहुत गन्दे हो- You are very bad.
97. आप बहुत अच्छे हो- You are very good.
98. आप चुप क्यों है- Why are you silent?
99. आप जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं- Why are you answering?
100. क्या आप बीमार हो- Are you sick?


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दैनिक जीवन में रोज बोले जाने वाले 100 इंग्लिश वाक्य।


Daily Use English Words for Child in Hindi | बच्चों से इंग्लिश में कैसे बात करें


1. ये वाला- This one.
2. वो वाला- That one.
3. इसे करो- Do it.
4. इसे जल्दी करो- Do it fast.
5. नहा लो- Take bath.
6. जाकर खेलो- Go and play.
7. बाए बोलो- Say goodbye.
8. बहन को बाए बोलो- Say goodbye to uncle.
9. सीधे खड़े रहो- Stand still.
10. हिलो मत- Don't move.
11. ऊपर जाओ- Go up stairs.
12. नीचे आओ- Come down stairs.
13. इधर देखो- Look here.
14. मेरी तरफ देखो- Look at me.
15. इसे लो-Take it.
16. और कुछ- Anything else.
17. और कुछ नहीं- Nothing else.
18. ध्यान से- Be careful.
19. अभी- Right now.
20. क्या हुआ- What happened?
21. इसे चखो- Taste it.
22. मुझे दो- Give me.
23. ये क्या है- What is this?
24. एक निवाला खा लो- Take a bite.
25. टेस्ट करो- Test it.
26. एक घूँट पी लो- Take a sip.
27. इस ज्यूस का एक घूँट पी लो- Take a sip of this juice.
28. अपनी किताबें बैग में रखो- Put your books in the bag.
29. कभी नहीं- Never.
30. इसे साफ करो- Clean it.
31. कोई बात नहीं- Never mind.
32. इसे दुहराओ- Repeat it.
33. मेरे बाद दुहराओ- Repeat after me.
34. फिर से कोशिश करो- Try again.
35. उठ जाओ- Get up.
36. जाग जाओ- Wake up.
37. खुश रहो- Be happy.
38. चलो एक गेम खेलते हैं- Let's play a game.
39. अंदर आओ- Come in.
40. तैयार हो जाओ- Get ready.
41. कोई खास- Anything special?
42. कुछ खास- Something special.
43. रो मत- Don't cry.
44. चिल्लाओ मत- Don't shout.
45. जाकर पढ़ो- Go study.
46. सब्र करो- Have patience.
47. दिखाओ मुझे- Show me.
48. मेरी बात सुनो- Listen to me.
49. मैं जानता हूँ- I know.
50. कोई बात नहीं- Never mind/ No problem.


Daily Use English Sentences with Hindi meaning For Kids


51. खड़े हो जाओ- Stand up.
52. बैठ जाओ- Sit down.
53. इसे खाओ- It eat.
54. धीरे चलो- Walk slowly.
55. यहाँ आओ- Come here.
56. जोर से बोलो- Speak loudly.
57. शांत रहो- Keep quite.
58. समझा करो- Please understand.
59. भूलना मत- Don't forget.
60. मैं भूल गया- I forgot.
61. शर्माओ मत- Don't by shy.
62. जाकर टेबल लगा दो- Set the table.
63. बहुत अच्छा- Very good.
64. सो जाओ- Go to bed.
65. मुझे बताओ- Tell me.
66. चोट कैसे लगी- How did you get heart?
67. ठंडा पानी मत पियो- Don't drink cold water.
68. आइसक्रीम मत खाओ- Don't eat icecream.
69. मेरा हाथ पकड़ो- Hold my hand.
70. बाहर मत खेलो- Don't play outside.


अगर आप इन बच्चों के साथ रोज बोले जाने वाले इंग्लिश वाक्य को हमेशा अपने बच्चे के साथ बोलेंगे तो इससे आपका इंग्लिश ठीक होगा ही, साथ में आपका बच्चा भी बहुत जल्दी इंग्लिश बोलना सीख जाएगा।


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100 Daily Use English Sentences With Hindi Meaning.

Rohini Sindhuri IAS Wikipedia Biography, Age, Family In Hindi

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रोहिणी सिन्दूरी का जीवन परिचय | Rohini Sindhuri IAS Life Story In Hindi


दोस्तों आज हम एक ऐसे महिला आईएएस अधिकारी की बात करने वाले हैं। जिसने न केवल बहुत ही कम समय अपने कार्यशैली से पूरे देश में नाम कमाया है, बल्कि लोग 'लेडी सिंघम' के नाम से भी जानने लगे हैं।


ऐसे होनहार और काबिल महिला आईएएस अधिकारी का नाम रोहिणी सिन्दूरी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोहिणी सिन्दूरी कौन है, इनकी पूरी कहानी क्या है?


अगर आप नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है। हम आपको रोहिणी सिन्दूरी की पूरी कहानी बताने वाले हैं और जानने वाले हैं कि अब तक का उनका सफर कैसा रहा है? तो आइये देश के इस चर्चित आईएएस अधिकारी रोहिणी सिन्दूरी की जीवनी के बारे में पूरी विस्तार से जानते हैं।


रोहिणी सिन्दूरी आईएएस का जीवन परिचय | Rohini Sindhuri IAS Biography In Hindi

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Rohini Sindhuri IAS Biography In Hindi

पूरा नाम- रोहिणी सिन्दूरी

निकनेम- रोहिणी

जन्म- 30 मई 1984

उम्र/Age- 37

हाइट- 165 सेमी.

वजन- 60kg

जन्मस्थान/Birthplace- आंध्रप्रदेश(वर्तमान तेलंगाना)

प्रोफेशन- सिविल सर्विसेज

बैच- 2009

रैंक- 43

कैडर- कर्नाटक

होमटाउन- N/A

जाती/Caste- दसारी (Dasari)

धर्म/Religion- हिन्दू

शौक- संगीत सुनना

वैवाहिक जीवन- विवाहित

सैलरी- N/A

नेट वर्थ- N/A

राष्ट्रीयता- भारतीय


रोहिणी सिन्दूरी का परिवार | Rohini Sindhuri IAS Family


पिता का नाम- N/A

माता का नाम- लक्ष्मी रेडी

हसबेंड/Spouse- सुधीर रेडी (सॉफ्टवेयर इंजीनियर)

बच्चे- एक पुत्र, एक पुत्री


Rohini Sindhuri IAS Qualification | रोहिणी सिन्दूरी की शिक्षा


दोस्तों रोहिणी सिन्दूरी ने प्रारंभिक शिक्षा पास के ही स्कूल से पूरी की। जिसके बाद इन्होंने हैदराबाद यूनिवर्सिटी से केमिकल इंजीनियरिंग से बीटेक की डिग्री हासिल की। बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोहिणी को सिविल सर्विसेज की नौकरी करने को ठानी।


इनका मेहनत रंग उस समय लाई जब 2009 में UPSC की परीक्षा में पूरे देश में 43वां रैंक लाकर अपने सपने के पंखों को उड़ान की। इसके बाद रोहिणी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज उनकी गिनती देश के होनहार अफसरों में होती है।


रोहिणी सिन्दूरी का करियर | Rohini Sindhuri IAS Success Story In Hindi


आईएएस की ट्रेनिंग के बाद रोहिणी सिन्दूरी की पहली पोस्टिंग 29 अगस्त 2011 को तुमकुरु में असिस्टेंट कमिश्नर के रूप में हुआ था। इसी कार्य अवधि में तुमकुरु के शहरी विकास विभाग के प्रभारी कमिश्नर के रूप में भी इनकी  नियुक्त की गई।


