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Rohini Sindhuri IAS Wikipedia Biography, Age, Family In Hindi

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रोहिणी सिन्दूरी का जीवन परिचय | Rohini Sindhuri IAS Life Story In Hindi


दोस्तों आज हम एक ऐसे महिला आईएएस अधिकारी की बात करने वाले हैं। जिसने न केवल बहुत ही कम समय अपने कार्यशैली से पूरे देश में नाम कमाया है, बल्कि लोग 'लेडी सिंघम' के नाम से भी जानने लगे हैं।


ऐसे होनहार और काबिल महिला आईएएस अधिकारी का नाम रोहिणी सिन्दूरी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोहिणी सिन्दूरी कौन है, इनकी पूरी कहानी क्या है?


अगर आप नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है। हम आपको रोहिणी सिन्दूरी की पूरी कहानी बताने वाले हैं और जानने वाले हैं कि अब तक का उनका सफर कैसा रहा है? तो आइये देश के इस चर्चित आईएएस अधिकारी रोहिणी सिन्दूरी की जीवनी के बारे में पूरी विस्तार से जानते हैं।


रोहिणी सिन्दूरी आईएएस का जीवन परिचय | Rohini Sindhuri IAS Biography In Hindi

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Rohini Sindhuri IAS Biography In Hindi

पूरा नाम- रोहिणी सिन्दूरी

निकनेम- रोहिणी

जन्म- 30 मई 1984

उम्र/Age- 37

हाइट- 165 सेमी.

वजन- 60kg

जन्मस्थान/Birthplace- आंध्रप्रदेश(वर्तमान तेलंगाना)

प्रोफेशन- सिविल सर्विसेज

बैच- 2009

रैंक- 43

कैडर- कर्नाटक

होमटाउन- N/A

जाती/Caste- दसारी (Dasari)

धर्म/Religion- हिन्दू

शौक- संगीत सुनना

वैवाहिक जीवन- विवाहित

सैलरी- N/A

नेट वर्थ- N/A

राष्ट्रीयता- भारतीय


रोहिणी सिन्दूरी का परिवार | Rohini Sindhuri IAS Family


पिता का नाम- N/A

माता का नाम- लक्ष्मी रेडी

हसबेंड/Spouse- सुधीर रेडी (सॉफ्टवेयर इंजीनियर)

बच्चे- एक पुत्र, एक पुत्री


Rohini Sindhuri IAS Qualification | रोहिणी सिन्दूरी की शिक्षा


दोस्तों रोहिणी सिन्दूरी ने प्रारंभिक शिक्षा पास के ही स्कूल से पूरी की। जिसके बाद इन्होंने हैदराबाद यूनिवर्सिटी से केमिकल इंजीनियरिंग से बीटेक की डिग्री हासिल की। बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोहिणी को सिविल सर्विसेज की नौकरी करने को ठानी।


इनका मेहनत रंग उस समय लाई जब 2009 में UPSC की परीक्षा में पूरे देश में 43वां रैंक लाकर अपने सपने के पंखों को उड़ान की। इसके बाद रोहिणी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज उनकी गिनती देश के होनहार अफसरों में होती है।


रोहिणी सिन्दूरी का करियर | Rohini Sindhuri IAS Success Story In Hindi


आईएएस की ट्रेनिंग के बाद रोहिणी सिन्दूरी की पहली पोस्टिंग 29 अगस्त 2011 को तुमकुरु में असिस्टेंट कमिश्नर के रूप में हुआ था। इसी कार्य अवधि में तुमकुरु के शहरी विकास विभाग के प्रभारी कमिश्नर के रूप में भी इनकी  नियुक्त की गई।


जहाँ रोहिणी ने एक से एक बढ़कर सराहनीय कार्य किये। जैसे- इनकम टैक्स स्त्रोत को कंप्यूटरीकृत किया, जेसिरोड जैसी अन्य मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाने का बहुत तेजी से किया, एमजी रोड जैसे व्यस्त सड़कों पर अतिक्रमण हटाने से लेकर सड़क का काम पूरे करने को लेकर इनको लोगों से काफी प्यार मिला।


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सचिन पायलट का जीवन परिचय।


31 दिसम्बर 2012 तक अपने इस शानदार कार्यकाल में एक से बढ़कर एक कार्य करने के बाद रोहिणी 10 अगस्त 2013 से 31 मई 2014 तक ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग, स्वरोजगार परियोजना (एसईपी), बैंगलोर के निदेशक के रूप में काम किया। यहाँ भी इन्होंने अपने टैलेंट से सबक दिल जीत लिया।


इसके बाद 2014 में, रोहिणी को मांड्या जिला पंचायत के सीईओ के रूप में तैनात किया गया था। जहाँ इन्होंने अपने कार्यकाल (2014-15) के दौरान लगभग एक लाख व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कर पूरे देश में नाम बटोरी।


रोहिणी सुर्खियों में तब आयी स्वच्छ भारत अभियान में इनका जिला पूरे राज्य में पहले नम्बर और देश में तीसरे नम्बर पर स्वच्छता के मामले में स्थान पाया। ये सब रोहिणी सिन्दूरी के बदौलत ही सम्भव था।


इतना ही नहीं रोहिणी ने केंद्र सरकार द्वारा पेयजल के लिए भेजे गए 65 करोड़ के फंड का सही तरीके से इस्तेमाल कर अपनी पहचान छोड़ी। इस दौरान इन्होंने 100 से भी अधिक पेयजल यूनिट्स की स्थापना की। उनके इस काम से खुश होकर सरकार ने इस काम को और आगे बढ़ाने के लिए 6 करोड़ रुपये का फंड दिया।


अपनी यात्रा को और आगे बढ़ाते हुए रोहिणी ने किसानों को सस्टेनेबल खेती करने का आह्वान किया। इसके अलावा इन्होंने शहर में भ्रूण हत्या जैसे मामलों को गम्भीरता से लेते हुए इस रोक लगाने का पूरा प्रयास किया। भ्रूण हत्या रोकने के लिए माता-पिता को शिक्षित करने के लिए कई कार्यक्रम चलाई।


मांड्या जिला पंचायत के सीईओ के रूप में रोहिणी ने कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना संपत्ति दस्तावेज डाउनलोड करने के लिए एक ऐप भी लॉन्च किया।


उनके इस प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने 2015 में नई दिल्ली में जिला कलेक्टरों को प्रशिक्षित करने के लिए तीन प्रमुख व्यक्तियों में से एक के रूप में चुना।


जिसके बाद साल 2017 में इनका तबादला हसन जिले में डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के रूप में कर दिया गया। यहाँ भी रोहिणी ने शिक्षा प्रणाली में सुधार करने के लिए कई कदम उठाए। इनके प्रयासों का ही फल था कि जो साल 2017 में हसन जिला एसएसएलसी परिणामों में राज्य में 31वें नम्बर था दो साल बाद 2019 में पहले नम्बर पहर पहुँच गया।


इसके अलावा हसन जिले में बालू माफियाओं से भी जमकर मुकाबला किया और दोषियों के खिलाफ छापेमारी कर सख्त कार्रवाई भी किया।


वर्तमान में रोहिणी सिन्दूरी मैसूर जिले में डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के रूप में तैनात है।


Rohini Sindhuri IAS Controversy In Hindi | रोहिणी सिन्दूरी न्यूज हिंदी


दोस्तों रोहिणी सिन्दूरी को जब 2018 में हसन जिले में मात्र सात महीने में ही स्थानीय राजनेताओं के दबाव के कारण स्थानांतरित कर दिया गया तो इन्होंने तंग आकर हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।


कोर्ट के दखल के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने पुनः इनको अपने पद पर वापस नियुक्त कर दिया।


अभी हाल ही में मैसूर के सिटी कारपोरेशन कमिश्नर शिल्पा नेग ने कोविड-19 महामारी के लिए कुप्रबंधन और गलत जानकारी के लिए आरोप द्वारा रोहिणी सिन्दूरी पर आरोप लगाया है। लेकिन रोहिणी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए इन सारी बातों का खंडन किया है।


इसके पीछे का असली कहानी क्या है ये तो जांच के बाद ही पता चल पायेगा।


Some Interesting Facts About Rohini Sindhuri IAS In Hindi


● रोहिणी के ही क्लास साथी आईएएस डीके रवि को इनसे प्यार हो गया था। जब रवि ने इनको प्रोपोज किया तो इन्होंने साफ मना कर दिया और कहा कि वह पहले ही शादीशुदा है। जिसके बाद रवि ने 16 मार्च 2015 को आत्महत्या कर लिया।

● रोहिणी कन्नड़, तेलुगु, हिंदी और अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में महारथ हासिल है।

● रोहिणी ने एक ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली की भी शुरुआत की है। जिसके माध्यम से पीड़ित व्यक्ति कभी भी अपनी शिकायत ऑनलाइन जमा कर सकता है।

