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Mridul Agarwal JEE Topper Biography In Hindi | मृदुल अग्रवाल कौन है

Mridul Agarwal JEE Topper Biography In Hindi | मृदुल अग्रवाल कौन है

Mridul Agarwal IIT-JEE Topper Biography, Wikipedia, Age, Success Story In Hindi (मृदुल ठाकुर का जीवन परिचय, आयु, फैमिली, सक्सेस स्टोरी)


दोस्तों जेईई एडवांस 2021 का परिणाम 15 अक्टूबर को शुक्रवार को घोषित कर दिया गया है। भारत के सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक इस परीक्षा के टॉपर्स की सूची जारी कर दी गई है। IIT-JEE Advance 2021 में जयपुर के मृदुल अग्रवाल ने न केवल परीक्षा में टॉप किया बल्कि आईआईटी-जेईई प्रवेश परीक्षा में अब तक का सर्वोच्च नम्बर लाकर इतिहास रच दिया है।


इन्होंने इस परीक्षा में 360 में से 348 अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का पूरे भारत में डंका बजा दिया है। मृदुल 2011 के बाद से इस परीक्षा में 96.66 फीसदी अंक हासिल करने वाले पहले विद्यार्थी बन गए हैं।


लेकिन क्या आप जानते हैं कि आईआईटी जेईई एडवांस परीक्षा में अपनी शानदार प्रतिभा से पूरे देश में डंका बजाने वाले मृदुल अग्रवाल कौन है, इनके सफलता के पीछे की कहानी क्या है, इनका सक्सेस मन्त्र क्या है?


अगर आप मृदुल अग्रवाल की जीवनी के बारे में हर जानकारी पूरी विस्तार से जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।


मृदुल अग्रवाल कौन है (Who Is JEE Topper Mridul Agarwal In Hindi)


दोस्तों, मृदुल अग्रवाल राजस्थान के जयपुर के रहने वाले हैं, जिन्होंने आईआईटी जेईई एडवांस 2021 परीक्षा में टॉप न सिर्फ किये हैं, बल्कि 96.66% अंक लाने वाले पहले कैंडिडेट बन गए हैं।


जेईई एडवांस परीक्षा में 2012 के बाद से चली आ रही रिकॉर्ड को तोड़कर मृदुल ने अपनी प्रतिभा ला लोहा मनवाया है। इनसे पहले 2012 में जेईई एडवांस में 96% अंक लाकर टॉप करने वाले कैंडिडेट को इन्होंने 96.66% अंक लाकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है।


मृदुल अग्रवाल की शिक्षा (Mridul Agarwal Educational Qualification)


बचपन से ही मेधावी छात्र रहे मृदुल ने कंप्यूटर इंजीनियर बनने का सपना देखा था। इसके लिए इन्होंने कक्षा 9वीं से अपने करियर को रफ्तार देने के लिए Allen Career Institute में 4 साल के क्लासरूम प्रोग्राम में अपना दाखिला लिया।


मृदुल ने अपनी 10वीं और 12वीं की पढ़ाई CBSE बोर्ड से पूरा किया है, जिसमें इनको 98.2% अंक हासिल किये थे। दिन में 12 से 14 घंटे तक बिना थके लगातार फोकस होकर पढ़ाई करने का नतीजा ये रहा कि जेईई एडवांस 2021 में टॉप करके ही दम लिया। मृदुल अब आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहते हैं।


मृदुल अग्रवाल का परिवार (Mridul Agarwal Family)


मृदुल अग्रवाल के पिता का नाम प्रदीप अग्रवाल है, जो रक निजी कम्पनी में फाइनेंस हेड है। इनके माता का नाम पूजा अग्रवाल है, जो गृहणी है। इनका एक छोटा भाई भी है जो 7वीं कक्षा में पढ़ता है।


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मृदुल अग्रवाल का जीवन परिचय (Mridul Agarwal Date Of Birth, Age, Religion, Bio, Wiki)

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Mridul Agarwal Biography

पूरा नाम: मृदुल अग्रवाल
निकनेम: मृदुल
जन्म/ Date Of Birth: 2003
जन्मस्थान/ Birthplace: जयपुर, राजस्थान
उम्र/ Age: 18 वर्ष
हाइट/ Height: N/A
फेमस फ़ॉर: जेईई एडवांस 2021 टॉपर
मार्क्स/ Marks: 360 में से 348
अंक प्रतिशत: 96.66%
धर्म/ Religion: हिन्दू
वैवाहिक जीवन: अविवाहित
राष्ट्रीयता: भारतीय


मृदुल अग्रवाल के सफलता की कहानी (Mridul Agarwal Success Story In Hindi)


जेईई मेंस परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक लाने के बाद मृदुल ने जेईई एडवांस में भी 96.66% अंक हासिल कर पूरे देश मे अपने नाम का परचम लहराया है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को अपना आदर्श मानने वाले मृदुल को शुरू से ही इनके जैसा बनने का सपना था। इनका कहना है कि मैं भी एक दिन सुंदर पिचाई जैसा बनने की पूरी कोशिश करूंगा।


इनका सपना इंजीनियरिंग में मास्टर की डिग्री हासिल कर के खुद का स्टार्टअप करने का है। मृदुल कहते हैं कि मैं भारत के विकास में उल्लेखनीय योगदान देना चाहता हूँ।


अपने सफलता के बारे में बात करते हुए इन्होंने इंटरव्यू में बताया कि "मेरी सफलता का पूरा श्रेय मेरे माता-पिता और मेरे गुरुजनों को जाता है। जिन्होंने मुझे अपना रास्ता चुनने को लेकर कभी दबाव नहीं बनाया। मैं सभी गुरुजनों का आभारी हूँ, जिनके सही मार्गदर्शन के बदौलत ही मैं आज यहाँ तक पहुँच सका हूँ।"


इनका मानना है कि आपको माता-पिता, गुरुजन, दोस्त कुछ देर के लिए मोटिवेट कर सकते हैं, लेकिन कोई भी आपको 24×7 मोटिवेट नहीं रख सकता है। इसलिए हमें अपने लक्ष्य को लेकर खुद ही मोटिवेट रहना चाहिए। तभी हमें सफलता मिल पाएगी।


इनका अगला सपना आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करने का है। आपको बता दें कि आईआईटी खड़गपुर ने टॉप 100 छात्रों के लिए एक साल का स्कॉलरशिप देने का फैसला किया है लेकिन मृदुल ने आईआईटी बॉम्बे से पढ़ने का फैसला किया है।


मास्टर की डिग्री के लिए इनका सपना अमेरिका में स्थित एमआईटी या स्टैंडफोर्ड जैसी दुनिया की टॉप एजुकेशन संस्थान से डिग्री हासिल करने का है।

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मृदुल पढ़ाई के साथ-साथ खेलने और कूदने पर भी काफी ध्यान देते हैं। इनको अपने दोस्तों के बर्थडे पार्टी में जाना काफी पसंद है। ये बर्थडे पार्टी में जाना कभी नहीं भूलते हैं। इनको जब भी कभी पढ़ाई में मन नहीं लगता है तो अपने माता-पिता के साथ घूमने चले जाते हैं।


दोस्तों, हमें पूरी उम्मीद है कि आपको जेईई एडवांस 2021 टॉपर मृदुल अग्रवाल की जीवनी काफी पसंद आई होगी। अगर आपको मृदुल अग्रवाल की बायोग्राफी पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें धन्यवाद।।

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Margaret Fulton Biography | मार्गरेट फुल्टन कौन थी जिनको गूगल ने Doodle बनाकर सम्मानित किया है?