जहाँ रोहिणी ने एक से एक बढ़कर सराहनीय कार्य किये। जैसे- इनकम टैक्स स्त्रोत को कंप्यूटरीकृत किया, जेसिरोड जैसी अन्य मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाने का बहुत तेजी से किया, एमजी रोड जैसे व्यस्त सड़कों पर अतिक्रमण हटाने से लेकर सड़क का काम पूरे करने को लेकर इनको लोगों से काफी प्यार मिला।


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सचिन पायलट का जीवन परिचय।


31 दिसम्बर 2012 तक अपने इस शानदार कार्यकाल में एक से बढ़कर एक कार्य करने के बाद रोहिणी 10 अगस्त 2013 से 31 मई 2014 तक ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग, स्वरोजगार परियोजना (एसईपी), बैंगलोर के निदेशक के रूप में काम किया। यहाँ भी इन्होंने अपने टैलेंट से सबक दिल जीत लिया।


इसके बाद 2014 में, रोहिणी को मांड्या जिला पंचायत के सीईओ के रूप में तैनात किया गया था। जहाँ इन्होंने अपने कार्यकाल (2014-15) के दौरान लगभग एक लाख व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कर पूरे देश में नाम बटोरी।


रोहिणी सुर्खियों में तब आयी स्वच्छ भारत अभियान में इनका जिला पूरे राज्य में पहले नम्बर और देश में तीसरे नम्बर पर स्वच्छता के मामले में स्थान पाया। ये सब रोहिणी सिन्दूरी के बदौलत ही सम्भव था।


इतना ही नहीं रोहिणी ने केंद्र सरकार द्वारा पेयजल के लिए भेजे गए 65 करोड़ के फंड का सही तरीके से इस्तेमाल कर अपनी पहचान छोड़ी। इस दौरान इन्होंने 100 से भी अधिक पेयजल यूनिट्स की स्थापना की। उनके इस काम से खुश होकर सरकार ने इस काम को और आगे बढ़ाने के लिए 6 करोड़ रुपये का फंड दिया।


अपनी यात्रा को और आगे बढ़ाते हुए रोहिणी ने किसानों को सस्टेनेबल खेती करने का आह्वान किया। इसके अलावा इन्होंने शहर में भ्रूण हत्या जैसे मामलों को गम्भीरता से लेते हुए इस रोक लगाने का पूरा प्रयास किया। भ्रूण हत्या रोकने के लिए माता-पिता को शिक्षित करने के लिए कई कार्यक्रम चलाई।


मांड्या जिला पंचायत के सीईओ के रूप में रोहिणी ने कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना संपत्ति दस्तावेज डाउनलोड करने के लिए एक ऐप भी लॉन्च किया।


उनके इस प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने 2015 में नई दिल्ली में जिला कलेक्टरों को प्रशिक्षित करने के लिए तीन प्रमुख व्यक्तियों में से एक के रूप में चुना।


जिसके बाद साल 2017 में इनका तबादला हसन जिले में डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के रूप में कर दिया गया। यहाँ भी रोहिणी ने शिक्षा प्रणाली में सुधार करने के लिए कई कदम उठाए। इनके प्रयासों का ही फल था कि जो साल 2017 में हसन जिला एसएसएलसी परिणामों में राज्य में 31वें नम्बर था दो साल बाद 2019 में पहले नम्बर पहर पहुँच गया।


इसके अलावा हसन जिले में बालू माफियाओं से भी जमकर मुकाबला किया और दोषियों के खिलाफ छापेमारी कर सख्त कार्रवाई भी किया।


वर्तमान में रोहिणी सिन्दूरी मैसूर जिले में डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के रूप में तैनात है।


Rohini Sindhuri IAS Controversy In Hindi | रोहिणी सिन्दूरी न्यूज हिंदी


दोस्तों रोहिणी सिन्दूरी को जब 2018 में हसन जिले में मात्र सात महीने में ही स्थानीय राजनेताओं के दबाव के कारण स्थानांतरित कर दिया गया तो इन्होंने तंग आकर हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।


कोर्ट के दखल के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने पुनः इनको अपने पद पर वापस नियुक्त कर दिया।


अभी हाल ही में मैसूर के सिटी कारपोरेशन कमिश्नर शिल्पा नेग ने कोविड-19 महामारी के लिए कुप्रबंधन और गलत जानकारी के लिए आरोप द्वारा रोहिणी सिन्दूरी पर आरोप लगाया है। लेकिन रोहिणी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इन सारी बातों का खंडन किया है।


इसके पीछे का असली कहानी क्या है ये तो जांच के बाद ही पता चल पायेगा।


Some Interesting Facts About Rohini Sindhuri IAS In Hindi


● रोहिणी के ही क्लास साथी आईएएस डीके रवि को इनसे प्यार हो गया था। जब रवि ने इनको प्रोपोज किया तो इन्होंने साफ मना कर दिया और कहा कि वह पहले ही शादीशुदा है। जिसके बाद रवि ने 16 मार्च 2015 को आत्महत्या कर लिया।

● रोहिणी कन्नड़, तेलुगु, हिंदी और अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में महारथ हासिल है।

● रोहिणी ने एक ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली की भी शुरुआत की है। जिसके माध्यम से पीड़ित व्यक्ति कभी भी अपनी शिकायत ऑनलाइन जमा कर सकता है।

● रोहिणी जब भी ये खाली रहती है गाना सुनती है। इनको गाना सुनना काफी पसंद है।


दोस्तों उम्मीद है कि आपको रोहिणी सिन्दूरी की बायोग्राफी इन हिंदी काफी पसंद आया होगा। आपको रोहिणी सिन्दूरी की जीवनी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताइयेगा धन्यवाद।


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सीबीआई चीफ सुबोध कुमार जायसवाल का जीवन परिचय।


सचिन पायलट का जीवन परिचय | Sachin Pilot Biography In Hindi

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दोस्तों राजस्थान की राजनीति में एक ऐसा चमकता हुआ नाम जिसके बिना मौजूदा दौर में राजस्थान की सियासत अधूरा लगता है। एक ऐसा सितारा जिसका नाम देश के सबसे कम उम्र में सांसद बनकर संसद पहुँचने का खिताब हासिल है और बहुत ही कम उम्र में एक सफल केंद्रीय मंत्री के तौर पर भी पहचान बनाने का खास रिकॉर्ड है।


अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कौन हो सकता है? ऐसे होनहार और युवा नेता का नाम राजेश पायलट के बेटे सचिन पायलट है। आज के मौजूदा दौर में सचिन पायलट कौन है ये हर एक राजनीति से जुड़ा आदमी जानता है। लेकिन उनके जीवन काल में एक ऐसा भी वक्त था, जब इनको दिग्गज नेता राजेश पायलट के बेटे होने के नाते खुद को साबित करना भी बड़ी चुनौती थी।


वैसे कहा जाता है कि एक नामचीन पिता के सामने बेटे को खुद को साबित करने के लिए उनसे भी अधिक मेहनत करना पड़ता है और सफल होकर दिखाना होता है। ठीक यहीं चुनौती सचिन पायलट के पास भी थी।


ऐसे में सचिन कैसे जमीन से उठकर पूरे देश में अपने नाम का परचम लहराया है आइये इस अनसुने तथ्य को सचिन पायलट की जीवनी के माध्यम से पूरी विस्तार से जानते हैं।


सचिन पायलट की जीवनी | Sachin Pilot Biography in Hindi

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Sachin Pilot Biography In Hindi