● रोहिणी जब भी ये खाली रहती है गाना सुनती है। इनको गाना सुनना काफी पसंद है।


दोस्तों उम्मीद है कि आपको रोहिणी सिन्दूरी की बायोग्राफी इन हिंदी काफी पसंद आया होगा। आपको रोहिणी सिन्दूरी की जीवनी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताइयेगा धन्यवाद।


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सचिन पायलट का जीवन परिचय | Sachin Pilot Biography In Hindi

सचिन पायलट का जीवन परिचय | Sachin Pilot Biography In Hindi

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दोस्तों राजस्थान की राजनीति में एक ऐसा चमकता हुआ नाम जिसके बिना मौजूदा दौर में राजस्थान की सियासत अधूरा लगता है। एक ऐसा सितारा जिसका नाम देश के सबसे कम उम्र में सांसद बनकर संसद पहुँचने का खिताब हासिल है और बहुत ही कम उम्र में एक सफल केंद्रीय मंत्री के तौर पर भी पहचान बनाने का खास रिकॉर्ड है।


अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कौन हो सकता है? ऐसे होनहार और युवा नेता का नाम राजेश पायलट के बेटे सचिन पायलट है। आज के मौजूदा दौर में सचिन पायलट कौन है ये हर एक राजनीति से जुड़ा आदमी जानता है। लेकिन उनके जीवन काल में एक ऐसा भी वक्त था, जब इनको दिग्गज नेता राजेश पायलट के बेटे होने के नाते खुद को साबित करना भी बड़ी चुनौती थी।


वैसे कहा जाता है कि एक नामचीन पिता के सामने बेटे को खुद को साबित करने के लिए उनसे भी अधिक मेहनत करना पड़ता है और सफल होकर दिखाना होता है। ठीक यहीं चुनौती सचिन पायलट के पास भी थी।


ऐसे में सचिन कैसे जमीन से उठकर पूरे देश में अपने नाम का परचम लहराया है आइये इस अनसुने तथ्य को सचिन पायलट की जीवनी के माध्यम से पूरी विस्तार से जानते हैं।


सचिन पायलट की जीवनी | Sachin Pilot Biography in Hindi

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आज के समय में सचिन पायलट की गिनती राजस्थान के दिग्गज नेताओं में होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि सचिन पायलट का जन्म राजस्थान में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुआ था। जी हाँ ये बिल्कुल सत्य है।


सचिन पायलट का जन्म 7 दिसम्बर 1977 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में कांग्रेस के दिग्गज नेता राजेश पायलट के घर हुआ था।


परिवार में इन सबके अलावा इनकी एक बहन भी है। जिनका नाम सारिका पायलट है। लेकिन उनकी पहचान एक राजनीतिक हस्तियों से नहीं बल्कि एक सफल बिजनेस वीमेन के रूप में होती है। सचिन पायलट का प्रारंभिक जीवन राजनीतिक हस्तियों के बीच में बिता।


सचिन पायलट का जीवन परिचय | Sachin Pilot Family


पूरा नाम- सचिन पायलट

निकनेम- सचिन

जन्म/Date Of Birth- 7 सितंबर 1977

जन्मस्थान- सहारनपुर, उत्तर प्रदेश

उम्र/Age- 43 (2020 के अनुसार)

पिता का नाम- राजेश पायलट

माता का नाम- रमा पायलट

बहन का नाम- सारिका पायलट

वाइफ- सारा पायलट (फारुख अब्दुल्ला की बेटी)

बेटे का नाम- आरन पायलट और विहान पायलट

हाइट- 5 फिट 10 इंच

डिग्री- पोस्ट ग्रेजुएट

प्रोफेशन- कांग्रेस नेता

पद- पूर्व उपमुख्यमंत्री, सांसद, प्रदेश कमेटी अध्यक्ष

राजनीतिक पार्टी- कांग्रेस

पसंदीदा नेता- महात्मा गांधी

जाती/Caste- गुर्जर

धर्म/Religion- हिन्दू

राष्ट्रीयता- भारतीय


सचिन पायलट की शिक्षा | Sachin Pilot Qualification


सचिन पायलट की प्रारंभिक शिक्षा एयरफोर्स बल्कि भारती स्कूल दिल्ली में पूरी हुई। प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद सचिन ने स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज से पूरी की।


इसके बाद I.M.T. गाजियाबाद से मार्केटिंग में डिप्लोमा किया है। जिसके बाद इन्होंने व्हार्टन स्कूल ऑफ यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया से एमबीए की डिग्री हासिल की।


Sachin Pilot Full Love Story In Hindi | सचिन पायलट वाइफ

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दोस्तों सचिन पायलट के शादी का किस्सा उनके राजनीतिक जीवन जितना ही मजेदार है। कहा जाता है कि सचिन के लिए 15 जनवरी के दिन बेहद खास है, क्योंकि इसी दिन इन्होंने समाज की सारी बेड़ियों को तोड़ते हुए जम्मू कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला की बेटी सारा अब्दुल्ला से शादी कर ली थी।


फिल्मी कहानियों की तरह सचिन और सारा ने धर्म, जाती और समाज की बेड़ियों को तोड़कर एक-दूसरे का हो जाना इनके लिए इतना आसान नहीं था।


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साल 2004 में मकर संक्रांति बीतने के बाद दिल्ली के कैनिंग लेन में गहमागहमी जोरों पर थी। इसका मुख्य वजह था, अगले दिन यानी 15 जनवरी को एक ऐसा शादी होने वाला था जिसका गूंज पूरी राजनीतिक गलियारों तक था।


15 जनवरी 2004 को धौंसा से कांग्रेस सांसद और सचिन की माँ रमा पायलट के घर पर सचिन पायलट और सारा अब्दुल्ला ने शादी के बंधन में बंध गए।


सारा के परिवार की तरफ से कोई शामिल नहीं हुआ था क्योंकि पिता फारुख अब्दुल्ला लंदन में थे तो भाई उमर अब्दुल्ला अपेंडिसाइटिस के इलाज के लिए दिल्ली के बत्रा हॉस्पिटल में भर्ती थी। इस शादी के लिए अब्दुल्ला परिवार बिल्कुल भी राजी नहीं था।


जिस देश में धर्म और जाति के नाम पर तलवार निकल जाते हैं, ऐसे में इस शादी को लेकर भी कई तरह के बातें हुई। इसका सबसे बड़ा कारण लड़का हिन्दू और लड़की मुस्लिम थी। लेकिन इन दोनों ने समाज की हर बेड़ियों को तोड़कर शादी कर लिया।


इन दोनों की शादी किसी फिल्मी दुनिया से कम नहीं है। कोई इस शादी को प्यार का मिशाल देता है तो कोई मजहबी विवाद। आपको इनके वैवाहिक जीवन को जानकर तो काफी अच्छा लगा होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों का लव स्टोरी कैसे शुरू हुई थी


चलिए हम आपको बताते हैं। दरअसल सचिन पायलट और अब्दुल्ला परिवार में पहले से दोस्ताना सम्बंध थे। इसलिए एक-दूसरे के घर आना-जाना लगा रहता था। इस तरह ये दोनों एक-दूसरे को बचपन से जानते थे।


शादी से पहले ये दोनों लंदन में थे। जहाँ इन दोनों की मुलाकात किसी पारिवारिक कार्यक्रम में हुआ था। इस मुलाकात के बाद ये दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे थे। दोनों के बीच नजदीकियां भी बढ़ने लगी थी।


पढ़ाई खत्म करने के बाद सचिन भारत लौट आये थे, जबकि सारा अभी भी पढ़ाई के लिए लंदन में ही थी। दूर होने के बावजूद भी इन दोनों ने एक-दूसरे से फोन से बात करना नहीं छोड़ा। बात अब शादी तक पहुँच चुकी थी।


सचिन किसी तरह अपने परिवार को मनाने में कामयाब हो गए लेकिन सारा के परिवार वालों ने साफ मना कर दिया था। हालांकि सचिन पायलट को अब्दुल्ला परिवार में पसंद किया जाता था लेकिन शादी नहीं करना चाहते थे।


जिसके बाद इन दोनों फारुख अब्दुल्ला की गैरमौजूदगी में इन दोनों ने दिल्ली में शादी कर ली। आज इन दोनों की शादी के लगभग 17 साल हो गए हैं और ये दोनों हर समय एक-दूसरे का साथ रहकर खुश है।


समय बीतने के साथ अब्दुल्ला परिवार का इनके प्रति कड़वाहट खत्म होने लगी थी। जिसके बाद फारुख अब्दुल्ला ने कई बार सचिन के साथ मंचों पर भी नजर आए।


सचिन पायलट का राजनीतिक करियर | Sachin Pilot Success Story In Hindi


पढ़ाई पूरी करने के बाद सचिन पायलट ने मल्टी नेशनल कम्पनी में लगभग दो साल तक काम किया। लेकिन सन 2000 में पिता राजेश पायलट के निधन के बाद अपने पीछे छोड़ गए राजनीतिक विरासत को संभालने की जिम्मेदारी सचिन पर ही आ गयी थी।


