शेयर मार्केट के बादशाह के नाम से मशहूर वारेन बफेट का जीवन परिचय

Warren Buffet Biography in Hindi | शेयर मार्केट के बादशाह वारेन बफेट की जीवनी

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वारेन बफेट की जीवनी

Warren Buffet: आज इस बायोग्राफी में एक ऐसे आदमी की बात करेंगे जिन्होंने अपने विचार से पूरी दुनिया में निवेश करने का मतलब ही बदल दिया। जिनके बाद ही दुनिया निवेश के मतलब को अच्छे से जान पाई। उनके इस कारनामे की वजह से दुनिया उनको शेयर बाजार के जादूगर के नाम से भी जानती है।


साथियों कैसे एक बालक अपनी बुद्धि से पूरी दुनिया के लोगों को इन्वेस्टमेंट का पाठ पढ़ाया आज उसी आदमी के बारे में बात करेंगे जिनका नाम है- वारेन बफेट। कैसे एक आदमी इन्वेस्टमेंट करके दुनिया का सबसे अमीर आदमी बन जाता है आज उसकी पूरी जीवनी के बारे में जानेंगे।


वारेन बफेट की जीवनी शुरू करने से पहले उनके कुछ अनमोल विचार के बारे मे जान लेते हैं जिससे हमें काफी कुछ सीखने को मिलेगा।


वारेन बफेट के अनमोल विचार | Warren Buffet Precious Thoughts & Quotes In Hindi


● इंसान को साख बनाने में सालों लगते हैं पर उसे बिगाड़ने में 5 मिनट भी नहीं लगते।
● अगर आप इस बारे में सोचेंगे तो आप चीज़ों को अलग ढंग से करेंगे।
● अगर कोई आज किसी पेड़ की छांव में बैठा है तो इसकी वजह है किसी ने बहुत समय पहले इस पेड़ को लगाया होगा।


ये कुछ अनमोल शब्द है दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति वॉरेन वाफेट की। जिन्हें दुनिया शेयर बाजार की जादूगर के नाम से जानती है। जिन्होंने बिल गेट्स एंड मलिंडा गेट्स फाउंडेशन को चैरिटी के लिए 3700 करोड़ रुपये दान दिए थे। ये कहानी है वॉरेन एडवर्ड वाफेट की।


वारेन बफेट का जीवन परिचय | Warren Buffet Success life story In Hindi


वारेन बफेट का जन्म प्रथम विश्वयुद्ध के बाद 30 अगस्त 1930 को नेब्रास्का, ओमाहा संयुक्त राज्य अमेरिका एक यहूदी परिवार में हुआ था। वारेन बफेट के पिता का नाम हावर्ड (Howard) और माता का नाम लीला स्टॉल था।


उनके पिता पहले नौकरी करते थे लेकिन उनकी नौकरी चली जाने के वजह से परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गयी थी। उसके बाद उनके पिता हावर्ड बफेट शेयर मार्केट में एक इन्वेस्टर बन गए और सलाहकार के तौर पर काम करने लगे।


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उनके पिता वारेन बफेट को इन्वेस्ट करने की कला बहुत छोटी उम्र में ही सीखा दी थी। वारेन बफेट को शेयर मार्केट में निवेश करने की कला विरासत में ही मिली थी। 7 साल की उम्र में वारेन बफेट एक किताब $1000 कमाने के लिए 1000 रास्ते (One Thousand Ways To Make One Thousand Dollars) काफी प्रभावित हुए। जो उन्होंने ओमाहा पब्लिक स्कूल के लाइब्रेरी से लाई थी। 

इस किताब को पढ़ कर जैसे उनको पैसे कमाने की धुन सवार हो गयी। उन्होंने च्विंगम बेची, सप्ताहिक मैगजीन को घर घर जाकर बेची। और अपने दादाजी के दुकान में काम भी किया।


उनके बिज़नेस के प्रति तीव्र बुद्धि का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि उन्होंने एक बार एक दुकान के बाहर कुछ बोतलों के ढक्कन इकट्ठा किया। और इससे इस बात का पता लगाया कि लोग कौन सा ड्रिंक ज्यादा पीते हैं। उन ढक्कनों में कोका कोला की ढक्कन ज्यादा थी इसलिए वारेन बफेट कोका कोला खरीदते और उसको बेच कर बचपन से पैसे इकट्ठा करने लगे।


वारेन बफेट की शिक्षा और उनके नियम:


जब वो हाई स्कूल में थे तब उन्होंने घर घर जाकर अखबार बांटे और खूब पैसा कमाया। वारेन बफेट अपने जीवन का पहला शेयर 11 साल के उम्र में ही खरीद लिए थे। पर जल्द ही शेयर्स के दाम गिर जाने पर घबराहट में उन्होंने घाटे में अपना शेयर्स बेच दिए। लेकिन इसके बाद शेयर्स की कीमत तेजी से बढ़ी और वो मुनाफा नहीं कमा पाये।


इस बात से सबक उन्होंने यहीं लिया कि और एक निवेश मन्त्र दिया ‘अपना शेयर्स जल्दबाजी में मत बेचो।’ इसके बाद से ही वारेन बफेट किसी भी चीज को अपने पास देर तक रखना सिख लिया था।


13 साल की उम्र में उन्होंने 1943 में अपना पहला इनकम टैक्स भरा। 15 साल की उम्र में वारेन बफेट अपना एक पिनबॉल खरीदा और एक हेयर सैलून में पार्टनरशिप के साथ रख दिया और देखते ही देखते कुछ ही महीनों में वो एक पिनबॉल से बढ़ कर 3 पिन बॉल के मालिक बन गए। बाद में वारेन बफेट इस बिज़नेस को 1200 डॉलर में बेच दिया।


16 साल की उम्र तक उस समय उनके पास लगभग 9800 डॉलर की बचत हो चुकी थी। जिनकी कीमत आज के समय में लगभग एक लाख डॉलर होगा। अपने बिज़नेस में हो रहे सफलताओं को देख कर वारेन बफेट हाई स्कूल के बाद कॉलेज नहीं जाना चाहते थे सीधे बिज़नेस में अपना कैरियर बनाना चाहते थे। लेकिन उनके पिता ने उन्हें ऐसा करने नहीं दिया और न्यूयॉर्क के कोलंबिया यूनिवर्सिटी में उनका एडमिशन करा दिया।


वारेन बफेट को हमेशा हर काम में सफलता मिली ऐसी बात नहीं है। उन्होंने हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल में एडमिशन के लिए अप्लाई किया लेकिन स्कूल ने भविष्य के सबसे महान निवेशक का एप्लीकेशन ठुकड़ा दिया। इसी तरह उन्होंने अपने शुरुआती निवेश में एक गैस स्टेशन खरीदा जिसमें उन्हें घाटा उठाना पड़ा था।


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वारेन बफेट बेंजामिन ग्राहम को अपना गुरु मानते हैं। और अपनी सफलता का 85℅ श्रेय वो बेंजामिन ग्राहम को ही देते हैं। बेंजामिन ग्राहम द्वारा लिखी गयी किताब ‘द इंटेलिजेंट इन्वेस्टर’ को पढ़ उन्होंने शेयर मार्केट के दावँ पेंच सीखे। बेंजामिन ग्राहम Geico Insurance company के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर थे।


Warren Buffet Success Story In Hindi | वारेन बफेट की कहानी


वारेन बफेट उनके साथ वॉल स्ट्रीट न्यूयॉर्क में काम करने के लिए उनके पास गए और बिना सैलरी लिए उनके साथ काम करने को कहा। लेकिन वारेन बफेट के यहूदी होने के कारण बेंजामिन ग्राहम ने उनके साथ काम करने से मना कर दिया।


वारेन बफेट की प्रतिभा उन्हें एक साल बाद समझ में आई। जब बेंजामिन ग्राहम ने खुद वारेन बफेट के साथ काम करने के लिए बारह हजार डॉलर सलाना सैलेरी पर नौकरी में रखा। यह उनके कैरियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।


इस नौकरी के दौरान उन्होंने शेयर बाजार के उतार चढ़ाव को अपने फायदे के लिए इसे कैसे इस्तेमाल किया जाए बेंजामिन ग्राहम से उन्होंने ये सब बखूबी सीखा। बेंजामिन ग्राहम दो साल बाद अपने पद से रिटायर हो गए। इसके बाद वारेन बफेट ने दो साल तक कि गयी नौकरी के दौरान किये जमा पूंजी से खुद का बिज़नेस शुरू करने का प्लान बनाया।


उन्होंने बफेट पार्टनरशिप लिमिटेड के नाम से एक इन्वेस्टमेंट फर्म बनाई जो बहुत ही सफल रही। इस फर्म से हुई कमाई से 1958 में वारेन बफेट ने ओमाहा में अपना पहला घर 31हजार पांच सौ डॉलर में खरीदा। वारेन बफेट की सादगी इतनी है कि आज भी इसी घर में रहते हैं।