आज के समय में सचिन पायलट की गिनती राजस्थान के दिग्गज नेताओं में होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि सचिन पायलट का जन्म राजस्थान में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुआ था। जी हाँ ये बिल्कुल सत्य है।


सचिन पायलट का जन्म 7 दिसम्बर 1977 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में कांग्रेस के दिग्गज नेता राजेश पायलट के घर हुआ था।


परिवार में इन सबके अलावा इनकी एक बहन भी है। जिनका नाम सारिका पायलट है। लेकिन उनकी पहचान एक राजनीतिक हस्तियों से नहीं बल्कि एक सफल बिजनेस वीमेन के रूप में होती है। सचिन पायलट का प्रारंभिक जीवन राजनीतिक हस्तियों के बीच में बिता।


सचिन पायलट का जीवन परिचय | Sachin Pilot Family


पूरा नाम- सचिन पायलट

निकनेम- सचिन

जन्म/Date Of Birth- 7 सितंबर 1977

जन्मस्थान- सहारनपुर, उत्तर प्रदेश

उम्र/Age- 43 (2020 के अनुसार)

पिता का नाम- राजेश पायलट

माता का नाम- रमा पायलट

बहन का नाम- सारिका पायलट

वाइफ- सारा पायलट (फारुख अब्दुल्ला की बेटी)

बेटे का नाम- आरन पायलट और विहान पायलट

हाइट- 5 फिट 10 इंच

डिग्री- पोस्ट ग्रेजुएट

प्रोफेशन- कांग्रेस नेता

पद- पूर्व उपमुख्यमंत्री, सांसद, प्रदेश कमेटी अध्यक्ष

राजनीतिक पार्टी- कांग्रेस

पसंदीदा नेता- महात्मा गांधी

जाती/Caste- गुर्जर

धर्म/Religion- हिन्दू

राष्ट्रीयता- भारतीय


सचिन पायलट की शिक्षा | Sachin Pilot Qualification


सचिन पायलट की प्रारंभिक शिक्षा एयरफोर्स बल्कि भारती स्कूल दिल्ली में पूरी हुई। प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद सचिन ने स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज से पूरी की।


इसके बाद I.M.T. गाजियाबाद से मार्केटिंग में डिप्लोमा किया है। जिसके बाद इन्होंने व्हार्टन स्कूल ऑफ यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया से एमबीए की डिग्री हासिल की।


Sachin Pilot Full Love Story In Hindi | सचिन पायलट वाइफ

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दोस्तों सचिन पायलट के शादी का किस्सा उनके राजनीतिक जीवन जितना ही मजेदार है। कहा जाता है कि सचिन के लिए 15 जनवरी के दिन बेहद खास है, क्योंकि इसी दिन इन्होंने समाज की सारी बेड़ियों को तोड़ते हुए जम्मू कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला की बेटी सारा अब्दुल्ला से शादी कर ली थी।


फिल्मी कहानियों की तरह सचिन और सारा ने धर्म, जाती और समाज की बेड़ियों को तोड़कर एक-दूसरे का हो जाना इनके लिए इतना आसान नहीं था।


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धर्मगुरु आचार्य प्रशांत का जीवन परिचय।


साल 2004 में मकर संक्रांति बीतने के बाद दिल्ली के कैनिंग लेन में गहमागहमी जोरों पर थी। इसका मुख्य वजह था, अगले दिन यानी 15 जनवरी को एक ऐसा शादी होने वाला था जिसका गूंज पूरी राजनीतिक गलियारों तक था।


15 जनवरी 2004 को धौंसा से कांग्रेस सांसद और सचिन की माँ रमा पायलट के घर पर सचिन पायलट और सारा अब्दुल्ला ने शादी के बंधन में बंध गए।


सारा के परिवार की तरफ से कोई शामिल नहीं हुआ था क्योंकि पिता फारुख अब्दुल्ला लंदन में थे तो भाई उमर अब्दुल्ला अपेंडिसाइटिस के इलाज के लिए दिल्ली के बत्रा हॉस्पिटल में भर्ती थी। इस शादी के लिए अब्दुल्ला परिवार बिल्कुल भी राजी नहीं था।


जिस देश में धर्म और जाति के नाम पर तलवार निकल जाते हैं, ऐसे में इस शादी को लेकर भी कई तरह के बातें हुई। इसका सबसे बड़ा कारण लड़का हिन्दू और लड़की मुस्लिम थी। लेकिन इन दोनों ने समाज की हर बेड़ियों को तोड़कर शादी कर लिया।


इन दोनों की शादी किसी फिल्मी दुनिया से कम नहीं है। कोई इस शादी को प्यार का मिशाल देता है तो कोई मजहबी विवाद। आपको इनके वैवाहिक जीवन को जानकर तो काफी अच्छा लगा होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों का लव स्टोरी कैसे शुरू हुई थी


चलिए हम आपको बताते हैं। दरअसल सचिन पायलट और अब्दुल्ला परिवार में पहले से दोस्ताना सम्बंध थे। इसलिए एक-दूसरे के घर आना-जाना लगा रहता था। इस तरह ये दोनों एक-दूसरे को बचपन से जानते थे।


शादी से पहले ये दोनों लंदन में थे। जहाँ इन दोनों की मुलाकात किसी पारिवारिक कार्यक्रम में हुआ था। इस मुलाकात के बाद ये दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे। दोनों के बीच नजदीकियां भी बढ़ने लगी थी।


पढ़ाई खत्म करने के बाद सचिन भारत लौट आये थे, जबकि सारा अभी भी पढ़ाई के लिए लंदन में ही थी। दूर होने के बावजूद भी इन दोनों ने एक-दूसरे से फोन से बात करना नहीं छोड़ा। बात अब शादी तक पहुँच चुकी थी।


सचिन किसी तरह अपने परिवार को मनाने में कामयाब हो गए लेकिन सारा के परिवार वालों ने साफ मना कर दिया था। हालांकि सचिन पायलट को अब्दुल्ला परिवार में पसंद किया जाता था लेकिन शादी नहीं करना चाहते थे।


जिसके बाद इन दोनों फारुख अब्दुल्ला की गैरमौजूदगी में इन दोनों ने दिल्ली में शादी कर ली। आज इन दोनों की शादी के लगभग 17 साल हो गए हैं और ये दोनों हर समय एक-दूसरे का साथ रहकर खुश है।


समय बीतने के साथ अब्दुल्ला परिवार का इनके प्रति कड़वाहट खत्म होने लगी थी। जिसके बाद फारुख अब्दुल्ला ने कई बार सचिन के साथ मंचों पर भी नजर आए।


सचिन पायलट का राजनीतिक करियर | Sachin Pilot Success Story In Hindi


पढ़ाई पूरी करने के बाद सचिन पायलट ने मल्टी नेशनल कम्पनी में लगभग दो साल तक काम किया। लेकिन सन 2000 में पिता राजेश पायलट के निधन के बाद अपने पीछे छोड़ गए राजनीतिक विरासत को संभालने की जिम्मेदारी सचिन पर ही आ गयी थी।


कहते हैं कि सचिन पायलट का राजस्थान की राजनीति में प्रवेश उतना अच्छा नहीं रहा। एक तरफ सड़क दुर्घटना में पिता की मृत्यु तो दूसरी तरफ राजस्थान में गुर्जर नेता की कमी। जाटों को आरक्षण मिलने के बाद अन्य जाती भी आरक्षण की मांग करने लगी थी।


ऐसे तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने बहुत बड़ी संकट खड़ा था क्योंकि राजेश पायलट के बाद गुर्जर जाती को संभालने वाला कोई बड़ा नेता नहीं था।


