सत्यम गांधी का जीवन परिचय | Satyam Gandhi (UPSC AIR-10) Biography

सत्यम गांधी का जीवन परिचय | Satyam Gandhi (UPSC AIR-10) Biography

UPSC में AIR-10 लाने वाले सत्यम गांधी का जीवन परिचय | Satyam Gandhi UPSC Biography Wikipedia In Hindi


दोस्तों, आपने एक कहावत तो सुनी ही होगी कि अगर मेहनत दिल से की गई होती है तो वो सफलता दौरे चली आती है। ठीक ऐसा कर दिखाया है बिहार के एक लड़के ने।


बहुत सारे लोग कहते हैं कि यूपीएससी जैसे कठिन की परीक्षा को पहले प्रयास में पास करना संभव नहीं है। लेकिन इस मिथक को तोड़ दिखाया है बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले सत्यम गांधी ने।


सत्यम ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) के सिविल सेवा परीक्षा 2020 में ऑल इंडिया में 10वां रैंक हासिल कर सबके लिए एक उदाहरण पेश किया है। जैसे ही सत्यम के रिजल्ट के बारे में गांव में पता चला सारे लोग बधाई देने वालों का तांता लग गया।


लेकिन क्या आप जानते हैं यूपीएससी में 10वीं रैंक लाने वाले सत्यम गांधी कौन है? इन्होंने कैसे सफलता के इस मुकाम को हासिल किया, इस ऊंचाई तक पहुचने में उनको किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?


अगर आप भी सत्यम गांधी की जीवनी के बारे में पूरी विस्तार से जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।


सत्यम गांधी कौन है | Who Is Satyam Gandhi UPSC In Hindi


बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले सत्यम गांधी ने तो ऐसा कमाल कर दिया कि पूरे युवाओं के लिए मिशाल बन गए। इन्होंने यूपीएससी 2020 की परीक्षा पहले ही प्रयास में 10वीं रैंक हासिल कर कमाल कर दिया है।


सत्यम ने जब पहली बार अपना रिजल्ट देखा तो एक बार तो इनको अपने सफलता पर विश्वास ही नहीं हुआ। जब इन्होंने रिजल्ट में अपना स्थान 10वें नम्बर देखा तो इनके खुशी का ठिकाना नहीं रहा।


सत्यम गांधी की शिक्षा (Satyam Gandhi Education)


सत्यम ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से पूरी की है। इसके बाद दयाल सिंह कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। ग्रेजुएशन में तीसरे साल की पढ़ाई के दौरान ही इन्होंने तय कर लिया कि अब मुझे आईएएस बनना है।


सत्यम हमेशा से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं। चाहे वो 10वीं कक्षा हो या 12वीं कक्षा सबमें ये स्कूल टॉपर रहे हैं। इसके बाद कॉलेज में अपने बैच के डिपार्टमेंट रहे हैं।


इनका कहना है कि, मैंने फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स के साथ 12वीं की पढ़ाई पूरी की है और मैं 90.8% के साथ क्लास का टॉपर था। इन्होंने ये भी बताया कि मैं कैसे भी 12वीं में 90% से ऊपर मार्क्स लाना चाहता था, ताकि दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला हो सके। इसी के लिए मैं 12वीं में मैंने काफी मेहनत किया।


इसके बाद परिवार के लोग चाहते थे कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करें, लेकिन शुरू से ही मेरी रुचि राजनीतिक विज्ञान में था। जिसके बाद मुझे घर वालों ने छूट दे दी कि जो मन में आये कर सकते हो।


सत्यम गांधी का परिवार


सत्यम के परिवार में इनके अलावा माँ, पिता, छोटे भाई है, जिन्होंने इनको पढ़ाई में काफी सपोर्ट किया। इसके अलावा इनके दो करीबी दोस्त हिमांशु और हर्ष ने इनको यूपीएससी की तैयारी में काफी मदद की। आज इन्हीं लोगों के सपोर्ट के वजह से आज वो इस मुकाम को पा सके हैं। इनके पिता एक सरकारी कर्मचारी है और माँ होममेकर है।


सत्यम गांधी का जीवनी | Satyam Gandhi UPSC Bio, Wiki, Rank, Age


पूरा नाम: सत्यम गांधी

निकनेम: सत्यम

जन्म/ Date Of Birth: 1999

जन्मस्थान: दिघड़ा गांव, प्रखंड- पूसा, समस्तीपुर, बिहार

होमटाउन: समस्तीपुर

वर्तमान पता: दिल्ली

उम्र/ Age: 22 वर्ष

एजुकेशन: ग्रेजुएशन (पॉलिटिकल साइंस)

प्रोफेशन: सिविल सेवा

यूपीएससी रैंक: AIR-10

वैकल्पिक विषय: राजनीतिक विज्ञान

धर्म/ Religion: हिन्दू

नेट वर्थ: N/A

सोशल साइट्स: ट्विटर

राष्ट्रियता: भारतीय


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Satyam Gandhi Success Story In Hindi

