गुरजीत कौर का जीवन परिचय | Gurjit Kaur Hockey Player Biography In Hindi

गुरजीत कौर (हॉकी खिलाड़ी) की जीवनी | Gurjit Kaur Hockey Player Biography Wikipedia In Hindi

 

दोस्तों आज हम आपको एक ऐसे सेलिब्रटी के बारे में बताने वाले हैं जो रियल में लोगों के प्यार पाने के काबिल है। एक ऐसी लड़की जिसके वजह से न सिर्फ पूरी दुनिया में भारत का सर गर्व से ऊंचा किया, बल्कि भारत को पहली बार महिला हॉकी में ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुँचाया।

 

देश की इस बहादुर और फेमस इंडियन फीमेल हॉकी प्लेयर का नाम गुरजीत कौर है। इनके ही शानदार प्रदर्शन के दम पर पूरा भारत खुशी से उस समय झूम उठा जब भारत की महिला हॉकी टीम ने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ 1-0 से जीत हासिल कर सेमीफाइनल में पहली बार जगह बनाने में कामयाब रही।

 

लेकिन क्या आप जानते हैं कि महिला हॉकी खिलाड़ी गुरजीत कौर कौन है? अगर नहीं जानते हैं तो आइए गुरजीत कौर की जीवनी के माध्यम से पूरी विस्तार से जानते हैं।

 

गुरजीत कौर हॉकी खिलाड़ी कौन है? Who Is Gurjit Kaur In Hindi

 

भारतीय महिला हॉकी टीम में अपने शानदार प्रदर्शन से अपना एक अलग पहचान बनाने वाली गुरजीत कौर पंजाब के अमृतसर शहर के मियादी कला गांव की रहने वाली महिला हॉकी खिलाड़ी है। वर्तमान में भारतीय टीम में वह डिफेंडर की भूमिका निभाती है और इसके अलावा वह टीम की एक शानदार ड्रैग फ्लिकर भी है।

 

टोक्यो ओलंपिक में 2 अगस्त 2021 को दुनिया के सबसे बेहतरीन ऑस्ट्रेलियाई हॉकी टीम को 1-0 से हराकर सेमीफाइनल में पहुचाने में गुरजीत ने अहम भूमिका निभाई। गुरजीत के गोल ने वो कर दिखाया है जिसके पहले किसी को उम्मीद नहीं थी कि भारत ऐसा भी कर सकता है।

 

गुरजीत कौर ने इस महामुकाबले में सारे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को छकाते हुए न सिर्फ शानदार गोल दागा बल्कि भारत को ओलंपिक इतिहास में पहली बार महिला हॉकी टीम को सेमीफाइनल में पहुँचाया। आज पूरा देश गुरजीत कौर के साथ पूरी महिला हॉकी टीम पर गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

 

महिला टीम के इस शानदार प्रदर्शन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे कई बड़ी हस्तियों ने भारतीय टीम के इस जीत पर बधाई दी है।

 

गुरजीत कौर का जीवन परिचय | Gurjit Kaur Hockey Player Biography In Hindi

 

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Gurjit Kaur Biography In Hindi

नाम– गुरजीत कौर
निकनेम– गुरजीत
जन्म– 25 अक्टूबर 1995
जन्मस्थान– मियादी कला अमृतसर, पंजाब
होमटाउन– अमृतसर
उम्र/Age– 27 वर्ष
हाइट/Height– 5 फिट 6 इंच (1.67मी.)
वजन/Weight– 59 किग्रा.
वैवाहिक जीवन– अविवाहित
प्रोफेशन– महिला हॉकी खिलाड़ी
कोच का नाम– कुलबीर सिंह सैनी
टीम में स्थान– डिफेंडर, ड्रैग फ्लिकर
नेट वर्थ– N/A
धर्म/Religion– हिन्दू
राष्ट्रियता– भारतीय

 

हॉकी खिलाड़ी गुरजीत कौर का परिवार

 

पिता का नाम– सतनाम सिंह

माता का नाम– हरजिंदर कौर

बहन का नाम– प्रदीप कौर

भाई का नाम– N/A

 

