जस्टिस यूयू ललित का जीवन परिचय | Justice U.U. Lalit Biography in Hindi

सीजेआई यूयू ललित की जीवनी, विकिपीडिया, उम्र, जजमेंट, परिवार, कार्यकाल | Justice U.U. Lalit Biography, Education, Marriage, Family, Wikipedia in Hindi

 

देश के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन्ना का कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है। अगस्त महीने के अंत तक माननीय चीफ जस्टिस का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनके बाद देश का अगला मुख्य न्यायाधीश कौन होगा इसको लेकर कई दिनों से अटकलें लगाई जा रही थी।

 

इन अटकलों पर अब पूर्ण विराम लग गया है। खुद सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस एन वी रमन्ना ने यूयू ललित को अगला मुख्य न्यायाधीश बनाने की न्याय मंत्रालय के पास भेज दी है। इस सिफारिश के औपचारिक स्वीकृति के साथ ही यूयू ललित (U.U. Lalit) देश के 49वें चीफ जस्टिस बन जाएंगे। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायाधीश यूयू ललित को जल्द ही चीफ जस्टिस पद की शपथ दिलाई जाएगी।

 

लेकिन आखिर क्यों वर्तमान चीफ जस्टिस एन वी रमन्ना ने यूयू ललित को ही इस पद के लिए सिफारिश की है? ये बात सबके लिए हैरानी भरा है।

 

अगर आप भी जानना चाहते हैं कि यूयू ललित को ही देश का अगला मुख्य न्यायाधीश क्यों बनाने की सिफारिश की गई है तो आपके जानकारी के लिए बता दें कि इन्होंने अपने जजमेंट में देश के लिए कई जटिल मुद्दों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है। यूयू ललित अपने जजमेंट के लिए कई बार पूरे देश में सुर्खियों में रह चुके हैं।

 

हालांकि यूयू ललित की चीफ जस्टिस के पद पर नियुक्ति हैरान करने वाली है, क्योंकि इनका कार्यकाल भी सिर्फ 3 महीने का होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि इनका कार्यकाल 8 नवंबर 2022 को समाप्त हो रहा है। ये सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में सिर्फ 74 दिनों तक अपनी सेवाएं देंगे। ऐसे में इनके बारे में बड़ी दिलचस्प बात जानने की इच्छा लोगों को हो रही है, कि आखिर जब 3 महीने का ही कार्यकाल बचा है तो इनको चीफ जस्टिस क्यों बनाया जा रहा है?

 

आखिर देश के इतने बड़े पद पर अपनी सेवा देने जा रहे अगले सीजेआई यूयू ललित कौन है, इनकी जीवनी, इनके द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण फैसले कौन-कौन से है? अगर आप इन सारी बातों को पूरी विस्तार से जानना चाहते हैं तो यूयू ललित की जीवनी (U.U. Lalit Biography in Hindi) के बारे में लिखी गयी इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।

 

जस्टिस यूयू ललित कौन है | Who is U.U. Lalit in Hindi

 

देश के 49वें चीफ जस्टिस का पदभार संभालने जा रहे यूयू ललित का जन्म 9 नवंबर 1957 को महाराष्ट्र में हुआ था। इनकी गिनती सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर उन चुनिंदा जजों में होती है जिन्होंने ऐसे-ऐसे ऐतिहासिक फैसलों में शामिल रहे जो पूरे देश में काफी दिनों तक चर्चा का विषय बना रहा।

 

जैसे यूयू ललित तीन तलाक पर फैसला सुनाने वाले बेंच का हिस्सा रहे। पद्मनाभ स्वामी पर भी इनके फैसले को पूरे देश में काफी प्रशंसा मिली। इतना ही नहीं पॉस्को एक्ट में भी skin to skin मामलों में इनकी बेंच ने ही फैसला दिया था।

 

ये तमाम ऐसे फैसले थे जो कोर्ट में काफी दिनों से पेंडिंग पड़े थे और इनकी सुनवाई काफी समय से नहीं हो रही थी। इनके द्वारा लिए गए ये सभी फैसले ने देश में काफी सुर्खियां बटोरी थी।

 

आपके जानकारी के लिए बता दें कि वे देश के केवल दूसरे ऐसे सुप्रीम कोर्ट के जज है जिनकी नियुक्ति सीधे बार काउंसिल से सुप्रीम कोर्ट के जज रूप में हुई थी और चीफ जस्टिस भी बने। इनसे पहले 1971 में जस्टिस एस एम सीकरी ही ऐसे चीफ जस्टिस थे जिनको सीधे वकील से सुप्रीम कोर्ट के जज बनाया गया था और फिर 1984 में देश का 13वां मुख्य न्यायाधीश भी बनाया गया था।

 