कहते हैं कि सचिन पायलट का राजस्थान की राजनीति में प्रवेश उतना अच्छा नहीं रहा। एक तरफ सड़क दुर्घटना में पिता की मृत्यु तो दूसरी तरफ राजस्थान में गुर्जर नेता की कमी। जाटों को आरक्षण मिलने के बाद अन्य जाती भी आरक्षण की मांग करने लगी थी।


ऐसे तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने बहुत बड़ी संकट खड़ा था क्योंकि राजेश पायलट के बाद गुर्जर जाती को संभालने वाला कोई बड़ा नेता नहीं था।


ऐसे में सचिन पायलट का राजस्थान की राजनीति में आगमन किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था।


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पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए राजनीति के बुलंदियों को छूना किसी सपने के सच होने से कम नहीं होता है। विरासत के मिली राजनीति के राह को चुनकर सचिन पायलट ने जो मुकाम हासिल किया है इसका पूरा श्रेय उन्हीं को जाता है।


कम उम्र में पिता का आकस्मिक निधन ने सचिन को कम उम्र में ही काफी आत्मविश्वासी बना दिया। जिसका नतीजा हुआ कि सचिन पायलट देश के सबसे कम उम्र में संसद जाने वाले नेता बनें।


विरासत में मिली राजनीति सफल कुर्सी को संभाल पाना सबके लिए आसान नहीं होता है। लेकिन सचिन पायलट ने न सिर्फ राजनीति के शिखर तक पहुँचे बल्कि अपने पिता के नाम को और आगे तक बढ़ाया।


आपको बता दें कि सचिन पायलट का सबसे कम उम्र के प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। बचपन में पिता राजेश पायलट के चुनावी रैलियों में सचिन और उनकी बहन सारिका भी जाति थी। जहाँ वे अपने पिता के लिए वोट मांगा करते थे।


बचपन में राजनीति से उनकी इस छोटी सी पारी के शुरुआत से किसी को भी अंदाजा नहीं था कि एक दिन देश के सबसे बड़े पंचायत धौंसा का प्रतिनिधित्व करेंगे।


2004 में धौंसा से अपना पहला चुनाव लड़े जहाँ उनको बहुमत प्राप्त हुआ और पहली बार में ही 26 वर्ष की उम्र में देश के सबसे युवा सांसद बनकर संसद पहुँचे। इस चुनाव में उनकी पत्नी सारा ने भी गली-गली घूमकर अपने पति के लिए वोट मांगा था। इसके बाद 2009 में सचिन ने अजमेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया। जहाँ उनको काफी अधिक वोटों से जीत हासिल हुई।


दुबारा चुनाव जीतने के बाद पायलट को मनमोहन सिंह सरकार में इनको कॉरपोरेट अफेयर्स का राज्यमंत्री बनाया गया। लेकिन 2014 लोकसभा चुनाव में सचिन अपना सीट बचाने में नाकामयाब रहे। जहाँ बीजेपी ने पूरे राजस्थान की लोकसभा सीटों पर कब्जा कर लिया था और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया गया था।


2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद सचिन पायलट के कंधे पर दुबारा सत्ता में लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान इनका मुकाबला तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से सीधे था।


पार्टी को मजबूत करने के लिए सचिन सड़कों पर उतरे। जहाँ उनको लाठियां भी खानी पड़ी। लेकिन 2018 में दुबारा पार्टी को राजस्थान की सत्ता में वापस लाने में सफल रहे।


इस जीत के बाद सचिन का कद पार्टी में और बढ़ गया। जहाँ उनको कमेटी अध्यक्ष के साथ-साथ प्रदेश का उपमुख्यमंत्री भी बनाया गया।

राजनीति में एक युवा नेता के रूप में प्रवेश करने से लेकर राजस्थान के उपमुख्यमंत्री बनने तक सचिन पायलट का सफर इतना भी आसान नहीं रहा था।


मौजूदा दौर में कांग्रेस के सबसे युवा नेताओं के लिस्ट में सचिन पायलट का नाम सबसे पहले आता है। कहा जाता है कि सचिन पायलट राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाते हैं। इसका सबसे खास वजह है कि ये दोनों एक ही पीढ़ी के नेता है।


आज के समय में सचिन जैसे युवा दिग्गज नेता की मांग न केवल राजस्थान में है बल्कि पूरे देश में भी है।


सचिन पायलट और अशोक गहलोत विवाद | Sachin Pilot Latest News In Hindi


पिछले कुछ समय से राजस्थान में राजनीतिक हलचल ने पूरे देश में सचिन पायलट को चर्चा में ला दिया। इस हलचल में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता होते हुये भी एक दूसरे के विरोधी नजर आ रहे हैं।


एक तरफ सचिन पायलट तो दूसरी तरफ अशोक गहलोत। सचिन के समर्थक उनको मुख्यमंत्री देखना चाहते थे और गहलोत के समर्थक उनको।


इस प्रकार ये कलह अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया और आंतरिक मतभेद खुलकर सामने आई। इस दौरान सचिन अपने समर्थित विधायकों के साथ राजस्थान छोड़कर हरियाणा आ गए। जिसके बाद इनपर आरोप लगाया गया कि सचिन पायलट ने बीजेपी से हाथ मिला लिया है।


ये गतिरोध लगभग एक महीने तक चलता रहा। इसके बाद पार्टी के बड़े नेताओं के हस्तक्षेप के बाद दोनों के बीच मतभेद खत्म हुआ। लेकिन इसके बाद इनको अपने प्रदेश कमेटी अध्यक्ष पद और उपमुख्यमंत्री पद गंवाना पड़ा।


अभी हाल ही में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच जारी मनमुटाव फिर से सामने आया है। फिर से पार्टी के बीच भारी गतिरोध देखने को मिल रहा है। सचिन ने कांग्रेस के केंद्रीय समिति से बातचीत करने की भी कोशिश की। उनका कहना है कि पार्टी में छिड़ी हुई गतिरोध को जल्द से जल्द आलाकमान के द्वारा दूर करना चाहिए।


लेकिन इसके बाद सचिन के लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आयी और अब भी राजस्थान कांग्रेस के सबसे बड़े नेता के रूप में इनकी पहचान होती है।


पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि इनके अंदर मुख्यमंत्री बनने का हर गुण मौजूद है। इसलिए इनको ये पद जरूर देना चाहिए।


Sachin Pilot Net Worth


दोस्तों जैसा कि आपको पता होगा कि हर चुनाव से पहले उम्मीदवार को अपनी सम्पति का ब्यौरा देना पड़ता है।2018 में विधानसभा चुनाव में दिए हलफनामे में सचिन पायलट ने हलफनामे में अपनी सम्पति का ब्यौरा चुनाव आयोग को देते हुए कहा था कि इनका नेट वर्थ 5.39 करोड़ रुपये है।


FAQ About Sachin Pilot

Q1. सचिन पायलट का गोत्र क्या है?
Ans. विधूडी
Q2. सचिन पायलट के कितने बच्चे हैं?
Ans. 2
Q3. सचिन पायलट की बहन के पति का नाम
Ans. विशाल चौधरी
Q4. सचिन पायलट का गांव कौन सा है
Ans. वैदपुरा
Q5 राजेश पायलट के पिता का नाम क्या है?
Ans. राजेश पायलट
Q6. सचिन पायलट के वाइफ का नाम क्या है?
Ans. सारा पायलट
Q7. सचिन पायलट क्या गुर्जर जाती के है?
Ans. हाँ
Q8. सचिन पायलट का मोबाइल नंबर क्या है?
Ans. N/A
Q9. सचिन पायलट की उम्र कितनी है?
Ans. 43 वर्ष
Q10. सचिन पायलट का जन्म स्थान कौन-सा है?
Ans. सहारनपुर, उत्तर प्रदेश

हमें उम्मीद है कि आपको Sachin Pilot Biography In Hindi काफी पसंद आया होगा। आपको सचिन पायलट की जीवनी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं धन्यवाद।


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Dr. Tanu Jain IAS Biography, Wikipedia, Net Worth In Hindi

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दोस्तों अगर किसी को मनपसंद करियर मिल जाये तो उसका जीवन बेहद खुशहाल बन जाता है। होगा भी क्यों नहीं आखिर अपने पसंद का जो काम करने को मिल रहा है? पर अगर ये पसन्द देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरी IAS बनकर लोगों की सेवा करने का हो तो फिर जीवन में इससे सुखद अनुभव और कुछ हो ही नहीं सकता है।


लेकिन आप भली भांति ये जानते हैं कि एक IAS बनना इतना आसान नहीं होता है। उस पर भी अगर लड़की हो तो समाज की बेड़ियों से ऊपर उठकर इतना ऊँचा मुकाम हासिल कर पाना सबके बस की बात नहीं है।


परन्तु ऐसा ही कुछ कारनामा कर दिखाया है उत्तर प्रदेश की रहने वाली प्रसिद्ध IAS अफसर डॉक्टर तनु जैन ने। जी हाँ इनका IAS बनने का ऐसा सपना था कि इन्होंने डॉक्टर की भी नौकरी छोड़ दी क्योंकि इनको लगता था कि ऐसे वो ज्यादा लोगों की मदद नहीं कर सकती है।