Margaret Fulton Biography | मार्गरेट फुल्टन कौन थी जिनको गूगल ने Doodle बनाकर सम्मानित किया है?

मार्गरेट फुल्टन का जीवन परिचय | Margaret Fulton Biography Wikipedia In Hindi


दोस्तों, आप अच्छी तरह जानते होंगे कि इस दुनिया में गूगल का क्या योगदान है? शायद गूगल के बिना दुनिया का रफ्तार धीमा पर जाए। इतनी बड़ी कंपनी अगर किसी को सम्मान दें तो आप समझ सकते हैं कि उस आदमी का क्या योगदान रहा होगा।


6 अक्टूबर को गूगल ने मार्गरेट फुल्टन का doodle बनाकर इनको सम्मानित किया। लेकिन क्या आप जानते हैं Google जैसी कम्पनी से सम्मान पाने वाली मार्गरेट फुल्टन कौन थी? जिनको गूगल ने डूडल बनाकर सम्मानित किया।


आगर आप जानना चाहते हैं कि आखिर Google से सम्मान पाने वाली मार्गरेट फुल्टन कौन है और इनकी जीवनी क्या है तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ियेगा।


मार्गरेट फुल्टन कौन थी | Who Is Margaret Fulton In Hindi


मार्गरेट इसोबेल फुल्टन स्कॉटिश मूल के ऑस्ट्रेलियाई फ़ूड लेखक, पत्रकार, कमेंटेटर और जर्नलिस्ट थी। आपको बता दें कि फुल्टन इस शैली की पहली ऑस्ट्रेलियाई लेखक थी। उनके अपने क्षेत्र में किये गए सराहनीय कार्य के लिए दुनिया भर में कई बड़े पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।


इन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लोगों को भोजन में केवल मांस और 3 तरह की सब्जियों के उपयोग करने के बजाय और भी कई तरह के व्यंजनों को अपने आहार में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके लिए फुल्टन ने भारत, चीन, स्पेन और इटली जैसे देशों से अंतराष्ट्रीय व्यंजनों को भी इसमें शामिल किया।


इसके अलावा फुल्टन ने कुछ टेलीविज़न पर भी काम किया, लेकिन इनको जल्द ही एहसास हो गया कि ये केवल लेखन के लिए बनी है। लेखन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इन्होंने जल्द ही टेलिविज़न से दूरी बना लिया।


मार्गरेट फुल्टन का बचपन और करियर


फुल्टन जब केवल 3 साल की थी तब इनके माता पिता इनको लेकर ऑस्ट्रेलिया आ गए। जिसके बाद से यहीं पर बस गयी। वह बचपन मीक गर्ल गाइड और ग्लेन इन्स में मैगपाई पेट्रोल की नेता थी।


फुल्टन 18 साल की उम्र में ही ड्रेस डिज़ाइनर बनने का सपना लेकर सिडनी गयी। लेकिन द्वितीय विश्वयुद्ध की खबर सुनने के बाद इनको लगा कि ऑस्ट्रेलिया में खाद्य उद्योग में काफी तेजी आने वाली है। जिसके बाद ये ड्रेस डिज़ाइनर की पढ़ाई छोड़कर वापस आ गयी और कुकिंग में करियर बनाने में जुट गई।


पहली बार फुल्टन ने वर्ष 1947 में ओवरसीज कॉर्पोरेशन कम्पनी में एक कुकिंग टीचर के रूप में काम शुरू किया। जहाँ उन्होंने दृष्टिबाधित घरेलू रसोइयों के लिए आसान रेसिपी बनाने का टिप्स देती नजर आयी।


जिसके कुछ समय बाद वो इनका प्रोमोशन सेल्स मैनेजर के पद पर हो गयी। आपको इनके बारे में एक दिलचस्प जानकारी देते चलें कि ऑस्ट्रेलिया में प्रेशर कुकर के शुरुआत करने का श्रेय इन्हीं को दिया जाता है।


फुल्टन ने प्रेशर कुकर विक्रेता, विज्ञापन कार्यकारी और फ़ूड जर्नलिस्ट के रूप में काम करने के बाद कई वर्षों तक अपने रेसिपी में बदलाव करती रही।


वर्ष 1968 में, उन्होंने "द मार्गरेट फुल्टन कुकबुक" नामक शीर्षक से 25 कुकबुक में से पहली प्रकाशित की थी।ये कुकबुक लोगों को इतना पसंद आया कि इसका अबतक 1.5 मिलियन से भी अधिक प्रतियां बिक चुका है।


हालांकि ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के हर तरफ पहले से ही अनगिनत रसोइयों में पहले से किराया तय किया हुआ था, लेकिन एंग्लो ऑस्ट्रेलियाई आबादी ने कई वर्षों से पुरानी परंपरा के अनुसार ही व्यंजन बनाया करते थे।


फुल्टन ने इस पुरानी पद्दति को देखते हुए कुकिंग के क्षेत्र में कई सारे नए बदलाव किए। उनके इस प्रयास के लिए सभी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों ने इनको कई सम्मान दिये।


इनके इसी सराहनीय प्रयास के लिए गूगल ने इनका डूडल बनाकर सम्मानित किया। हम सभी के तरफ से मार्गरेट फुल्टन की जन्मदिन बधाई।


Margaret Fulton Awards & Achievement


मारग्रेट फुल्टन को इनके सराहनीय कार्य के लिए कई सारे पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। जिसमें मुख्य रूप से 1983 में Medal Of The Order Of Australia aur 1986 में diploma of honour' from Comite Interprofessional Du Vin De Champagne से Diploma Of Honour से सम्मानित किया जा चुका है।


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पूरा नाम: मार्गरेट इसोबेल फुल्टन
निकनेम: फुल्टन
जन्म/ Date Of Birth: 6 अक्टूबर 1924
जन्मस्थान/ Birthplace: नायरन, स्कॉटलैंड हाइलैंड्स
मृत्यु/ Death: 24 जुलाई 2019
मृत्यु स्थान/ Death Place: दक्षिणी हाइलैंड्स, न्यू साउथ वेल्स, ऑस्ट्रेलिया
उम्र/ Age: 94 वर्ष
प्रोफेशन: जर्नलिस्ट, लेखक और कमेंटेटर
राष्ट्रीयता: स्कॉटिश


मार्गरेट फुल्टन का परिवार (Margret Fulton Family)

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पुत्री: सुजैन गिब्ब्स
पोती: केट गिब्ब्स और लुइस कीट्स
हस्बैंड नाम: N/A
सिबलिंग: जीन हटफील्ड


अगर आपको मार्गरेट फुल्टन का जीवन परिचय पसन्द आया हो तो इसे शेयर जरूर करें धन्यवाद।।

Umran Malik Biography | उमरान मलिक कौन है जो बल्लेबाजों का सिरदर्द बन गया है

Umran Malik Biography | उमरान मलिक कौन है जो बल्लेबाजों का सिरदर्द बन गया है

उमरान मलिक का जीवन परिचय | Umran Malik Biography Wikipedia, Bowling Speed In Hindi


आईपीएल 2021 का दूसरा संस्करण शुरू हुआ तो सभी इस बात के लिए चिंतित थे कि कहीं इस बार भी कोरोना का खतरा न बढ़ जाये। आईपीएल शुरू तो हुआ लेकिन हैदराबाद के स्टार तेज गेंदबाज टी नटराजन शुरुआत में ही कोरोना संक्रमित हो गए।


