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प्रेरणा का भंडार | ये 7 प्रेरणादायक कहानियां आपकी जिंदगी बदल देगी।

प्रेरणा का भंडार | ये 7 प्रेरणादायक कहानियां आपकी जिंदगी बदल देगी।

जिंदगी बदलने वाली 7 कहानियां | 80-100 Word Top 7 Short Moral Stories In Hindi For Life

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Short Moral Story In Hindi

दोस्तों इस 80-100 Word Top 7 Short Moral Stories In Hindi For Life में आप सभी को एक से बढ़कर एक ऐसी प्रेरणादायक कहानियां सुनाने वाले हैं। जिसको पढ़ने के बाद यकीन मानिए अगर आप इस प्रेरणादायक कहानीयों पर थोड़ा भी अमल करते हैं तो आपकी पूरी जिंदगी बहुत ही आसान हो जाएगी। तो चलिये साथियों बिना देर किए इस 80-100 word 7 short moral story in hindi को शुरू करते हैं।

1. एक चिड़िया की कहानी

2. समय का महत्व

3. सोने का अंडा

4. चार मूर्ख दोस्त

5. बेवकूफ तोते की कहानी

6. अभिमानी गुलाब

7. लालची दूधवाला

1. एक चिड़िया की प्रेरणादायक कहानी | 80-100 Word Short Moral Story In Hindi For Life

दोस्तों एक बहुत ही सुंदर चिड़िया थी। वो हमेशा आसमान में ऊपर ही उड़ती रहती थी। कभी ये डाली पर तो कभी उस डाली पर। मतलब वो कभी भी शांत नहीं बैठती थी। उस चिड़िया की एक आदत थी कि अगर कभी भी उसके साथ कुछ अच्छा होता था तो वो एक हरा पत्ता इकट्ठा करती थी और अगर कुछ बुरा हुआ है तो सूखा पत्ता इकट्ठा करती थी।

उन पत्तों को एक थैली में रखती थीं और उसी पत्तों को साथ लेकर वो उड़ती रहती थी। कभी उन हरे पत्तो को देखकर खुश होती थी तो कभी सूखे पत्तों को देखकर रोती भी थी। बहुत दिनों के बाद उन पत्थरों का भार इतना बढ़ गया कि उसको साथ लेकर उड़ना मुश्किल हो गया।

पर उसे इतना भी पता नहीं चल पा रहा था कि वो इन पत्तों की वजह से नहीं उड़ पा रही है। धीरे-धीरे उन पत्तों का भार इतना बढ़ गया कि उसका चलना फिरना भी मुश्किल हो गया और एक दिन भूख की वजह से उसकी मौत हो गयी।

दोस्तों हमारे जीवन में भी ऐसा ही होता है कि हम पुराने बातों की बोझ में ही दबे हुए रहते हैं। उसके वजह से न तो हम वर्तमान में अच्छे से जी पाते हैं और न ही आने वाले कल के बारे में सोच पाते हैं। हमारा जीवन भी इसी बेकार की चीजों में दबा रहता है और हम खुशी से नहीं जी पाते हैं।

अगर आपको ये short moral story in hindi for life जरा भी प्रेरणादायक लगी हो तो आज से ही आप भी अपने जीवन से बेकार की बातों को अपने दूर फेकिये और एक नए सिरे से जिंदगी जीना शुरू कीजिये। फिर देखिए जिंदगी कितना आसान लगेगी।

2. समय का महत्व | 80-100 Word Panchatantra Short Moral Stories In Hindi For Students

एक चिड़िया और एक चींटी में बहुत मित्रता थी। चिड़िया बहुत आलसी थी लेकिन चींटी अपना सारा काम समय से करती और दिन रात मेहनत करती रहती थी।

वर्षात का मौसम आने वाला था। चींटी ने दिन-रात मेहनत करके ढेर सारा भोजन एकत्र कर लिया। चींटी ने चिड़िया से कहा- वर्षात का मौसम आने वाला है। तुम अपने और अपने बच्चों के लिए भोजन का जुगाड़ कर लो। वरना तुम्हें और तुम्हारे बच्चों को बहुत परेशानी होगी।