गुरजीत कौर (हॉकी खिलाड़ी) का शिक्षा | Gurjit Kaur Education

 

शुरुआत में गुरजीत कौर के पिता चाहते थे की उनकी बेटी मन लगाकर पढ़ाई करें ताकि अच्छी नौकरी मिल सकें।  इसलिए उनको जब भी कभी थोड़ा सा टाइम मिलता था वो तुरन्त हॉकी खेलने निकल जाती थी।

 

गुरजीत और उनकी बड़ी बहन की शुरुआती शिक्षा पास के स्कूल में एडमिशन न कराने के बजाय घर से 13 किलोमीटर दूर एक निजी स्कूल में करा दी। जहाँ से दोनों बहनें अपनी पढ़ाई पूरी की और आगे की पढ़ाई के लिए 2006 में इनके पिता ने इनका एडमिशन तरनतारन के कैरॉन गांव के एक बोर्डिंग स्कूल में करवा दिया। जहाँ पहले से ही हॉकी का प्रशिक्षण दिया जाता था।

 

स्कूल में लड़कियों को हॉकी खेलते देख इनका भी मन हॉकी की तरफ आकर्षित होने लगा। इसके बाद जब गुरजीत ने एक बार हॉकी स्टिक पकड़ी फिर इसे छोड़ने का कभी नाम ही नहीं लिया। इनके साथ-साथ इनकी बड़ी बहन भी हॉकी खेलने लगी।

 

जल्द ही इन दोनों बहनो ने हॉकी में महारत हासिल कर लिया। इनके शानदार खेल को देखते हुए जल्दी ही इनको छात्रवृत्ति भी मिल गया। जिससे इनके स्कूल में रहने का और पढ़ाई करने का खर्च मुफ्त हो गया। 2011 तक गुरजीत ने पढ़ाई जारी रखी।

 

आपको बताते चलें कि इन्होंने आर्ट्स सब्जेक्ट में अपना एडमिशन लिया था और लगभग 5 साल तक इस कॉलेज के academy में हॉकी खेलने का अभ्यास करती रही।

 

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जिसके बाद बोर्डिंग स्कूल से पढ़ाई खत्म करने के बाद गुरजीत ने जालंधर के लायलपुर खालसा कॉलेज फ़ॉर वीमेन चली गयी। जहाँ वे लगातार हॉकी का प्रशिक्षण लेती रही और ड्रैग-फ्लिकिंग में खासा ध्यान दिया करती थी।

 

जिसके बाद इनका चयन इलाहाबाद में एक जूनियर क्लर्क के रूप में भारतीय रेलवे में हो गया। यहां भी इन्होंने अपने जॉब के साथ-साथ हॉकी का प्रैक्टिस जारी रखा।

 

गुरजीत कौर का हॉकी करियर | Hockey Player Gurjit Kaur Career In Hindi

 

गुरजीत कौर को देश के लिए खेलना का पहला मौका 2014 में सीनियर नेशनल कैम्प में मिला था। लेकिन वह टीम में जगह पक्की करने में नाकामयाब रही। लेकिन यहाँ ये हिम्मत हारने के बजाय अपने खेल को और सुधारा।

 

इसका फल भी इनको बहुत जल्द प्राप्त हुआ और 2017 में एक मात्र ऐसी महिला खिलाड़ी बनी जो भारतीय महिला हॉकी टीम में स्थायी बनी।

 

जल्द ही इनको 2017 में कनाडा के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खेलने का मौका मिला। इसके बाद 2017 में ही हॉकी वर्ल्ड लीग राउंड 2 में देश का प्रतिनिधित्व किया। फिर इसके बाद गुरजीत 2017 में हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।

 

शुरुआत में गुरजीत एक हल्के स्टिक से खेलती थी, लेकिन उस समय के भारत के मुख्य कोच सोजर्ड मारिन ने थोड़ा भारी हॉकी स्टिक से खेलने की सलाह दी। जिससे इनके खेल में काफी परिवर्तन हुआ।

 