जिसके बाद सनराइजर्स हैदराबाद को एक ऐसे गेंदबाज की तलाश थी जो नटराजन जैसे बेहतरीन गेंदबाज का स्थान ले सके। टीम ने उनके स्थान पर अपने नेट गेंदबाज और जम्मू कश्मीर के स्टार प्लेयर उमरान मलिक को टीम में शामिल किया।


लेकिन जब इस खिलाड़ी ने गेंदबाजी करना शुरू किया तो सभी क्रिकेट एक्सपर्ट ने दांतो तले अंगुली दबा लिए। उमरान ने ऐसी तूफानी गति से गेंदबाजी करना शुरू किया कि सबकी नजर तो बस इस खिलाड़ी पर ही टिक गई।


153 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से सनसनाती गेंद डालकर सबको अपना दीवाना बना लिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये खूंखार तेज गेंदबाज उमरान मलिक कौन है? जिसके आईपीएल में पर्दापण करने के साथ ही विरोधी बल्लेबाजों में दहशत का माहौल है।


तो आइए उमरान मलिक की जीवनी के बारे में पूरी विस्तार से जानते हैं।


उमरान मलिक कौन है (Who Is Umran Malik In Hindi)

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उमरान मलिक जम्मू कश्मीर में जन्में एक तेज गेंदबाज है, जिन्होंने आईपीएल में बतौर भारतीय गेंदबाज 153 किमी/घंटा के रफ्तार से सबसे तेज गेंद डालकर इतिहास रच दिया है। इससे पहले ये रिकॉर्ड मोहम्मद सिराज के नाम था।


सनराइजर्स हैदराबाद के स्टार गेंदबाज टी नटराजन के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद इनको नेट गेंदबाज से टीम में शामिल कर लिया गया था। लेकिन इनको आईपीएल में पहला मैच 3 अक्टूबर को हुए कोलकता नाईटराइडर्स के खिलाफ खेलने का मौका मिला।


भले ही हैदराबाद ये मैच हार गया हो लेकिन जिस खिलाड़ी ने सभी का दिल जीत लिया वो थे उमरान मलिक। जिसने भी इनकी गेंदबाजी देखी सब इनके दीवाने बन गए। मलिक ने इस मैच में कुल 4 ओवर डाले और 27 रन दिए पर कोई विकेट नहीं मिला। लेकिन अपने दनदनाती गेंद से सभी को रोमांचित कर दिया और अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों में खौफ पैदा कर दिया।


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इस गेंदबाज के प्रतिभा को सबसे पहले इरफान पठान ने पहचाना था और तभी उनको लगने लगा था कि भारतीय टीम को एक जबरदस्त गेंदबाज मिलने वाला है। इरफान पठान ने इस खिलाड़ी के गेंदबाजी कई गुर सिखाए और इनके एक्शन से लेकर जम्प तक कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए।


उमरान मलिक ने इसी साल लिस्ट ए मैच में बंगाल के खिलाफ पर्दापण किया था और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में टी20 फॉरमेट में रेलवे के खिलाफ पर्दापण किया था, जिसमें इन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 24 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे।


केकेआर के खिलाफ आईपीएल में खेलने के साथ ही उमरान जम्मू कश्मीर के 5वें ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने आईपीएल में हिस्सा लिया हो।


केकेआर के खिलाफ इनको संदीप शर्मा के जगह पर खेलने का मौका मिला और अपने पहले ही मैच में ऐसा छाप छोड़ा कि सब इनके गेंदबाजी के प्रशंसक बन गए। इनके तूफानी गेंदबाजी ने सभी क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान खींचा।


इनके गेंदबाजी को देखते हुए कई सारे क्रिकेट एक्सपर्ट अभी से कहने लगे हैं कि अगले आईपीएल नीलामी में इस खिलाड़ी की नीलामी करोड़ों में होने वाली है।


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पूरा नाम: उमरान मलिक

निकनेम: मलिक

जन्म/ Date Of Birth: 22 नवंबर 1999

जन्मस्थान: श्रीनगर, जम्मू कश्मीर

उम्र/ Age: 21 वर्ष

हाइट/ Height: N/A

प्रोफेशन: क्रिकेटर

बैटिंग: दांये हाथ के बल्लेबाज

गेंदबाजी: दांये हाथ के तेज गेंदबाज

घरेलू टीम: जम्मू-कश्मीर

आईपीएल टीम: सनराइजर्स हैदराबाद

आईपीएल प्राइस: N/A

जाति/ Caste: मुस्लिम

धर्म/ Religion: इस्लाम

गर्लफ्रैंड: N/A

नेट वर्थ: N/A

Bowling Speed: 153 Km/h

राष्ट्रियता: भारतीय


हम सभी को उम्मीद है कि उमरान मलिक आने वाले समय में ऐसे ही धारदार गेंदबाजी से अपनी छाप छोड़ते रहेंगे और जल्द ही भारतीय टीम का हिस्सा बनकर देश का नेतृत्व करेंगे।


दोस्तों, आपको उमरान मलिक की जीवनी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताइए और साथ ही आपको अगला Biography किस शख्स का चाहिए कमेंट बॉक्स में लिखना न भूलियेगा।

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तूफानी आलराउंडर वेंकटेश अय्यर का जीवन परिचय | Venkatesh Iyer Biography

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वेंकटेश अय्यर का जीवन परिचय | Venkatesh Iyer (Indian Cricketer) Biography Wikipedia, Success Story In Hindi


दोस्तों, आज हम भारत के एक ऐसे युवा क्रिकेटर के बारे में जानने वाले हैं, जो साधारण परिवार से निकलकर आईपीएल की पिच पर धूम मचा रहा है। जिसके बारे में लोग अभी से ही क्रिकेट की दुनिया का नया सितारा मान रहे हैं।


अगर आप क्रिकेट फैंस हैं तो आप एक नाम जरूर सुने होंगे- वेंकटेश अय्यर। अगर नहीं सुने होंगे तो समझ लीजिए कि आपने अभी तक भारतीय क्रिकेट के भविष्य के बारे में नहीं सुना।


पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने तो यहाँ तक कह दिया है कि अगले आईपीएल में ये खिलाड़ी सबसे महंगा क्रिकेटर होगा। ये खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि कोलकता नाईटराइडर्स के युवा तूफानी आलराउंडर वेंकटेश अय्यर है।


इनको आईपीएल का नया सनसनी कहा जा रहा है। जिसने एक के बाद एक सभी टीमों के गेंदबाजों की जमकर धुनाई कर रहा है। RCB के खिलाफ अपने आईपीएल करियर का पहला मैच खेला और ऐसी पारी खेली की सभी ने कहा दिया कि इस खिलाड़ी में कुछ तो खास है।


पहली पारी के बाद भी ये खिलाड़ी नहीं रुका और मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपने दूसरे मैच में 53 रनों की तूफानी पारी खेलकर टीम को शानदार जीत दिलाया। इस पारी के बाद तो हर कोई ये जानने के लिए बेताब हो गया कि आखिर वेंकटेश अय्यर कौन है? जिनको क्रिकेट प्रेमी भविष्य में भारतीय क्रिकेट का सितारा बता रहे हैं।


आखिर ये खिलाड़ी कौन है जिसने आते ही जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट, काइल जैमिन्सन, एडम मिल्ने कैसे दिग्गज गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा रहा है?


