Translate

Biography लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Biography लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
देश के सबसे पॉपुलर शिक्षक खान सर का जीवन परिचय | Khan Sir Patna

देश के सबसे पॉपुलर शिक्षक खान सर का जीवन परिचय | Khan Sir Patna

कॉमेडी किंग और देश के सबसे चहेते शिक्षक खान सर का जीवन परिचय | Khan GS Research Centre Owner Biography In Hindi

Khan sir patna biography in hindi, khan sir patna success story in hindi
Khan Sir Patna Biography In Hindi

अगर आप देश-दुनिया के खबरों के बारे में पूरी विस्तार से जानने की इच्छा रखते हैं और उसके अंदर की छुपी हर एक राज को जानना चाहते हैं तो आपने यूट्यूब पर खान सर का वीडियो जरूर देखा होगा। आज वे किसी परिचय के मोहताज नहीं है कि खान सर कौन है?


खान सर बिहार के पटना शहर में बहुत बड़े कोचिंग संस्थान Khan GS Research Centre के संस्थापक और एक बहुत अच्छे टीचर भी है। जो कि अपने पढ़ाने के एक विशेष शैली के चलते कुछ ही समय में पूरे देश में उनकी पहचान एक अलग स्तर के टीचर के रूप में होने लगी है।


उनके पॉपुलैरिटी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि 2019 में ही शुरू हुए उनके यूट्यूब चैनल को भारत के सबसे बेस्ट यूट्यूब वीडियो creater के लिए 8वें स्थान पर रखकर उनको सम्मानित किया है। जो कि अबतक किसी और education चैनल ने ये सम्मान प्राप्त नहीं किया है।


खान सर के पढ़ाने के सबसे खास बात ये है कि ये हर बात को इतनी आसानी से देशी अंदाज में समझाते हैं कि इनके द्वारा पढ़ाई गयी सारी बात को लोग पहली बार में ही समझ जाते हैं और इनके मुरीद हो जाते हैं। इनके पढ़ाने के विशेष शैली के वजह से लोग इनको दूसरा अब्दुल कलाम के नाम सर पुकारते हैं।


आज हम खान सर के बारे में पूरी जानकारी देंगे जो आजतक आपलोग इनके बारे में नहीं जानते होंगे। साथ ही खान सर की जीवनी में हम जानेंगे कि कैसे खान सर एक साधारण आदमी से देश के सबसे चर्चित शिक्षक के रूप में प्रसिद्ध हुए? तो चलिए दोस्तों खान सर के जीवन परिचय के बारे में पूरी विस्तार से जानते हैं।


खान सर का जन्म और उनका परिवार | Khan Sir Patna Biography In Hindi


खान सर का जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। खान सर के पिता इंडियन आर्मी में कार्यरत थे, जो कि इस समय रिटायर्ड हो चुके हैं। इनके माता जी एक गृहणी है। इनके एक भाई भी है जो कि एक कमांडो है।


Khan Sir Patna Full Name | खान सर का असली नाम


खान सर का पूरा नाम मोहम्मद अरशद खान है। लेकिन उनसे पूछे जाने पर वो सिर्फ इतना कहते हैं कि लोग उनको सिर्फ खान सर के ही नाम सर जानें। आज पूरे देश में ये खान सर पटना वाले के नाम से चर्चित है। खान सर की उम्र लगभग 28 साल है।


खान सर पटना वाले का बचपन और उनके सराहनीय कार्य


खान सर को बचपन से ही इच्छा हमेशा देश सेवा करने की रहती है। इसलिए उनका सपना था कि वो भी एक भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहते थे। इसके लिए इन्होंने यूपीएससी द्वारा आयोजित NDA की परीक्षा भी दिए। जिसमें ये लिखित परीक्षा में तो पास हो गए लेकिन इनका हाथ सीधा नहीं होने के कारण इनको अयोग्य करार दिया गया। जिसके कारण इनका ये सपना हमेशा के लिए अधूरा रह गया।


ये भी पढ़ें:- मिसाइल मैन के नाम सर मशहूर एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी।


NDA में सेलेक्शन ना होने के कारण वे बहुत दुःखी हुए, पर खान सर के परिवार ने उनका हिम्मत बढ़ाते हुए कहा कि तुम्हारा सेलेक्शन नहीं हुआ तो क्या हुआ तुम देश की सेवा सेना में न रहकर भी कर सकते हो। इस देश के जनता की सेवा भी देश की सेवा ही हुआ। तुम जनता की सेवा करो और जरूरतमंद लोगों की सहायता करो। तब से जनता की सेवा ही खान सर का लक्ष्य है।


उन्होंने देश की सेवा के लिए एक अनाथालय भी खोला है जिसमें गरीब और अनाथ बच्चे रहते हैं। उनको किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होने देते है ताकि बच्चों को कभी भी अपने माँ-बाप की कमी महसूस नहीं हो। उन्होंने आवारा गायों के लिए एक गौशाला भी खोल रखा है।


खान सर की शादी | Khan Sir Marriage Life


अगर खान सर की शादी के बारे में बात करें तो इनकी शादी अभी नहीं हुई है लेकिन सगाई दो साल पहले ही हो चुकी है। मई 2020 में इनकी शादी भी होने वाली थी लेकिन कोविड19 की वजह से इनकी शादी रुक गयी। खान सर की पत्नी के बारे में बात करें तो इनकी मंगेतर बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में एक डॉक्टर है।


खान सर की शिक्षा | Khan Sir Patna Success Story In Hindi


आइये अब जानते हैं खान सर की शिक्षा के बारे में। अगर हम इनके शिक्षा के बारे में बात करें तो खान सर की प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर से ही पूरी हुई। खान सर की पढ़ाई में बचपन से ही बहुत रुचि रखते थे। जब वे 9वें क्लास में थे तब उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने लगे।


जब 10वीं कक्षा में गए तो पॉलीटेक्निक की तैयारी की और जब 12वीं में गए तो ALEEE की तैयारी करने लगे। पर संयोग की बात है जिस दिन उनकी परीक्षा थी उस दिन वे सोए ही रह गए, क्योंकि रात भर जग कर परीक्षा की तैयारी करने में लगे थे।


पर आपने एक कहावत तो सुनी ही होगी कि जो भी होता है अच्छे के लिए होता है। अगर खान सर उस दिन परीक्षा के लिए सही समय पर उठ गए होते तो आज हमलोग इनके बारे में कुछ नहीं जानते और इनके ज्ञान का भंडार हमारे नसीब नहीं होता।


खान सर के इतने सारे विषयों में इतनी जानकारी होने का सबसे बड़ा कारण ये है कि वो हर परीक्षा की तैयारी करके अपनी ज्ञान की सीमा को बढ़ाते रहते थे। उन्होंने अपना स्नातक की पढ़ाई फिजिक्स और केमिस्ट्री ओनर्स से इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से किया।


ये भी पढ़ें:- मुंबई इंडियन्स के युवा क्रिकेटर अर्जुन तेंदुलकर का जीवन परिचय।


खान सर स्नातक की पढ़ाई के दौरान तीन बार जेल भी जा चुके हैं। जब वो कॉलेज में थे तब वो स्टूडेंट्स यूनियन के सदस्य थे तो विद्यार्थियों के हित में लड़ते हुए तीन बार जेल जाना पड़ा। अपने स्नातक की पढ़ाई की पूरी करने के बाद उन्होंने P.Hd किया। इसके साथ-साथ वे मानचित्र विशेषज्ञ भी है।


जब खान सर छोटे थे तब वे बिहार में अपने ननिहाल अक्सर आया जाया करते थे। जिससे उनको बिहार से लगाव और ज्यादा बढ़ता चला गया। वे अपने आसपास के लोगों से बिहार के महापुरुषों के बारे में बहुत ही बारीकियों से जानते थे।


जब वो बड़े हुए तो उनको इस बात का एहसास हुआ कि कैसे हमारा समाज राजनीतिक कुरीतियों के कारण बदतर होता जा रहा है। गरीब बच्चे ढंग से शिक्षा भी प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं और बंधुआ मजदूरी कर रहे हैं। ये सब देखकर उन्होंने प्रण किया कि बिहार में बच्चों को सस्ती और क्वालिटी शिक्षा दूँगा। जिससे लोग आसानी से पढ़ सकें और गरीब बच्चे भी इस समाज में आगे बढ़ सके।


Khan GS Research Centre Patna Owner Name & History In Hindi


उनका मानना है कि शिक्षा उस शेरनी का दूध है जिसने उसे पिया है उसने जरूर दहारा है। अपने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए वे बिहार में Khan GS Research Centre की स्थापना की। जिसमें वे बिल्कुल सस्ते फीस पर हर प्रकार के competetive एग्जाम की तैयारी करवाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने पटना की सबसे बड़ी पुस्तकालय की भी स्थापना की है।


शुरुआत में उनकी कोचिंग बिल्कुल कम बच्चों तक ही सीमित थी। परन्तु जल्द ही अपने पढ़ाने के विशेष शैली के वजह से बच्चों की संख्या लगातार तेजी से बढ़ती चली गयी। तब उनको अपने कोचिंग को एक कोल्ड स्टोरेज में शिफ्ट करना पड़ा।


जल्द ही इस बड़े से कोल्ड स्टोरेज में भी बच्चों की संख्या बढ़ने के कारण बैठने तक कि जगह नहीं बची। इनके कोचिंग में इतनी भीड़ बढ़ गयी कि कुछ बच्चों को खड़े होकर ही पढ़ना पड़ता था। बच्चों के कठिन परिश्रम को देखकर खान सर ने ऑनलाइन लाइफ क्लासेज शुरू किया। जिसमें पटना में ही रहकर पढ़ाते थे परन्तु ऑनलाइन हो जाने के वजह से पूरे देश के बच्चे आसानी से पढ़ पाते हैं।


खान सर ने अपने ट्यूशन की फीस को गरीब बच्चों के लिए बहुत ही कम कर दी है। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे उनके कोचिंग में पढ़ाई कर सकें। खान सर का मकसद यहीं रहता है कि पैसों की वजह सर कोई भी बच्चा उनके कोचिंग सर लौट कर वापस नहीं जा पाए।


खान सर के इस कदम से बहुत ही कम समय में उनके ट्यूशन से जुड़ गए। वो अपनी कोचिंग में हर धर्मी के त्योहार को बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं। त्योहार मनाते समय वो किसी भी जाति को लेकर किसी तरह का भेदभाव नहीं करते हैं। खान सर कहते हैं कि आजादी से पहले हम सिर्फ हिंदुस्तानी थे पर विभाजन के वजह से हम हिन्दू और मुस्लिम में बंट गए।


आपने एक कहावत तो जरूर सुनी होगी कि आप जितनी तेजी से कामयाब होते हैं तो आपके दुश्मन भी उतनी ही तेजी से बढ़ते जाते हैं। अपने देश सेवा के सपनों को साकार करने के रास्ते में खान सर के दुश्मन भी बहुत तेजी से बढ़ते चले गए। उनको अक्सर अपने कोचिंग संस्थान बंद करने की धमकी मिलती रहती है। पर खान सर उनसे डरे बिना अपने कोचिंग संस्थान को लगातार चलाते रहे और एक से बढ़कर एक बुलंदियों को छूते रहे।


ये भी पढ़ें:- हिंदी गायन के बेताज बादशाह अरिजीत सिंह का जीवन परिचय।


एक बार की बात है जब 11 मई 2019 को सुबह 9 बजकर 45 मिनट के करीब खान सर के इंस्टिट्यूट पर बम से हमला किया गया और वहाँ उपस्थित शिक्षकों और बच्चों को लाठी तथा डंडों से पीटा गया। इसके बावजूद भी खान सर डरने वालों में से नहीं है। बल्कि अपने इरादों को और भी मजबूत करते हुए उन्होंने प्रण किया कि अगर तुम हमें मार भी दोगे तब भी हम संस्थान को बंद नहीं होने देंगे।