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इनके इस सफलता पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है। रिजल्ट पता चलने के बाद तो इनके घर पर और फ़ोन पर लोगों का बधाइयां देने के लिए तांता लग गया।


रिजल्ट आने के बाद दिए इंटरव्यू में सत्यम ने बताया कि "आज मैं अपने दादाजी का सपना कर पाया। मेरे 95 वर्षीय दादा जी का सपना था कि मेरे घर से कोई कलेक्टर बनें। आखिरकार मैं अपने मेहनत के बल पर अपने दादाजी का सपना पूरा कर पाया।"


इनका कहना है कि जो इंसान जितना ज्यादा कठिनाइयों का सामना करता है, वह उतना ही मजबूत बनता है और मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ।


घर की माली हालत ऐसी थी कि पढ़ाई के लिए कभी रिश्तेदारों से तो कभी बैंक से कर्ज लेना पड़ता था। आज भी इनके परिवार पर बहुत सारा कर्ज है। लेकिन सत्यम ने अपने परिवार के सपने को साकार करने के लिए जी तोड़ मेहनत किया और आज उसी का नतीजा है कि UPSC में पूरे देश में 10वीं रैंक लाकर परिवार का मान बढ़ाया है।


इनका कहना है कि मेरे इस सफलता में मेरे घर वालों का बहुत बड़ा हाथ है। उन्ही के त्याग के बदौलत मैं आज यहाँ तक पहुँच पाया हूँ।


यूपीएससी की तैयारी के लिए जब सत्यम गांव से पहली बार दिल्ली आए तो इनको इतना भी पता नहीं था कि मोमोज और सैंडविच क्या होता है? लेकिन जब पहली बार इन सबके बारे में पता चला तो एक बार इनका भी ध्यान भटका परन्तु जल्द ही एहसास हो गया कि मेरा बैकग्राउंड इन सबके लिए नहीं है और दुबारा पढ़ाई पर ध्यान देने लगे।


एक इंटरव्यू में सत्यम ने बताया कि जब भी पढ़ाई के दौरान मेरा ध्यान गैर जरूरी चीजों पर भटकता था मुझे तुरंत अपने परिवार का त्याग और हालत याद आ जाता था। ये सोचते थे कि जो परिवार ने मुझे कर्जा लेकर पढ़ा रहे हैं उनको मैं कैसे धोखा दे सकता हूँ। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर सत्यम ने खुद को हमेशा मोटिवेट रखा और सिर्फ अपने पढ़ाई पर ध्यान दिया।


रांची में ग्रामीण विकास में एक इंटर्नशिप के दौरान इनको एहसास हुआ कि मुझे ग्रामीण विकास में योगदान देना है। इसके लिए मुझे लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना होगा और दूर करना होगा। इसी सोच के साथ यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।


फिर एक बार जब इन्होंने UPSC पास करने की ठानी तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और जीजान लगाकर पढ़ाई में जुट गए।


इनका मानना है कि इंसान को मुश्किलें ही उसे मजबूत बनाती है। UPSC पास करने से पहले सत्यम पिछले चार सालों से दिल्ली में एक कमरे में रह रहे थे और अपनी तैयारियों को धार दे रहे थे।


इन्होंने बताया कि UPSC चुनने का एक कारण ये भी था कि ग्रामीण क्षेत्रों में जितनी समस्याएँ लोगों को होती थी। इससे वे बिल्कुल अच्छे तरीके से वाकिफ थे। इन्हीं ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए तथा उनके समस्याओं को दूर करने के लिए सिविल सेवा का रास्ता चुना।


Satyam Kumar UPSC Strategy In Hindi


सत्यम इसी साल अक्टूबर में यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा होने वाली है। ऐसे में यूपीएससी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को सत्यम के बातों पर जरूर गौर करना चाहिए।


इन्होंने सभी स्टूडेंट्स को सलाह दी है कि परिस्थियां चाहे जैसी भी हो हर रोज 10 से 12 घंटे की पढ़ाई जरूर करनी चाहिए। हमें अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार होना चाहिए। हमें घर पर रोज 10 से 12 घंटे का सेल्फ स्टडी करना ही चाहिए, तभी हम सिविल सेवा को आसानी से पास कर सकते हैं।


सभी स्टूडेंट्स को अच्छे तरीके से तैयारी करने के लिए साप्ताहिक और मासिक लक्ष्य बनाना चाहिए। इससे आपको तैयारियों का जायजा लेने में काफी मदद मिलेगी। हमारा लक्ष्य पड़ फोकस स्पष्ट होना चाहिए। आर हम योजनाबद्ध तरीके से निरंतर अध्ययन करेंगे तो सिविल सेवा की परीक्षा पास करने से कोई नहीं रोक सकता है।


दोस्तों, हमें पूरी उम्मीद है कि आपको सत्यम गांधी की जीवनी काफी मोटिवेट करेगी और आपको लक्ष्य के प्रति प्रेरित करेगी। अगर आपको सत्यम गांधी की स्टोरी पसंद आया हो तो शेयर जरूर करें धन्यवाद।।

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