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चिड़िया ने चींटी के इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया। वर्षात आते ही दिन-रात पानी बरसने लगा। चिड़िया अपने घोषले से बाहर न निकल सकी। बच्चे भुख से रोने लगे। यह देखकर चींटी को दया आ गयी। उसने चिड़िया को कहा- मेरे बिल में से कुछ खाना तुम अपने बच्चों के लिए ले जा सकती है।

चींटी ने चिड़िया को समझाया कि अगर तुमने मेरी बात मान ली होती तो आज तुम्हें और तुम्हारी बच्चों को इस तरह भूखा नहीं रहना पड़ता। चिड़िया ने समय का महत्व समझते हुए चींटी से कहा- बहन मैं आज से आलस कभी भी नहीं करूंगी और समय का ध्यान रखूंगी।

3. सोने का अंडा | 100 Word Very Short Moral Story In Hindi For Class 8

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एक बार एक किसान के हाथ में एक ऐसी मुर्गी लगी जो रोज सोने का अंडा देती थी। वह किसान उस सोने के अंडे को बेचकर बहुत सारा धन इकट्ठा करता था और अपने परिवार के लिए नई-नई चीजें खरीद कर लाता था।

धीरे-धीरे वह किसान उस गांव का सबसे अमीर आदमी बन गया। वो नया घर, कई घोड़ों, बहुत सारे खेत और भी न जानें कितने सारे सम्पति का मालिक बन गया।

एक दिन उस किसान के मन में एक सवाल आया। उसने सोचा कि ये मुर्गी रोज एक ही अंडा पैदा करती है। फिर जब उससे रहा नहीं गया तो उसने अपने बीबी से पूछा- न जाने उसके पेट मे कितने सारे अंडे हैं जो रोज एक ही अंडे देती है।

ये सुनकर उसकी बीबी ने कहा- लेकिन हम उन सारे अंडों को एक साथ निकालेंगे कैसे?
किसान ने जवाब दिया- करना क्या है? इस मुर्गी का पेट काटते हैं और उसके अंदर के सारे अंडे निकाल लेते हैं।
फिर क्या था,दोनों पति-पत्नी मिलकर उस मुर्गी का पेट काट दिये। लेकिन उसके अंदर मिला क्या,रोज की तरह ही बस एक अंडा।

अब बेचारे क्या करते। पहले तो रोज एक अंडा भी मिल जाता था अब तो मुर्गी भी हाथ से गई और अंडे भी। इसीलिए दोस्तों आपने एक पुरानी कहावत सुनी होंगी की लालच बहुत बुरी बला है। अतः इस प्रेरणा से भरी कहानी से सीख मिलती है कि जिंदगी में कभी भी लालच नहीं करना चाहिए।

4. चार मूर्ख दोस्तों की कहानी | 200 Word Short Moral Story In Hindi For Class 8

एक गांव में चार दोस्त लड़के रहते थे। चारों में बहुत घनी मित्रता थी पर चारों को पढ़ाई लिखाई में बिल्कुल मन नहीं लगता था। वे चारों हमेशा पूरी रात पार्टी करते रहते थे। यहाँ तक कि वो परीक्षा के पहले दिन भी पार्टी कर रहे थे।

फिर उन्होंने सोचा कि वो टीचर के पास जाकर झूठ कहेंगे और परीक्षा बाद में कभी दे देंगे। पार्टी करने के दूसरे ही दिन बाद चारों दोस्त टीचर के पास गए और टीचर से झूठ बोलने लगे कि कल रात शादी में गए थे। शादी में से लौटते वक्त हमारे गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया।

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गाड़ी में कोई अतिरिक्त टायर नहीं था। इसलिए हमें गाड़ी को धक्के मारते हुए घर तक ले आना पड़ा। उसके बाद कल रात को हमलोग इतना थक गए थे कि आज हममें से कोई भी परीक्षा देने के हालत में नहीं है। क्या हम परीक्षा बाद में दे सकते हैं?