फिर इन्होंने न सिर्फ UPSC की परीक्षा पास की बल्कि 2014 में पूरे देश में टॉपर बनकर अपनी सफलता का परचम लहराया।


लेकिन क्या आप जानते हैं डॉ तनु जैन सफलता के पीछे का रहस्य क्या है, इनको इस मुकाम तक पहुँचने के लिए कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है? अगर नहीं जानते हैं कोई बात नहीं। चलिए IAS अफसर डॉ तनु जैन की जीवनी के बारे में पूरी विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।


डॉ तनु जैन आईएएस कौन है | Who Is Dr. Tanu Jain IAS In Hindi


डॉ तनु जैन दिल्ली-6 में जन्मी एक ऐसी हस्ती है जिन्होंने 2014 में UPSC की परीक्षा में टॉप किया था। वर्तमान में वो DRDO में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और भली भांति देश की तथा लोगों की सेवा कर रही है।


आपने इससे पहले कभी नहीं सुना होगा कि एक लड़की जो पहले एक अच्छी डॉक्टर हुआ करती थी। इसके बाद भी उसने UPSC क्वालीफाई किया है। ऐसा कारनामा करने वाली एक मात्र लड़की तनु जैन ही है।


डॉ तनु जैन आईएएस का जीवन परिचय | Dr. Tanu Jain IAS Biography In Hindi

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दोस्तों डॉ तनु जैन का जन्म दिल्ली-6 के सदर बाजार में 1985-90 के बीच हुआ था। जॉइंट फैमिली में होने के बाद भी तनु के माता-पिता ने हमेशा पढ़ने के लिए सपोर्ट किया। तनु ने भी इनके सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।


निकनेम- तनु

पूरा नाम- डॉ तनु जैन

जन्मस्थान- सदर बाजार,दिल्ली-6

जन्म(Date Of Birth)- 1985-90

उम्र(Age)- 30-35

हाइट- 5 फिट 6 इंच

वजन- 55 किलोग्राम

शादी(Marriage)- विवाहित

हस्बैंड नाम- वात्सल्य कुमार

प्रोफेशन- डॉक्टर, आईएएस अफसर

UPSC रैंक- 501

वर्तमान पद- असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ डीआरडीओ

धर्म(Religion)- जैन

राष्ट्रियता- भारतीय


डॉ तनु जैन आईएएस की शिक्षा | Dr. Tanu Jain Qualification


तनु जैन को बचपन से पढ़ने का बहुत शौक था। पढ़ाई का शौक ऐसा कि इसके अलावा इनको और कुछ अच्छा ही नहीं लगता था। तनु जैन के इस सफर में इनके माता पिता ने भी काफी साथ दिया है और इनके फैसले का सम्मान किया है।


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सीबीआई चीफ सुबोध कुमार जायसवाल का जीवन परिचय।


डॉ तनु जैन ने अपनी शुरुआती शिक्षा कैम्ब्रिज स्कूल श्रीनिवासपुरी से प्राप्त की है। जिसमें उनको 12वीं की परीक्षा में 94% अंक प्राप्त हुए थे। फिर मेडिकल की परीक्षा के दौरान ही इनके पिता का एक्सीडेंट हो गया और ये बुरी तरह घायल हो गए। जिससे उनको 2 साल तक बीएड पर ही गुजारना पड़ा।


पिता के चोटिल हो जाने के बाद तनु को लगा कि अब वो कुछ भी नहीं कर पायेगी। लेकिन पिता ने तनु को मेडिकल की पढ़ाई के उत्साह बढ़ाकर बेटी का भरपूर साथ दिया। जिसके बाद तनु ने सुभार्थी मेडिकल कॉलेज मेरठ से BDS(Bachelor Of Dental Surgery) की डिग्री हासिल की।


लेकिन जब इनको लगा कि ये डॉक्टर बनकर जितने लोगों की सेवा नहीं कर सकती है तो इन्होंने 2014 में UPSC की परीक्षा पास की। जिसमें तनु जैन पूरे देश में टॉपर रही थी।


डॉ तनु जैन ने UPSC क्यों जॉइन किया?


डॉ तनु जैन ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि UPSC जॉइन करने का उनका मेन मकसद यहीं था कि एक सिविल सर्वेंट के रूप में अधिक से अधिक लोगों के बीच जाकर उनके समस्याओं को दूर करना।


उनके मुताबिक एक डॉक्टर सिर्फ सौ-दो सौ लोगों का मदद कर सकता है लेकिन अगर आप एक जिलाधिकारी बन गए तो अनगिनत लोगों का सेवा करने का मौका मिलेगा। इसलिए उन्होंने लगातार मेहनत और जुनून के दम पर UPSC क्वालीफाई करने के बाद ही दम लिया।


Dr. Tanu Jain IAS Career | डॉ तनु जैन का करियर


दोस्तों आपको बता दें कि डॉ तनु जैन सिविल सर्विसेज में जाने से पहले एक डॉक्टर भी रह चुकी है। इन्होंने MBBS की डिग्री हासिल करने के बाद जब इनको लगा कि ये लोगों के बीच रहकर सेवा करने के लिए बनी है तो डॉक्टर का जॉब छोड़कर UPSC जॉइन कर लिया।


तनु जैन ने IAS बनने के लिए 2012 में पहली बार प्रिलिम्स की परीक्षा दी लेकिन इनको सफलता हासिल नहीं हुई। परन्तु इन्होंने हार नहीं मानी और लगातार परीक्षा देती रही और आखिरकार 2014 में UPSC की परीक्षा पास करने के बाद डॉ तनु जैन को DRDO में असिस्टेंट डायरेक्टर का पद देकर उनको सम्मानित किया गया। वर्तमान में कई संस्थानों में Interviews भी लेती है।


डॉ तनु जैन आईएएस के अनुसार UPSC की तैयारी कैसे करें?


डॉ तनु जैन ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि UPSC के परीक्षा की तैयारी कैसे करें? इनके मुताबिक यूपीएससी की परीक्षा दो-तीन महीने की तैयारी करने से पास नहीं किया जाता है। बल्कि इसके लिए सालों मेहनत करनी पड़ती है। IAS बनने का सपना इतना आसान नहीं होता है। इसके लिए पूरी फोकस के साथ कड़ी मेहनत की जरूरत होती है।


तनु ने कहा था कि UPSC की तैयारी करना सबके लिए कठिन होता है। लेकिन यहीं कठिनाई आपको एक दिन अनन्त आनंद का एहसास कराएगी।


Dr. Tanu Jain Net Worth


दोस्तों डॉ तनु जैन की कुल सम्पति के बारे में बात करें तो इसकी कोई सही जानकारी अभी तक इनके द्वारा नहीं दी गयी है। ये वर्तमान में एक डॉक्टर होने के अलावा आईएएस अधिकारी, एडुकेटर और कई संस्थानों में मौखिक रूप से इंटरव्यू भी लेती है।


इनके इनकम सोर्सेज जानकर आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि डॉ तनु जैन का नेट वर्थ कितना है?


दोस्तों हम उम्मीद करते हैं कि आपको Dr. Tanu Jain DRDO Biography In Hindi काफी पसंद आई होगी। आपको डॉ तनु जैन की जीवनी में सबसे अच्छा क्या लगा कमेंट करके जरूर बताइयेगा और शेयर कीजियेगा।


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CBI Chief Subodh Kumar Jaiswal IPS Biography In Hindi

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दोस्तों भारत की सबसे बड़ी जांच एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के नये महानिदेशक नियुक्ति हो चुकी है। देश के इतने महत्वपूर्ण पद पर 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल को सीबीआई का नया महानिदेशक नियुक्त किया गया है।


लेकिन दोस्तों क्या आप जानते हैं कि सीबीआई के नए डायरेक्टर सुबोध कुमार जायसवाल कौन है और क्यों इनकी गिनती देश के सबसे साफ-सुथरी पुलिस अफसरों में इनकी गिनती की जाती है। इनको ही सीबीआई का चीफ नियुक्त क्यों किया गया?


ऐसे सारी बातों की जानकारी के लिए आइए दोस्तों महाराष्ट्र के एक छोटे से पद से लेकर देश के सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI के डायरेक्टर बनने तक सुबोध कुमार जायसवाल की जीवनी के बारे में जानते हैं।


सुबोध कुमार जायसवाल क्यों है चर्चा में?