गुरजीत ने अपने एक साक्षात्कार में बताया कि उनके खेल में हुए इस अहम बदलाव में उनके कोच का बहुत बड़ा हाथ है। कोच के सही मार्गदर्शन से इनके खेल में दिन-प्रतिदिन सुधार होता चला गया और इस समय भारतीय हॉकी टीम सबसे प्रमुख खिलाड़ियों में इनका नाम लिया जाता है।

 

जिसके परिणामस्वरूप गुरजीत कौर का नाम उस समय पूरे देश में सुर्खियों में आया जब 2017 में एशिया कप के दौरान 8 गोल दागकर न सिर्फ भारत को महाद्वीपीय चैंपियन बनाया, बल्कि टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वाली तीसरी खिलाड़ी बनी। इसके साथ भारत के तरफ से सबसे ज्यादा गोल करने वाली खिलाड़ी बनी। इनके इस प्रदर्शन इनको रातोंरात स्टार बना दिया।

 

गुरजीत ने इस टूर्नामेंट में कजाकिस्तान के खिलाफ हैट्रिक गोल सहित सेमीफाइनल में जापान के खिलाफ 2 गोल दागकर भारत को अपने दम पर विजेता बनाया था।

 

इसके बाद भी गुरजीत यहीं पर रुकने वाली नहीं थी। 2018 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में भी शानदार प्रदर्शन किया। लेकिन भारत पोडियम हासिल नहीं कर आया।

 

2018 में भारतीय टीम ने स्पेन के राष्ट्रीय टीम के खिलाफ 5 मैचों की सीरीज खेली, जहाँ भारतीय टीम 4-1 से ये श्रृंखला जितने में कामयाब रही। फाइनल मैच में गुरजीत कौर ने 2 गोल दागकर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

 

लेकिन ये खिलाड़ी यहीं पर रुकने वालों में से नहीं थी। इनका तो सपना था टीम को ओलंपिक में पहचान दिलाना, जिसमें वे कामयाब भी हुई।

 

Gurjit Kaur In Tokyo Olympics

 

टोक्यो ओलंपिक में 2 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुये क्वार्टर फाइनल मुकाबले में किसी को भी भारतीय टीम से जीत की उम्मीद नहीं थी। लेकिन गुरजीत कौर ने टीम का भार अपने कंधों पर उठाते हुए मैच का एकमात्र गोल दागकर भारत के महिला हॉकी टीम को ओलंपिक इतिहास में पहली बार सेमीफाइनल में पहुँचा दिया।

 

जिस टीम से किसी को कोई खास उम्मीद नहीं थी आज वहीं टीम गुरजीत के बदौलत ओलंपिक मेडल लाने के बेहद करीब पहुँच गया है। हम सभी देशवासियों को भारतीय महिला हॉकी टीम के इस शानदार प्रदर्शन पर जीत के लिए बधाई।

 

इसके बाद भारतीय टीम पहली बार ओलंपिक इतिहास में पदक लाने के बेहद करीब थी, जब सेमीफाइनल मुकाबले में हार के बाद कांस्य पदक के लिए भारतीय टीम का मुकाबला ब्रिटेन के साथ था।

 

इस अहम मुकाबले में भी गुरजीत ने शुरुआती दो गोल दागकर भारत को जीत के करीब पहुँचा दिया था। लेकिन दुर्भाग्यवश भारतीय टीम मैच हार गई और महिला हॉकी में पहली बार ओलंपिक पदक लाने का सपना भले ही टूट गया, पर भारतीय बेटियों के दमदार प्रदर्शन ने पूरे देश का दिल जीत लिया।

 

इनके इस प्रदर्शन से खुश होकर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. नवजोत ने बताया कि गुरजीत कौर पर कॉलेज को आज बहुत मान महसूस हो रहा है। उनको विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उनके कॉलेज की छात्रा ओलंपिक में देश का नाम रोशन कर रही है।

 

दोस्तों हमें उम्मीद है कि आपको देश की शान महिला हॉकी खिलाड़ी गुरजीत कौर की जीवनी काफी पसन्द आयी होगी और आपको काफी प्रेरणादायक लगा होगा। अगर आपको गुरजीत कौर की जीवनी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें धन्यवाद।

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