खान सर बच्चों को पढ़ाते समय हमेशा बच्चों को मोटिवेट करते रहते हैं और समाज सेवा करने की अपील करते रहते हैं। उनका मानना है कि हमारा जीवन दूसरों के लिए समर्पित होना चाहिए यहीं हमारे जीवन का लक्ष्य होना चाहिए।


खान सर अपने यहाँ पढ़ने वाले बच्चों को कहते हैं कि बिहार का पूरा भारत में एक गौरवशाली इतिहास रहा है। चन्द्रगुप्त मौर्य और चाणक्य ने अखंड भारत की शुरुआत यहीं से की थी और यहाँ पर आर्यभट्ट जैसे महान गणितज्ञ ने जन्म भी लिया था।


पर पिछले कुछ सालों से राजीनीतिक कुरीतियों के कारण ये राज्य अपना सम्मान खोता जा रहा है। इसलिए हमको फिर से अपने बिहार को पुराना मगध बनाना है। 20 मार्च 2020 तक खान सर का इंस्टीट्यूट सुचारू रूप से चल रहा था। परन्तु 21 मार्च से lockdown लगने के कारण बच्चों का इंस्टिट्यूट में आना बंद हो गया।


जिसके कारण उन्होंने अपना ऑनलाइन क्लास अपने यूट्यूब चैनल Khan GS Research Centre पर शुरू कर दिया। शुरुआत में लोग इनको इग्नोर कर रहे थे। लेकिन जिसने भी इनके पढ़ाने का शैली एक बार देखा बस उनका फैन होता चला गया और धीरे-धीरे इनकी लोकप्रियता बिहार के अलावा पूरे देश में फैल गया। आज देश के हर कोने से बच्चे खान सर के यहाँ पढ़ना चाहते हैं।


खान सर के यूट्यूब चैनल पॉपुलर होने का कारण ये है कि ये अपने हर वीडियो के अंत में समस्याओं का हल जरूर बताते हैं। इनके कई वीडियो को बॉलीवुड के बड़े-बड़े हस्तियों ने भी अपने ट्विटर पर शेयर किया है।


Khan GS Research Centre Youtube Income In Hindi | खान सर की नेट वर्थ


आपके जानकारी के लिए बता दें कि खान सर अपने पैसों का अधिकांश भाग समाजिक सेवाओं में लगा देते हैं। फिर भी इनके यूट्यूब वीडियो के व्यूज के हिसाब से खान सर का मासिक आय लगभग 10 लाख सर ऊपर है।


ये भी पढ़ें:- राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह की जीवनी।


इसके अलावा इनका एक App भी है जिसमें केवल 2 लाख बच्चों के लिए ही रजिस्ट्रेशन allow है। एक बच्चे के लिए 99 रुपये का फीस रखा गया है जिसके हिसाब से लगभग 2 करोड़ रुपये हुए। साथ ही इनके कमाई का सबसे बड़ा स्रोत पटना में स्थित इनका कोचिंग संस्थान है। जिसमें हजारों की संख्या में बच्चे पढ़ते हैं।


Khan GS Research Centre Contact Number & Address


वैसे तो खान सर के बारे में पटना के हर एक बच्चा बता सकता है। लेकिन अगर आप वहाँ जाना चाहते हैं तो Khan GS Research Centre का पता किसान कोल्ड स्टोरेज पटना 800006 है। साथ ही अगर आप उनके कोचिंग संस्थान के बारे में और कोई और जानकारी जानकारी जानना चाहते हैं तो आप Khan GS Research Centre के contact नम्बर पर फोन करके पूछ सकते हैं।

1. 8877918018
2. 8757354880


Khan Sir Official App Download link


अगर आप खान सर के द्वारा उनके कोचिंग संस्थान में नहीं पढ़ पा रहे हैं और आप इनके द्वारा बांटे गए ज्ञान को अर्जित करना चाहते हैं तो आप इनके ऑनलाइन क्लास से जुड़कर भी पढ़ सकते हैं। इसके लिए आप खान सर के ऑफिशियल app अभी डाऊनलोड कर सकते हैं।


Khan Sir Official


खान सर पटना वाले कि कथन | Khan Sir Patna Best Quotes In Hindi


● लुढ़कते हुए पत्थरों पर काई नहीं जमती है बल्कि ठहरा हुआ पानी अक्सर खराब हो जाता है। इसलिए अपने ज्ञान की सीमा और भी ज्यादा बढ़ाते रहें।
● शिक्षा उस शेरनी का दूध है इसको जिसने भी पिया है उसने दहाड़ा है।
● दुनिया के हर समस्या का एक ही दवा है एक सच्चा दोस्त।
● जिम्मेदारी ऐसी चीज होती है जो रातों की नींद छीन लेती है।
● समय को बर्बाद मत कीजिये। दुःख की बात ये है कि समय बहुत कम है और सुख की बात ये है कि समय अभी भी है।


उम्मीद है कि आपको खान सर की बायोग्राफी से काफी कुछ सीखने को मिलेगा। साथ ही आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको खान सर पटना की जीवनी कैसी लगी? अगर आपको किसी और देशभक्त कि बायोग्राफी चाहिए तो कमेंट बॉक्स में लिखना मत भूलिएगा।


ये भी पढ़ें:- दुनिया के सबसे क्रांतिकारी आदमी एलन मस्क का जीवन परिचय।

अर्जुन तेंदुलकर का सम्पूर्ण जीवन परिचय | Arjun Tendulkar Biography

अर्जुन तेंदुलकर का सम्पूर्ण जीवन परिचय | Arjun Tendulkar Biography

सचिन तेंदुलकर के इकलौते बेटे अर्जुन तेंदुलकर की जीवनी | Arjun Tendulkar Biography In Hindi

Arjun tendulkar biography in hindi, arjun tendulkar success story in hindi
अर्जुन तेंदुलकर की जीवनी


आज हम बात करेंगे भारतीय क्रिकेट के भगवान और दुनिया के सबसे महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के इकलौते बेटे अर्जुन तेंदुलकर की जीवनी के बारे में।


जैसा कि हम सभी जानते हैं कि अर्जुन तेंदुलकर कौन है? उनको किसी परिचय की जरूरत नहीं है। बचपन से ही अपने पिता के जैसे बनने के सपने को लेकर क्रिकेट के मैदान में दिन रात मेहनत करने वाले अर्जुन तेंदुलकर के एक स्कूल क्रिकेट से आईपीएल 2021 में मुंबई इंडियंस के हिस्सा बनने तक कि कहानी काफी रोमांचक रही।


तो आइए क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की जीवनी के बारे में पूरी विस्तार से जानते हैं।


अर्जुन तेंदुलकर का जन्म और शुरुआती जीवन | Success Story Of Arjun Tendulkar In Hindi


सबसे पहले बात करते हैं अर्जुन तेंदुलकर के जन्म के बारे में। अर्जुन तेंदुलकर का जन्म एक हिन्दू परिवार में 24 सिंतबर 1999 को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में हुआ था।


अर्जुन तेंदुलकर का बचपन भी अपने पिता के तरह ही क्रिकेट की दुनिया में गुजरा। बचपन से ही क्रिकेट की दुनिया में अपना नाम कमाने के लिए लगातार प्रयासरत रहे अर्जुन तेंदुलकर की पूरी कहानी को जानते हैं।


अर्जुन तेंदुलकर का परिवार


अर्जुन तेंदुलकर के पिता का नाम सचिन तेंदुलकर है और उनकी माता का नाम अंजली तेंदुलकर है, जो पेशे से एक डॉक्टर है। अर्जुन तेंदुलकर के बहन का नाम सारा तेंदुलकर है।


अर्जुन तेंदुलकर का जीवन परिचय


अर्जुन तेंदुलकर की हाइट- 1.91m
अर्जुन तेंदुलकर का वजन- 65 kg
चेस्ट- 36 इंच
कमर- 30 इंच
बाइसेप्स -13 इंच

आयु- 20 वर्ष
अर्जुन तेंदुलकर के काले बाल और भूरे रंग का आंख है।


अर्जुन तेंदुलकर की शिक्षा | Arjun Tendulkar Education


आइये अब हम जानते हैं अर्जून तेंदुलकर के शिक्षा के बारे में। अर्जुन तेंदुलकर ने धीरूभाई अम्बानी इंटरनेशनल स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की।


अर्जुन तेंदुलकर का क्रिकेट करियर | Arjun Tendulkar Success Story In Hindi


अब जानते हैं अर्जुन तेंदुलकर के क्रिकेट करियर के बारे में। अर्जुन तेंदुलकर जब केवल 8 वर्ष के थे तब उनके पिता सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट कोचिंग संस्थान में दाखिला करवा दिया था। 22 जनवरी 2010 को अर्जुन तेंदुलकर ने अपना पहला मैच अंडर-13 टूर्नामेंट पुणे में खेला था।


ये भी पढ़ें:-● यॉर्कर किंग के नाम से मशहूर टी नटराजन का जीवन परिचय।

भारत के तूफानी हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या का जीवन परिचय।


क्या आप जानते हैं अर्जुन तेंदुलकर अपने पिता के विपरीत बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और साथ में एक अच्छे तेज गेंदबाज भी है।


नवम्बर 2011 में जमनाबाई नर्सरी स्कूल के खिलाफ धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के तरफ से खेलते हुए अर्जुन तेंदुलकर रिकार्ड्स 22 रन देकर 8 विकेट चटकाए थे। अपने इस प्रदर्शन के बदौलत उन्होंने सारे क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी तरफ खींचा।


जनवरी 2011 में उन्होंने पुणे में केडेन्स ट्रॉफी टूर्नामेंट में अपना पहला राष्ट्रीय स्तर का मैच खेला। वहीं जून 2012 में गोरेगांव सेंटर के खिलाफ अंडर 14 में अर्जुन तेंदुलकर ने अपना पहला शतक लगाया।


17 जुलाई 2018 में अर्जुन तेंदुलकर ने अपना क्रिकेट करियर भारत U-19 टीम के लिए श्रीलंकाई U-19 टीम के खिलाफ खेलकर शुरुआत की। इसके अलावा इन्होंने कई सारे घरेलू टीमों के लिए भी क्रिकेट खेला।


अर्जुन तेंदुलकर के पसंद और उनके शौक


आइये अब जानते हैं अर्जुन तेंदुलकर के पसंदीदा चीजों के बारे में।

फेवरेट एक्टर- शाहरुख खान
शौक- ट्रेवलिंग और संगीत सुनना
फेवरेट क्रिकेटर- सचिन तेंदुलकर
पसंदीदा भोजन- सांबर और पानी पूरी
फेवरेट शॉट- कवर ड्राइव


अर्जुन तेंदुलकर नेट वर्थ


आइये अब जानते हैं अर्जुन तेंदुलकर की कुल सम्पति के बारे में।

वैसे तो अर्जुन तेंदुलकर न तो किसी पहचान की जरूरत है और न ही उनकी सम्पति के बारे में जानने की। फिर भी एक अनुमान के अनुसार अर्जुन तेंदुलकर की कुल सम्पति 2020 तक लगभग एक करोड़ है।


Arjun Tendulkar Car Collections | अर्जुन तेंदुलकर की लाइफस्टाइल


अर्जुन तेंदुलकर के कार कॉलेक्शन्स के बारे में जानते हैं।
वर्तमान में अर्जुन तेंदुलकर के पास Ferrari 360 Modena, Nishan GT-R Egoist, BMW X5M  जैसी लक्जरी कारे हैं।