ऐसे में सचिन पायलट का राजस्थान की राजनीति में आगमन किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था।


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पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए राजनीति के बुलंदियों को छूना किसी सपने के सच होने से कम नहीं होता है। विरासत के मिली राजनीति के राह को चुनकर सचिन पायलट ने जो मुकाम हासिल किया है इसका पूरा श्रेय उन्हीं को जाता है।


कम उम्र में पिता का आकस्मिक निधन ने सचिन को कम उम्र में ही काफी आत्मविश्वासी बना दिया। जिसका नतीजा हुआ कि सचिन पायलट देश के सबसे कम उम्र में संसद जाने वाले नेता बनें।


विरासत में मिली राजनीति सफल कुर्सी को संभाल पाना सबके लिए आसान नहीं होता है। लेकिन सचिन पायलट ने न सिर्फ राजनीति के शिखर तक पहुँचे बल्कि अपने पिता के नाम को और आगे तक बढ़ाया।


आपको बता दें कि सचिन पायलट का सबसे कम उम्र के प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। बचपन में पिता राजेश पायलट के चुनावी रैलियों में सचिन और उनकी बहन सारिका भी जाति थी। जहाँ वे अपने पिता के लिए वोट मांगा करते थे।


बचपन में राजनीति से उनकी इस छोटी सी पारी के शुरुआत से किसी को भी अंदाजा नहीं था कि एक दिन देश के सबसे बड़े पंचायत धौंसा का प्रतिनिधित्व करेंगे।


2004 में धौंसा से अपना पहला चुनाव लड़े जहाँ उनको बहुमत प्राप्त हुआ और पहली बार में ही 26 वर्ष की उम्र में देश के सबसे युवा सांसद बनकर संसद पहुँचे। इस चुनाव में उनकी पत्नी सारा ने भी गली-गली घूमकर अपने पति के लिए वोट मांगा था। इसके बाद 2009 में सचिन ने अजमेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया। जहाँ उनको काफी अधिक वोटों से जीत हासिल हुई।


दुबारा चुनाव जीतने के बाद पायलट को मनमोहन सिंह सरकार में इनको कॉरपोरेट अफेयर्स का राज्यमंत्री बनाया गया। लेकिन 2014 लोकसभा चुनाव में सचिन अपना सीट बचाने में नाकामयाब रहे। जहाँ बीजेपी ने पूरे राजस्थान की लोकसभा सीटों पर कब्जा कर लिया था और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया गया था।


2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद सचिन पायलट के कंधे पर दुबारा सत्ता में लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान इनका मुकाबला तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से सीधे था।


पार्टी को मजबूत करने के लिए सचिन सड़कों पर उतरे। जहाँ उनको लाठियां भी खानी पड़ी। लेकिन 2018 में दुबारा पार्टी को राजस्थान की सत्ता में वापस लाने में सफल रहे।


इस जीत के बाद सचिन का कद पार्टी में और बढ़ गया। जहाँ उनको कमेटी अध्यक्ष के साथ-साथ प्रदेश का उपमुख्यमंत्री भी बनाया गया।

राजनीति में एक युवा नेता के रूप में प्रवेश करने से लेकर राजस्थान के उपमुख्यमंत्री बनने तक सचिन पायलट का सफर इतना भी आसान नहीं रहा था।


मौजूदा दौर में कांग्रेस के सबसे युवा नेताओं के लिस्ट में सचिन पायलट का नाम सबसे पहले आता है। कहा जाता है कि सचिन पायलट राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाते हैं। इसका सबसे खास वजह है कि ये दोनों एक ही पीढ़ी के नेता है।


आज के समय में सचिन जैसे युवा दिग्गज नेता की मांग न केवल राजस्थान में है बल्कि पूरे देश में भी है।


सचिन पायलट और अशोक गहलोत विवाद | Sachin Pilot Latest News In Hindi


पिछले कुछ समय से राजस्थान में राजनीतिक हलचल ने पूरे देश में सचिन पायलट को चर्चा में ला दिया। इस हलचल में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता होते हुये भी एक दूसरे के विरोधी नजर आ रहे हैं।


एक तरफ सचिन पायलट तो दूसरी तरफ अशोक गहलोत। सचिन के समर्थक उनको मुख्यमंत्री देखना चाहते थे और गहलोत के समर्थक उनको।


इस प्रकार ये कलह अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया और आंतरिक मतभेद खुलकर सामने आई। इस दौरान सचिन अपने समर्थित विधायकों के साथ राजस्थान छोड़कर हरियाणा आ गए। जिसके बाद इनपर आरोप लगाया गया कि सचिन पायलट ने बीजेपी से हाथ मिला लिया है।


ये गतिरोध लगभग एक महीने तक चलता रहा। इसके बाद पार्टी के बड़े नेताओं के हस्तक्षेप के बाद दोनों के बीच मतभेद खत्म हुआ। लेकिन इसके बाद इनको अपने प्रदेश कमेटी अध्यक्ष पद और उपमुख्यमंत्री पद गंवाना पड़ा।


अभी हाल ही में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच जारी मनमुटाव फिर से सामने आया है। फिर से पार्टी के बीच भारी गतिरोध देखने को मिल रहा है। सचिन ने कांग्रेस के केंद्रीय समिति से बातचीत करने की भी कोशिश की। उनका कहना है कि पार्टी में छिड़ी हुई गतिरोध को जल्द से जल्द आलाकमान के द्वारा दूर करना चाहिए।


लेकिन इसके बाद सचिन के लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आयी और अब भी राजस्थान कांग्रेस के सबसे बड़े नेता के रूप में इनकी पहचान होती है।


पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि इनके अंदर मुख्यमंत्री बनने का हर गुण मौजूद है। इसलिए इनको ये पद जरूर देना चाहिए।


Sachin Pilot Net Worth


दोस्तों जैसा कि आपको पता होगा कि हर चुनाव से पहले उम्मीदवार को अपनी सम्पति का ब्यौरा देना पड़ता है।2018 में विधानसभा चुनाव में दिए हलफनामे में सचिन पायलट ने हलफनामे में अपनी सम्पति का ब्यौरा चुनाव आयोग को देते हुए कहा था कि इनका नेट वर्थ 5.39 करोड़ रुपये है।


FAQ About Sachin Pilot

Q1. सचिन पायलट का गोत्र क्या है?
Ans. विधूडी
Q2. सचिन पायलट के कितने बच्चे हैं?
Ans. 2
Q3. सचिन पायलट की बहन के पति का नाम
Ans. विशाल चौधरी
Q4. सचिन पायलट का गांव कौन सा है
Ans. वैदपुरा
Q5 राजेश पायलट के पिता का नाम क्या है?
Ans. राजेश पायलट
Q6. सचिन पायलट के वाइफ का नाम क्या है?
Ans. सारा पायलट
Q7. सचिन पायलट क्या गुर्जर जाती के है?
Ans. हाँ
Q8. सचिन पायलट का मोबाइल नंबर क्या है?
Ans. N/A
Q9. सचिन पायलट की उम्र कितनी है?
Ans. 43 वर्ष
Q10. सचिन पायलट का जन्म स्थान कौन-सा है?
Ans. सहारनपुर, उत्तर प्रदेश

हमें उम्मीद है कि आपको Sachin Pilot Biography In Hindi काफी पसंद आया होगा। आपको सचिन पायलट की जीवनी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं धन्यवाद।


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Dr. Tanu Jain IAS Biography, Wikipedia, Net Worth In Hindi