टीचर ने उनकी बात सुनी और कहा- तुम चारों अपनी परीक्षा कल भी दे सकते हो। चारों ये सुनकर बहुत खुश हो गए और घर जाकर पढ़ाई करने लगे।

दूसरे दिन चारों एग्जाम देने पहुंचे। टीचर ने उन चारों को अलग-अलग क्लास रूम में बिठाया। उनके पेपर में सिर्फ दो ही सवाल पूछे गए थे। पहला- तुम्हारा नाम क्या है और दूसरा- गाड़ी का कौन सा टायर पंक्चर हुआ था?

चारों दोस्तों ने तो झूठ बोला था। इसीलिए चारों दोस्तों के उत्तर अलग-अलग थे। इस प्रकार से टीचर ने उनका झूठ पकड़ लिया।

इस Short Moral Story In Hindi For Class 8 से सीख:

इस short moral story in hindi for class 8 से हमें ये सिख मिलती है कि झूठ बोलना बुरी बात है। इसीलिए हमें कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए। अगर हम आज एक झूठ बोलते हैं तो कल और भी ज्यादा झूठ बोलने लगे जाएंगे। 

हम सभी जानते हैं कि झूठ बोलने वालों का समाज में कोई वैल्यू नहीं होता है। आपके झूठ बोलने से आपका पूरा काम बिगड़ सकता है। इसलिए हम सभी को कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए।

5. बेवकूफ तोते की कहानी | Very Short Moral Story In Hindi For Children

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मूर्ख तोते की कहानी

एक व्यापारी के पास बहुत ही प्यारा तोता था। वो जो कुछ भी सुनता और देखता था उसे हमेशा याद रहता था। व्यापारी के घर एक नेहा नाम की नौकरानी थी। जिसने एक कीमती थाली चुराई।

व्यापारी जब बाजार से घर आया तो उसने देखा कि एक कीमती थाली घर पर नहीं है। उसने नेहा से पूछा कि एक कीमती थाली गायब है। क्या तुमने कही देखी है?
नेहा ने जवाब दिया- जी नहीं मालिक। मैंने नहीं देखी है।
परन्तु तोते ने नेहा को थाली चुराते हुए देखा था। तोते ने जोर से चिलाकर जवाब दिया- मालिक! मैंने नेहा को थाली चुराते हुए देखा है।

नेहा डर गई। फिर भी उसने हिम्मत जुटाकर कहा- जी नहीं मालिक! मैंने थाली नहीं चुराई। तोता झूठ बोल रहा है। मैं ये साबित कर सकती हूं कि ये तोता झूठ बोल रहा है।

अगले दिन नेहा ने पिंजरे के ऊपर ढोलक बजाकर ऐसा जताया कि आकाश में बदल गरज रहे हैं। पानी के छींटे मारे और आईना लेकर ऐसा दर्शाया की बिजली कड़क रही है।

शाम को जब व्यापारी घर आया तो उसने अपने तोते से पूछा- मेरे प्यारे तोते! आज क्या खास हुआ?
तोते ने जवाब दिया- आज बदल गरज रहे थे, बिजली कड़क रही थी और बहुत जोरों से वर्षात हुई। इसके लिए आज मैं कुछ देख नहीं पाया।

व्यापारी ने तोते से कहा- परन्त आज तो बारिश नहीं हुई।
इस तरह नेहा ने तोते को बेवकूफ बना दिया। फिर व्यापारी ने बिना कुछ सोचे समझें तोते को घर से निकाल दिया। इसके बाद से व्यापारी के घर में और भी ज्यादा चोरियां होने लगी।

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इस प्रेरणादायक कहानी से सीख Moral Education To This Story:

इस प्रेरणादायक कहानी से हमें यहीं सिख मिलती है कि जल्दबाजी में बिना कुछ सोचे-समझे कोई भी फैसले न लें। इससे आपका बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। यहाँ तक कि जल्दबाजी में निर्णय लेने से अपने पराये हो जाते हैं और पराये अपने हो जाते हैं।