कल तक जिस गुमनाम चेहरे को कोई जानता तक नहीं था रातोंरात स्टार कैसे बन गया? अगर आप भी इस खिलाड़ी के बारे में उसके जीवन से जुड़ी हर जानकारी जानना चाहते हैं तो वेंकटेश अय्यर की जीवनी को अंत तक जरूर पढ़ियेगा।


वेंकटेश अय्यर कौन है? (Who Is Venkatesh Iyer In Hindi)


वेंकटेश अय्यर मध्यप्रदेश के इंदौर में एक साधारण परिवार में जन्में और आईपीएल के कोलकता नाईटराइडर्स टीम के युवा आलराउंडर खिलाड़ी हैं। जिनको कोलकता ने आईपीएल 2021 की नीलामी में 20 लाख रुपये में खरीदा था।


जिन्होंने अपने आईपीएल करियर के पहले ही मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 27 गेंद में 41 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम को हार से बचाया। इसके बाद तो वेंकटेश के भाग्य का पिटारा ही खुल गया।


इसके बाद वो रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं और एक के बाद एक धमाकेदार पारी खेलकर टीम को जीत दिला रहे हैं।


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पूरा नाम: वेंकटेश अय्यर

निकनेम: वेंकटेश

जन्म/ Date Of Birth: 25 दिसंबर 1994

जन्मस्थान/ Birthplace: इंदौर,मध्यप्रदेश

उम्र/ Age: 27 वर्ष

हाइट/ Height: 183 सेंटीमीटर

प्रोफेशन: क्रिकेटर

रोल: आलराउंडर

बल्लेबाजी स्टाइल: बायें हाथ का बल्लेबाज

गेंदबाजी स्टाइल: दाएं हाथ के तेज गेंदबाज

आईपीएल टीम: कोलकता नाईटराइडर्स

घरेलू टीम: मध्यप्रदेश

जाति/ Caste: तमिल ब्राह्मण

धर्म/ Religion: हिन्दू

वैवाहिक स्थिति: अविवाहित

नेट वर्थ/ Net Worth: 30 लाख रुपये

गर्लफ्रैंड: N/A

राष्ट्रियता: भारतीय


वेंकटेश अय्यर का परिवार (Family)


पिता का नाम: राजशेखरन अय्यर

पिता का नाम: N/A

वाइफ: N/A


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वेंकटेश अय्यर की शिक्षा (Educational Qualification)


वेंकटेश ने St. Paul Higher Secondary School, Indore से अपने स्कूल की शिक्षा पूरी की। 2016 में इंटर की परीक्षा पास करने के बाद इन्होंने अपना दाखिला B.Com करने के लिए Institute Of Management Studies, DAVV University, Indore में करा लिया।


बीच में सीए करने का ख्याल आया लेकिन क्रिकेट पर फोकस के चलते अपना ये फैसला बदल दिया और एमबीए करने का फैसला किया। एमबीए में दाखिला लेने के लिए कई सारी प्रवेश परीक्षाएं दी। एमबीए में दाखिला लेने के बाद भी इनका क्रिकेट के प्रति प्यार कम नहीं हुआ।


इनका कहना है कि परिवार के लोग ये चाहते थे कि मैं कोई बुनियादी डिग्री हासिल करूँ। जिसके चलते मैंने एमबीए किया।


वेंकटेश अय्यर का घरेलू क्रिकेट करियर


10 साल की उम्र से ही वेंकटेश ने क्रिकेट को उसी समय अपना करियर बना लिया और इंदौर के एक क्रिकेट क्लब में शामिल हो गए। इसके बाद तो मानो क्रिकेट ही इनका जीवन बन गया। क्रिकेट के प्रति इनका प्यार दिनोंदिन बढ़ता चला गया।


एमबीए करने के बाद इनका जॉब मुंबई के एक मल्टीनेशनल कंपनी में लग गया। लेकिन क्रिकेट के प्रति ऐसा जुनून था कि इसके अलावा और कुछ अच्छा ही नहीं लगता था। क्रिकेट पर पूरी तरह फोकस करने के लिए जॉब को छोड़ दिया।


वेंकटेश ने अंडर-19 तक एक विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में खेलते थे। लेकिन जब उन्हें एक मैच में गेंदबाजी करने का मौका दिया गया तो धीरे-धीरे गेंदबाजी में भी इनकी रुचि पैदा हो गई।


25 मार्च 2015 को इंदौर में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में टी20 करियर का पहला मैच होल्कर स्टेडियम में रेलवे क्रिकेट टीम के खिलाफ खेला। इस मैच में इनको बल्लेबाजी करने का तो मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने इस मैच में एक विकेट चटकाए।


सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में इन्होंने अब तक कुल 38 टी20 मैच खेले हैं और 6.98 रन की जबरदस्त इकॉनमी रेट के साथ 21 विकेट चटकाए हैं।


वेंकटेश 11 दिसंबर 2015 को विजय हजारे ट्रॉफी में सौराष्ट्र के खिलाफ मध्य प्रदेश के लिए राजकोट में अपना पहला लिस्ट-ए मैच खेला। लेकिन इस मैच में वो छाप छोड़ने में नाकामयाब रहे और इसमें 15 गेंदों पर केवल 16 रन बनाये।


आपको बता दें कि वेंकटेश अब तक 24 लिस्ट-ए मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 47.16 की औसत से 849 रन बनाए हैं और 5.38 रन प्रति ओवर की जबरदस्त इकॉनमी के साथ 10 विकेट चटकाए हैं।


इसके बाद 2018-19 में अपना पहला प्रथम श्रेणी मैच रणजी ट्रॉफी में मध्यप्रदेश के लिए खेलते हुए हैदराबाद के खिलाफ किया। हालांकि अपने पहले मैच में इनको बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला,लेकिन गेंदबाजी में दो ओवर किये और एक विकेट चटकाने में कामयाब रहे।


वेंकटेश अय्यर अब तक खेले 10 प्रथम श्रेणी मैचों में 15 पारी में 36.33 के औसत से 545 रन बनाए हैं। इस दौरान इनका उच्च स्कोर 93 रहा। अपने प्रथम श्रेणी में 10 मैचों में 7 विकेट लिए है। इसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 46 रन देकर 3 विकेट रहा है।


वेंकटेश चर्चा में तब आये जब इन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के एलीट ग्रुप डी मैच में पंजाब के खिलाफ इंदौर के होल्कर स्टेडियम में 146 गेंदों में 20 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 198 रन बनाए। हालांकि वो दोहरे शतक लगाने से 2 रन से चूक गए लेकिन उस दिन मानो मैदान में रनों के तूफान ला दिया था।


ये वही दिन था जब सारे क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान इनके तरफ गया। इस पारी के साथ ही इन्होंने 2013 से चली आ रही लिस्ट ए मैचों में एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले ये रिकॉर्ड डेविड वार्नर के पास था। जिन्होंने 141 गेंदों में 197 रन की पारी खेली थी।


वेंकटेश अय्यर का आईपीएल करियर (Venkatesh Iyer IPL Stats)


वेंकटेश अय्यर इसी साल 2021 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ  आईपीएल में पर्दापण किया था और अपने पहले ही मैच में 27 गेंद में 41 रन की पारी खेलकर RCB के जबड़े में से जीत छीन लिया था।