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दोस्तों अगर किसी को मनपसंद करियर मिल जाये तो उसका जीवन बेहद खुशहाल बन जाता है। होगा भी क्यों नहीं आखिर अपने पसंद का जो काम करने को मिल रहा है? पर अगर ये पसन्द देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरी IAS बनकर लोगों की सेवा करने का हो तो फिर जीवन में इससे सुखद अनुभव और कुछ हो ही नहीं सकता है।


लेकिन आप भली भांति ये जानते हैं कि एक IAS बनना इतना आसान नहीं होता है। उस पर भी अगर लड़की हो तो समाज की बेड़ियों से ऊपर उठकर इतना ऊँचा मुकाम हासिल कर पाना सबके बस की बात नहीं है।


परन्तु ऐसा ही कुछ कारनामा कर दिखाया है उत्तर प्रदेश की रहने वाली प्रसिद्ध IAS अफसर डॉक्टर तनु जैन ने। जी हाँ इनका IAS बनने का ऐसा सपना था कि इन्होंने डॉक्टर की भी नौकरी छोड़ दी क्योंकि इनको लगता था कि ऐसे वो ज्यादा लोगों की मदद नहीं कर सकती है।


फिर इन्होंने न सिर्फ UPSC की परीक्षा पास की बल्कि 2014 में पूरे देश में टॉपर बनकर अपनी सफलता का परचम लहराया।


लेकिन क्या आप जानते हैं डॉ तनु जैन सफलता के पीछे का रहस्य क्या है, इनको इस मुकाम तक पहुँचने के लिए कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है? अगर नहीं जानते हैं कोई बात नहीं। चलिए IAS अफसर डॉ तनु जैन की जीवनी के बारे में पूरी विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।


डॉ तनु जैन आईएएस कौन है | Who Is Dr. Tanu Jain IAS In Hindi


डॉ तनु जैन दिल्ली-6 में जन्मी एक ऐसी हस्ती है जिन्होंने 2014 में UPSC की परीक्षा में टॉप किया था। वर्तमान में वो DRDO में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और भली भांति देश की तथा लोगों की सेवा कर रही है।


आपने इससे पहले कभी नहीं सुना होगा कि एक लड़की जो पहले एक अच्छी डॉक्टर हुआ करती थी। इसके बाद भी उसने UPSC क्वालीफाई किया है। ऐसा कारनामा करने वाली एक मात्र लड़की तनु जैन ही है।


डॉ तनु जैन आईएएस का जीवन परिचय | Dr. Tanu Jain IAS Biography In Hindi

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दोस्तों डॉ तनु जैन का जन्म दिल्ली-6 के सदर बाजार में 1985-90 के बीच हुआ था। जॉइंट फैमिली में होने के बाद भी तनु के माता-पिता ने हमेशा पढ़ने के लिए सपोर्ट किया। तनु ने भी इनके सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।


निकनेम- तनु

पूरा नाम- डॉ तनु जैन

जन्मस्थान- सदर बाजार,दिल्ली-6

जन्म(Date Of Birth)- 1985-90

उम्र(Age)- 30-35

हाइट- 5 फिट 6 इंच

वजन- 55 किलोग्राम

शादी(Marriage)- विवाहित

हस्बैंड नाम- वात्सल्य कुमार

प्रोफेशन- डॉक्टर, आईएएस अफसर

UPSC रैंक- 501

वर्तमान पद- असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ डीआरडीओ

धर्म(Religion)- जैन

राष्ट्रियता- भारतीय


डॉ तनु जैन आईएएस की शिक्षा | Dr. Tanu Jain Qualification


तनु जैन को बचपन से पढ़ने का बहुत शौक था। पढ़ाई का शौक ऐसा कि इसके अलावा इनको और कुछ अच्छा ही नहीं लगता था। तनु जैन के इस सफर में इनके माता पिता ने भी काफी साथ दिया है और इनके फैसले का सम्मान किया है।


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डॉ तनु जैन ने अपनी शुरुआती शिक्षा कैम्ब्रिज स्कूल श्रीनिवासपुरी से प्राप्त की है। जिसमें उनको 12वीं की परीक्षा में 94% अंक प्राप्त हुए थे। फिर मेडिकल की परीक्षा के दौरान ही इनके पिता का एक्सीडेंट हो गया और ये बुरी तरह घायल हो गए। जिससे उनको 2 साल तक बीएड पर ही गुजारना पड़ा।


पिता के चोटिल हो जाने के बाद तनु को लगा कि अब वो कुछ भी नहीं कर पायेगी। लेकिन पिता ने तनु को मेडिकल की पढ़ाई के उत्साह बढ़ाकर बेटी का भरपूर साथ दिया। जिसके बाद तनु ने सुभार्थी मेडिकल कॉलेज मेरठ से BDS(Bachelor Of Dental Surgery) की डिग्री हासिल की।


लेकिन जब इनको लगा कि ये डॉक्टर बनकर जितने लोगों की सेवा नहीं कर सकती है तो इन्होंने 2014 में UPSC की परीक्षा पास की। जिसमें तनु जैन पूरे देश में टॉपर रही थी।


डॉ तनु जैन ने UPSC क्यों जॉइन किया?


डॉ तनु जैन ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि UPSC जॉइन करने का उनका मेन मकसद यहीं था कि एक सिविल सर्वेंट के रूप में अधिक से अधिक लोगों के बीच जाकर उनके समस्याओं को दूर करना।


उनके मुताबिक एक डॉक्टर सिर्फ सौ-दो सौ लोगों का मदद कर सकता है लेकिन अगर आप एक जिलाधिकारी बन गए तो अनगिनत लोगों का सेवा करने का मौका मिलेगा। इसलिए उन्होंने लगातार मेहनत और जुनून के दम पर UPSC क्वालीफाई करने के बाद ही दम लिया।


Dr. Tanu Jain IAS Career | डॉ तनु जैन का करियर


दोस्तों आपको बता दें कि डॉ तनु जैन सिविल सर्विसेज में जाने से पहले एक डॉक्टर भी रह चुकी है। इन्होंने MBBS की डिग्री हासिल करने के बाद जब इनको लगा कि ये लोगों के बीच रहकर सेवा करने के लिए बनी है तो डॉक्टर का जॉब छोड़कर UPSC जॉइन कर लिया।


तनु जैन ने IAS बनने के लिए 2012 में पहली बार प्रिलिम्स की परीक्षा दी लेकिन इनको सफलता हासिल नहीं हुई। परन्तु इन्होंने हार नहीं मानी और लगातार परीक्षा देती रही और आखिरकार 2014 में UPSC की परीक्षा पास करने के बाद डॉ तनु जैन को DRDO में असिस्टेंट डायरेक्टर का पद देकर उनको सम्मानित किया गया। वर्तमान में कई संस्थानों में Interviews भी लेती है।


डॉ तनु जैन आईएएस के अनुसार UPSC की तैयारी कैसे करें?


डॉ तनु जैन ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि UPSC के परीक्षा की तैयारी कैसे करें? इनके मुताबिक यूपीएससी की परीक्षा दो-तीन महीने की तैयारी करने से पास नहीं किया जाता है। बल्कि इसके लिए सालों मेहनत करनी पड़ती है। IAS बनने का सपना इतना आसान नहीं होता है। इसके लिए पूरी फोकस के साथ कड़ी मेहनत की जरूरत होती है।


तनु ने कहा था कि UPSC की तैयारी करना सबके लिए कठिन होता है। लेकिन यहीं कठिनाई आपको एक दिन अनन्त आनंद का एहसास कराएगी।


Dr. Tanu Jain Net Worth


दोस्तों डॉ तनु जैन की कुल सम्पति के बारे में बात करें तो इसकी कोई सही जानकारी अभी तक इनके द्वारा नहीं दी गयी है। ये वर्तमान में एक डॉक्टर होने के अलावा आईएएस अधिकारी, एडुकेटर और कई संस्थानों में मौखिक रूप से इंटरव्यू भी लेती है।


इनके इनकम सोर्सेज जानकर आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि डॉ तनु जैन का नेट वर्थ कितना है?