दोस्तों आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन्ना के अध्यक्षता में सीबीआई निदेशक के पद के लिए हुई ऊंच स्तरीय बैठक में सुबोध कुमार जायसवाल को सीबीआई चीफ बनाने का निर्णय सर्वसम्मति से हुआ।


सुबोध जायसवाल 1985 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी है। सीबीआई चीफ के पद के लिए अनेकों अधिकारी दावेदार थे लेकिन अंत में इनके ही नाम पर मुहर लगाई गई। सुबोध कुमार जायसवाल दो वर्षों तक सीबीआई के चीफ पद पर रहेंगे।


कौन है सुबोध कुमार जायसवाल | Who Is Subodh Jaiswal In Hindi


आपको बता दें कि झारखंड के रहने वाले सुबोध कुमार जायसवाल 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी है। इनकी गिनती देश के उन चुनिंदा अफसरों में गिनती होती है जिनको काफी तेज तर्रार माना जाता है। सुबोध जायसवाल मात्र 23 वर्ष की उम्र में यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईपीएस अफसर बन गए थे।


इनको न केवल खतरों के खिलाड़ी कहा जाता है बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के काफी करीबी माना जाता है। CBI चीफ का पद संभालने से पहले ये CISF के महानिदेशक पद पर कार्यरत थे।


सीबीआई चीफ सुबोध कुमार जायसवाल की जीवनी | Subodh Kumar Jaiswal IPS Bihar Biodata In Hindi


सीबीआई के नए महानिदेशक सुबोध कुमार जायसवाल का जन्म 22 सिंतबर 1962 को झारखंड के धनबाद में हुआ था। वे बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज तर्रार थे। इनको कम उम्र से ही पुलिस अफसर बनकर देश की सेवा करने का जुनून सवार हो गया था। जिसको इन्होंने सफलतापूर्वक पूरा करके ही दम लिया।


सुबोध कुमार जायसवाल के परिवार में इनके पिता एक सफल बिजनेसमैन होने के साथ-साथ एक समाजसेवी भी थे। वे सामाजिक कामों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे। इनके पिता ने समाज की सेवा के लिए 1992 में झारखंड के सिंदरी में रोटरी क्लब की स्थापना भी किया था, जिसका वे आजीवन अध्यक्ष भी रहे।


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अपने परिवार में सुबोध दो भाइयों में सबसे बड़े थे। छोटे भाई चेन्नई में एक अमेरिकन कम्पनी में डायरेक्टर के पद पर थे। सुबोध कुमार जायसवाल के एक पुत्र और एक पुत्री है।


CBI के नए चीफ सुबोध कुमार जायसवाल का जीवन परिचय | Subodh Kumar Jaiswal IPS Biography In Hindi

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नाम- सुबोध जायसवाल

पूरा नाम- सुबोध कुमार जायसवाल

जन्म स्थान/Birth Place- झारखंड, धनबाद सिंदरी

स्कूल- डिनोबली स्कूल डिगवाडीह 

उम्र/Age- 58 वर्ष

हाइट/Height- 170 सेमी

पसंदीदा खेल- फुटबॉल, बैडमिंटन, वालीबॉल

शौक- जासूसी करना

कैडर- महाराष्ट्र

वर्तमान पद- सीबीआई महानिदेशक

सैलरी/Salary- 2 लाख 20 हजार/महीना

धर्म- हिन्दू

राष्ट्रीयता- भारतीय


सुबोध कुमार जायसवाल का परिवार | Subodh Kumar Jaiswal Family Background


पिता का नाम/Father Name- स्व. शिव शंकर जायसवाल
माता का नाम/Mother Name- करुणा जायसवाल

पत्नी का नाम/Wife Name- नैंसी जायसवाल

दादा का नाम/Grandfather Name- स्व. हरि नारायण चौधरी (एक्साइज विभाग में इंस्पेक्टर)

भाई का नाम/Brother Name- मनोज जायसवाल और प्रिंस जायसवाल


सुबोध कुमार जायसवाल की शिक्षा | Subodh Kumar Jaiswal Education


सुबोध कुमार जायसवाल की शुरुआती शिक्षा सिंदरी फर्टिलाइजर के केजी स्कूल से की थी। जिसके बाद वे De Nobili School- C.M.R.I. से आगे की पढ़ाई पूरी की। सन 1978 में इन्होंने 10वीं की परीक्षा अव्वल दर्जे से पास की। जिसके बाद उन्होंने अपनी स्नातक की डिग्री चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से अंग्रेजी में प्राप्त की है और पंजाब यूनिवर्सिटी से MBA की डिग्री हासिल की है।


सुबोध जायसवाल का करियर | Subodh Kumar Jaiswal Success Story In Hindi


सुबोध जायसवाल पहली बार आईपीएस अधिकारी के रूप में महाराष्ट्र कैडर में अपना पदभार ग्रहण कर अपने करियर की शुरूआत किया था। जहाँ उन्होंने 1986 में महाराष्ट्र के अमरावती में Additional Superintendent Of Police (ASP) के रूप में अपने कार्यकाल की शुरुआत की थी।


जिसके बाद उन्होंने गढ़चिरौली में पुलिस अधीक्षक के रूप में एक से बढ़कर एक नक्सल विरोधी अभियान को सफलता पूर्वक अंजाम दिया।


आपको बता दें कि सुबोध कुमार जायसवाल सीबीआई चीफ बनने के पहले महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकार में मुंबई पुलिस कमिश्नर भी रह चुके हैं। जिसके बाद 2019 में इनकी तैनाती महाराष्ट्र के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) के पद पर दी गयी। लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के गलत कामकाज की नीतियों के चलते इन्होंने अपना ट्रांसफर केंद्र में करा लिया।


सुबोध कुमार जायसवाल इन सब पदों पर तैनात होने से पहले भारत की मुख्य जांच एजेंसी Research & Analysis Wing (RAW), Intelligence Bureau (IB) और Special Protection Guard (SPG) में प्रमख पद पर रह चुके हैं। 


रॉ में काम करते हुए इन्होंने लगभग एक दशक से भी ज्यादा समय तक काम करने का लंबा अनुभव प्राप्त है। इसके अलावा सुबोध जायसवाल मुंबई के एन्टी टेरीरिज्म स्क्वाड में बहुत दिनों तक अपनी सेवा प्रदान की है।


आपके जानकारी के लिए बताते चलें कि 1999 से लेकर 2004 तक देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सुरक्षा का बागडोर इनके ही हाथों में थी।


सुबोध जायसवाल तेलगी फर्जी स्टाम्प घोटाला की जाँच को लेकर सुर्खियां बटोरी थी। जिस समय इस घोटाले की जाँच वो कर रहे थे वे राज्य रिज़र्व पुलिस फोर्स (SRPF) के मुखिया थे। इसके अलावा वे महाराष्ट्र ATS का नेतृत्व करते हुए राज्य में कई सारे नक्सल विरोधी ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिए।


अपने इन्हीं सब निष्पक्ष जांच के लिए सुबोध कुमार जायसवाल को देश के साफ सुथरे छवि वाले अफसरों में इनकी गिनती होती है। इनके निर्भीक काम को लेकर साल 2009 में अपने पद पर रहते हुए विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।


दोस्तों हम उम्मीद करते हैं कि आपको सीबीआई चीफ सुबोध कुमार जायसवाल की जीवनी काफी अच्छी लगी होगी। अगर आपको Subodh Kumar Jaiswal Biography In Hindi के बारे में और भी कोई जानकारी प्राप्त करनी हो तो कमेंट करके जरूर पूछ सकते हैं धन्यवाद।


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Isha Malviya (Udaariyaan Actress) Biography In Hindi

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Isha Malviya Actress (Udaariyaan) Biography, Wikipedia, Net Worth, Bio In Hindi | ईशा मालवीय की जीवनी

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Isha Malviya Biography In Hindi

दोस्तों आज हम जानने वाले हैं, छोटे पर्दे के नई सुपरस्टार ईशा मालवीय की जीवनी के बारे में। आज अपने शानदार अदाकारी से लोगों के दिलों पर अपनी राज करने वाली ईशा कैसे मध्यप्रदेश के छोटे से पंचवटी कॉलोनी से निकलकर आज टीवी जगत की एक जानीमानी अभिनेत्री बन गयी? टिकटोक की दुनिया से लेकर ईशा का Udaariyaan तक का इनका सफर कैसा रहा ईशा मालवीय के पूरी कहानी के माध्यम से पूरे विस्तार जानेंगे।


ईशा मालवीय का जीवन परिचय | Isha Malviya Family


दोस्तों टीवी जगत की नई सनसनी ईशा मालवीय का जन्म 2 नवम्बर 2003 को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में हुआ था।


पूरा नाम- ईशा मालवीय

Date Of Birth- 2 नवम्बर

उम्र/Age- 17 साल

हाइट/Height- 5 फिट 5 इंच

वजन/Weight- 55 किलोग्राम

आंख का रंग- भूरा

बालों का रंग- भूरा

जाति/Cast- N/A

धर्म/Religion- हिन्दू

राष्ट्रीयता- भारतीय

प्रोफेशन- एक्ट्रेस, मॉडल, डांसर और फैशन इंफ्लुएंसर

उम्र(Age)- 17 (2021 के अनुसार)

Boyfriend Name/Bf- N/A

पिता का नाम- आशीष मालवीय

माता का नाम- पता नहीं


ईशा मालवीय की शिक्षा (Education)


