जस्टिस एन. वी. रमना का जीवन परिचय | N.V. Ramana Biography In Hindi

CJI N.V. Ramana Wikipedia Biography In Hindi |  मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना का जीवन परिचय

कहते हैं कि अगर मंजिल को पाने का जज्बा हो तो दुनिया की हर मुश्किल छोटी लगने लगती है। इस कथन को सही साबित कर दिखाया है आंध्रप्रदेश के एक होनहार आदमी और माननीय सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जजों में से एक साथ ही भारत केे मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना ने।

 

जैसा कि आपको पता होगा कि एन. वी. रमना देश के 48वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में 24 अप्रैल 2021 से अपना पदभार सम्भाल लिए। एक किसान का बेटे से देश के सबसे बड़े न्यायाधीश बनने के सफर की पूरी कहानी इस एन वी रमना की जीवनी के माध्यम से पूरी विस्तार से जानते हैं।

 

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एन. वी. रमना की जीवनी

दोस्तों 27 अगस्त 1957 को जस्टिस एन वी रमना का जन्म आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के एक छोटे से गांव पोन्नावरम में एक किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही वकालत करने की रुचि ऐसी लगी जो अब देश के सबसे बड़े न्यायाधीश बनने तक पहुंच गई। 

 

एक किसान परिवार से होते हुए भी देश के सबसे सम्मानित पद तक पहुचना सबके लिए आसान नहीं होगा। उन्होंने ये सब कैसे हासिल किया इसकी पूरी कहानी आपको इस आर्टिकल में मिलेगी। जस्टिस एन वी रमना का पूरा नाम नुतलपाटी वेंकटरमण है। जस्टिस एन वी रमना के पत्नी का नाम शिवमाला है।

 

N.V. Ramana Daughter

 
जस्टिस एन. वी. रमना की दो बेटियां हैं- 
1. N.V. Tanuja
2. N.V. Bhuvana

 

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कैसे होती है?

 

आपके जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट तय नियमों के अनुसार मुख्य न्यायाधीश के रिटायरमेंट के बाद दूसरे सबसे सीनियर जज को सुप्रीम कोर्ट के सबसे मुख्य न्‍यायाधीश के पद पर नियुक्‍त किया जाता है। नए मुख्य न्यायाधीश के पद के लिए देश के कानून मंत्री वर्तमान समय के मुख्य न्यायाधीश से उनके अगले उत्तराधिकारी का नाम मांगा जाता है।

 

जिसके बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश अपने बाद सबसे सीनियर जज के नाम की सिफारिश कानून मंत्री को चिट्ठी लिखकर करते हैं। इसके बाद सीजेआई से जज के नाम की सिफारिशी चिट्ठी मिलने के बाद कानून मंत्री इसे वर्तमान प्रधानमंत्री के सामने रखते हैं। फिर इसके बाद मुख्य न्यायाधीश के नाम की सिफारिश राष्ट्रपति के पास भेजी जाती है।

 

जहां देश के राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम पर अंतिम मुहर लगाता है। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे 23 अप्रैल 2021 को अपने कार्यकाल से सेवानिवृत्त चुके हैं। उन्‍होंने वर्तमान जस्टिस एन वी रमना को 24 अप्रैल 2021 से देश के 48वें CJI के तौर पर नियुक्ति की सिफारिश की थी। 

 

जिस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी थी और माननीय राष्ट्रपति ने 24 अप्रैल 2021 को एन वी रमना को देश के मुख्य न्यायाधीश के रूप भी शपथ दिलाई। 

 

एन वी रमना आंध्र प्रदेश से पहले शख्स हैं जो सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभालेंगे। इनका कार्यकाल का समय 26 अगस्त 2022 तक होगा।

 

जस्टिस एन वी रमना का कैरियर | CJI N.V. Ramana Full Career Details In Hindi

आइये अब भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना के कैरियर के बारे में पूरी विस्तार से जानते हैं।

 

जस्टिस एन वी रमना अपना कैरियर वकालत में बनाने से पहले दो साल तक एक क्षेत्रीय समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में काम किया। लेकिन इनको लगा कि मैं इस काम के लिए नहीं बना हूँ तो सन 1980 में एक लॉ कॉलेज में अपना एडमिशन ले लिया।

 