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नामयूयू ललित
पूरा नामउदय उमेश ललित
जन्म9 नवंबर 1957
जन्मस्थानमहाराष्ट्र
उम्र64 वर्ष
एजुकेशनगवर्नमेंट लॉ स्कूल
धर्महिंदू
पदसुप्रीम कोर्ट के जज और अगले मुख्य न्यायाधीश
महत्वपूर्ण फैसलेट्रिपल तलाक, 2जी स्पेक्ट्रम, पॉस्को एक्ट, पद्मनाभस्वामी मंदिर स्किन टू स्किन मामला
चर्चित केससलमान खान हिट एंड रन मामला, अमित शाह शोहराबुद्दीन फेक एनकाउंटर केस, पूर्व जनरल वीके सिंह का जन्मतिथि मामला, कैप्टन अमरिंदर सिंह पर भ्रष्टाचार का मामला
राष्ट्रीयताभारतीय

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जस्टिस यूयू ललित का परिवार (UU Lalit Family)

 

यूयू ललित का नाता पहले से ही कानून से रहा है। इनके पिता U.R. Lalit खुद दिल्ली हाइकोर्ट में पूर्व जज और सुप्रीम कोर्ट प्रैक्टिस करने वाले एक वरिष्ठ वकील रह चुके हैं। इनकी पत्नी का नाम अमिता उदय ललित है।

 

इनके लड़के नाम श्रीयश ललित है। हाल ही में 31 जनवरी 2020 को इनके सगाई में खुद पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी शामिल हुए थे।

 

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति की प्रक्रिया

 

वर्तमान न्यायाधीश एन वी रमन्ना 26 अगस्त 2022 को चीफ जस्टिस पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जिसके तहत वर्तमान कानून मंत्री किरण रिजिजू के तरफ से मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय को एक पत्र भेजा गया था। जिसमें देश के नए मुख्य न्यायाधीश के नाम की सिफारिश की गई थी। जिसके बाद चीफ जस्टिस एन वी रमन्ना ने यूयू ललित को देश का अगला मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश भेजी है।

 

आपके जानकारी के लिए बताते चलें कि नियम के मुताबिक मौजूदा चीफ जस्टिस अपने रिटायरमेंट से लगभग एक महीने पहले अपने पद के उत्तराधिकारी के तौर पर नए चीफ जस्टिस के नाम की सिफारिश भेजते हैं।

 

ये सिफारिश बंद लिफाफे में राष्ट्रपति को भेजी जाती है। आमतौर पर सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा चीफ जस्टिस ऐसे ही नाम की सिफारिश अगले मुख्य न्यायाधीश के लिए करते हैं जो उनके बाद दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश होते हैं।

 

एक बार राष्ट्रपति द्वारा सिफारिश मंजूर होने के बाद नए मुख्य न्यायाधीश पद और उनकी गोपिनीयता की शपथ खुद राष्ट्रपति दिलाते हैं।

 

जस्टिस यूयू ललित का न्यायायिक जीवन (UU Lalit Career)

 

इन्होंने अपने वकालत की शुरुआत 1983 में किया था।जिसके बाद 1983 से 1985 तक ये बॉम्बे हाईकोर्ट में वकालत किया है। बाद में वे 1985 में दिल्ली आ गए। जिसके बाद वे लंबे समय तक सुप्रीम कोर्ट के वकील के रूप में कार्य किया। एक वकील के रूप में भी इनकी गिनती के तेजतर्रार वकील के रूप में होने लगी। साल 1986 से लेकर साल 1992 तक ये पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी के साथ भी काम कर चुके हैं।

 

सुप्रीम कोर्ट में एक वकील के रूप में लंबे समय तक सेवा देने के बाद 13 अगस्त 2014 को इनको सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया था।

 

इसके बाद वर्ष 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने इनको सीनियर वकील के रूप में नामित किया था। इनको क्रिमिनल लॉ में महारथ हासिल है। इसके अलावा ये दो कार्यकालों के लिए सुप्रीम कोर्ट के लीगल सर्विस कमिटी के सदस्य के रूप में भी काम किया। इसके बाद यूयू ललित को मई 2021 में राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया।

 

यूयू ललित द्वारा लिए गए कुछ हैरान करने वाले फैसले (UU Lalit Shocking Judgements in Hindi)

 

इनके द्वारा कुछ हाई प्रोफाइल केस से खुद को अलग करने के लिए भी जाना जाता है। जैसे इन्होंने 2014 में याकूब मेनन के याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। इस याचिका में 1993 के मुंबई के सीरियल बम-बलास्ट मामले में याकूब मेनन के मौत की सजा को बरकरार रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश की समीक्षा मांग की गई थी।

 

इतना ही नहीं साल 2015 में 2008 में मालेगांव में हुए विस्फोटों में निष्पक्ष सुनवाई की मांग करने वाली याचीका पर खुद को अलग कर लिया था। इसके अलावा साल 2016 में अभियोजन पक्ष के प्रमुख गवाह के लापता होने की याचीका की सुनवाई से भी खुद को अलग कर लिया था।

 

U.U. Lalit Networth

 

वैसे तो इनके पास कुल कितना नेटवर्थ है, इसका कोई सबूत नहीं है। लेकिन सूत्रों की मानें तो इनके पास 40 से 50 लाख का इनकम है।

 

आपको देश के 49वें चीफ जस्टिस यूयू ललित की जीवनी (UU Lalit Biography in Hindi) के बारे में जानकर कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताइयेगा। साथ ही आपको जस्टिस यूयू ललित की बायोग्राफी पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें धन्यवाद।

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