आइये दोस्तों अब ईशा मालवीय के education के बारे में जानते हैं। ईशा ने अपने स्कूल की पढ़ाई Contai Model Institution Hoshangabad से पूरी की है। ईशा फिलहाल होशंगाबाद मध्यप्रदेश के NMV कॉलेज से फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई कर रही है।


Isha Malviya Career Details In Hindi


अगर ईशा मालवीय के करियर की बात करें तो बचपन में इनको पायलट बनने का बहुत शौक था और ये सोचती रहती थी कि मैं भी एक दिन आकाश में जहाज उड़ाऊंगी। लेकिन किस्मत को शायद ये मंजूर नहीं था और फिर इनका ध्यान टीवी जगत की ओर गया। जिसके बाद इन्होंने अपना करियर इसी में बनाने का निर्णय कर लिया।


दोस्तों ईशा मालवीय ने अपनी करियर की शुरुआत मात्र 13 वर्ष की उम्र में सर्वप्रथम एक चाइल्ड मॉडल के रूप में किया था। उसके बाद इन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपने करियर को हर रोज एक नया आयाम दे रही है।


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आपको बता दें कि ईशा टीवी पर आने से पहले 2020 में भारत सरकार द्वारा मशहूर चायनीज app टिकटोक स्टार रह चुकी है। जहाँ पर इनके लाखों फॉलोवर्स थे और वहाँ भी इनके वीडियो को लोगों के द्वारा काफी पसंद किया जाता था।


ईशा मालवीय (Udaariyaan) का टेलीविजन करियर | Isha Malviya Success Story In Hindi


आइये दोस्तों टीवी जगत की नई नवेली सुपरस्टार अदाकारा ईशा मालवीय के टेलीविजन करियर के बारे में जानते हैं। ईशा ने 2021 में सर्वप्रथम छोटे पर्दे के मशहूर सीरियल उडारियाँ से अपने करियर की शुरुआत की थी जिसमें ईशा ने जस्मिन कौर संधू का किरदार बखूबी निभाया है। इस टीवी शो में मशहूर टीवी अभिनेता रवि दुबे के साथ इनकी जोड़ी लोगों को काफी पसंद की जा रही है।


इन सबके अलावा ईशा 2020 में कई सारे म्यूजिक शो में भी हिस्सा ले चुकी है। जैसे- 2020 में आई हिंदी और पंजाबी म्यूजिक वीडियो 'जिसके लिए' में हिस्सा थीं, फिर साल 2021 में 'तू मिलेया' और 'बम-बम' में भी अपनी अदाकारी दिखा चुकी है।


Some Interesting Facts About Isha Malviya In Hindi


● ईशा मालवीय के इंस्टाग्राम पर 3 लाख 60 हजार से भी अधिक फॉलोवर्स है।

● ईशा अभिनय के अलावा अपने इंस्टाग्राम पेज पर ब्यूटी और मेकअप प्रोडक्ट को भी प्रोमोट करती है।

● ईशा को गर्मियों के मौसम में स्विमिंग पूल में स्विमिंग करना काफी पसंद है।

● ईशा को कई जगहों पर हुक्का पीते हुए देखा गया है। जिसको लेकर कई बार इनको ट्रोल भी किया जा चुका है।

● ईशा को टैटू का बहुत शौक है। इन्होंने अपने शरीर के कई हिस्सों पर टैटू बनवाया है।


Isha Malviya Awards ईशा मालवीय अवार्ड्स


आइये दोस्तों अब udaariyaan गर्ल ईशा मालवीय के अवार्ड्स के बारे में जानते हैं।

1. मिस मध्यप्रदेश - 2017
2. शान ऑफ मध्यप्रदेश - 2018
3. मिस LNCT ओपन कम्पटीशन - 2018(दूसरा स्थान)
4. मिस टिन आइकॉन इंडिया - 2018
5. मिस टिन इंडिया वर्ल्डवाइड - 2019(2nd रनर अप)


ईशा मालवीय की सैलरी और नेट वर्थ | Isha Malviya Net Worth


आइये साथियों अब बेहद खूबसूरत टीवी स्टार ईशा मालवीय की सैलरी और उनके नेट वर्थ के बारे में जान लेते हैं। ईशा udaariyaan के हर एक शो को करने के लिए तीस हजार से अधिक रुपये लेती है। इनकी कुल नेट वर्थ 5 से 6 करोड़ रुपये से भी अधिक है।


अपने शानदार अभिनय के बदौलत पहले ही टीवी शो में इस कदर छायी की सबको अपना दीवाना बना लिया है। इतने कम उम्र में इतनी बड़ी मंजिल तक पहुँचकर ईशा ने ये साबित कर दिया है कि अगर सच्चे दिल से मेहनत किया जाए तो सफलता आपसे दूर हो ही नहीं सकती।


हम उम्मीद करते हैं कि आपको udaariyan गर्ल ईशा मालवीय का जीवन परिचय काफी अच्छा लगा होगा। अगर आपको ईशा के बारे में और भी कोई जानकारी प्राप्त करनी है तो आप कमेंट करके जरूर पूछ सकते हैं। साथ ही अगर आपको ईशा मालवीय की जीवनी पसन्द आयी हो तो इसे शेयर जरूर करें।


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Mohammad Danish {Indian Idol Singer} Biography, Wikipedia In Hindi

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Indian Idol Singer Mohammad Danish Biography In Hindi | मोहम्मद दानिश सिंगर की जीवनी

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Mohammad Danish Biography In Hindi

आज पूरे भारत में indian idol 2021 के मंच से एक शख्स का नाम इस तरह लोगों के जुबान पर छाया हुआ है जैसे मानों उसके आगे सारे सितारे फीके पड़ गए हैं। जिनके गानों को बड़े-बड़े हस्तियों ने दिल खोलकर सराहते हैं। जिसने इंडियन आइडल के स्टेज पर एक से बढ़कर एक परफॉर्मेंस देकर सबको चकित कर दिया।


आप सोच रहे होंगे ऐसा करने वाला कौन है तो आपको बता दें कि हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के मुज्जफरनगर जिले के रहने वाले और सबके चहेते सिंगर मोहम्मद दानिश के बारे में। आज हर जगह पर जहाँ भी नए संगीत सितारों की बात होती है वहाँ दानिश का नाम न आये ऐसा हो नहीं सकता।


आज हम आपको मोहम्मद दानिश के जीवनी के बारे में ऐसे-ऐसे कुछ रहस्य बताने वाले हैं जिसे शायद आप नहीं जानते होंगे। तो चलिए आज हम आपको पूरी विस्तार से Imdian Idol Singer Mohammad Danish Biography In Hindi के बारे में बताते हैं।


मोहम्मद दानिश सिंगर का जीवन परिचय | Mohammad Danish Biography In Hindi


मोहम्मद दानिश का जन्म 15 अक्टूबर 1996 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। मोहम्मद दानिश के पिता का नाम डॉ शाहनवाज अली और माता का नाम मुशरत जहां है।


पूरा नाम- मोहम्मद दानिश

निकनेम- दानिश

बर्थडे/Birth Date- 15 अक्टूबर

प्रोफेशन- गायक

उम्र/Age- 24 वर्ष(2020 के अनुसार)

हाइट- 5 फीट 8 इंच

वजन/Weight- 75 kg

शौक- सिंगिंग और डांसिंग

धर्म/Religion- मुस्लिम

वैवाहिक जीवन- अविवाहित

राष्ट्रीयता- भारतीय


मोहम्मद दानिश की शिक्षा


आइये दोस्तों अब मोहम्मद दानिश के शिक्षा के बारे में बात करते हैं। अपनी शुरुआती पढ़ाई मुजफ्फरनगर के ही डी.ए.वी. स्कूल से पूरी की है और इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है।


मोहम्मद दानिश Early Life Story In Hindi


मोहम्मद दानिश बहुत ही प्रतिभावान गायक है पर क्या आप जानते हैं ऐसी प्रतिभा इतनी आसानी से नहीं मिलती है बल्कि बचपन से ही दिल लगाकर दिन रात मेहनत करनी पड़ती है तभी इतनी शोहरत हासिल हो पाती है।


मोहम्मद दानिश के साथ भी ठीक ऐसा ही हुआ है। मात्र चार साल की उम्र से ही दादाजी उस्ताद अब्दुल करीम खान के साथ संगीत की बारीकियां सीखने में लग गए और एक अच्छा सिंगर बनने का सपना देखने लगे।


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Udaariyaan गर्ल ईशा मालवीय की जीवनी।


जैसा कि आपको बता दें कि मोहम्मद दानिश का फैमिली बैकग्राउंड पहले से ही संगीत की दुनिया से जुड़ा हुआ है। इसलिए इनको बहुत ही कम समय में संगीत सीखने का जोश जाग उठा। और पिछले 10 सालों से लगातार अपने संगीत को और भी बेहतर बनाने की कोशिश करते रहे हैं और कई सारे रियलिटी शो में हिस्सा ले चुके हैं।