ये भी पढ़ें:- भारत के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल की जीवनी।


अर्जुन तेंदुलकर आईपीएल ऑक्शन | Arjun Tendulkar Latest News In Hindi


इंडियन प्रीमियर लीग के चौदहवें सीजन से पहले नीलामी को लेकर काफी बातें की जा रही थी। इस नीलामी में सबकी नजर दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर पर टिकी हुई थी। हर किसी को इसी बात पर नजर थी कि आखिर कौन सी टीम इस खिलाड़ी को खरीदेगा और कितनी बोली लगेगी।


गुरुवार 18 फरवरी 2021 को चेन्नई में हुए आईपीएल ऑक्शन में 291 खिलाड़ियों के नाम की बोली लगाई गई। टूर्नामेंट  में पहली बार शामिल हो रहे अर्जुन तेंदुलकर का नाम नीलामी के सबसे अंत में आया। लंबे इंतजार के बाद जब इस खिलाड़ी का बोली लगाई तो उम्मीद के मुताबिक मुंबई इंडियंस के टीम ने खरीद लिया।


आपको बता दें कि आईपीएल 2021 के नीलामी में अर्जुन तेंदुलकर का बेस प्राइस 20 लाख रुपये रखी गयी थी। जिसे मुंबई इंडियंस की टीम ने उनके बेस प्राइस पर ही खरीद लिया। अब हमें देखना है कि अपने पिता सचिन तेंदुलकर की ही भांति क्या अर्जुन तेंदुलकर क्रिकेट में अपनी एक अलग छाप छोड़ पाते हैं कि नहीं।


सचिन तेंदुलकर जितने महान क्रिकेटर थे, उतना बन पाना किसी सपने से कम नहीं होगा। लेकिन अर्जुन तेंदुलकर भी अपने पिता के जैसे क्रिकेट में नाम कमाना चाहते हैं। बचपन से ही अर्जुन तेंदुलकर को अपने पिता की तरह क्रिकेट का बहुत शौक था। परन्तु सचिन तेंदुलकर ने कभी भी अर्जुन को क्रिकेट में करियर चुनने का दबाव नहीं डाला। उन्होंने अपने बेटे को करियर चुनने की पूरी आजादी दी।


आपके मुताबिक क्या अर्जुन तेंदुलकर क्रिकेट में अपने पिता सचिन तेंदुलकर के जितना नाम कमा पाएंगे, क्या वैसा नाम और शोहरत हासिल कर पाएंगे? आपकी अर्जुन तेंदुलकर के बारे में क्या राय है हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको अर्जुन तेंदुलकर की जीवनी काफी पसंद आई होगी। अगर आपको हमारा ये पिस्ट अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें।


ये भी पढ़ें:- दुनिया के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति अल्बर्ट आइंस्टीन की जीवनी।

यॉर्कर किंग के नाम से मशहूर तेज गेंदबाज टी. नटराजन का जीवन परिचय

यॉर्कर किंग के नाम से मशहूर तेज गेंदबाज टी. नटराजन का जीवन परिचय

T. Natarajan Biography In Hindi | स्टार तेज गेंदबाज टी. नटराजन की जीवनी

T. Natarajan biography in hindi, Success story of T. Natarajan in hindi
T. Natarajan Biography In Hindi

तमिलनाडु के एक सुदूर गांव से निकलकर टीम इंडिया की तरफ से खेलने की कहानी एक सिनेमा का नाम है। जिसका नायक पहले संघर्ष को अपनी जीवन का हिस्सा बनाता है और, संसाधन के अभाव में खुद को निखारने का काम करता है, संघर्ष की जमीन पर खड़े होकर सफलता के दरवाजे को खटखटाता है और फिर उसकी पूरी कहानी बदल जाती है।


क्रिकेट को लेकर हमारे देश मे कोई न कोई चर्चा होती रहती है और जब से साल 2020 का आईपीएल खत्म हुआ है तभी से भारतीय क्रिकेट के उभरते एक नए सितारे का जलवा पूरी दुनिया देख रही है।


जिसके लिए कभी टेनिस बॉल भी महंगी पड़ती थी। आज वहीँ क्रिकेटर आज भारतीय क्रिकेट में अपनी गेंदों से तहलका मचा रहा है। जी हाँ साथियों हम बात कर रहे हैं भारतीय क्रिकेट टीम के यॉर्कर किंग के नाम से मशहूर थंगरासु नटराजन(T. Natarajan) की जीवनी के बारे में।



कहते हैं कि किसी व्यक्ति को सफलता बहुत आसानी से नहीं मिलता। टी नटराजन को भी टीम इंडिया के प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी। लेकिन इसे सिर्फ मेहनत भर कह देने से काम नहीं चलेगा। आज जिस मुकाम पर वो खड़े हैं उनके पीछे की पूरी कहानी चलिये विस्तार से जानते हैं।


टी नटराजन का जन्म और बचपन | T. Natarajan Early Life Story In Hindi


दोस्तों बहुमुखी प्रतिभा के धनी टी नटराजन(T. Natarajan) का जन्म 27 मई 1991 को तमिलनाडु राज्य के सालेम में एक छोटे से गांव चिन्नप्पमपट्टी में हुआ था। टी नटराजन का पूरा नाम थंगरासु नटराजन है। उनके पिता बहुत कम पैसे के नौकरी करते थे और उनकी माँ परिवार को चलाने के लिए सड़क के किनारे चिकन की दुकान लगाती थीं। टी नटराजन का उम्र 2020 के अनुसार 29 साल है।


संघर्ष के दिनों में कभी-कभी नटराजन के परिवार को भी बगैर रोटी खाये सोना पड़ा है। जिस परिवार के लिए कुछ समय पहले तक एक वक्त की रोटी का जुगाड़ करना भी एक चुनौती लगती थी। उसी परिवार से निकलकर भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी धाक जमाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। टी नटराजन के बचपन में उनके पास कभी जूते नहीं थे तो कभी गेंद नहीं होते थे। लेकिन इस परिस्थिति में भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी।


ये भी पढ़ें:- भारत के तूफानी बल्लेबाज हार्दिक पांड्या की जीवनी।


पहले टेनिस बॉल से खेलते थे लेकिन दिक्कतें यहीं नहीं रुकी आगे उनके गेंदबाजी एक्शन पर सवाल उठने लगे। खेल को कुछ दिनों के लिए रोकना पड़ गया। लेकिन उसने अपनी हिम्मत नहीं हारी। मैदान पर लौटने में थोड़ा वक्त तो लगा लेकिन जब लौटे तो सबको हैरान कर दिया।


दोस्तों टी नटराजन ने एक ही ओवर में छः यॉर्कर डालकर सभी को हैरानी में डाल दिया था। इस बीच उनकी जिंदगी में कठिनाइयां रोज बढ़ती चली जा रही थी। एक तरफ क्रिकेट का खेल था तो दूसरी तरफ विषम परिस्थितियों से लड़ाई थी।


एक ही परिस्थिति में दोनों चीजें चलती रही। इस बीच टी नटराजन पर उनके गुरु ए. जयप्रकाश की नजर उन पर पड़ी और यहीं से उनकी जिंदगी धीरे-धीरे बदलती चली गई। उनके गुरु ने नटराजन को चेन्नई भेज दिया। आगे उनकी जिंदगी में जितनी भी दिक्कतें आयीं उन दिक्कतों को उनके गुरु ए. जयप्रकाश दूर करते चले गए।


टी नटराजन का घरेलू क्रिकेट करियर | T. Natarajan Success Story In Hindi


नटराजन को घरेलू क्रिकेट में पहली बार तमिलनाडु की तरफ से साल 2011 में खेलने का मौका मिला। खेल में नटराजन ने जबरदस्त प्रदर्शन किया जिससे नटराजन के आगे की राहें आसान होती चली गयी। कई मौके हाथ आयी। नटराजन ने अपने ट्रेनिंग में हाथ दिखाने शुरू कर दिए। इस तरह कई घरेलू टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन किये।


आपको पता होगा कि घरेलू मैच किसी भी क्रिकेट टीम की सफलता के मार्ग की पहली सीढ़ी होती है और इस सीढ़ी पर अगर कोई खिलाड़ी सही से कदम रख दें तो सफलता की गारंटी पहले से ज्यादा हो जाती है।


टी नटराजन के साथ भी यही हुआ। नटराजन ने घरेलू मैच की शुरुआत 5 जनवरी 2015 को तमिलनाडु टीम की तरफ से रणजी ट्रॉफी से की। इसके अलावा उन्होंने अपना पहला घरेलू टी ट्वेंटी मैच तमिलनाडु अंतरराज्यीय टूर्नामेंट भी साल 2017 के 29 जनवरी को खेला।


टी नटराजन का आईपीएल करियर | T. Natarajan IPL 2020 Journey

T. Natarajan IPL career in hindi,T. Natarajan life story in hindi
T. Natarajan IPL career


घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर चुके टी नटराजन के आईपीएल करियर की बात करते हैं। किंग्स इलेवन पंजाब ने आईपीएल 2017 में टी नटराजन को मौका दिया। उस वक्त उनको तीन करोड़ रुपये में पंजाब ने खरीदा था। लेकिन मैदान पर नटराजन का जलवा बहुत ज्यादा नहीं दिखा और वे छः मैचों में सिर्फ दो विकेट ही ले पाये। इस दौरान उनको चोटिल भी होना पड़ा और कई सारे मैचों में उनको बैठना भी पड़ा।


ये भी पढ़ें:- टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल की जीवनी।


इस खराब प्रदर्शन का खामियाजा उनको भुगतना पड़ा। जब 2018 के आईपीएल में उनकी कीमत तीन करोड़ से गिरकर सिर्फ और सिर्फ 40 लाख रह गयी। इस बार उनको सनराइजर्स हैदराबाद ने अपनी टीम में खरीद लिया। अच्छे प्रदर्शन के बदौलत वो टीम के अहम सदस्य बन गए थे।


जीवन में पैसे आये तो टी नटराजन ने उन पैसों से सबसे पहले अपने माता-पिता के लिए एक बढ़िया सा घर बनवाया, अपने बहनों के लिए पढ़ाई की व्यवस्था की और साथ कि तमिलनाडु के एक गांव में एक क्रिकेट अकादमी की शुरुआत की। दूसरी तरफ आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि उनके माता-पिता अभी भी अपने पुराने काम को ही जारी रखे हुए हैं।


लाख कोशिशों के बाद भी टी नटराजन अपने माता-पिता को मना नहीं कर पाए। दूसरी तरफ वो अपने क्रिकेट पर लगातार काम करते हैं और उसकी बारीकियों को जानते रहे।


फिर समय आया आईपीएल 2020 के सीजन जिसने टी नटराजन का करियर को एक अलग मोड़ दिया। उन्होंने डेथ ओवरों में अपने शानदार गेंदबाजी से अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों को धूल चटाया और अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया।


उन्होंने अपने शानदार गेंदबाजी से बड़े-बड़े दिग्गजों को प्रभावित कर दिया। हैदराबाद के तरफ से खेलते हुए टी नटराजन ने विरोधी टीम को शानदार तरीके से छकाया। बड़े-बड़े बल्लेबाजों को धूल चटाई। ए बी डिविलियर्स जैसे बल्लेबाजों के डंडे उखारे। ये उनके लिए छोटी बात नहीं थी।


ये भी पढ़ें:- एक मंदबुद्धि बालक से दुनिया के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति बनने वाले अल्बर्ट आइंस्टीन की जीवनी।