अपनी पढ़ाई पूरी होने के बाद 10 फरवरी 1983 को एन वी रमना अपना रेजिस्ट्रेशन आंध्रप्रदेश हाई कोर्ट में एक लॉयर के रूप में कराया। जहाँ उनके काम के प्रति जुनून और ज्ञान को लेकर उनका नियुक्ति 27 जून 2000 को आंध्रप्रदेश के हाई कोर्ट के स्थायी जज के रूप में कर दी गयी। जहाँ उन्होंने एक से बढ़कर सराहनीय और साहसिक फैसले लिए। इसके अलावा उन्होंने आंध्र प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में भी काम किया है।

 

फिर उनके काम को देखते हुए उनका ट्रांसफर नई दिल्ली कर दिया गया। जहाँ उनकी नियुक्ति 2 सिंतबर 2013 को दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कर दी गयी। यहाँ भी मुख्य न्यायाधीश के रूप में रहते हुए उन्होंने एक से बढ़कर फैसले लिए।

 

जिसको देखते हुए 17 फरवरी 2014 को उनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में कर दी गयी। तब से लेकर अभी तक उन्होंने देश से जुड़ी अनेकों संवेदनशील मामलों की सुनवाई कर चुके हैं या फिर उसमें शामिल रह चुके हैं। आगे देश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में रहते हुए इनको और भी कई तरह के चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

 

सीजेआई एन वी रमना के महत्वपूर्ण फैसले

 

● जस्टिस एन वी रमना ने जम्मू कश्मीर में नवम्बर 2019 में धारा 370 हटने के बाद से बंद बड़े 3G/4G नेटवर्क के लिए केंद्र सरकार को ये कहते हुए चालू करने को कहा कि आप ज्यादा दिनों तक किसी के मूल अधिकार से वंचित नहीं रख सकते हैं।

 

आपको हर हाल में जम्मू कश्मीर के लोगों को नेट की सुविधाएं उपलब्ध करानी होगी। आप टेलिकॉम नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। जिसके बाद 2020 में तुरंत केंद्र सरकार को वहाँ सारी सुविधाएं शुरू करनी पड़ी।

 

● देश के सबसे बड़े न्यायाधीश के कार्यालय को भी RTI के दायरे में लाने का साहसिक फैसला एन वी रमना ने ही सुनाया था। उन्होंने ये फैसला ये कहते हुए सुनाया था कि देश के हर नागरिक को CJI कार्यालय के बारे में जानकारी रखने का अधिकार है। इससे आम जनता में CJI की साफ छवि बनी रहेगी।

 

● हाल ही में देश की सबसे बड़ी जाँच एजेंसी सीबीआई के डायरेक्टर की नियुक्ति में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कमेटी के द्वारा चुने गए सदस्यों की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी।

 

उनका कहना था कि ऐसे अफसर को सीबीआई का चीफ नहीं बनाना चाहिए जिनका कार्यकाल दो साल से कम बचा हो। जिसके बाद सीबीआई चीफ के लिए पुनः चयन किया गया और काफी मंथन के बाद देश के होनहार पुलिस अफसरों में से सुबोध कुमार जायसवाल को इस पद के लिए नियुक्त किया गया।

 

जस्टिस एन वी रमना और वाईएस जगन मोहन रेड्डी से जुड़ी विवाद

 

एन वी रमना ने जीवन में जितने सफलता हासिल की है उतना ही उनका विवादों से भी नाता रहा है। इन पर  अक्टूबर 2020 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अक्टूबर 2020 को भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबड़े को पत्र लिखकर इन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाया।

 

अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि एन वी रमना और उनके करीबी रिश्तेदार आंध्रप्रदेश में अवैध रूप से जमीन के खरीद परोख्त में शामिल थे और उनके सरकार को गिराने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े गंभीर आरोप को जांच कर उनपर उचित कार्रवाई करने की मांग की थी।

 

जिसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी द्वारा लिखे गए इस पत्र की काफी निंदा की और अखिल भारतीय वकील संघ ने रेड्डी पर जुर्माना लगाने का फैसला किया और कहा कि यदि इनके द्वारा लगाए गए आरोपी बेबुनियाद होंगे तो उनको दण्डित भी किया जाएगा। 

 

आपको बता दें कि अभी तक ये मामला सुलझा नहीं है और इसकी पूरी सुनवाई होनी बाकी है। देखते हैं कि आगे जस्टिस रमना अपना कार्यकाल किस तरह से पूरा करते हैं ये आने वाला समय बताएगा।

 

हम उम्मीद करते हैं कि भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना की जीवनी आपको काफी अच्छी लगी होगी। साथ ही अगर आप CJI N.V. Ramana के जीवनी के बारे में कोई और जानकारी जानना चाहते हैं तो कमेंट करके जरूर पूछ सकते हैं।

 

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