दोस्तों हम उम्मीद करते हैं कि आपको Dr. Tanu Jain DRDO Biography In Hindi काफी पसंद आई होगी। आपको डॉ तनु जैन की जीवनी में सबसे अच्छा क्या लगा कमेंट करके जरूर बताइयेगा और शेयर कीजियेगा।


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Acharya Prashant Biography Wikipedia In Hindi | आचार्य प्रशांत की जीवनी


दोस्तों आज हम भारत के एक ऐसे शख्स की जीवनी के बारे में जानने वाले हैं जिन्होंने न सिर्फ यहाँ के लोगों के जीवन को बदलने में अहम भूमिका निभाई बल्कि दुनिया के लाखों लोगों को अपना मुरीद बना लिया।


जरा आप सोचकर देखिये जिस लड़के ने IIT और IIM जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों शिक्षा प्राप्त करने के बाद किसी बड़े मल्टीनेशनल कंपनियों में उच्च पदों पर काम करने बजाय अध्यात्म की राह पर चलने का रास्ता चुना हो उसे कितने लोगों के ताने सुनने पड़े होंगे।


माता-पिता को कैसा महसूस हुआ होगा? ये लड़का न सिर्फ आइआइटी और आईआईएम जैसे परीक्षाओं को पास किया था बल्कि सिविल सर्विसेज का एग्जाम पास करने के बावजूद भी अध्यात्म की दुनिया को चुना। इस लड़के के फैसले ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर इसने ऐसा क्यों किया? ये लड़का कोई और नहीं बल्कि आचार्य प्रशान्त जी ही थे।


आखिर उनके इस फैसले का असली वजह क्या रहा होगा, आइये हम इस अनुसनी कहानी को आचार्य प्रशांत की जीवनी के माध्यम से पूरी जानकारी विस्तार से जानते हैं।


Table Of Contents:

आचार्य प्रशांत का जीवन परिचय

आचार्य प्रशांत का परिवार

आचार्य प्रशांत का बचपन

आचार्य प्रशांत की शिक्षा

आचार्य प्रशांत का करियर

Acharya Prashant Contact Number

Acharya Prashant Important Books

आचार्य प्रशांत के 10 अनमोल वचन


आचार्य प्रशांत का जीवन परिचय |Who Is Acharya Prashant Tripathi

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Acharya Prashant Biography In Hindi

दोस्तों आचार्य प्रशांत जी का जन्म 7 मार्च 1978 को उत्तर प्रदेश के आगरा में महाशिवरात्रि के दिन हुआ था। बचपन से ही काफी तीव्र बुद्ध के थे। ये परिवार के 3 भाई-बहनों में बड़े है।


आचार्य प्रशांत के पिता एक सरकारी अफसर हुआ करते थे और माता जी एक गृहणी थी। जन्म आगरा में होने के बाद इनके बचपन का अधिकांश समय उत्तर प्रदेश में ही बीता।


पूरा नाम- प्रशांत त्रिपाठी

जन्म- 7 मार्च 1978

उम्र(Age)- 43 वर्ष

पत्नी- N/A

जन्मस्थान- आगरा, उत्तर प्रदेश

प्रोफेशन- धर्मगुरु, वक्ता

फीस/Fees- N/A

धर्म- हिन्दू

राष्ट्रीयता- भारतीय


आचार्य प्रशांत का परिवार | Acharya Prashant Family


दोस्तों आचार्य प्रशान्त जी के परिवार में उनके अलावा इनके माता-पिता और तीन भाई-बहन है। पिताजी सरकारी नौकरशाह थे और माता एक गृहणी का काम करती थी। तीनों भाई-बहनों में प्रशांत जी सबसे बड़े थे। इनके वाइफ के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है।


आचार्य प्रशांत का बचपन | Acharya Prashant Early Life Story In Hindi


आचार्य प्रशांत जी बचपन से ही शरारती बच्चे होने के साथ-साथ हर चीज के बारे में जानने के लिए गहरा चिंतन करने वाले बच्चे थे। उनके इस स्वभाव को माता-पिता के अलावा इनके टीचर भी समझ गए थे।


उनके गुरु के अनुसार ये शुरू से ही कभी मजाकिया अंदाज में सबसे व्यवहार करते थे तो पल भर में ही किसी बात को लेकर गम्भीर हो जाते थे। उनके इस स्वभाव को दोस्तों ने भी अभी तक नहीं भूले हैं।


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शुरू से ही आचार्य प्रशांत जी की गिनती क्लास के सबसे तेज विद्यार्थियों में होती थी। क्लास में हमेशा टॉप करने के वजह से उनको कई बार अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। आचार्य जी के क्लास में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उनके माताजी को कई बार 'Mother Queen' के अवार्ड से भी सम्मानित किया न चुका है।


आचार्य प्रशांत जी शिक्षक के अनुसार इनके हर विषय में अभूतपूर्व ज्ञान के चलते सभी टीचर हैरान रहते थे। वे कहते हैं कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा विद्यार्थी कभी नहीं देखा था कि जो हर विषय में इतना कुशल हो।


उनके विलक्षण प्रतिभा को देखते हुए राज्य के तत्कालीन राज्यपाल ने बोर्ड परीक्षा में नया बेंचमार्क खड़ा करने और NTSE स्कॉलर बनने के लिए अवार्ड देकर सम्मानित किया था।


Acharya Prashant Qualification | आचार्य प्रशांत की शिक्षा


आचार्य प्रशांत जी बहुत ही छोटे उम्र यानी 5 वर्ष की उम्र से ही पढ़ने के काफी शौकीन थे। पहले से ही पिताजी के घर की लाइब्रेरी में मौजूद आध्यात्मिक साहित्य, उपनिषद और दुनिया के बेहतरीन किताबों को लेकर घर के किसी कोने में जानकर पढ़ा करते थे।


उन किताबों को पढ़ने में उनको इतना मन लगता था कि वे खाना-पीना भूल जाते थे।


आप इनके विलक्षण प्रतिभा का अंदाजा इस बात से लगा सकते है कि मात्र 10 वर्ष के उम्र तक होते-होते पिताजी के लाइब्रेरी में मौजूद सारी किताबों को पढ़ डाली थी। इतनी सारी किताबों को पढ़ने के बावजूद इनको पढ़ने से मन नहीं भरता था और पिताजी से दूसरा किताब लाने की जिद्द करने लगते थे।


इन्होंने मात्र 11 साल की उम्र में अपनी पहली कविता लिखकर सबको हैरान कर दिया था। इनके कविता के हर एक शब्द में इतना गहरा रहस्य छिपा रहता था जिसको समझ पाना सबके बस की बात नहीं थी।


राजधानी लखनऊ में कई साल बिताने के बाद 15 वर्ष की उम्र में पिताजी का ट्रांसफर होने के चलते गाजियाबाद जाकर रहना पड़ा। कहते हैं कि परिस्थितियों के अनुरूप इंसान को बदलते रहना चाहिए। ठीक ऐसा ही कुछ आचार्य प्रशांत जी ने भी किया।