यहीं से लगने लगा था कि अब आगे के करियर के लिए उनके दरवाजे खुलने लगे हैं। सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते हुए टी नटराजन ने आईपीएल 2020 टूर्नामेंट में 60 से भी ज्यादा यॉर्कर गेंद डाली। टी नटराजन के रफ्तार, डेथ ओवरों में सटीक गेंदबाजी से उन्होंने सबको चौंका दिया और सबको अपना दीवाना बना लिया।


टी नटराजन का अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर


टी नटराजन आईपीएल 2020 में विराट कोहली और डिविलियर्स जैसे दिग्गज को भी आउट किया था। उसी वक्त उनके प्रदर्शन को देख कर लग रहा था कि टी नटराजन की कहानी यहीं पर रुकने वाली नहीं है। पहले तमिलनाडु, फिर आईपीएल और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया का हिस्सा बनने तक के टी नटराजन का सफर एक खूबसूरत सपने के पूरा होने जैसा है।


अपने पहले ही दौरे पर ऑस्ट्रेलिया जैसी धाकड़ टीम के खिलाफ डेब्यू करना और फिर अपने शानदार प्रदर्शन से सबका दिल जीत लेना टी नटराजन ने काम बखूबी निभाया। एक मैच में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद हार्दिक पांड्या ने किसी और को मैन ऑफ द मैच मिलने पर उनको ही मैन ऑफ द मैच का असली हकदार बताया। आप हार्दिक पांड्या की जीवनी यहाँ पढ़ सकते हैं।


यहाँ तक कि उन्होंने अपने प्रदर्शन से लोगों को इतना प्रभावित किया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-ट्वेंटी सीरीज में जीत में अहम भूमिका निभाने वाले हार्दिक पांड्या ने अपना मैन ऑफ सीरीज ट्रॉफी टी नटराजन को उनके शानदार प्रदर्शन के बदौलत दे दिया और कहा कि इस ट्रॉफी के असली हकदार टी नटराजन ही है।


ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनको तीन टी-ट्वेंटी और एक वनडे मैच सहित कुल चार मैचों में खेलने का मौका मिला। जिसमें टी नटराजन ने 8 विकेट लेकर सबको प्रभावित कर किया।


इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन में हुए सीरीज के अंतिम टेस्ट मैच में टी नटराजन ने अपना पहला टेस्ट मैच खेला। उसमें उन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। अपने डेब्यू टेस्ट मैच में टी नटराजन ने पहली पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट लेकर अपने हुनर का परिचय दिया।


कुल मिलाकर अपने शानदार प्रदर्शन के बदौलत टी नटराजन ने ये साबित करके दिखाया है कि बुलन्द हौसलों और मजबूत इरादों से इंसान अपने जीवन में किसी भी मुकाम को हासिल कर सकता है। 


यूएई में हुये आईपीएल ने तेज गेंदबाज टी नटराजन के करियर और भाग्य को ही बदल कर रख दिया। आगे अभी टी नटराजन में बहुत क्रिकेट बाकी है। हर दिन क्रिकेट के लिए जीने वाले नटराजन में अब जितने की ललक है।


जितने की ललक के साथ टी नटराजन अपने क्रिकेट करियर में रोज एक नया मुकाम हासिल कर रहे हैं। उम्मीद करते हैं कि टी नटराजन के क्रिकेट करियर में कई सारे रिकॉर्ड अपने नाम करेंगे और पूरी दुनिया में अपने नाम का परचम लहरायेंगे।


उम्मीद करता हूँ दोस्तों आपको टी नटराजन की जीवनी काफी प्रेरणादायक कहानी जैसी लगी होगी। अगर आपको ये T. Natarajan Biography In Hindi अच्छी लगी हो तो इसे जरूर शेयर कीजिये।

भारत के तूफानी बल्लेबाज हार्दिक पांड्या का जीवन परिचय।

भारत के तूफानी बल्लेबाज हार्दिक पांड्या का जीवन परिचय।

Hardik Pandya Biography In Hindi | हार्दिक पांड्या की जीवनी

Hardik pandya biography in hindi,success story of hardik pandya in hindi
हार्दिक पांड्या की जीवनी

हार्दिक पांड्या का जीवन परिचय: एक ऐसा क्रिकेटर जिसके बारे में सचिन तेंदुलकर ने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि ये खिलाड़ी एक दिन टीम इंडिया का हिस्सा जरूर होगा। वहीँ वीरेन्द्र सहवाग ने तो यहाँ तक कह दिया था कि अगर टीम इंडिया का सारे बल्लेबाज आउट भी हो जाते हैं तो टेंशन ना लें हार्दिक पांड्या अकेले ही मैच जीता देगा।


130 करोड़ लोगों को निगाहें उन ग्यारह खिलाड़ियों पर टिकी रहती है जो क्रिकेट के मैदान में खेल रहे होते हैं। इस मैदान में खेलने वाले हर एक खिलाड़ी की एक अलग कहानी है, अलग-अलग जिंदगी से वो निकलकर आये हैं।


आज मैं आपको उन्हीं ग्यारह खिलाड़ी में एक ऐसे खिलाड़ी की सुनाऊंगा जो मैगी खाकर पला बढ़ा है। मैगी के बदौलत वो क्रिकेट को जी रहा था। मैगी खाकर वो पैसे बचाता था और क्रिकेट का समान इकट्ठा करता था।


आक्रामकता और आत्मविश्वास से लबरेज हार्दिक पांड्या जिसे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में बराबर की महारत हासिल है। क्रिकेट प्रेमी इसे सिक्सर बॉय कहते हैं। चयनकर्ता उसके अंदर भविष्य की हरफनमौला खिलाड़ी वाली छवि देखते हैं।


हार्दिक पांड्या को भी ये मुकाम बगैर संघर्ष के नहीं मिला है। इसके पीछे की कहानी प्रेरणादायक भी है और प्रशंसनीय भी। तो चलिए दोस्तों प्रतिभावान खिलाड़ी हार्दिक पांड्या की जीवनी को जानते हैं कि कैसे वो गरीबी से लेकर अमीरी की ऊंचाइयों को छुआ।


दोस्तों आप इस मोटिवेशनल बायोग्राफी स्टोरी में बनें रहे। हम आपको अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दुनिया भर में पहचान बनाने वाले हार्दिक पांड्या की जीवनी के बारे में एक-एक बात पूरी विस्तार से बताते हैं।


हार्दिक पांड्या का जन्म और परिवार

हार्दिक पांड्या की शिक्षा

हार्दिक पांड्या का शुरुआती क्रिकेट करियर

हार्दिक पांड्या के संघर्ष की कहानी

हार्दिक पांड्या का आईपीएल करियर

हार्दिक पांड्या का अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर

हार्दिक पांड्या का वैवाहिक जीवन

हार्दिक पांड्या की कुल सम्पति

हार्दिक पांड्या से जुड़ी 5 रोचक तथ्य


हार्दिक पांड्या का जन्म कब और कहाँ हुआ था | Success Life Story Of Hardik Pandya In Hindi


दोस्तों भारत के धाकड़ बल्लेबाज हार्दिक पांड्या का जन्म 11 अक्टूबर 1993 को गुजरात के सूरत में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। हार्दिक के पिता का नाम हिमांशु पांड्या और माता का नाम नलिनी पांड्या है। 


ये भी पढ़ें:- स्टार क्रिकेटर केएल राहुल की जीवनी।


उनके पिता क्रिकेट के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। वो अक्सर हार्दिक को मैच दिखाने ले जाया करते थे। साथियों अगर हार्दिक पांड्या की हाइट की बात करें तो उनकी हाइट 183 cm है।


हार्दिक पांड्या का परिवार Family


पिता का नाम: हिमांशु पांड्या
माता का नाम: नलिनी पांड्या
भाई का नाम: कुणाल पांड्या
पत्नी का नाम: नताशा स्टेनकोविक
बेटे का नाम: अगस्त्य


हार्दिक पांड्या की शिक्षा Hardik Pandya Education


इनसे दो साल बड़े भाई कुणाल पांड्या और हार्दिक पांड्या अपने बचपन के दिनों से ही पढ़ाई-लिखाई में कम और क्रिकेट में ज्यादा दिलचस्पी लेने लगे।


हार्दिक पांड्या की शिक्षा में रुचि नहीं रहती थी और वे खेलने में इतने व्यस्त रहने लगे कि वो नौवे क्लास में फेल हो गए और इसके बाद क्रिकेट पर पूरा ध्यान देने के लिए उन्होंने अपना पढ़ाई छोड़ दिया। पढ़ाई का बोझ पूरी तरह कंधों से उतर जाने के बाद दोनों भाई दिन रात क्रिकेट का दिन रात प्रैक्टिस करने लगें।


हार्दिक पांड्या का शुरुआती क्रिकेट करियर | हार्दिक पांड्या की जीवन कहानी


संघर्ष लम्बा था पर सफलता के लिए ये संघर्ष काफी जरूरी था। हार्दिक पांड्या का शुरुआती क्रिकेट करियर भी संघर्ष से भरा रहा। हार्दिक के साथ-साथ कुणाल पांड्या भी बेहतरीन क्रिकेट खेलते थे और पिता ने इन दोनों को क्रिकेट में करियर बनाने के लिए अपना व्यापार सहित पूरा परिवार सूरत से बड़ोदरा शिफ्ट होने का फैसला कर लिया।


उसके बाद वो जिस क्रिकेट अकादमी में वो गए उसका नाम द ग्रेट किरण मोरे की अकादमी। दोनों भाइयों की जबरदस्त प्रतिभा और परिवार की माली हालत को देखते हुए किरण मोरे ने ये फैसला लिया कि इन दोनों भाइयों की कोई फीस नहीं लगेगी।


ये भी पढ़ें:- भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद रावण का जीवन परिचय।


यानी कि इन दोनों भाइयों का करियर बनाने के लिए किरण मोरे का बहुत बड़ा हाथ रहा। एक तरफ दोनों भाई क्रिकेट में ट्रेनिंग लेने लगे तो दूसरी तरफ उनके पिता का व्यापार सिमटता चला गया। पांड्या परिवार को आर्थिक तंगी परेशान करने लगी।


हार्दिक के पिता को संघर्ष को देखते हुए किरण मोरे ने दोनों की ट्रेनिंग के बदले कोई भी शुल्क लेने से इनकार कर दिया। दोनों पांड्या भाई इस दुखद हालात में हिम्मत के साथ मैदान ओर बेहतरीन प्रदर्शन करने लगें।


हार्दिक पांड्या की संघर्ष भरी जीवन कहानी | Hardik Pandya Success Life Story In Hindi


हार्दिक और कुणाल के जीवन में अक्सर एक कहानी ऐसा भी है जिसको लेकर उनको काफी शर्मिंदगी महसूस होती थी। जब भी कोई किसी क्रिकेट मैच खत्म होता था तो उनके पिता किसी दूसरे से कहते थे कि हार्दिक और कुणाल को उनके घर तक ड्राप कर दें।


लेकिन कुछ दिनों तक ऐसे ही चलता देख कुणाल और हार्दिक पांड्या दोनों मिलकर अपने पिता से कहे- पापा हमें किसी की सहानुभूति नहीं चाहिए। हम ये नहीं चाहते कि आने वाले वक्त में कोई आपसे ये कहे कि तुम्हारे बच्चों को मुकाम हासिल करने में हमारा भी योगदान है।


हार्दिक पांड्या के परिवार की स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी। इसके बावजूद उनके पिता ने लोन पर एक कार ले लिया। कार की EMI दस हजार रुपये महीने भरने पड़ते थे।


कुछ समय के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ गई जब पूरे परिवार का इकलौते देखरेख करने वाले पिता का हार्ट अटैक आ गया। जिसके चलते उनकी सारी जमा पूंजी खत्म हो गयी और लोन पर ली हुई कार की EMI भी हार्दिक नहीं भर पाते थे।