बहुत ही कम समय में उन्होंने अपने सुरीली आवाज से सबको प्रभावित कर दिया और इसका फल उनको आज पूरे देश का प्यार के रूप में मिल रहा है। इतने कम समय में ही उनके लाखों लोग दीवाने बन चुके हैं। नेहा कक्कड़, हिमेश रेशमिया सहित सभी जज उनके गानों का लोहा मान चुके हैं।


मोहम्मद दानिश का सिंगिंग करियर | Mohammad Danish Success Story In Hindi


मोहम्मद दानिश ने अपने करियर की शुरुआत 2015 में 'द वॉइस ऑफ पंजाब' से किया था और अपने जबरदस्त गायिकी के दम पर इस शो के फाइनल तक भी पहुँचे थे।


मोहम्मद दानिश indian idol में हिस्सा लेने से पहले 2017 में ही इंडियन रियलिटी शो 'द वॉइस इंडिया सीजन 2' में भाग ले चुके हैं। इस शो में अपने दमदार प्रदर्शन से सबके चहेते सिंगर बन गए थे और इस सीजन के Yamaha Most Stylish Singer का अवार्ड भी जीत चुके हैं।


अपने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उस्ताद इरशाद के देख रेख में मोहम्मद दानिश का पहला गाना 'We Indians' टी सीरीज पर रिलीज हुआ था। आपको बता दें कि ये गाना देशभक्ति धुन पर गाया हुआ गाना था।


मोहम्मद दानिश खुद का एक म्यूजिकल एल्बम बना चुके हैं जिसका नाम 'मेरी जान' है। उनके इस एल्बम को पवन चावला और मीका सिंह जैसे दिग्गज ने प्रोड्यूस किया था।


लेकिन मोहम्मद दानिश के सिंगिंग करियर में असली उछाल तब आया जब उनका सेलेक्शन indian idol के 12वें सीजन में हो गया। इसके बाद तो इन्होंने अपने सुरीली आवाज और शानदार परफॉर्मेंस से लोगों को इस कदर लुभाया कि सब इनके दीवाने हो गए।


आज दानिश indian idol के टॉप कंटेस्टेंट में अपनी जगह बना चुके हैं और एक से बढ़कर परफॉर्मेंस देकर इस शो के विजेता की दावेदारी बहुत ही मजबूती से पेश किया है।


अभी हाल ही रामनवमी के शुभ अवसर पर तो उनके गानों ने लोगों के दिलों पर इस कदर छाया हुआ है कि इनके आगे और सारे कंटेस्टेंट फिंके पड़ते नजर आ रहे हैं। आप उनका ये परफॉर्मेंस क्लिक करके देख सकते हैं।


1. Mohammad Danish Best Performance

2. Mohammad Danish Best Performance In Indian Idol


Mohammad Danish Salary & Net Worth


आइये दोस्तों अब indian idol सिंगर मोहम्मद दानिश की सैलरी के बारे में जानते हैं। दानिश के शो करने के लिए लगभग चार से पांच लाख रुपये चार्ज करते हैं। मोहम्मद दानिश का नेट वर्थ तीस लाख रुपये के ऊपर है। उम्मीद है कि इनका इनकम आने वाले समय में काफी तेजी से बढ़ेगा।


तो दोस्तों आपको मोहम्मद दानिश सिंगर की जीवनी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताएं और साथ ही आपको mohammad danish biography in hindi के बारे में और भी कुछ जानना है तो हमसे जरूर पूछ सकते हैं। अगर आपको ये article अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें।


सूर के बेताज बादशाह सोनू निगम की जीवनी।

वनडे क्रिकेट के नए बादशाह बाबर आजम की कहानी।


बाबर आजम का जीवन परिचय | Babar Azam Biography In Hindi

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बाबर आजम की जीवनी | Babar Azam Biography, Lifestyle, Age, Family, Net Worth, Records In Hindi

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Babar Azam Biography: एकदिवसीय क्रिकेट में दुनिया को एक ऐसा बादशाह मिला है जिसने 1258 दिन तक वनडे क्रिकेट में अपनी बादशाहत कायम रखने वाले किंग कोहली को उनके नम्बर 1 पोजीशन से हटा दिया है। जी हाँ उस नए बादशाह ने बहुत ही कम समय में सारी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों को अपना दीवाना बना लिया है। 


एक ऐसा क्रिकेटर जिसको तीन-चार साल पहले तक कोई नहीं जानता था, जिसके नाम की कोई चर्चा नहीं होती थी। बीते कुछ दिनों में उसने ऐसा प्रदर्शन किया कि आज दुनिया का नम्बर 1 बल्लेबाज बन गया?


ऐसा बड़ा कारनामा करने वाले हैं पाकिस्तान के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज और वर्तमान में दुनिया के नम्बर 1 वनडे बल्लेबाज बाबर आजम ने। आज हर तरफ सिर्फ बाबर आज़म के नाम की चर्चा हो रही है, लोग बाबर आजम के बारे में जानना चाहते हैं और उम्मीद है आपको भी बाबर आजम के बारे में जानने की बहुत उत्सुकता होगी।


लेकिन क्या आप जानते हैं इस बड़े मुकाम तक पहुँचने के पीछे का राज क्या है, इस मुकाम को पाने के लिए बाबर को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, उनको कैसे-कैसे हालातों का सामना करना पड़ा है?


अगर आपको इन सभी बातों का जवाब जानना है तो आप बाबर आजम का पूरा जीवन परिचय जरूर पढ़ें क्योंकि हम आपको बाबर आजम से जुड़ी उनकी निजी जिंदगी, उनके कैरियर के बारे में कुछ ऐसे रोचक जानकारी बताने वाले हैं जिसको जानना हर क्रिकेट प्रेमी के लिए बहुत जरूरी है।


हर आदमी ये जानना चाहता है कि बाबर आजम कैसे विराट कोहली जैसे महान बल्लेबाज को पछाड़ दिया? यकीन मानिए हम आपको बाबर आजम से जुड़ी कुछ ऐसी जानकारी देंगे जिसको जानकर आप आश्चर्यचकित हो जाएंगे। जिसके बारे में शायद ही आपको कहीं और जानकारी मिल पायेगा।


तो चलिए बिना किसी देरी के बहुत ही कम समय में क्रिकेट की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले बाबर आजम की जीवनी के बारे में पूरे विस्तार से जानते हैं।


बाबर आजम का जीवन परिचय | Biography Of Babar Azam In Hindi


दोस्तों बाबर आजम का जन्म 15 अक्टूबर 1994 को पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था।

बाबर आजम का पूरा नाम- मोहम्मद बाबर आजम

निकनेम- बाबा और बेबी

हाइट- 5 फीट 9 इंच

वजन- 62kg

प्रोफेशन- पाकिस्तानी क्रिकेटर

बैटिंग स्टाइल- दाएं हाथ के बल्लेबाज

बौलिंग स्टाइल-दाएं हाथ के पार्ट टाइम स्पिन गेंदबाज


बाबर आजम का परिवार | Babar Azam Family


बाबर आजम के पिता का नाम- आजम सिद्दकी

भाई का नाम- सफीर आजम, फैजल आजम

बहन का नाम- फारिया आजम

वाइफ नाम- पता नहीं


बाबर आजम का बचपन | Babar Azam Early Life Story In Hindi


दोस्तों बाबर आजम के पिता के सरकारी शिक्षक थे लेकिन परिवार बड़ा होने के वजह से उनके पिता बाबर को मनपसंद की चीजें नहीं खरीद पाते थे। जिसके चलते उनको क्रिकेट के जरूरी सामान भी नहीं मिल पाता था।


लेकिन कहते हैं कि सबके सफलता के पीछे किसी न किसी का हाथ जरूर होता है। एक दिन बाबर आजम की माँ ने उनसे पूछा कि आपको अपना कैरियर किस क्षेत्र में बनाना है और आपको क्या करना पसंद है।


बाबर को तो पहले से ही क्रिकेट खेलने का काफी शौक था। उन्होंने बिना देरी किये अपने माँ से क्रिकेट में करियर बनाने की बात कही लेकिन मेरे पास क्रिकेट खेलने के लिए कुछ भी नहीं है। बेटे के सपने को पूरा करने के लिए उनकी माँ ने अपने जेवर बेचकर एक बल्ला खरीदा और लाहौर के एक क्रिकेट अकादमी में दाखिला करवा दिया। इसके बाद तो मानों उनके जीवन में सपनों को पाने का पंख लग गया।


बाबर आजम का अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर | Babar Azam Success Story In Hindi


बाबर आजम को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था। आजम के खेलने की शैली ने पाकिस्तानी सेलेक्टर्स को काफी प्रभावित किया और उनको बहुत ही कम समय में विश्व चेम्पियनशिप के लिए पाकिस्तान अंडर-15 टीम में शामिल कर दिया गया। इस टूर्नामेंट में उन्होंने बहुत ही शानदार प्रदर्शन करके सबका दिल जीत लिया।


इसके बाद जल्दी ही इनका सेलेक्शन  2012 में अंडर-19 टीम में हो गया जहाँ इनको कप्तान की भूमिका दी गई। यहाँ भी अपनी छाप छोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी और शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान के तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनें। अपने इस प्रदर्शन से उन्होंने सारे क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी तरफ खींचा।