इन्होंने आईपीएल में अब तक कुल 5 मैच खेले हैं। इस दौरान वेंकटेश ने दो अर्धशतकों के बदौलत 141 के स्ट्राइक रेट से शानदार बल्लेबाजी करते हुए 193 रन बनाए हैं। इस दौरान इनका सर्वोच्च स्कोर 67 रन रहा है, जो किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ खेलते हुए बनाये थे।


इनके इसी प्रदर्शन को देखते हुए कई सारे क्रिकेट एक्सपर्ट अभी से ये कयास लगा रहे हैं कि अगले आईपीएल में इनकी बोली 12 से 14 करोड़ तक लग सकती है।


वेंकटेश अय्यर का आईपीएल स्कोर:

KKR vs rcb: 27 गेंद 41 रन

KKR vs MI: 30 गेंद 53 रन

KKR vs CSK: 15 गेंद 18 रन

KKR vs Delhi: 15 गेंद 14 रन

KKR vs PBKS: 49 गेंद 67 रन

KKR vs SRH: 14 गेंद 8 रन


हम सभी क्रिकेट प्रेमी यहीं चाहते हैं कि वेंकटेश आने वाले समय में भी ऐसे ही अपने प्रदर्शन को जारी रखें और जल्द ही भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल हो सके। आपको युवा तूफानी बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर की जीवनी कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताइयेगा धन्यवाद।।

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आखिर कौन थे शिवाजी गणेशन | Shivaji Ganesan Biography In Hindi

आखिर कौन थे शिवाजी गणेशन | Shivaji Ganesan Biography In Hindi

शिवाजी गणेशन का जीवन परिचय | Shivaji Ganesan (Indian Actor) Biography, Wikipedia, Awards, Films, Death, History In Hindi


दोस्तों, 1 अक्टूबर के दिन ही भारत के एक ऐसे महान हस्ती ने जन्म लिया था जिनको google से doodle बनाकर सम्मानित किया है। लेकिन आखिर जानने वाली बात ये है कि आखिर ये महान हस्ती कौन है, जिनको गूगल ने भी इतना बड़ा सम्मान दिया है?


हम बात कर रहे हैं बीसवीं सदी के सबसे सक्रिय अभिनेता जिनके बिना शायद भारत की फ़िल्म इंडस्ट्री अधूरी रह जाती शिवाजी गणेशन के बारे में।


लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिवाजी गणेशन कौन थे? आखिर गूगल न इनको किस वजह से इतना बड़ा सम्मान दिया है? अगर आप भी शिवाजी गणेशन की जीवनी के बारे में पूरी विस्तार से जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ियेगा।


शिवाजी गणेशन कौन थे | Who Is Shivaji Ganesan (Indian Actor)


शिवाजी गणेशन तमिलनाडु के विल्लुपुरम में जन्में एक प्रसिद्ध तमिल फ़िल्म अभिनेता थे। जिनको भारत सरकार ने इनके शानदार उपलब्धियों के लिए 1984 में पदम् भूषण सम्मानित किया था। इनकी गिनती 20वीं शताब्दी में भारत के सबसे सक्रिय अभिनेताओं में होती है। इनके शानदार उपलब्धि के वजह से ही आज गूगल इनके जन्मदिन पर 1 एक अक्टूबर को इनका डूडल बनाकर सम्मानित किया।


शिवाजी गणेशन का जीवन परिचय | Shivaji Ganesan Bio, Wiki, Age, Date Of Birth, Birthday, Death Date


पूरा नाम: शिवाजी गणेशन
निकनेम: गणेशमूर्ति
जन्म/ Date Of Birth: 1 अक्टूबर 1928
जन्मस्थान/ Birthplace: विल्लुपुरम चिन्नैया पिल्लई गणेशन, तमिलनाडु
होमटाउन: विल्लुपुरम, तमिलनाडु भारत
मृत्यु/ Death: 21 जुलाई 2001
उम्र/ Age: 72 वर्ष
हाइट/ Height: N/A
प्रोफेशन: तमिल अभिनेता
नेट वर्थ: N/A
धर्म/ Religion: हिन्दू
राष्ट्रियता: भारतीय


शिवाजी गणेशन का परिवार ( Family)


पिता का नाम: चिन्नाया मोनरे
माता का नाम: राजमणि अम्माल
पत्नी का नाम: कमला गणेशन
पुत्रों का नाम: रामकुमार, प्रभु
पुत्रियों का नाम: शांति और थेनमोझी


शिवाजी गणेशन का करियर (Shivaji Ganesan Life Story In Hindi)


शिवाजी, फिल्मी दुनिया मे आने से पहले जगह-जगह पर स्टेज पर नाटक में अभिनय करते थे। इन्होंने थिएटर में काम करने के लिए महज 7 वर्ष के उम्र में ही घर छोड़ दिया।


इनका नाम शिवाजी इसलिए पड़ा क्योंकि इन्होंने 1945 में 'शिवाजी कांडा हिंदू राज्यम' नामक नाटक में शिवाजी की ऐसी दमदार भूमिका निभाई थी कि जिसके बाद से ही इनका नाम हमेशा के लिए शिवाजी हो गया।


शिवाजी 1952 में अपनी पहली फ़िल्म 'पराशक्ति' से शुरुआत की थी। जिसके बाद से वो अपने जीवन मे कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और करीब 5 दशकों तक फ़िल्म दुनिया में एक से बढ़कर एक फिल्में दी।


आपको बता दें कि इन्होंने अपने करियर में 300 से भी अधिक तमिल फिल्मों में काम किया है। तमिल फिल्मों के अलावा शिवाजी तेलुगु, हिंदी और मलयालम फिल्मों में काम कर चुके हैं। इन्होंने तेलुगु में 9, हिंदी में 2 और मलयालम में 1 फिल्मों में अभिनय का जलवा दिखा चुके हैं।


इनके अभिनय में इनकी जबरदस्त आवाज, उत्कृष्ट अभिनय कौशल, भावनात्मक तमिल उच्चारण के वजह से लोग इनको काफी प्यार करते थे। इनको लोग मुख्य रूप से फिल्मों में नाटक करने के लिए पहचानते थे। ये अपने हर एक सीन में इतनी जान फूंक देते थे कि दर्शक इन पर मोहित हो जाते थे।


इन्होंने मनोगरा, राजा चोलन और कर्णक जैसे नाटक में काम किया तो विरपाण्डिया कत्ताबोम्मन जैसे तमिल फिल्म में राष्ट्रीय नेता की भूमिका निभाकर दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान छोड़ी।

इनके द्वारा प्राचीन देवी देवताओं की भूमिकाओं के लिए इनके अभिनय को खूब सराहना मिली।


शिवाजी गणेशन की प्रसिद्ध फिल्में ( Shivaji Ganesan Films)


इनके द्वारा अभिनय किये प्रसिद्ध फिल्मों के बारे में बात किया जाए तो नई चिड़िया, भगवान की आज्ञा, शांति, पलानी, मोटर सुंदरम बच्चे , धन, दिल तक, ऊटी से रिश्ता, दो फूल, थिरुविलैयाताल, सरस्वती सपथम, तिरुवरुत्सेलवर कंदन करुणा, थिरुमल पेरुमाई, स्नेही फूल, पापों की क्षमा, दूध और फल, देखा तो भूख मिटाएगा, पीला पांड्या, मंदिर की घंटी, जहां से अंकल, वियतनाम हाउस, आया, प्रबुद्धता, पट्टीकाड़ा टाउन, स्प्रिंग हाउस, भारत विलास, कौरवम, राजापार्ट रंगदुरई, कुलमकल राधा, दो आत्माएं, हरी बत्ती, दिलाना मोहनमपाल, उच्च पुरुष, सोने की खान, भगवान का पुत्र, लाल मिट्टी, स्वर्ग इत्यादि फिल्मों ने तो इनके करियर को एक नया आयाम दिया।