कार कहीं जब्त न हो जाये इसके लिए हार्दिक पांड्या ने दो साल तक कार को छुपा कर रखा। जिसके बाद बैंक ने उन्हें फ्रॉड घोषित कर दिया। हार्दिक पांड्या अपने संघर्ष के इन तीन सालों में एक-एक रुपये के लिए तरस गए थे।


पांच-दस रुपये भी बचा पाना हार्दिक के लिए मुश्किल हो गया था। यहाँ तक कि हार्दिक और कुणाल पांड्या लोकल टीम के लिए पैसे लेकर मैच खेलने लगे और हर मैच के 500 रुपये लेने लगे। तब जाकर उनका घर का खर्च चल पाता था।


अब क्रिकेट खेलकर ही कमाई करना और घर चलाना उनका एक मात्र जरिया बन गया था। ऐसे में हार्दिक पांड्या ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए उस्ताद अली टूर्नामेंट में जबरदस्त प्रदर्शन किया और टूर्नामेंट को जीत लिया।


ये भी पढ़ें:- बॉलीवुड की चहेती सिंगर नेहा कक्कड़ की जीवनी।


उस टूर्नामेंट में हार्दिक पांड्या और कुणाल पांड्या दोनों भाइयों को अपने बेहतरीन प्रदर्शन के लिए लगभग 70-70 हजार रुपये मिले। मगर ये पैसा भी उनके कार की क़िस्त भरने के लिए काफी नहीं था। लेकिन कहते हैं कि पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को,उनके मुक्कदर के पन्ने कभी कोरे नहीं होते। हार्दिक पांड्या का किस्मत भी कुछ इसी तरह पलटा।


हार्दिक पांड्या का आईपीएल क्रिकेट करियर और सफलता की कहानी Hardik Pandya IPL Career & Success Story in Hindi

Hardik pandya international cricket career in hindi,hardik pandya ipl career
Hardik Pandya Cricket Career


हार्दिक पांड्या का आईपीएल क्रिकेट करियर: जूनियर लेवल पर हार्दिक ने कई मुकाबले अपने दम पर टीम को जिताये और अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर जल्दी ही बड़ोदरा क्रिकेट टीम में शामिल हो गए।


हार्दिक पांड्या की किस्मत ने भी कुछ इसी तरह ही पलटा। कहते हैं न कि संघर्ष ही सफलता की जननी होती है। पांड्या सिर्फ मैगी खाकर मैदान पर प्रदर्शन करते थे। आर्थिक तंगी के कारण हार्दिक भोजन से पैसे बचाकर क्रिकेट का समान इकट्ठा किया करते थे।


2014 में हार्दिक पांड्या के एक क्रिकेट मैच खेलने के दौरान उनके पास खेलने के लिए बैट तक नहीं था। उनके उस बुरे वक्त में भारतीय क्रिकेट के स्टार क्रिकेटर रहे इरफान पठान ने उन्हें दो बैट गिफ्ट में दिए। उस मैच में उन्होंने 80 रनों की शानदार पारी खेली। यहीं से शुरू होती है हार्दिक पांड्या आईपीएल क्रिकेट करियर


उसी मैच के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच जॉन राइट की नजर उन पर पड़ गयी। उन्होंने इस खिलाड़ी को मुंबई इंडियंस के साथ दस लाख रुपये की कीमत में जोड़ लिया। यहीं से शुरू हुआ हार्दिक पांड्या के सफलता की कहानी का सिलसिला।


मुश्ताक अली टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन के दम पर 2015 के आईपीएल सीजन में मुंबई इंडियंस ने हार्दिक पांड्या को खरीद लिया। उसी साल मुंबई इंडियंस ने हार्दिक के अच्छे प्रदर्शन के दम पर टूर्नामेंट जीत लिया। जिसके बाद हार्दिक पांड्या को पचास लाख का चेक मिला। जो उनकी जिंदगी को बदलने के लिए काफी था। इसके बाद हार्दिक पांड्या के जिंदगी में जो हुआ वो पूरी दुनिया के सामने है।


मैदान पर दबाव के बाद भी टीम इंडिया के इस स्टार बल्लेबाज की बल्लेबाजी देखते ही बनती है। साल 2015 में हार्दिक पांड्या मुंबई इंडियंस में शामिल हुए। जहाँ उनकी मुलाकात क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर से हुई। सचिन तेंदुलकर ने हार्दिक से मुलाकात के बाद कह दिया था कि टीम इंडिया को एक नया सितारा मिलने वाला है।


टीम इंडिया और मुंबई इंडियंस को हार्दिक पांड्या ने कई मौकों पर अपने खेल के दम पर मैच जिताये और आज वो टीम इंडिया के मुख्य खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं। क्रिकेट के मैदान पर कितनी भी कठिन परिस्थितियां क्यों न हो जब तज हार्दिक पांड्या क्रीज पर रहते हैं दर्शकों को जीत की उम्मीद बनी रहती है।


हार्दिक पांड्या का अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर Hardik Pandya International Cricket Career In Hindi


हार्दिक पांड्या अपने क्रिकेट करियर में लगातार कीर्तिमान स्थापित करते जा रहे थे। आईपीएल में तो मानों मुंबई इंडियंस के लिए तुरुप का इक्का साबित हो रहे हैं। उनके अपने दमदार प्रदर्शन का इनाम भी मिला और उनको जनवरी में टी-ट्वेंटी क्रिकेट में भारतीय टीम में शामिल कर लिया गया। ये क्षण हार्दिक पांड्या के अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में किसी सपने के सच होने से कम नहीं था।


2016 कि जनवरी महीने में हार्दिक पांड्या ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पर्दापण किया। पांड्या को पहले ही मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो विकेट मिले। इसके बाद सितंबर 2016 में पांड्या को एकदिवसीय क्रिकेट में अपना पहला मैच खेलने का मौका मिला। अपने पहले ही मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांड्या को तीन विकेट मिले।


ये भी पढ़ें:- भारत के नम्बर 1 गायक सोनू निगम के सफलता की कहानी।


सितंबर 2016 में हार्दिक पांड्या ने भारतीय टीम के एकदिवसीय क्रिकेट टीम में भी जगह बना ली। इसके बाद तो आपको चैंपियंस ट्रॉफी में हार्दिक पांड्या का प्रदर्शन तो याद ही होगा। जब पाकिस्तान के खिलाफ भारत फाइनल मुकाबला हार गया था। लेकिन एक खिलाड़ी था जो इस मैच में जीत गया था वो था हार्दिक पांड्या।


उन्होंने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की और लगातार तीन छक्के भी लगाए। इससे पहले भी वो पाकिस्तान के खिलाफ लीग मैचों में भी ऐसा कारनामा कर चुके थे।


आईसीसी 2016 के चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भले ही भारत को पाकिस्तान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा हो लेकिन हर कोई हार्दिक पांड्या का दीवाना हो गया। संकट में फँसी टीम इंडिया को इस स्टार ने अपने बल्ले से उबारने की कोशिश की तो ऐसा लगा कि जीत ज्यादा दूर नहीं है।


पर संयोग ऐसा ही बल्ले से जोड़ आजमाइश कर रहे पांड्या विकेट के बीच की दूरी को तय करते वक्त उसको पार नहीं कर सकें और रन आउट होकर पवेलियन लौट गए।


टी-ट्वेंटी और वनडे टीम का हिस्सा बनने के बाद हार्दिक पांड्या जुलाई 2017 में टेस्ट टीम का भी हिस्सा बनें। गाले में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच में पर्दापण किया और इसी सीरीज में उन्होंने अपने टेस्ट मैच का पहला शतक जड़ा।


स्वभाव से शांत हार्दिक पांड्या के चेहरे पर दबाव वाले मैचों में भी ये शांति झलकती है। ड्रेसिंग रूम में उनके मस्ती के बारे में कप्तान विराट कोहली भी कई बार इसके बारे में चर्चा कर चुके हैं।


पांड्या क्रिकेट से लेकर बाहरी दुनिया तक हर पल को एन्जॉय करने से नहीं चूकते तो वहीं वो इरफान पठान, यूसुफ पठान और केएल राहुल के अच्छे दोस्त भी माने जाते हैं।


हार्दिक पांड्या के खेल में लगातार निखार आ रहा है और गेंद के साथ बल्ले से भी उन्होंने गेंदबाजों को डरा रहे हैं। इतनी कम उम्र में ही उनकी तुलना भारत के महान क्रिकेटर कपिलदेव के साथ किया जा रहा है। इससे बड़ी बात उनके लिए क्या हो सकती है?


उम्मीद है कि हार्दिक पांड्या आने वाले दिनों में ऐसे ही शानदार क्रिकेट खेलते रहेंगे। हार्दिक पांड्या आगे चलकर क्रिकेट में बहुत ज्यादा नाम कमाएंगे या फिर क्रिकेट में नया इतिहास रचेंगे ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।


लेकिन इतना तो जरूर है कि कपिलदेव के बाद भारतीय क्रिकेट को जिस हरफनमौला खिलाड़ी की जरूरत थी वो हार्दिक पांड्या ने पूरी कर दी है।


हार्दिक पांड्या का वैवाहिक जीवन Hardik Pandya Wife In Hindi

Hardik pandya marriage life story in hindi,hardik pandya wife name
Hardik Pandya Marriage


दोस्तों क्रिकेट के मैदान के अलावा हार्दिक पांड्या पर्सनल लाइफ में काफी खुलकर जीते हैं। आपको बता दूं कि हार्दिक पांड्या की शादी का कहानी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।


उन्होंने गुपचुप तरीके से पिछले कुछ दिनों से चली आ रही लव अफ़ेयर को विराम देते हुए दुबई में समुंदर के किनारे अपने दोस्त नताशा स्टेनकोविक को फिल्मी अंदाज में प्रोपोज किया था। नताशा ने भी बिना देर किए उनके साथ शादी के लिए तैयार हो गई।


ये भी पढ़ें:- यूपी के दबंग सीएम योगी आदित्यनाथ की कहानी।


आगे चलकर हार्दिक पांड्या ने 1 जनवरी 2020 को नताशा स्टेनकोविक से सगाई कर ली। इस तरह हार्दिक पांड्या का वैवाहिक जीवन काफी रोचक रहा। फिर 27 जुलाई 2020 को हार्दिक पांड्या की पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम अगस्त्य है।


हार्दिक पांड्या की कुल सम्पति Hardik Pandya Lifestyle In Hindi


दोस्तों गरीबी की जंगल से निकलकर अमीरी तक का मुकाम हासिल करने वाले हार्दिक पांड्या का लाइफस्टाइल भी काफी शानदार है। ये जितना पैसा कमाते हैं उतना ही अपने लाइफस्टाइल पर खर्च भी कर डालते हैं। इनके पास एक से बढ़कर महंगी कार है।


हार्दिक पांड्या के कार कलेक्शन की बात करें तो इनके बस एक मर्सिडीज बेंज और बीएमडब्ल्यू है। वही हार्दिक पांड्या के कुल सम्पति की बात करें तो इनके पास लगभग 13 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की सम्पति है।


हार्दिक पांड्या से जुड़ी 5 रोचक तथ्य Top 5 Interesting Facts About Hardik Pandya In Hindi


दोस्तों अब आपको हार्दिक पांड्या से जुड़ी 5 ऐसी रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं जिसके बारे में आप शायद नहीं जानते होंगे।