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जिसके बाद उनका सेलेक्शन पाकिस्तान के अंतराष्ट्रीय क्रिकेट टीम में हो गया। बाबर आजम ने पहला वनडे मैच 31 मई 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला और अपने पहले ही मैच में 54 रनों की शानदार पारी खेली और अपने पहले ही मैच में 60 गेंद पर 54 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।


लेकिन बाबर आजम के करियर में सुनहरा पल तब आया जब 2016 में वेस्टइंडीज के घरेलू दौरे पर तीन मैचों के तीन पारियों में लगातार तीन शतक लगाकर अपने प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस प्रदर्शन से उन्होंने पाकिस्तान के ही दो महान बल्लेबाज सईद अनवर और जहीर अब्बास के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली।


इसके बाद बाबर आजम ने पहला टी-ट्वेंटी मैच 7 सिंतबर 2016 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्होंने नाबाद 15 रन बनाकर अपने टीम को मैच जितवाया। जिसके बाद इनका सेलेक्शन टेस्ट क्रिकेट में भी हो गया।


बाबर आजम ने अपना पहला टेस्ट मैच 13 अक्टूबर 2016 को वेस्टइंडीज टीम के खेला था जिसमें उन्होंने 90 रनों की शानदार पारी खेली थी और पाकिस्तान टीम में अपना जगह हमेशा के लिए बनाने में कामयाब रहे। इसके बाद उन्होंने अपने करियर में कभी भी पीछे मुड़ कर नहीं देखा और एक के बाद एक रिकॉर्ड बनाते चले गए।


फिर 2021 में दक्षिण अफ्रीका के साथ हुए तीन क्रिकेट मैचों की एकदिवसीय सीरीज में बाबर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक शतक और एक अर्धशतक सहित 228 रन बनाए और टी-ट्वेंटी सीरीज में भी सबसे ज्यादा रन बनाकर मैन ऑफ द सीरीज का खिताब अपने नाम किया। 

लगातार एक के बाद एक शानदार प्रदर्शन के बदौलत बाबर आजम ने 1258 दिनों से चले आए रहे किंग कोहली के बादशाहत को खत्म करते हुऐ दुनिया के नम्बर 1 वनडे बल्लेबाज बनें।


आपको बता दें कि बाबर वनडे क्रिकेट में नम्बर एक बल्लेबाज बनने से पहले टी-ट्वेंटी में दुनिया के नम्बर एक बल्लेबाज रह चुके हैं और अभी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बदौलत दूसरे पायदान पर पहुँच चुके हैं।


बाबर आजम क्रिकेट रिकॉर्ड | Babar Azam Top 11 Overseas World Record In Hindi


1. क्या आप जानते हैं कि बाबर आजम ने 45 पारियों में सबसे तेज 2000 एकदिवसीय रन बनाने वाले पाकिस्तानी बल्लेबाज हैं?


2. बाबर वनडे क्रिकेट में सबसे कम 68 पारियों में 3000 रन बनाने वाले एशियाई बल्लेबाज है।


3. इनके नाम सबसे तेज शतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है, जिन्होंने ये कारनामा सिर्फ 33 पारियों में खेलकर किया था।


4. बाबर आजम के पास सिर्फ 26 पारियों में सबसे तेज 1000 टी-ट्वेंटी रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है।


5. एक पाकिस्तानी बल्लेबाज के रूप में इनके नाम किसी एक विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है। जिसको उन्होंने 2019 वर्ल्ड कप के दौरान बनाया था।


6. बाबर आजम दुनिया के एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने 80 से कम पारियों में 13 शतक लगाया हो। उन्होंने ये रिकॉर्ड 2021 में हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज में खेलते हुए 76 पारियों में बनाया था। इससे पहले ये रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के ही बल्लेबाज हाशिम अमला के नाम था जिन्होंने 83 पारियों में 13 शतक पूरे किए थे।


7. बाबर आजम दुनिया के एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने एक वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा 360 रन बनाये है। उन्होंने ये रिकॉर्ड 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाया था।


8. क्या आप जानते हैं कि बाबर वनडे क्रिकेट में दुनिया का नम्बर एक बल्लेबाज बनने वाले सिर्फ चौथे पाकिस्तानी बल्लेबाज हैं।


9. किसी एक टी-ट्वेंटी मैच में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले पाकिस्तानी बल्लेबाज हैं। उन्होंने ये रिकॉर्ड 14 मार्च 2021 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 59 गेंदों में 122 रनों की धुंआधार बल्लेबाजी करते हुए बनाई थी। इससे पहले ये रिकॉर्ड अहमद सहजाद के नाम था,जिन्होंने 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 111 रनों की पारी खेलकर बनाई थी।


10. बाबर आजम पाकिस्तान के एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉरमेट- टेस्ट, वनडे और टी-ट्वेंटी में दुनिया के टॉप 5 बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई है।


11. दुनिया भर में टी-ट्वेंटी में सबसे तेज 2000 रन पूरे करने का रिकॉर्ड बाबर आजम के नाम ही है। इससे पहले ये रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम था जिन्होंने 56 पारियों में पूरा किया था, जबकि इन्होंने मात्र 52 पारियों में ये कारनामा कर के दिखाया है।


बाबर आजम से जुड़ी कुछ विवाद | Babar Azam Controversy In Hindi


कहते हैं सफलता की ऊंचाई पर चढ़ते हुए कई बार विवादों का भी सामना करना पड़ता है। बाबर आजम भी इससे अछूते नहीं रहे। 2020 में एक पाकिस्तानी महिला ने इन पर यौन शोषण का गम्भीर आरोप लगाकर सबको अचंभित कर दिया था।


महिला द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद इन पर एफआईआर दर्ज हुआ और उनके मामले की सुनवाई अभी पाकिस्तान के एक कोर्ट में चल रही है। इन आरोपों पर बाबर पहले  ही जवाब दे चुके हैं। उनका कहना है कि ये मेरा निजी मामला है और हम इसे कोर्ट में सुलझा लेंगे। इससे मेरे करियर पर कोई असर नहीं पड़ेगा।


अपने कहे अनुसार वाकई उनके करियर पर कोई असर नहीं पड़ा है और एक के बाद एक इतिहास रचते जा रहे हैं। देखना है कि आने वाले समय में ये और कितने क्रिकेट के रिकॉर्ड को तोड़ते हैं और अपना नाम इतिहास के पन्नों पर दर्ज कराते हैं।


बहुत सारे क्रिकेट प्रेमी Babar Azam v/s Virat Kohli की बात करते हैं। आप कमेंट करके बताएं कि इन दोनों में कौन सबसे बेहतरीन क्रिकेटर है या फिर इसके बारे में जानने के लिए हमें कुछ और समय का इंतजार करना चाहिए।


बाबर आजम का अब तक का करियर


बाबर आजम के एबट तक के क्रिकेट करियर की बात करें तो इन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। अभी तक इन्होंने 54 टी-20 मैचों में 47.33 की शानदार औसत से 2035 रन बनाए हैं।


वहीं बाबर आजम ने 80 एकदिवसीय मैचों में 56.84 की बेहतरीन औसत से 3808 रन बनाए हैं। इस दौरान इन्होंने कुल 13 शतक और 17 अर्धशतक लगाए हैं। अगर टेस्ट मैच की बात करें तो 33 मैचों में 42.53 की औसत से 2169 रन बनाए हैं।


आने वाले समय में ते आंकड़ा कितनी तेजी से बदलता है, इसका इंतजार हम सबको रहेगा।


बाबर आजम का लाइफस्टाइल | Babar Azam Net Worth


दोस्तों आइये अब बाबर आजम के कुल इनकम के बारे में जानते हैं। इनको एक टेस्ट मैच खेलने के लिए लगभग 2 लाख रुपये मिलते हैं तो वहीं एक वनडे मैच खेलने के लिए उनको 80 हजार रुपये मिलते हैं और एक टी-ट्वेंटी मैच खेलने के लिए 50 रुपये मिलते हैं।


वहीं इनको PSL(पाकिस्तानी क्रिकेट लीग) में एक सीजन के लिए 1 करोड़ रुपये मिलते हैं। इसके अलावा उनको पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड उनको सालाना सबसे ज्यादा 5,20,000 रुपये फीस के रूप में देती है।


अगर बाबर आजम के नेट वर्थ के बारे में बात करें तो इनके पास लगभग 31 करोड़ रुपये की सम्पति है। अगर बाबर आजम के वाइफ के बारे में बात करें तो इन्होंने अभी तक शादी नहीं की है।


दोस्तों उम्मीद करते हैं कि आपको बाबर आजम की जीवनी काफी पसंद आई होगी और आपको इनके बारे में बहुत कुछ जानने को भी मिला होगा। अगर आपको Babar Azam Biography in Hindi पसन्द आयी हो तो इसे शेयर जरूर करें। आपका धन्यवाद।।


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