देर रात तक जगकर पढ़ाई पूरी करने के बाद सोते समय आसमान को निहारते रहते थे। आकाश को अक्सर निहारने की ये आदत उनके कविता को और रहस्यमयी बनाती गयी। जिसके बाद उनका अधिकतर कविता आसमान और चांद से ही प्रेरित है।


धीरे-धीरे आचार्य प्रशांत जी का ध्यान एकेडेमिक शिक्षा से हटकर रहस्यमयी चीजों को जानने की तरफ आकर्षित होने लगा। लेकिन ध्यान हटने के बाद भी एकेडेमिक शिक्षा में इनका प्रदर्शन काफी शानदार रहा और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली में इनका एडमिशन हो गया।


आईआईटी दिल्ली में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने छात्र राजनीति में गहरे लगाव से लेकर, डिबेट और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उनके हर क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कई अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।


एक कार्यक्रम में तो उनको 'बेस्ट एक्टर अवार्ड' से भी सम्मानित किया गया था। जहाँ उन्होंने न तो कुछ बोला था और न ही कोई अभिनय किया था।


आचार्य प्रशांत जी अपने आसपास के लोगों को देखकर उन्होंने ये देखा कि मानव की पीड़ा के जड़ में ही एक अधूरी धारणा छुपी हुई है। उसके बाद से ही लोगों के अंदर इस छुपी पीड़ा को दूर करने के लिए आचार्य जी ने इंडियन सिविल सर्विसेज(IAS) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) जैसी संस्थाओं से जुड़कर उन्होंने लोगों की सेवा करनी चाही।


जिसके बाद उन्होंने इंडियन सिविल सर्विसेज और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) अहमदाबाद में दाखिला ले लिया। लेकिन आचार्य प्रशांत जी को सिविल सर्विसेज में रैंक कम होने के वजह से उनको पसंदीदा IAS की सीट नहीं मिल पाई।


जिसके बाद उन्होंने पहले ही देख लिया था कि सरकारी नौकरशाह बनकर समाज को क्रांतिकारी बदलाव नहीं ला सकते हैं जो वो चाहते हैं। जिसके बाद उन्होंने सिविल सर्विसेज को छोड़कर IIM में अपना एडमिशन ले लिया।


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आचार्य प्रशांत जी ने IIM में दो साल बिताने के बाद अपनी अकादमिक शिक्षा पूरी की। लेकिन अपने ज्ञान को सिर्फ डिग्री और प्लेसमेंट तक ही सीमित नहीं रखना चाहते थे। उनको जीवन में कुछ अलग करना था, जो अभी भी पूरा होता नहीं दिख रहा था।


आचार्य प्रशांत का करियर | Acharya Prashant Full Career Details


आचार्य प्रशांत नियमित रूप से गांधी आश्रम के पास स्थित NGO में जाकर बच्चों को पढ़ाकर अपना समय व्यतीत किया करते थे। इसके अलावा ग्रेजुएट बच्चों को NGO का खर्च चलाने के लिए गणित विषय भी पढ़ाते थे।


इसके अलावा उन्होंने मानव में छिपी अज्ञानता को थिएटर के माध्यम से भी समाज के बीच लाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने खामोश, अदालत जारी है, द नाईट ऑफ जनवरी 16th, पगला घोड़ा और गैंडा जैसी नाटकों में अपने दमदार अभिनय के साथ अपने डायरेक्शन में भी छाप छोड़ा। इसके अलावा उन्होंने एक ही बार दो नाटकों को एक साथ डायरेक्ट भी किया था।


आचार्य प्रशांत जी IIM अहमदाबाद ऑडिटोरियम के अलावा शहर के बाहर भी अपने शानदार परफॉर्मेंस दिए। जहाँ उनको लोगों का काफी प्यार मिला।


इन छोटे-छोटे नाटकों के बाद आगे बड़े मंचों पर भी अपना हुनर दिखाने के लिए तैयारी करते रहते थे। समय बीतने के साथ-साथ उनको पढ़ाई में भी काफी मन लगता था। आगे उनको किन-किन चुनौतियों का सामना करना होगा और आगे क्या करना होगा ये सब उनको अब समझ आने लगा था।


उन्होंने अपने पाठ्यक्रम के द्वारा अपनी आध्यात्मिक शिक्षा का ज्ञान अनेकों लोगों तक पहुचाने लगे।


कॉरपोरेट जगत में कुछ समय बिताने के बाद जब इनको लगा कि गए काम उनके सपनों में बाधा बन रहा है तो इन्होंने 28 साल की उम्र में कॉरपोरेट दुनिया को अलविदा कह दिया और मानव जीवन में गहरा परिवर्तन लाने के लिए अद्वैत लाइफ एजुकेशन की स्थापना की।


शुरुआती दिनों में वे कॉलेज के विद्यार्थियों को सेल्फ डेवेलपमेंट सिखाना शुरू किया और प्राचीन साहित्यों को आसानी से समझाने की कोशिश किया।


उनके इस प्रयास को लोगों के द्वारा काफी प्रशंसा मिली। मगर इन सबके अलावा उनको एक नई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। उनकी चुनौती ये थी कि अभी की शिक्षा व्यवस्था में परीक्षा पास करने और डिग्री हासिल करना सबसे बड़ा मकसद होता है।


लेकिन व्यक्तिगत विकास कैसे हो, इसका ज्ञान कोई भी किताब में नहीं मिलता है। ये बात कॉलेज के विद्यार्थियों को पहुँचाना इतना आसान नहीं था। उनके माता-पिता को भी ये बातें समझा पाना इतना आसान नहीं होता था।


लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लोगों तक अपनी बात पहुँचाने की पूरी कोशिश करते रहे। उनके इस प्रयास ने लोगों के जीवन को बदलने में काफी बड़ा रोल निभाया।


इसके बाद 30 साल की उम्र में आचार्य जी ने अपने संवाद के माध्यम से लोगों तक अपनी बात पहुचाने के लिए अपना काम तेजी से आगे बढ़ाया। अपने इस संवाद को ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से भी लाखों लोगों तक पहुँचाया। आप इनके अनमोल ज्ञान का वीडियो इनके यूट्यूब चैनल पर जाकर देख सकते हैं।


आप इनके जीवन को बदल देने वाली वीडियो को जरूर देखना चाहिए जिसने लाखों लोगों को जीवन बदलने में सबसे अहम भूमिका निभाई।


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दोस्तों अगर आप आचार्य प्रशांत जी से जुड़ना चाहते हैं और उनके अनमोल विचारों को अपने जीवन में शामिल करके अपने जीवन को बदलना चाहते हैं तो आप निचे दिए गए नम्बर के माध्यम से contact कर सकते हैं।

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आप इनके द्वारा लिखी गयी books को भी मंगाकर पढ़ सकते हैं जो निश्चय ही आपके जीवन को सही दिशा में बदलने का रास्ता दिखायेगा।


आचार्य प्रशांत जी द्वारा लिखी गयी कुछ महत्वपूर्ण किताबें:

●प्रेम

● अहम्

● डर

● विद्यार्थी जीवन, पढ़ाई, और मौज

● शक्ति

● सर्वसार उपनिषद्

● हीरा जनम अमोल है

● कामवासना

● भागे भला न होएगा

● श्री कृष्ण

● अकेलापन और निर्भरता

● जाका गला तुम काटिहो

● सत्यं शिवं सुन्दरम्

● स्त्री

● रात और चाँद

● लिखनी है नई कहानी?

● क्रांति

● वेदांत

● सफलता

● श्वेताश्वतरोपनिषद

● उपनिषद्

● सम्बन्ध

● प्रेम सीखना पड़ता है

● भारत

● हे राम!