● क्या आप जानते हैं हार्दिक पांड्या दुनिया के एक मात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने आईपीएल के किसी एक ओवर में दो बार चार छक्के लगाने का कारनामा किया है।
● क्या आप जानते हैं हार्दिक पांड्या को शरीर पर टैटू बनवाने का बहुत शौक है। अक्सर आपने इनके टैटू मैदान पर भी देखा होगा।
● क्या आप जानते हैं हार्दिक पांड्या घर का खर्च चलाने के लिए 400 से 500 रुपये भाड़ा लेकर क्रिकेट खेला करते थे।
● क्या आप जानते हैं हार्दिक पांड्या के नाम ICC चैंपियंस ट्रॉफी में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ मात्र 32 गेंदों में अपने पचास रन पूरे किए थे।
● क्या आप जानते हैं हार्दिक पांड्या शैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में एक ओवर में 39 रन जड़ दिए थे जो आज भी एक रिकॉर्ड है।

● इन्होंने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में सम्पन्न टी-ट्वेंटी सीरीज में भारत के नए यॉर्कर किंग टी नटराजन के साथ अपना मैन ऑफ सीरीज अवार्ड शेयर करके खूब सुर्खियां बटोरी थी। 

आप भारतीय क्रिकेट टीम के गेंदबाजी के भविष्य टी नटराजन के ठेले पर चिकेन बेचने से लेकर टीम इंडिया का स्टार तेज गेंदबाज बनने तक कि कहानी यहाँ पढ़ सकते हैं।


 >यॉर्कर किंग के नाम से मशहूर टी नटराजन की जीवनी।


तो दोस्तों ये थी हार्दिक पांड्या की संघर्ष से भरी जीवन कहानी। जिसे हमें ये सिख मिलती है कि जिंदगी का सफर जितना अधिक कठिनाइयों से भरा होगा लक्ष्य को हासिल करने के बाद सफलता का मजा भी उतना ही ज्यादा होगा।


उम्मीद करता हूँ कि आपको हार्दिक पांड्या की जीवनी काफी पसंद आई होगी। अगर आपको ये जीवनी अच्छी लगी हो तो इसको शेयर जरूर करें। साथ ही आपको हार्दिक पांड्या का जीवन परिचय से क्या सिख मिली कमेंट करके जरूर बताएं।

भीम आर्मी बनाने वाले चंद्रशेखर आजाद रावण की सच्ची कहानी।

भीम आर्मी बनाने वाले चंद्रशेखर आजाद रावण की सच्ची कहानी।

Chandrashekhar Azad Ravan New Biography In Hindi | भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद रावण की जीवनी

Chandrashekhar azad ravan biography in hindi,story of chandrashekhar azad ravan
चंद्रशेखर आजाद रावण की जीवनी

Chandrashekhar Azad Ravan New Biography In Hindi: ये हमेशा अपने साथ संविधान की कॉपी लेकर चलते हैं और कहते हैं कि देश संविधान के हिसाब से चलना चाहिए। इनका मानना है कि सभी को समानता का अधिकार मिलना चाहिए। जी हाँ दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद रावण की जीवनी के बारे में।


आखिर कौन है ये चंद्रशेखर आजाद रावण और उसकी भीम आर्मी जिसकी इतने कम समय मे पूर्वी उत्तर प्रदेश में अपना अच्छा खासा प्रभाव बना लाया है।


साल 2017 में सहारनपुर के सबीरपुर गांव में दलितों कर सवर्णों के बीच एक हिंसा हुई। इस हिंसा के दौरान एक संगठन जो बहुत तेजी से उभर कर आया उसका नाम था 'भीम आर्मी'। भीम आर्मी का पूरा नाम ' भारत एकता मिशन भीम आर्मी' है और इस पार्टी का गठन करीब छः साल पहले 2014 में किया गया था।


जोश से भरे इस संगठन के संस्थापक और अध्यक्ष युवा नेता चंद्रशेखर आजाद है। जिन्होंने अपना उपनाम रावण रखा हुआ है। किस तरह से इन्होंने दलितों के मसीहा से लेकर भीम आर्मी के अध्यक्ष पद तक का सफर किया आइये भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद रावण की जीवनी के माध्यम से विस्तार से जानते हैं।


भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद रावण का जन्म और शिक्षा | Chandrashekhar Azad Ravan Biography & Real name In Hindi


दोस्तों दलितों के लिए एक बड़े नेता के रूप में उभर रहे  चंद्रशेखर आजाद रावण का जन्म 3 दिसंबर 1986 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के धड़कुली गांव में हुआ था। जिले के एक स्थानीय कॉलेज से चंद्रशेखर रावण ने कानून की शिक्षा प्राप्त की। चंद्रशेखर पेशे से एक वकील है।


कुछ अफवाहों की मानें तो कुछ लोग चंद्रशेखर आजाद रावण का असली नाम नसीमुद्दीन खान बताते हैं लेकिन ये बस एक अफवाह है। चंद्रशेखर आजाद रावण का असली नाम चंद्रशेखर आजाद ही है और अपना रावण नाम खुद ही रखा है।


चंद्रशेखर आजाद रावण के पिता का नाम गोवर्धन दास है जो कि सरकारी स्कूल के रिटायर प्रिंसीपल है। इनके नाम के आगे रावण शब्द लगे होने का कारण पूछने पर ये कहते हैं कि रावण बहुत बुद्धिमान व्यक्ति था। जो आदमी अपनी बहन के आत्मसम्मान के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया हो वो आदमी भला बुरा कैसे हो सकता है?


ये भी पढ़ें:- भारतीय क्रिकेट के भविष्य केएल राहुल की जीवनी।


चंद्रशेखर भी समाज में फैली उच्च-नीच की कुप्रथा को दूर करना चाहता है। वह भी सबको समान अधिकार दिलाना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने अपने नाम के पीछे रावण लगाया।


भीम आर्मी का गठन और चंद्रशेखर आजाद रावण का राजनीतिक जीवन परिचय | Chandrashekhar Azad Ravan Party


दोस्तों भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद रावण का राजनीतिक जीवन परिचय के बारे में बात करें तो उन्होंने सन 2014 में भीम आर्मी का गठन किया था। इस संगठन का मतलब ही है 'भारत एकता मिशन'। इसके तहत ये उनलोगों को समान अधिकार दिलाना चाहते हैं जिनको आज भी मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा गया है।


वर्तमान समय में भीम आर्मी से 350 से भी ज्यादा फ्री स्कूल चलाये जा रहे हैं। ये स्कूल मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली आदि कई जगहों पर चलाये जा रहे हैं। चंद्रशेखर आजाद रावण बी आर अम्बेडकर को अपना आदर्श मानते हैं। दलित समाज वाले वर्गों के लिए विकास के लिए स्थापित किया।


भीम आर्मी का कहना है कि वो शिक्षा के माध्यम से दलितों के लिए काम कर रहा है। इस पार्टी का मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश में है। साल 2014 में भीम आर्मी पार्टी चर्चा में आया और इस पार्टी का चर्चा में आने की मुख्य वजह थीं उत्तर प्रदेश में फैले जातीय संघर्ष।


चंद्रशेखर रावण के अगुवाई में लगभग 25 युवा भीम आर्मी को संभालते है। भीम आर्मी दलित नाम और सोच के खिलाफ है और अंबेडकर वादी सोच रखने वाले लोगों का स्वागत करती है। ये पार्टी आगे भी कैसे काम करती है ये सबसे बड़ा विषय है।


आपको बता दें कि भीम आर्मी पार्टी के मूल संस्थापक चंद्रशेखर आजाद रावण नहीं है बल्कि एक दलितों के चिंतक सतीश कुमार है। इस पार्टी को उनके ही दिमाग का उपज बताया जाता है। सतीश कुमार ऐसे संगठन को बनाने के लिए कई सालों से सोच रहे थे जो दलितों का करने वालों का जवाब दे सकें।


लेकिन उनको कोई पार्टी को पहचान दिला सके ऐसा योग्य दलित नेता नहीं मिल पाता था जो भीम आर्मी का कमान संभाल सकें। ऐसे में जब सतीश कुमार को चंद्रशेखर मिले तो उन्होंने बिना कोई सोचे चंद्रशेखर रावण को भीम आर्मी का अध्यक्ष बना दिया।


भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद रावण के विवाद Story Of Chandrashekhar Azad Ravan

Chandrashekhar azad ravan controversy in hindi,chandrashekhar azad life story in hindi
चंद्रशेखर आजाद रावण के विवाद

वैसे तो इनके विचार अच्छे हैं लेकिन कई बार हिंसा की वजह से चन्द्रशेखर आजाद रावण को काफी विवादों का भी सामना करना पड़ा है। जैसे 2017 में दलित समाज और ठाकुरों के बीच हिंसा भड़क गई थी।


इसी जातीय हिंसा संघर्ष को बढ़ावा देने के आरोपों के बीच भीम आर्मी के कर्ता धर्ता चंद्रशेखर को गिरफ्तार किया गया था और उनको चौदह दिन के न्यायायिक हिरासत में भेज दिया गया था। लेकिन 2017 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इनको जमानत पर रिहा कर दिया गया। जिसको लेकर इनके पार्टी के कार्यकर्ता काफी सवाल भी उठाए थे।


पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दलित युवकों के बीच अच्छी-खासी पहचान बना चुके भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद रावण का जीवन भी काफी विवादों पर भरा रहा है। वे कपङे विवादित बयानों से हमेशा सुर्खियों में बनें रहते हैं। एक बार उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर पर भाषण में कहा था-जिस दिन देश के संविधान पर कोई आंच आयी तो इसके बदले खून की होली देखने को मिलेगी।


ये भी पढ़ें:- राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह की कहानी।


सबीरपुर में हुई हिंसा के बाद रावण ने 9 मई 2017 को सहारनपुर के महानगर में एक पंचायत बुलाई। इस पंचायत के लिए पुलिस ने उन्हें अनुमति नहीं दी। लेकिन सोशल मीडिया के जरिये इस पंचायत की खबर हर जगह पहुँचायी गयी। सैकड़ों की संख्या में लोग उसमें शामिल हुए।


इस भीड़ को रोकने के लिए पुलिस को सख्त कदम भी उठाने पड़े। यहाँ तक कि इस सभा को रोकने के दौरान पुलिस और भीम आर्मी के समर्थकों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। इसके बाद इस हिंसा का मुख्य जिम्मेदार चंद्रशेखर रावण को इसका मुख्य आरोपी माना गया और उनके खिलाफ मामला दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया गया।


वो पहली बार 2015 में विवादों में घिरे जिसका मुख्य कारण था कि उन्होंने गांव के बाहर "द ग्रेट चमार" का बोर्ड लगाया था। उनके इस कदम से गांव के दलितों और ठाकुरों के बीच तनाव पैदा कर दिया था। चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया के जरिये काफी सुर्खियां बटोरी है।


चंद्रशेखर ने फेसबुक और व्हाट्सएप्प के जरिये काफी संख्या में लोगों को भीम आर्मी से जोड़ने का काम किया। भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण ने अपनी ताकत उस समय दिखाई जब नई दिल्ली के जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में दलितों ने पुलिस करवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया था।


सितम्बर साल 2016 में सहारनपुर के छुटमलपुर स्थित AHP इंटर कॉलेज में दलित छात्रों की कथित पिटाई के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पहली बार ये संगठन सुर्खियों में आया था।


5 मई 2017 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से पचीस किलोमीटर दूर सबीरपुर गांव में राजपूतों और दलितों के बीच हिंसा हुई थी। इस हिंसा में कथित तौर पर उस गांव के कुछ ठाकुर लोगों के द्वारा दलितों के पचीस घर को जला दिये गए थे। जिसमें एक दलित युवक की मौत भी हो गयी थी। इस हिंसा के विरोध में जब प्रदर्शन किया गया तो पुलिस ने लगभग 40 लोगों को जेल में डाल दिया और वहीं गांव के 300 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।