इन्हीं सब फिल्मों के वजह से आज तक लोग इनको अभिनय को भुला नहीं पाते हैं। अपने करियर के दौरान शिवाजी ने अभिनय के दुनिया में अपनी एक ऐसी अमिट छाप छोड़ी है कि आने वाले समय में भी लोग इनको याद करते रहेंगे।


शिवाजी गणेशन की उपलब्धि (Awards)


दोस्तों, शिवाजी को इनके जीवन मे शानदार उपलब्धियों के वजह से पद्म भूषण, आर राष्ट्रीय अवार्ड, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, एन. डी और शवेलियर पुरस्कार जैसे अवार्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है।


उस समय से सबसे बेहतरीन आवाज और अभिनय के लिए मशहूर शिवजी गणेशन की मृत्यु 21 जुलाई 2001 हो गयी। जिससे तमिल फ़िल्म इंडस्ट्री में एक शोक की लहर दौड़ गई।


हो भी क्यों न तमिल फ़िल्म की जान कहे जाने वाले और अपने अभिनय और आवाज से पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले एक अभिनेता को हम सब हमेशा के लिए खो दिये।


आपको शिवाजी गणेशन के बारे में जानकर कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताइयेगा। साथ ही आपको इस प्रसिद्ध तमिल फिल्म अभिनेता शिवाजी गणेशन की जीवनी पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें धन्यवाद।।

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Ankita Jain UPSC Biography | अंकिता जैन की सक्सेस स्टोरी

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आगरा की बहू अंकिता जैन की जीवनी | Ankita Jain UPSC Biography, Wikipedia, Success Story In Hindi


दोस्तों, आप जानते ही होंगे कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सर्विस का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। देश भर से लाखों अभ्यर्थियों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में भाग लिए थे।


लेकिन इन लाखों युवाओं में केवल 761 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। इनमें से भी आगरा की बहु अंकिता जैन ने पूरे देश में AIR-3 हासिल कर न सिर्फ अपना बल्कि पुरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।


इनके इस सफलता ने पूरे देश के युवाओं सहित लड़कियों का भी हौसला बढ़ाया है। कैसे इन्होंने शादी हो जाने के बाद भी न सिर्फ UPSC कैसे कठिन परीक्षा की लगातार तैयारी रही बल्कि पूरे देश में सिविल सर्विस परीक्षा में AIR-3 लाकर लाखों युवाओं की प्रेरणास्रोत बन गयी?


आइये जानते हैं कि पूरे देश में यूपी प्रदेश का नाम रोशन वाली UPSC AIR-3 अंकिता जैन कौन है? इनके पढ़ाई करने के क्या तरीके रहे होंगे जिन्होंने परिवार का बोझ संभालते हुए इतनी बड़ी मुकाम हासिल किया है?


अंकिता जैन (UPSC AIR-3) कौन है | Who Is Ankita Jain UPSC in Hindi


अंकिता जैन आगरा की बहू के नाम से मशहूर है, जिन्होंने यूपीएससी में पूरे देश में तीसरा स्थान हासिल किया है। वर्तमान में ये ऑडिट एंड अकाउंट सर्विसेज (अलायड आईएएस) में मुंबई में कार्यरत है।


ये महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी अभिनव त्यागी की पत्नी है, जो कि गोंदिया जिले में एएसपी के पद पर कार्यरत है। इसके अलावा अंकिता डिफेंस एस्टेट निवासी डॉ. राकेश त्यागी और डॉ. सविता त्यागी की पुत्रवधू हैं।


पूरे प्रदेश के लोग इनके इस सफलता पर बहुत खुश है। इनका कहना है कि जॉब के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी करना बहुत मुश्किल था लेकिन बेहतर टाइम मैनेजमेंट के बदौलत मैं ये सब कर पाई।


इनके इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। जैसे ही अंकिता के रिजल्ट के बारे में परिवार को पता चला सभी के खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। सब लोग एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं।


Ankita Jain UPSC Educational Qualification | अंकिता जैन की शिक्षा


दिल्ली के शास्त्री नगर की रहने वाली अंकिता ने अपने स्कूल की शिक्षा प्राप्त करने के बाद दिल्ली टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। इसके बाद ये सिविल सर्विसेज की तैयारी करने लगी। इसी बीच 2019 में इनका चयन अलाइड आईएएस के लिए हो गया।


जिसके बाद अंकिता डिप्टी अकाउंटेंट जनरल के पद पर मुंबई में काम करने लगी। लेकिन ये अपने काम से संतुष्ट नहीं थी और यहाँ भी पढ़ाई करना नहीं छोड़ा। लेकिन जॉब के दौरान पढ़ाई करने और नोट्स बनाने को लेकर काफी दिक्कत होती थी।


ऐसे में इन्होंने छोटी बहन वैशाली जैन के द्वारा बनाये गए नोट्स से पढ़ाई करने लगी। आपको बता दें कि इनकी छोटी बहन वैशाली ने 21वीं रैंक से UPSC की परीक्षा को पास किया है। दोनों बहनों ने यूपीएससी की परीक्षा में ऊंची रैंकिंग हासिल कर परिवार का मान बढ़ाया है।


आपको बता दें कि यूपीएससी 2020 की परीक्षा में बिहार के शुभम कुमार पूरे देश में टॉपर रहे हैं तो वहीं मध्यप्रदेश की जागृति अवस्थी ने दूसरे नम्बर पर रही है।


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अंकिता जैन का परिवार


पिता का नाम: N/A
माता का नाम: N/A
ससुर (Father-in-law): डॉ राकेश त्यागी
सास (Mother-in-law): डॉ सविता त्यागी
बहन का नाम: वैशाली त्यागी (AIR-3)
हस्बैंड नाम: अभिनव त्यागी (आईपीएस)
बच्चे: N/A


Ankita Jain UPSC Biography, Wiki, Age, Rank, Date Of Birth, Net Worth | अंकिता जैन का जीवन परिचय


पूरा नाम: अंकिता जैन
निकनेम: अंकिता
जन्म/ Date Of Birth: 1993
जन्मस्थान/ Birthplace: आगरा
वर्तमान पता: शास्त्री नगर, नई दिल्ली
ससुराल: डिफेंस एस्टेट कॉलोनी, ग्वालियर रोड, आगरा
उम्र/ Age: 28 वर्ष
हाइट/ Height: 155 सेमी.
वजन/ Weight: 60 किलोग्राम
स्कूल: N/A
कॉलेज: दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी
प्रोफेशन: आईएएस अधिकारी
UPSC रैंक: AIR-3
रोल नम्बर: 0813490
सैलरी: N/A
नेट वर्थ: N/A
एजुकेशन: ग्रेजुएट
जाति/ Caste: ब्राह्मण
धर्म/ Religion: हिन्दू
राष्ट्रियता: भारतीय


Ankita Jain UPSC Success Story In Hindi | अंकिता जैन का करियर

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Ankita Jain UPSC Biography

छोटी उम्र में जब अंकिता ने घर के खिड़की से बाहर झुग्गी-झोपड़ी के बच्चों को इधर-उधर घूमते देख इनको काफी आश्चर्य हुआ। इन्होंने सोचा कि आखिर ये पूरे दिन करते क्या होंगे? अपनी इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए उसने अपने पिता से पूछा कि ये बच्चे स्कूल क्यों नहीं जाते हैं?