6. अभिमानी गुलाब | 80-100 Word Short Moral Story In Hindi For Kids

दोस्तों जंगल में गुलाब का एक पेड़ था। उसको अपने सौंदर्य पर बहुत ही अभिमान था। उसके बाजू में गन्दा सा एक कैक्टस का पौधा था। जो उस गुलाब को बिल्कुल भी पसन्द नहीं था। वो हमेशा कैक्टस को ताने मारते रहता था और कहता था कि तुम यहाँ से कहीं दूर क्यों नहीं चले जाते हो?

कैक्टस बेचारा शांत रहता था और कुछ नहीं बोलता था। सभी लोग गुलाब को बहुत समझाते थे कि तुम ऐसा मत करो। परन्तु गुलाब को अपने सौंदर्य पर इतना अभिमान था कि वो किसी को सुनने को तैयार ही नहीं था।

पर कहते हैं न कि सबका समय बदलता था। ठीक वैसे ही समय बदला और जंगल में सुखा पड़ गया। हर कोई एक बूंद पानी के लिए भी तरस गया। ऐसी हालात में गुलाब भी पानी के बिना जब मुरझाने लगा तो उसने अपनी जान बचाने के लिए कैक्टस से थोड़ा सा पानी मांगा।

पर कैक्टस फिर भी शांत ही रहा और उसने गुलाब को उसकी अभिमान को याद दिलाया। गुलाब को अपनी गलती का एहसास हो गया उसको अपने किये पर पछतावा होने लगा। फिर कैक्टस ने गुलाब को पानी देकर उसकी जान बचाई।

80-100 Word Short Moral Story In Hindi For Kids से सीख

दोस्तों इस बहुत ही प्रेरणादायक कहानी से हमें ये सिख मिलती है कि अगर किसी से तुलना करना हो तो उसके खराब व्यवहार से तुलना करके अच्छा व्यवहार करना सिखों लेकिन कभी किसी के रूप का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। वरना एक दिन आपकी हालत भी उस गुलाब की तरह हो सकती है।

7. लालची दूधवाले की कहानी | 100 Word Very Short Moral Stories In Hindi For Class 1

एक छोटे से गांव में एक दूधवाला रहता था। वह बहुत ही लालची था। वो हर रोज नदी पार करके शहर में अपने ग्राहकों को दूध बेचता था। शहर जाते समय वो नदी का पानी अपने दूध में मिलाकर ग्राहकों को बेचता था और बहुत सारे पैसे कमाता था।

देखते-ही-देखते तो बहुत ही अमीर आदमी बन गया। एक दिन वह दूधवाला अपने बेटे की शादी मनाने के लिए वो सारे ग्राहकों के पास पैसे लेने गया। सारे पैसे इकठ्ठा हो जाने के बाद उन पैसों से वो नए-नए कपड़े और गहने खरीदें।

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शहर से लौटते समय उसकी नाव एक पत्थर से टकराई और नदी में पलट गई। उसने देखा कि उसके सारे नए कपड़े और गहने पानी में डूब गए। ये देखकर वह दूधवाला बहुत ही निराश हुआ और जोर-जोर से रोने लगा।

तभी अचानक पानी में से एक आवाज आई। रोते क्यों हो, जो भी तुमने कमाया है वो सब बेईमानी से ही तो कमाया था। ये सुनकर दूधवाले को अपनी गलती का एहसास हुआ।

इस शार्ट मोरल स्टोरी इन हिंदी से सीख

इस शार्ट मोरल स्टोरी से हमें ये सिख मिलती है कि लालच बहुत बुरी बला है। हमें कभी ज्यादा लालची नहीं होना चाहिए। हम जितना ईमानदारी से काम करेंगे हमारा उतना ही भला होगा। लेकिन अगर हम किसी के साथ बेईमानी करेंगे तो भगवान हमारा कभी भला नहीं करेगा।

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