इस पूरे मामले के बाद चंद्रशेखर आजाद रावण के नेतृत्व में भीम आर्मी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। करीब छः साल पहले चंद्रशेखर ने गांव के कुछ युवाओं को अपने साथ लेकर भारत एकता मिशन के गठन किया था।


भीम आर्मी आज दलित युवाओं का एक पसंदीदा संगठन बन गया है। सोशल मीडिया पर लोग बड़ी संख्या में लोग इस संगठन से जुड़ रहे हैं। खास बात ये है कि इस संगठन में दलित युवकों के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा के सुख युवा भी शामिल है। यूपी के सहारनपुर में ये संगठन अपनी खास पहचान बनाई हुई है।


शुरू में भीम आर्मी का गठन करने का मुख्य उद्देश्य यही था कि दलित समाज की गरीब कन्याओं का पैसा जुटाकर विवाह करना और दलितों की सेवा करना था। रामनगर में हुए बवाल के बाद इस संगठन का पैर स्वरूप ही जैसे बदल गया।


हमेशा से राजनीति को दोगला बताने वाले चंद्रशेखर ने हाल ही दिल्ली के जंतर मंतर में हुई अपनी रैली में राजनीति में आने का एलान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी सीट से 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ने की बात कही थी लेकिन चुनाव से कुछ दिन पहले ही उन्होंने ये कहकर अपना नाम वापस ले लिया था कि भाजपा को हराने के लिए दलित वोटों में बंटवारा नहीं होना चाहिए।


जिसके बाद 15 मार्च 2020 को इन्होंने अपनी खुद की पार्टी बनाने का एलान किया था। दोस्तों चंद्रशेखर आजाद रावण के पार्टी का नाम आजाद समाज पार्टी। आशा है कि ये अपनी पार्टी के जरिये लोगों के समस्याओं को दूर कर सकेंगे।


ये भी पढ़ें:- खून खौला देने वाली भगत सिंह की कहानी जरूर पढ़ें।


चंद्रशेखर आजाद रावण को हाल ही में हाथरस की घटना को हिंसा को उकसाने और भड़काने के लिए भी जिम्मेदार माना जा रहा है। चंद्रशेखर आजाद रावण इस घटना के लिए पूरा जिम्मेदार योगी आदित्यनाथ को ठहराते हैं और कहते हैं ऐसी घटना के लिए गलत नीति ही जिम्मेदार है।


साथियों चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण को अभी काफी लंबे सफर देखना होगा। वो लोगों के उम्मीदों ओर किस तरह खड़े उतरते हैं और अपना काम किस तरह जारी रखते हैं।


दोस्तों आप सभी को चंद्रशेखर आजाद रावण की जीवनी(Chandrashekhar Azad Biography In Hindi) कैसी लगी और आप इनके किस विचार से सबसे ज्यादा प्रभावित है, आप कमेंट करके अपने राय जरूर दें।

स्टार क्रिकेटर केएल राहुल की जीवनी | KL Rahul Success Story

स्टार क्रिकेटर केएल राहुल की जीवनी | KL Rahul Success Story

KL Rahul Biography In Hindi | केएल राहुल का जीवन परिचय

KL rahul biography in hindi,success story of KL Rahul in hindi
KL Rahul Biography


KL Rahul Biography In Hindi: आज हम बात करने जा रहे हैं भारत के ऐसे युवा क्रिकेटर कि जो मैदान पर हमेशा रहता है कुल, जिसे गेंदबाज देखकर गेंदबाजी जाता है भूल और जो अपने बल्लेबाजी से गेंदबाजों को चट्टाता है धूल, जिसकी तारीफ करते नहीं थकते हैं 'द वाल राहुल'।


एक ऐसा क्रिकेट खिलाड़ी जो क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में अपनी शानदार प्रदर्शन से दुनिया भर के लोगों का दिल जीता है। वो टीम इंडिया की तरफ से बैटिंग के अलावा अच्छी विकेटकीपर के रूप में देखे जाते हैं। इसके अलावा वो आईपीएल की टीम किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान भी है।


जी हाँ आज हम बात करने जा रहे हैं इंडियन क्रिकेट के भविष्य के उज्ज्वल सितारे केएल/लोकेश राहुल की जीवनी के बारे में।


 इस पोस्ट में हम जानेंगे कि केएल राहुल का बचपन कैसा था और कैसे वो एक औसत दर्जे के बल्लेबाज से इंडियन क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज बन गए, केएल राहुल का क्रिकेट करियर, केएल राहुल के गर्लफ्रैंड कौन है।


आपसे एक अनुरोध है कि केएल राहुल का जीवन परिचय पूरा जरूर पढ़ियेगा क्योंकि इस पोस्ट में केएल राहुल के जीवन का ऐसा सीक्रेट बताऊंगा जो शायद ही आप जानते होंगे। तो चलिए केएल राहुल की जीवनी के बारे में पूरी विस्तार से जानते हैं।


केएल राहुल जन्म और बचपन

केएल राहुल की शिक्षा

केएल राहुल का क्रिकेट करियर

केएल राहुल का वर्ल्ड रिकॉर्ड

केएल राहुल के सफलता का राज

केएल राहुल की प्रेम कहानी

केएल राहुल की कुल सम्पति


KL Rahul का जन्म और बचपन | Success Story Of KL Rahul In Hindi


केएल राहुल का जन्म 18 अप्रैल 1992 के कर्नाटक के मंगलोर में हुआ था। उनके पिता का नाम केएन लोकेश था जो एनआइटी(National Institute Of Technology) कर्नाटक में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत है और केएल राहुल की माँ राजेश्वरी लोकेश यूनिवर्सिटी ऑफ मंगलोर में एक लेक्चरर है। केएल राहुल का पूरा नाम कन्नूर लोकेश राहुल है।


ये भी पढ़ें:-● भारत के तूफानी बल्लेबाज हार्दिक पांड्या के सफलता की कहानी।

● बॉलीवुड की चहेती गायक नेहा कक्कड़ की जीवनी।


शायद आपको पता होगा कि केएल राहुल के पिता केएन लोकेश क्रिकेट के बहुत बड़े फैन है। खासकर भारत के महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर के तो बहुत बड़े फैन है। इसी वजह से वे अपने बेटे के नाम महान क्रिकेटर Sunil Gavaskar के बेटे रोहन गावस्कर के नाम से रखना चाहते थे लेकिन एक दिलचस्प वाक्या ये हुआ कि उन्होंने रोहन गावस्कर का नाम गलती से राहुल गावस्कर समझ लिया। इस वजह से उन्होंने अपने बेटे का नाम केएल राहुल रख दिया।


साथियों केएल राहुल बचपन से ही क्रिकेट के दीवाने थे। क्रिकेट के प्रति जुनून को देखकर उनके पिता ने मात्र ग्यारह साल की उम्र से ही क्लब क्रिकेट के ट्रायल मैच के लिये ले जाया करते थे।


एक बार की बात है जब केएल राहुल ग्यारह साल के थे तबि उनके पिता ने अंडर-13 के क्लब क्रिकेट के ट्रायल मैच के लिए ले गए जहाँ वे मैच के लिए ट्रायल दिया लेकिन इस बार उनको असफलता हाथ लगी और वो इस ट्रायल मैच में फैल हो गए।


वे खेलने के दोबारा ट्रायल दिए लेकिन इस बार भी फेल हो गए। ऐसे कई बार ट्रायल दिए लेकिन हर बार वो फेल हो जाते थे। बार-बार ट्रायल में फेल हो जाने की वजह से केएल राहुल निराश हो गए।


लेकिन केएल राहुल के पिताजी को अपने बेटे के स्किल, टैलेंट और टेक्निक पर पूरा भरोसा था और वे हार नहीं मानें। इसी वजह से उन्होंने अपने बेटे का एडमिशन कि कोच सैमुअल जयज के अकादमी में करवा दिया।


इसमें बड़ी बात ये थी कि केएल राहुल का जो अकादमी था वो उनके घर से 20 किलोमीटर दूर था जो उनको हर रोज साइकल से इतना लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। साथ ही उस अकादमी में जितने भी बच्चे थे वे सभी केएल राहुल से उम्र में बहुत बड़े थे।


उनके कोच सैमुअल जयज बताते हैं कि लोकेश राहुल उनकी सिखाई हुई हर बात को बहुत आसानी से एक बार मे ही समझ जाते थे और उनके साथी खिलाड़ी जो अंडर-30 के थे जो बेंगलुरु की तरफ से खेलते थे। वे बताते हैं कि जिस मैच में केएल राहुल का बल्ला चलता था वो हर मैच जीतते थे और जिस दिन राहुल का बल्ला नहीं चलता था उस दिन वे मैच हार जाते थे।


दोस्तों केएल राहुल क्लब क्रिकेट के ट्रायल मैच ज्यादा खेला करते थे और ऐसे ही बैंगलुरू के चिनास्वामी स्टेडियम में एक क्लब क्रिकेट के ट्रायल मैच था। उस मैच के दौरान भारत के महान क्रिकेटर राहुल द्रविड़ मौजूद थे। केएल राहुल ने उस मैच में शानदार पारी खेलते हुए दोहरा शतक जड़ दिया।


उनके इस पारी से वहाँ बैठे राहुल द्रविड़ बहुत प्रभावित हुए। जिसके बाद राहुल द्रविड़ उनके कोच सैमुअल जयज के पास गए और बोले- इस लड़के में बहुत टैलेंट है इसको और ज्यादा मेहनत करवाइये। ये लड़का एक दिन भारत की तरफ से जरूर खेलेगा।


राहुल द्रविड़ के इस बात को सुनकर लोकेश राहुल के बचपन के कोच सैमुअल जयज बहुत ज्यादा गौरवांवित महसूस करने लगे। इसके बाद से वे राहुल की बैटिंग स्किल और तकनीक पर और ज्यादा मेहनत करने लगे। इसी वजह से केएल राहुल का क्लास और ज्यादा अच्छे तरीके से निखर कर सामने आया और उनकी बल्लेबाजी में और ज्यादा सुधार होता चला गया।


केएल राहुल की शिक्षा KL Rahul Education


दोस्तों अब केएल/लोकेश राहुल की शिक्षा के बारे में बात करते हैं। आपको बताते चलें कि केएल राहुल अपने बल्लेबाजी के अलावा पढ़ाई में भी बहुत अच्छे थे। वे मैथ्स जैसे कठिन विषय में भी हमेशा 100 प्रतिशत मार्क्स लाते थे।


ये भी पढ़ें:-● यॉर्कर किंग के नाम से मशहूर तेज गेंदबाज टी नटराजन की जीवनी।

● भारत के नम्बर 1 गायक अरिजीत सिंह के सफलता की कहानी।


KL Rahul ने शुरुआती पढ़ाई एनआईटीके(NITK) इंग्लिश मीडियम स्कूल सूरतगंज से पूरी की। जब केएल राहुल 18 साल के थे तब उन्होंने भारत के टॉप इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम जेईई मेंस की परीक्षा में आल इंडिया रैंकिंग 1726 हासिल की। अब आपको केएल राहुल की प्रतिभा का एहसास हो गया होगा कि वो जिस भी क्षेत्र में गये हमेशा सबसे आगे रहने के बारे में ही सोचा।


केएल राहुल का क्रिकेट करियर KL Rahul Cricket Career In Hindi

KL rahul cricket career in hindi,lokesh rahul motivational story
केएल राहुल का क्रिकेट करियर


JEE Mains की परीक्षा पास करने के बाद केएल राहुल के पास करियर चुनने के बारे में दो ऑप्शन थे। एक या तो भारत के टॉप कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना या फिर क्रिकेट में करियर बनाना।