वारेन बफेट पार्टनरशिप लिमिटेड से हो रही इनकम की उन्होंने टेक्सटाइल फर्म बर्कशायर हैथवे के शेयर में इन्वेस्ट किया। वारेन बफेट ने तेजी से इस कम्पनी के शेयर्स को खरीदना शुरू किया और 1965 तक आते आते इस कम्पनी का नियंत्रण पूरी तरह अपने हाथों में ले लिया। और उन्होंने ये सब केवल एक इन्वेस्टर के रूप में किया था, वो भी सिर्फ 35 साल की उम्र में। आज वारेन बफेट की कम्पनी दुनिया की जानमानी कम्पनी में से एक है।


साल दर साल वारेन बफेट में अलग अलग कम्पनियों में इन्वेस्टमेंट शुरू किया और लगातार प्रॉफिट बनाते रहे। उन्होंने वाशिंगटन पोस्ट अखबार कम्पनी और ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्ट कारपोरेशन जैसी बड़ी मीडिया इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट किया। जिसमें उन्हें उम्मीद से ज्यादा मुनाफा हुआ।


 1981 में वारेन बफेट कोका कोला कम्पनी के 7% स्टॉक्स 1.2 बिलियन डॉलर में खरीदे जो आज भी उन्होंने बेचे नहीं है। वारेन बफेट को मानसिक चुनौतियों का खेल खेलना बहुत पसंद था। वो चुनौतियों का सामना करने से कभी नही घबराते। आज भी वो इस खेल को सबसे बेहतर खेल रहे हैं।


11 फरवरी 2008 में वारेन बफेट 62 अरब अमेरिकी डॉलर की सम्पति के साथ बिल गेट्स को पीछे छोड़ कर दुनिया का सबसे अमीर आदमी बन गए जो पिछले 13 साल से लगातार सबसे अमीर थे। हालांकि 2 साल बाद 2010 में वारेन बफेट तीसरे नंबर पर आ गए। आप बिल गेट्स के बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे क्लीक करके जान सकते हैं।

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साथियों उनके तीसरे नंबर पर खिसककर आने का एक कारण ये भी है कि वे दुनिया के सबसे ज्यादा दान देने वाले व्यक्ति है। वारेन बफेट माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन बिल गेट्स के अबसे अच्छे दोस्त है। उम्र में बिल गेट्स वारेन बफेट से काफी छोटे हैं। लेकिन सम्पति के मामले में बिल गेट्स वारेन से कुछ करोड़ डॉलर आगे है। माइक्रोसॉफ्ट के इस बादशाह के पास दुनिया मे दूसरे सबसे ज्यादा दौलत है।


साथियों 26 जून 2006 को 75 साल को उम्र में वारेन बफेट दुनिया के किसी भी अमीर इंसान से ज्यादा 83%सम्पति बिल गेट्स एंड मलिंडा गेट्स फाउंडेशन को दान कर दिए थे। उनके इस दान के चलते बिल गेट्स एंड मलिंडा फाउंडेशन की दौलत दुगनी हो गयी थी। जिसके कारण वारेन बफेट को दुनिया ओमाहा का पैगम्बर के नाम से भी जानती है।


वारेन बफेट आज भी उसी घर में रहते हैं जो उन्होंने 1958 में खरीदा था। उनके पास कोई महंगी कार नहीं है। 1958 से उन्होंने अपना ऑफिस तक नहीं बदला है। और उसी डेस्क पर आज भी काम करते हैं जो 1958 में थी। वारेन बफेट की कुल सम्पति कई देशों की जीडीपी से भी ज्यादा है।


रूपांतरण ऊर्जा को सपोर्ट करते हुए वारेन बफेट एलन मस्क की सोलर कम्पनी में 15 बिलियन डॉलर निवेश किये। 30 अगस्त 2020 को वारेन बफेट 90 साल के हो जायेंगे।


वारेन बफेट ने ये पहले से ही तय कर लिया है कि उनके बाद उनकी दौलत उनके बच्चों को नहीं बल्कि समाज के लिए होगा। शुरू से ही वारेन बफेट ने अपने बच्चों को इसके लिए तैयार कर दिया था कि उन्हें विरासत में बहुत बड़ी दौलत नहीं मिलेगी।


दुनिया में ऐसी कोई भी चीज़ नहीं है जो वारेन बफेट नहीं खरीद सकते लेकिन वो कहते हैं अगर आप उन चीजों को खरीदते हैं जिनका आपको कोई जरूरत नहीं है तो जल्द ही आपको उन चीजों को बेचना पड़ेगा जिनकी आपको सख्त जरूरत है।


आपको वारेन बफेट की जीवनी, विचार और नई निवेश मंत्र कैसा लगा कमेंट करके अपनी राय जरूर दें। अगर आपको ये बायोग्राफी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर कीजियेगा।
धन्यवाद।

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