उस समय उनके पिता ने अगर तुम बड़ा बनकर आईएएस अधिकारी बन गयी तो समाज में इस तरह के समाज में बदलाव ला सकती हो और इन बच्चों को ऐसा करने से रोककर पढ़ने के लिए भेज सकती हो।


फिर क्या था यहीं बात अंकिता के दिल में चुभ गयी। उसी समय इन्होंने आईएएस अधिकारी बनने का ठान लिया। लेकिन इस यात्रा में काफी कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ा। लेकिन हार न मानने की ऐसी जिद थी कि रास्ता रोकने की हर कठिनाई कम पड़ जाती थी।


इनका कहना है कि इस कठिन समय में इनके माता-पिता ने काफी सहयोग किया। इस यात्रा में इनकी छोटी बहन वैशाली भी शामिल हो गयी। दोनों बहनों ने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।


अंकिता ने UPSC की परीक्षा देने से पहले 2016 में गेट की परीक्षा दी, जिसमें पहली रैंक हासिल की। जिसके बाद 2017 में पहली बार UPSC की परीक्षा में शामिल हुई,  लेकिन इन्होंने प्रीलिम्स भी पास नहीं की। बिना हौसला खोए अंकिता ने 2018 की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।


जिसमें इन्होंने 270 रैंक हासिल करने के बाद मुंबई में डिप्टी अकाउंटेंट जनरल के पद पर तैनात हो गयी। लेकिन वो इस काम से खुश नहीं थी। इनका सपना तो समाज के बीच रहकर उनकी समस्याओं को दूर करने का था।


जिसके बाद वो जॉब के साथ-साथ और कड़ी मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करने लगी। लेकिन काम का बोझ अधिक हो जाने और समय कम रहने के कारण अगली परीक्षा में सफल नहीं हो पाई। फिर समय आया 2020 का, जब अंकिता कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती थी। इस बार वो पूरी तरह तैयार थी।


इस बार न सिर्फ वो सिविल सर्विस की परीक्षा पास की बल्कि AIR-3 लाकर पूरे देश में अपना नाम रोशन कर दिया। हमें गर्व है भारत के इस बहादुर बेटी पर।


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Ankita Jain UPSC Strategy In Hindi


सिविल सर्विसेज (आईएएस) परीक्षा में पूरे देश में तीसरी रैंक हासिल करने वाली आगरा की अंकिता जैन की मोटिवेशनल कहानी लाखों युवाओं को प्रेरित करने वाली है। इनका कहना है कि कोई भी पेशा छोटा या बड़ा नहीं होता। बस उसे हासिल करने के लिए लक्ष्य पर फोकस रखना जरूरी होता है।


24 सितंबर को जैसे ही यूपीएससी का रिजल्ट जारी हुआ अंकिता के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इन्होंने इंटरव्यू में बताया कि "रणनीति के साथ 6 घंटे की पढ़ाई किया जाए तो यूपीएससी की तैयारी में काफी मदद मिलता है। लेकिन जितना भी देर पढ़ें मन लगाकर पढ़े। अगर हर रोज लक्ष्य बनाकर पढ़ाई किया जाए तो हर चीजें काफी आसान हो जाती है।"


इनका कहना है कि अगर आप नौकरी भी करते हैं तब भी तैयारी किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए सही टाइम मैनेजमेंट की जरूरत होगी। उन्होंने ये भी कहा कि युवाओं को इधर-उधर भटकने के बजाय जिस क्षेत्र में जाना है उस पूरी फोकस रखते हुए तैयारी करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी।


अंकिता जैन यूपीएससी सक्सेस मंत्र


1. ज्यादा देर तक पढ़ने के बजाय यूपीएससी की तैयारी के लिए स्टूडेंट्स को स्मार्ट तरीके से पढ़ाई करने पर फोकस करना चाहिए।
2. 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई कर अपनी बेस को मजबूत करें।
3. यूपीएससी की तैयारी करते समय छोटे-छोटे नोट्स बनाकर पढ़ाई करें इससे आपका काम काफी हद तक आसान हो जाएगा।
4. पूरी सिलेबस एक बार में पढ़ने के बजाय सब्जेक्ट के बेसिक्स को पहले क्लियर करें, इसके बाद बाद में सिलेबस के अनुसार पढ़ाई करें। 
5. जितना हो सके ज्यादा-से-ज्यादा रिविज़न पर ध्यान दें और सही रणनीति बनाकर कड़ी मेहनत करें।


दोस्तों, ये थी यूपीएससी में तीसरा स्थान हासिल करने वाली अंकिता जैन की जीवनी। अगर आपको Ankita Jain UPSC Biography In Hindi पसंद आया हो तो इसे शेयर जरूर करें धन्यवाद।।

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सत्यम गांधी का जीवन परिचय | Satyam Gandhi (UPSC AIR-10) Biography

सत्यम गांधी का जीवन परिचय | Satyam Gandhi (UPSC AIR-10) Biography

UPSC में AIR-10 लाने वाले सत्यम गांधी का जीवन परिचय | Satyam Gandhi UPSC Biography Wikipedia In Hindi


दोस्तों, आपने एक कहावत तो सुनी ही होगी कि अगर मेहनत दिल से की गई होती है तो वो सफलता दौरे चली आती है। ठीक ऐसा कर दिखाया है बिहार के एक लड़के ने।


बहुत सारे लोग कहते हैं कि यूपीएससी जैसे कठिन की परीक्षा को पहले प्रयास में पास करना संभव नहीं है। लेकिन इस मिथक को तोड़ दिखाया है बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले सत्यम गांधी ने।


सत्यम ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) के सिविल सेवा परीक्षा 2020 में ऑल इंडिया में 10वां रैंक हासिल कर सबके लिए एक उदाहरण पेश किया है। जैसे ही सत्यम के रिजल्ट के बारे में गांव में पता चला सारे लोग बधाई देने वालों का तांता लग गया।


लेकिन क्या आप जानते हैं यूपीएससी में 10वीं रैंक लाने वाले सत्यम गांधी कौन है? इन्होंने कैसे सफलता के इस मुकाम को हासिल किया, इस ऊंचाई तक पहुचने में उनको किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?


