आखिर कौन थे शिवाजी गणेशन | Shivaji Ganesan Biography In Hindi

आखिर कौन थे शिवाजी गणेशन | Shivaji Ganesan Biography In Hindi

शिवाजी गणेशन का जीवन परिचय | Shivaji Ganesan (Indian Actor) Biography, Wikipedia, Awards, Films, Death, History In Hindi


दोस्तों, 1 अक्टूबर के दिन ही भारत के एक ऐसे महान हस्ती ने जन्म लिया था जिनको google से doodle बनाकर सम्मानित किया है। लेकिन आखिर जानने वाली बात ये है कि आखिर ये महान हस्ती कौन है, जिनको गूगल ने भी इतना बड़ा सम्मान दिया है?


हम बात कर रहे हैं बीसवीं सदी के सबसे सक्रिय अभिनेता जिनके बिना शायद भारत की फ़िल्म इंडस्ट्री अधूरी रह जाती शिवाजी गणेशन के बारे में।


लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिवाजी गणेशन कौन थे? आखिर गूगल न इनको किस वजह से इतना बड़ा सम्मान दिया है? अगर आप भी शिवाजी गणेशन की जीवनी के बारे में पूरी विस्तार से जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ियेगा।


शिवाजी गणेशन कौन थे | Who Is Shivaji Ganesan (Indian Actor)


शिवाजी गणेशन तमिलनाडु के विल्लुपुरम में जन्में एक प्रसिद्ध तमिल फ़िल्म अभिनेता थे। जिनको भारत सरकार ने इनके शानदार उपलब्धियों के लिए 1984 में पदम् भूषण सम्मानित किया था। इनकी गिनती 20वीं शताब्दी में भारत के सबसे सक्रिय अभिनेताओं में होती है। इनके शानदार उपलब्धि के वजह से ही आज गूगल इनके जन्मदिन पर 1 एक अक्टूबर को इनका डूडल बनाकर सम्मानित किया।


शिवाजी गणेशन का जीवन परिचय | Shivaji Ganesan Bio, Wiki, Age, Date Of Birth, Birthday, Death Date


पूरा नाम: शिवाजी गणेशन
निकनेम: गणेशमूर्ति
जन्म/ Date Of Birth: 1 अक्टूबर 1928
जन्मस्थान/ Birthplace: विल्लुपुरम चिन्नैया पिल्लई गणेशन, तमिलनाडु
होमटाउन: विल्लुपुरम, तमिलनाडु भारत
मृत्यु/ Death: 21 जुलाई 2001
उम्र/ Age: 72 वर्ष
हाइट/ Height: N/A
प्रोफेशन: तमिल अभिनेता
नेट वर्थ: N/A
धर्म/ Religion: हिन्दू
राष्ट्रियता: भारतीय


शिवाजी गणेशन का परिवार ( Family)


पिता का नाम: चिन्नाया मोनरे
माता का नाम: राजमणि अम्माल
पत्नी का नाम: कमला गणेशन
पुत्रों का नाम: रामकुमार, प्रभु
पुत्रियों का नाम: शांति और थेनमोझी


शिवाजी गणेशन का करियर (Shivaji Ganesan Life Story In Hindi)


शिवाजी, फिल्मी दुनिया मे आने से पहले जगह-जगह पर स्टेज पर नाटक में अभिनय करते थे। इन्होंने थिएटर में काम करने के लिए महज 7 वर्ष के उम्र में ही घर छोड़ दिया।


इनका नाम शिवाजी इसलिए पड़ा क्योंकि इन्होंने 1945 में 'शिवाजी कांडा हिंदू राज्यम' नामक नाटक में शिवाजी की ऐसी दमदार भूमिका निभाई थी कि जिसके बाद से ही इनका नाम हमेशा के लिए शिवाजी हो गया।


शिवाजी 1952 में अपनी पहली फ़िल्म 'पराशक्ति' से शुरुआत की थी। जिसके बाद से वो अपने जीवन मे कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और करीब 5 दशकों तक फ़िल्म दुनिया में एक से बढ़कर एक फिल्में दी।