● हिंदी

● आध्यात्मिक भ्रांतियाँ

● गुरु बेचारा क्या करे

● पैसा


आचार्य प्रशांत के 10 अनमोल विचार | Acharya Prashant 10 Motivational Quotes In Hindi


1. जीवन रंगमंच की तरह है, इसमें समझदारी से अपना किरदार निभाए।

2. अगर जीवन में परेशान रहते हैं तो हो सकता है कि आपको जीवन जीने का तरीका पता नहीं है।

3. जरूरत से अधिक अपेक्षायें और कुछ नहीं है बस क्रोध का निमंत्रण है।

4. अपने खुद के जीवन का निरक्षण करें फिर आप सत्य को पहचान पाएंगे।

5. किसी व्यक्ति को उसकी ऊँची आवाज़ से नहीं पहचाने, बल्कि उसके मौन की गहराई से पहचाने।

6. आपके अंदर कितना भी खामियां हैं आप बस ये जाने कि सबसे परफेक्ट है।

7. जिंदगी की परीक्षा में कोई भी प्रश्न दोहराया नहीं जाता है।

8. यदि आप दूसरों का शोषण मर सकते हैं तो आप खुद का भी शोषण कर लेंगे।

9. खेल में खिलाड़ियों से लड़ने के बजाय बजाय खेल से लड़ें।

10. डर से उत्पन्न होने वाली क्रिया से और डर उत्पन्न होता है।


उम्मीद है कि दोस्तों आपको आचार्य प्रशांत की जीवनी काफी अच्छी और प्रेरणादायक लगी होगी। अगर आपको Acharya Prashant Biography In Hindi पसन्द आया हो तो इसे शेयर करना न भूलियेगा धन्यवाद।


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Youstable Web Hosting Real Review In Hindi

Youstable Web Hosting Real Review In Hindi

Youstable Web Hosting Honest Review In Hindi | Youstable Hosting की पूरी जानकारी

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Youstable Hosting Review In Hindi

दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं कि Youstable भारत में तेजी से उभरती एक Web Hosting और Web Development Company है।


आज हम Youstable Hosting Company के इतिहास के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करेंगे। साथ ही हम आपको बताएंगे कि आपको इसे खरीदना चाहिए कि नहीं।


Youstable Comapny का सर्विस और सपोर्ट तथा इसके प्राइस के बारे में हर जानकारी दी जायेगी। तो चलिए बिना किसी देरी के Youstable Hosting Review In Hindi के बारे में जानते हैं।


Youstable Hosting Company History In Hindi


दोस्तों Youstbale कम्पनी की शुरुआत 2011 में उत्तरप्रदेश के Rajesh Chauhan ने किया था, जो वर्तमान समय में इसके सीईओ भी है। जिसका मुख्यालय लखनऊ में है। इस कम्पनी को शुरू करने से पहले राजेश चौहान एयरटेल के कॉल सेंटर में जॉब करते थे।


12वीं में फेल होने के बाद एक होस्टिंग कम्पनी के द्वारा इतने अच्छे से लोगों को अपनी सेवा देना वाकई काबिलेतारीफ है। इसको शुरू करने का इनका मेन मकसद यही था कि कुछ कम्पनियां लोगों से ऐसे तो अच्छी खासी लेती है लेकिन उसके हिसाब से सर्विस नहीं देती है।


इसकी को देखते हुए इन्होंने youstbale को शुरू किया। Youstable कम्पनी का सबसे अच्छी बात ये है कि अपने ग्राहकों को 24×7×365 सहायता प्रदान करती है। आपको कभी भी कोई समस्या आती है बिना किसी परेशानी के कॉल करके इनसे सहयोग ले सकते हैं।


इसके अलावा और भी जितनी सारी Hosting कम्पनियां है उनके मुकाबले इसका सपोर्ट सिस्टम काफी बेहतर है।


Youstable Web Hosting ही क्यों खरीदे? Youstable Support System


दोस्तों इस कम्पनी का hosting खरीदने का सबसे मुख्य वजह ये है इसका कम प्राइस और सपोर्ट सिस्टम। जो अन्य सारी होस्टिंग कम्पनियों के तुलना में काफी बेहतर है।


Hostinger, Bulehost, A2 Hosting इत्यादि जितने भी होस्टिंग की सर्विस देते हैं इन सभी का प्राइस Youstable से ज्यादा ही रहता है जो इसको अन्य के तुलना में काफी बेहतर बनाता है।


अगर इसके सपोर्ट की बात करें तो इसके आगे कोई और कम्पनी नहीं ठहर सकती है। इसका मुख्य वजह ये है कि बाकी सारी होस्टिंग कम्पनियों का सपोर्ट चैट या टिकट रेजिंग के द्वारा होता है। जिससे कस्टमर को अधिक सहयोग नहीं मिल पाता है और न ही कस्टमर सन्तुष्ट हो पाता है।


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कोई भी नई भाषा चुटकियों में सीखें।


लेकिन Youstable आपको चैट और टिकट रेजिंग के साथ-साथ कॉल के द्वारा भी सपोर्ट करता है जो काफी हेल्पफुल होता है।


जैसा कि आप सभी जानते हैं कि Hosting पर ही आपके वेबसाइट का भविष्य टिका रहता है। अगर होस्टिंग आपका अच्छा नहीं है तो आपका सारा मेहनत और पैसा बेकार हो जाता है। इसलिए हमेशा उसी hosting को ज्यादा तवज्जो दिया जाना चाहिए जिसके सपोर्ट काफी बेहतर हो।


इसलिए हमेशा वहीं hosting खरीदते समय उसी कम्पनी को चुनें जो आपको हर समय मदद के लिए तैयार रहे। मान लीजिए आपके साइट में कोई दिक्कत आ रही है, कोई सेटिंग्स आपको समझ में नहीं आ रहा है। ऐसे में आपको चैट या टिकट के द्वारा हेल्प लेने में काफी समय लग सकता है और अगर आपके साइट को लोड लेने में कोई दिक्कत आती है तो काफी यूजर्स परेशान होकर आपके साइट से दूरी बना सकते हैं।


लेकिन अगर आपको कोई होस्टिंग कम्पनी कॉल के द्वारा सपोर्ट करता है तो आपका काम जल्दी हो जाएगा और आप अपने यूजर्स को अच्छा सर्विस दे पाएंगे।


इसलिए आपको कम से कम एक बार Youstable Web Hosting को अपनी सर्विस देने का मौका जरूर देना चाहिए ताकि आप इसके बारे में और अच्छा अनुभव प्राप्त कर सके।


Youstable Web Hosting Plans Details In Hindi


अगर आप Youstable का Hosting Plan के बारे में जानना चाहते हैं तो आपके लिए DA प्रोफेशनल का प्लान चुन सकते हैं। इसमें आपको 133/m में आपको फ्री डोमेन मिल जाएगा। इसके साथ आप 10 domain को होस्ट कर सकते हैं, जिसमें आपको 3GB RAM के अलावा 50GB SSD Storage भी मिल जाएगा। इसका ये प्लान लोगों के बीच सबसे लोकप्रिय प्लान्स में से एक है।


Youstable Web Hosting Plan के बारे में अधिक जानकारी के लिए आपके इसके ऑफिसियल वेबसाइट पर भी जाकर चेक कर सकते हैं।


दोस्तों हम उम्मीद करते हैं कि आपको Youstable Web Hosting Review In Hindi पसन्द आया होगा। अगर आप भी वेबसाइट बनाकर से पैसे कमाना चाहते हैं तो youstable hosting सबसे कम दाम में और अच्छी सर्विस देने के लिए तैयार है धन्यवाद।


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