उन्होंने बैंगलुरू के जेईई कॉलेज में एडमिशन तो ले ली लेकिन अपना पूरा ध्यान क्रिकेट पर लगाये रखा और अपने बल्लेबाजी में बदलाव करते रहे, अपने स्किल डेवलपमेंट पर ज्यादा फोकस करते रहे।


इसी का नतीजा था उनका घरेलू क्रिकेट में डेब्यू जल्द ही हो गया और कर्नाटक की तरफ से घरेलू क्रिकेट 2010-11 में उनका सेलेक्शन हो गया। घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन की वजह से केएल राहुल का चयन अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए हो गया जहाँ उनका प्रदर्शन ठीक ठाक रहा।


उसके बाद 2013 आईपीएल में RCB ने उनको अपने टीम में खरीद लिया। लेकिन उनका प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा और वो आईपीएल में खेले कुल 5 मैचों में मात्र 20 रन ही बना पाए। इस तरह उनका पहला सीजन पूरी तरफ फ्लॉप साबित हुआ।


फिर 2014 में आईपीएल में आरसीबी की तरफ से खेले गए कुल 11 मैचों में 160 रन ही बना पाए। मतलब केएल राहुल के लिए ये सीजन भी निराशाजनक रहा।


लेकिन केएल राहुल के क्रिकेट करियर का निर्णायक मोड़ उस समय आया जब वे 2014-15 के घरेलू क्रिकेट में साउथ जोन की तरफ से खेलते हुए नॉर्थ जॉन के खिलाफ खेलते हुए पहली पारी में 185 और दूसरी पारी में 130 रन की शानदार पारी खेली।


इस इनिंग्स के बाद मानो केएल राहुल का किस्मत ही बदल गया। उनके इस पारी ने बड़े-बड़े दिग्गज क्रिकेटरों का ध्यान अपनी तरफ खींचा। राहुल के इस शानदार प्रदर्शन का इनाम भी मिला और उनको ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टेस्ट टीम में सेलेक्ट कर लिया गया।


लोकेश राहुल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए मैच में पहला मौका मिला लेकिन वो इस मौके का फायदा नहीं उठा सकें और केएल राहुल अपने पहले मैच में सस्ते में पहली पारी में 3 रन और दूसरी पारी में 1 रन बनाकर आउट हो गए।


इस निराशाजनक प्रदर्शन के वजह से KL Rahul के करियर के ऊपर खतरा मंडराने लगा लेकिन टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा किया और दूसरे मैच में फिर मौका दिया। इस बार केएल राहुल कोई मौका चूकना नहीं चाहते थे। इस मौके को भुनाते हुए वे पहली पारी में 110 रनों की शानदार पारी खेली और अपने प्रतिभा का परिचय दिया।


ऑस्ट्रेलिया दौरे खत्म होने के बाद लोकेश राहुल कर्नाटक की तरफ से घरेलू क्रिकेट में खेलते हुए तिहरा शतक लगाया। फिर क्या था 2015 में आईपीएल टीमों के बीच केएल राहुल को अपने टीम में खरीदने की होड़ सी लग गयी। आखिरकार उनको सनराइजर्स हैदराबाद ने मोटी रकम देकर खरीद लिया। लेकिन इस आईपीएल सीजन में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा और वे पूरे सीजन में मात्र 142 रन ही बना पाए।


उसके बाद 2016 में उनको RCB ने दुबारा अपनी टीम में खरीद लिया। इस साल उनका प्रदर्शन शानदार रहा और इस सीजन में खेले गए 14 मैचों में 397 रन बनाकर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे।


ये भी पढ़ें:- सुरों के बेताज बादशाह सोनू निगम की अनसुनी कहानी।


2016 के आईपीएल में उनके अच्छे प्रदर्शन की वजह से उनका सेलेक्शन उस साल जिम्बाब्वे दौरे के लिए हो गया। जहाँ केएल राहुल अपने पहले एकदिवसीय क्रिकेट मैच में शतक जड़ एक नया कीर्तिमान स्थापित किया और अपने पहले अंतराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट मैच में शतक जड़ने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनें।


KL Rahul World Records & Achievement | Top 10 Interesting Facts About KL Rahul In Hindi


दोस्तों अब आपको KL Rahul के ऐसे वर्ल्ड रिकॉर्ड के बारे में बताने जा रहे हैं जो शायद ही आप जानते होंगे। क्या आप जानते हैं-


1. केएल राहुल भारत के एक मात्र ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने अपने पहले अन्तराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच में शतक जड़ा हो।
2. केएल राहुल दुनिया के एक मात्र ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने अपने टी-ट्वेंटी अन्तराष्ट्रीय करियर में शुरुआती सिर्फ 17 मैचों में दो शतक लगाया हो।
3. केएल राहुल दुनिया के एक मात्र ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने तीनों फॉरमेट में अपना पहला शतक छक्का लगाकर पूरा किया हो।
4. केएल राहुल दुनिया के एक मात्र ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने तीनों फॉरमेट में अपने शुरुआती आठ पारियों के अंदर ही शतक लगाया हो।
5. केएल राहुल दुनिया के एक मात्र ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने टी-ट्वेन्टी में सबसे तेज 500 रन पूरे किए हो। उन्होंने ये कारनामा मात्र 14 इनिंग्स में पूरा किया था।
6. केएल राहुल दुनिया के एक मात्र ऐसे खिलाड़ी है जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में लगातार सात पारियों में अर्धशतक लगाया हो।
7. केएल राहुल आईपीएल इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक जड़ने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज है। उन्होंने ये 
कारनामा दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ खेलते हुए मात्र 14 गेंदों में अर्धशतक लगाकर किया था।

8. आज के युवा भले ही केएल राहुल को अपना आदर्श मानते हैं लेकिन केएल राहुल राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानते हैं। अपने क्रिकेट में सुधार का सारा श्रेय राहुल द्रविड़ कप देते हैं। 

9. क्या आप जानते हैं केएल राहुल के नाम बतौर कप्तान रहते हुए आईपीएल के इतिहास में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर है। जहाँ उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेलते हुए 132 रनों की शानदार पारी खेली थी। 

10. केएल राहुल भारत के तीसरे ऐसे क्रिकेटर है जिन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉरमेट में शतक लगाया है।


केएल राहुल के सफलता का राज  | KL Rahul Success Story In Hindi


KL Rahul Success Story In Hindi: दोस्तों अगर आप केएल राहुल को शुरू से ही फॉलो करते होंगे तो आपने देखा होगा कि जब वे 2015 में सनराइजर्स हैदराबाद के तरफ से खेलते थे तब उनका  स्ट्राइक रेट काफी कम रहता था और वे बड़ी पारी बहुत मुश्किल से ही खेल पाते थे।


फिर ऐसा अचानक क्या हो गया कि जो बल्लेबाज कभी अर्धशतक बड़ी मुश्किल से लगा पाता था और जो बल्लेबाज कभी 100 से ऊपर के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी नहीं कर पा रहा था वो आज आसानी से शतक लगाए जा रहा है और बड़े- बड़े गेंदबाजों के लिए सिरदर्द बना हुआ है।


दोस्तों अब सोच रहे होंगे कि केएल राहुल का सफलता का राज क्या है? कैसे वो इतनी जल्दी अपनी स्किल को डेवेलोप कर पाए। तो चलिए आपको इसके पीछा उनका छिपा हुआ राज बताते हैं।


केएल राहुल आज जो कुछ भी है ये उनके अपने सेल्फ इम्प्रूवमेंट जा नतीजा है। वे कभी असफलताओं से हारे नहीं बल्कि अपने कमजोरियों के ऊपर अच्छे ढंग से काम किया। अपने एक-एक कमजोरी को दूर करने के लिए बहुत मेहनत की। तभी वो आज इस मुकाम तक पहुँच पाये हैं, जो हर एक युवा क्रिकेटर सपना देखता है।


हर कोई एक ही बात बताता है कि हमें अपने पैशन को फॉलो करना चाहिए लेकिन हमें ये कोई नहीं बताता कि हमेशा लक्ष्य के प्रति सक्रिय, सजग और ईमानदार होना चाहिये जो कि हमें केएल राहुल की जीवनी से सीखने को मिलती है।


केएल राहुल की प्रेम कहानी | KL Rahul Love Life Story in Hindi

KL rahul love life story in hindi, KL rahul story
केएल राहुल लव स्टोरी


दोस्तों अब बात करते हैं केएल राहुल के लव लाइफ स्टोरी के बारे में।
केएल राहुल के दोस्त हार्दिक पांड्या के तरह ही उनका नाम बहुत सारे अभिनेत्रियों के साथ जोड़ा गया है। परन्तु अगर किसी अभिनेत्री का नाम लोकेश राहुल के साथ सबसे ज्यादा जोड़ा गया है तो वो निधि अग्रवाल। आपको बताते चलें कि निधि अग्रवाल एक जानी मानी बॉलीवुड अभिनेत्री है और वे बहुत सारी हिंदी फिल्मों के साथ-साथ साउथ की फिल्मों में भी काम किया है।


निधि अग्रवाल ने केएल राहुल के साथ रिश्ते को लेकर एक इंटरव्यू में बताया कि वे दोनों एक दूसरे को बैंगलुरू से ही जानते हैं और एक-दूसरे के सिर्फ एक अच्छे दोस्त है। यहीं बात केएल राहुल ने भी एक दिये इंटरव्यू में बताये हैं और सोशल मीडिया पर फैले अफवाहों को सरासर गलत बताया।


ये भी पढ़ें:- न्यूज एंकरिंग के राजा अर्णब गोस्वामी की विवादों से भरी कहानी।


अब बात करते हैं केएल राहुल की दूसरी गर्लफ्रेण्ड एलिक्जिर नाहर के बारे में। जो एक टीवी एंकर के साथ एक अच्छी मॉडल भी है। वो काफी बार केएल राहुल को मैच के दौरान स्पोर्ट भी करती नजर आ चुकी है और दोनों को कई बार एक साथ पार्टियों में भी देखा जा चुका है।


लेकिन लोकेश राहुल ने एक अच्छे दोस्त के अलावा अन्य किसी रिश्तों के बारे में साफ नकार दिया है। इसके बारे में पूछे जाने पर वो साफ तौर पर कहते हैं कि अफवाहों पर ध्यान नहीं देते हैं।


दोस्तों अब आपको केएल राहुल के एक ऐसे फैन्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो खुद बहुत बड़ी अभिनेत्री है। उनको केएल राहुल की बैटिंग क्लास बहुत पसंद है। उनका नाम चर्चित अभिनेत्री श्रुति हसन है।

सूत्रों की माने तो केएल राहुल पिछले कई दिनों से आथिया शेट्टी को डेट रहे हैं।


केएल राहुल की कुल सम्पति | KL Rahul Net Worth


KL Rahul Net Worth: अपने शानदार प्रदर्शन से लाखों लोगों का दिल जीतने वाले केएल राहुल को बीसीसीआई की तरफ से सलाना 3 करोड़ रुपये सैलरी मिलती है और आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की तरफ से खेलने के लिए उन्हें 11 करोड़ रुपये मिलते हैं।


आईपीएल, क्रिकेट और विज्ञापनों से उनकी कमाई में लगातार बढ़ोतरी हुई है। जानकारी के अनुसार केएल राहुल की कुल सम्पति लगभग 105 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।


साथियों उम्मीद करता हुआ KL Rahul Biography In Hindi आपको काफी पसंद आई होगी। आपने KL Rahul की Success Story से क्या सीखा और साथ ही आपको केएल राहुल की कौन ही घटना सबसे अच्छी लगी कमेंट करके जरूर बताएं।