आपको बता दें कि इन्होंने अपने करियर में 300 से भी अधिक तमिल फिल्मों में काम किया है। तमिल फिल्मों के अलावा शिवाजी तेलुगु, हिंदी और मलयालम फिल्मों में काम कर चुके हैं। इन्होंने तेलुगु में 9, हिंदी में 2 और मलयालम में 1 फिल्मों में अभिनय का जलवा दिखा चुके हैं।


इनके अभिनय में इनकी जबरदस्त आवाज, उत्कृष्ट अभिनय कौशल, भावनात्मक तमिल उच्चारण के वजह से लोग इनको काफी प्यार करते थे। इनको लोग मुख्य रूप से फिल्मों में नाटक करने के लिए पहचानते थे। ये अपने हर एक सीन में इतनी जान फूंक देते थे कि दर्शक इन पर मोहित हो जाते थे।


इन्होंने मनोगरा, राजा चोलन और कर्णक जैसे नाटक में काम किया तो विरपाण्डिया कत्ताबोम्मन जैसे तमिल फिल्म में राष्ट्रीय नेता की भूमिका निभाकर दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान छोड़ी।

इनके द्वारा प्राचीन देवी देवताओं की भूमिकाओं के लिए इनके अभिनय को खूब सराहना मिली।


शिवाजी गणेशन की प्रसिद्ध फिल्में ( Shivaji Ganesan Films)


इनके द्वारा अभिनय किये प्रसिद्ध फिल्मों के बारे में बात किया जाए तो नई चिड़िया, भगवान की आज्ञा, शांति, पलानी, मोटर सुंदरम बच्चे , धन, दिल तक, ऊटी से रिश्ता, दो फूल, थिरुविलैयाताल, सरस्वती सपथम, तिरुवरुत्सेलवर कंदन करुणा, थिरुमल पेरुमाई, स्नेही फूल, पापों की क्षमा, दूध और फल, देखा तो भूख मिटाएगा, पीला पांड्या, मंदिर की घंटी, जहां से अंकल, वियतनाम हाउस, आया, प्रबुद्धता, पट्टीकाड़ा टाउन, स्प्रिंग हाउस, भारत विलास, कौरवम, राजापार्ट रंगदुरई, कुलमकल राधा, दो आत्माएं, हरी बत्ती, दिलाना मोहनमपाल, उच्च पुरुष, सोने की खान, भगवान का पुत्र, लाल मिट्टी, स्वर्ग इत्यादि फिल्मों ने तो इनके करियर को एक नया आयाम दिया।


इन्हीं सब फिल्मों के वजह से आज तक लोग इनको अभिनय को भुला नहीं पाते हैं। अपने करियर के दौरान शिवाजी ने अभिनय के दुनिया में अपनी एक ऐसी अमिट छाप छोड़ी है कि आने वाले समय में भी लोग इनको याद करते रहेंगे।


शिवाजी गणेशन की उपलब्धि (Awards)


दोस्तों, शिवाजी को इनके जीवन मे शानदार उपलब्धियों के वजह से पद्म भूषण, आर राष्ट्रीय अवार्ड, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, एन. डी और शवेलियर पुरस्कार जैसे अवार्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है।


उस समय से सबसे बेहतरीन आवाज और अभिनय के लिए मशहूर शिवजी गणेशन की मृत्यु 21 जुलाई 2001 हो गयी। जिससे तमिल फ़िल्म इंडस्ट्री में एक शोक की लहर दौड़ गई।


हो भी क्यों न तमिल फ़िल्म की जान कहे जाने वाले और अपने अभिनय और आवाज से पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले एक अभिनेता को हम सब हमेशा के लिए खो दिये।


आपको शिवाजी गणेशन के बारे में जानकर कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताइयेगा। साथ ही आपको इस प्रसिद्ध तमिल फिल्म अभिनेता शिवाजी गणेशन की जीवनी पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें धन्यवाद।।

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