अगर आप भी सत्यम गांधी की जीवनी के बारे में पूरी विस्तार से जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।


सत्यम गांधी कौन है | Who Is Satyam Gandhi UPSC In Hindi


बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले सत्यम गांधी ने तो ऐसा कमाल कर दिया कि पूरे युवाओं के लिए मिशाल बन गए। इन्होंने यूपीएससी 2020 की परीक्षा पहले ही प्रयास में 10वीं रैंक हासिल कर कमाल कर दिया है।


सत्यम ने जब पहली बार अपना रिजल्ट देखा तो एक बार तो इनको अपने सफलता पर विश्वास ही नहीं हुआ। जब इन्होंने रिजल्ट में अपना स्थान 10वें नम्बर देखा तो इनके खुशी का ठिकाना नहीं रहा।


सत्यम गांधी की शिक्षा (Satyam Gandhi Education)


सत्यम ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से पूरी की है। इसके बाद दयाल सिंह कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। ग्रेजुएशन में तीसरे साल की पढ़ाई के दौरान ही इन्होंने तय कर लिया कि अब मुझे आईएएस बनना है।


सत्यम हमेशा से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं। चाहे वो 10वीं कक्षा हो या 12वीं कक्षा सबमें ये स्कूल टॉपर रहे हैं। इसके बाद कॉलेज में अपने बैच के डिपार्टमेंट रहे हैं।


इनका कहना है कि, मैंने फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स के साथ 12वीं की पढ़ाई पूरी की है और मैं 90.8% के साथ क्लास का टॉपर था। इन्होंने ये भी बताया कि मैं कैसे भी 12वीं में 90% से ऊपर मार्क्स लाना चाहता था, ताकि दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला हो सके। इसी के लिए मैं 12वीं में मैंने काफी मेहनत किया।


इसके बाद परिवार के लोग चाहते थे कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करें, लेकिन शुरू से ही मेरी रुचि राजनीतिक विज्ञान में था। जिसके बाद मुझे घर वालों ने छूट दे दी कि जो मन में आये कर सकते हो।


सत्यम गांधी का परिवार


सत्यम के परिवार में इनके अलावा माँ, पिता, छोटे भाई है, जिन्होंने इनको पढ़ाई में काफी सपोर्ट किया। इसके अलावा इनके दो करीबी दोस्त हिमांशु और हर्ष ने इनको यूपीएससी की तैयारी में काफी मदद की। आज इन्हीं लोगों के सपोर्ट के वजह से आज वो इस मुकाम को पा सके हैं। इनके पिता एक सरकारी कर्मचारी है और माँ होममेकर है।


सत्यम गांधी का जीवनी | Satyam Gandhi UPSC Bio, Wiki, Rank, Age


पूरा नाम: सत्यम गांधी

निकनेम: सत्यम

जन्म/ Date Of Birth: 1999

जन्मस्थान: दिघड़ा गांव, प्रखंड- पूसा, समस्तीपुर, बिहार

होमटाउन: समस्तीपुर

वर्तमान पता: दिल्ली

उम्र/ Age: 22 वर्ष

एजुकेशन: ग्रेजुएशन (पॉलिटिकल साइंस)

प्रोफेशन: सिविल सेवा

यूपीएससी रैंक: AIR-10

वैकल्पिक विषय: राजनीतिक विज्ञान

धर्म/ Religion: हिन्दू

नेट वर्थ: N/A

सोशल साइट्स: ट्विटर

राष्ट्रियता: भारतीय


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Satyam Gandhi Success Story In Hindi

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Satyam Gandhi Success Story In Hindi

इनके इस सफलता पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है। रिजल्ट पता चलने के बाद तो इनके घर पर और फ़ोन पर लोगों का बधाइयां देने के लिए तांता लग गया।


रिजल्ट आने के बाद दिए इंटरव्यू में सत्यम ने बताया कि "आज मैं अपने दादाजी का सपना कर पाया। मेरे 95 वर्षीय दादा जी का सपना था कि मेरे घर से कोई कलेक्टर बनें। आखिरकार मैं अपने मेहनत के बल पर अपने दादाजी का सपना पूरा कर पाया।"


इनका कहना है कि जो इंसान जितना ज्यादा कठिनाइयों का सामना करता है, वह उतना ही मजबूत बनता है और मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ।


घर की माली हालत ऐसी थी कि पढ़ाई के लिए कभी रिश्तेदारों से तो कभी बैंक से कर्ज लेना पड़ता था। आज भी इनके परिवार पर बहुत सारा कर्ज है। लेकिन सत्यम ने अपने परिवार के सपने को साकार करने के लिए जी तोड़ मेहनत किया और आज उसी का नतीजा है कि UPSC में पूरे देश में 10वीं रैंक लाकर परिवार का मान बढ़ाया है।


इनका कहना है कि मेरे इस सफलता में मेरे घर वालों का बहुत बड़ा हाथ है। उन्ही के त्याग के बदौलत मैं आज यहाँ तक पहुँच पाया हूँ।


यूपीएससी की तैयारी के लिए जब सत्यम गांव से पहली बार दिल्ली आए तो इनको इतना भी पता नहीं था कि मोमोज और सैंडविच क्या होता है? लेकिन जब पहली बार इन सबके बारे में पता चला तो एक बार इनका भी ध्यान भटका परन्तु जल्द ही एहसास हो गया कि मेरा बैकग्राउंड इन सबके लिए नहीं है और दुबारा पढ़ाई पर ध्यान देने लगे।


एक इंटरव्यू में सत्यम ने बताया कि जब भी पढ़ाई के दौरान मेरा ध्यान गैर जरूरी चीजों पर भटकता था मुझे तुरंत अपने परिवार का त्याग और हालत याद आ जाता था। ये सोचते थे कि जो परिवार ने मुझे कर्जा लेकर पढ़ा रहे हैं उनको मैं कैसे धोखा दे सकता हूँ। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर सत्यम ने खुद को हमेशा मोटिवेट रखा और सिर्फ अपने पढ़ाई पर ध्यान दिया।


रांची में ग्रामीण विकास में एक इंटर्नशिप के दौरान इनको एहसास हुआ कि मुझे ग्रामीण विकास में योगदान देना है। इसके लिए मुझे लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना होगा और दूर करना होगा। इसी सोच के साथ यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।


फिर एक बार जब इन्होंने UPSC पास करने की ठानी तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा और जीजान लगाकर पढ़ाई में जुट गए।


इनका मानना है कि इंसान को मुश्किलें ही उसे मजबूत बनाती है। UPSC पास करने से पहले सत्यम पिछले चार सालों से दिल्ली में एक कमरे में रह रहे थे और अपनी तैयारियों को धार दे रहे थे।


इन्होंने बताया कि UPSC चुनने का एक कारण ये भी था कि ग्रामीण क्षेत्रों में जितनी समस्याएँ लोगों को होती थी। इससे वे बिल्कुल अच्छे तरीके से वाकिफ थे। इन्हीं ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए तथा उनके समस्याओं को दूर करने के लिए सिविल सेवा का रास्ता चुना।


Satyam Kumar UPSC Strategy In Hindi


सत्यम इसी साल अक्टूबर में यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा होने वाली है। ऐसे में यूपीएससी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को सत्यम के बातों पर जरूर गौर करना चाहिए।


इन्होंने सभी स्टूडेंट्स को सलाह दी है कि परिस्थियां चाहे जैसी भी हो हर रोज 10 से 12 घंटे की पढ़ाई जरूर करनी चाहिए। हमें अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार होना चाहिए। हमें घर पर रोज 10 से 12 घंटे का सेल्फ स्टडी करना ही चाहिए, तभी हम सिविल सेवा को आसानी से पास कर सकते हैं।


सभी स्टूडेंट्स को अच्छे तरीके से तैयारी करने के लिए साप्ताहिक और मासिक लक्ष्य बनाना चाहिए। इससे आपको तैयारियों का जायजा लेने में काफी मदद मिलेगी। हमारा लक्ष्य पड़ फोकस स्पष्ट होना चाहिए। आर हम योजनाबद्ध तरीके से निरंतर अध्ययन करेंगे तो सिविल सेवा की परीक्षा पास करने से कोई नहीं रोक सकता है।


दोस्तों, हमें पूरी उम्मीद है कि आपको सत्यम गांधी की जीवनी काफी मोटिवेट करेगी और आपको लक्ष्य के प्रति प्रेरित करेगी। अगर आपको सत्यम गांधी की स्टोरी पसंद आया हो तो शेयर जरूर करें धन्यवाद।।

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