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Cord Blood क्या होता है और कैसे काम करता है- Meaning  In Hindi

Cord Blood क्या होता है और कैसे काम करता है- Meaning In Hindi

कॉर्ड ब्लड स्टेम सेल्स क्या होता है, ट्रांसप्लांट, खर्च, कॉर्ड ब्लड बैंकिंग की पूरी जानकारी | Cord Blood Meaning In Hindi, Stem Cells, Cost in India, Use, Banking in india, Transplant Complete Details In Hindi


जैसा कि हम जानते हैं कि गर्भ में पल रहा शिशु माता के साथ गर्भनाल (Umbilical Cord) द्वारा जुड़ा रहता है। इसी गर्भनाल के द्वारा ही शिशु का पोषण होता है।


क्या आप जानते हैं कि स्टेम सेल के द्वारा इंसान के 80 से भी अधिक बीमारियों का इलाज संभव है। इन बीमारियों में कैंसर जैसी घातक बीमारी से लेकर blood disorder तक की बीमारी शामिल है।


एक स्टेम सेल में इतनी ताकत होती है कि अगर अपने बच्चे के स्टेम सेल को सुरक्षित रख देंगे तो आप अपने बच्चे को स्वस्थ जीवन उपहार में दे सकते हैं। नवजात शिशु के गर्भनाल और प्लेसेंटा में बचे हुए रक्त अर्थात Cord blood को इकट्ठा करके रखा जाता है, ताकि इस रक्त का इस्तेमाल भविष्य में कई सारी बीमारी के इलाज में उपयोग किया जा सके।


अभी आपके मन में एक सवाल जरूर आया होगा कि Cord blood क्या होता है, इसका use कैसे किया जाता है? आइये cord blood से जुड़े सभी सवाल का जवाब विस्तार से जानते हैं।


    Cord Blood (गर्भनाल रक्त) क्या होता हैं | What is Cord Blood in Hindi?


    बच्चे के जन्म के बाद Placenta और Umbilical Cord में जो रक्त (Blood) जमा रहता है, उसे ही Cord Blood कहा जाता है। गर्भनाल में जमा खून बिल्कुल सामान्य खून की तरह ही होता है, लेकिन इसमें स्टेम सेल (Stem Cell) बहुत ज्यादा पाए जाते हैं।


    इस रक्त को पिछले कुछ समय तक बेकार समझकर फेंक दिया जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में डॉक्टरों ने ये पता लगाया है कि इसका उपयोग संभावित चिकित्सीय उपचार में किया जा सकता है।


    गर्भनाल में जमा रक्त (Cord Blood) में बहुत ही अधिक मात्रा में महत्वपूर्ण जीवनरक्षक कोशिकायें पाई जाती है। इन्हीं कोशिकाओं को Stem Cells कहा जाता है।


    एक अध्ययन के अनुसार डॉक्टरों का कहना है कि रक्त सम्बंधी 80 से भी अधिक रोगों का इलाज इन गर्भनाल में जमा रक्त (Umbilical Code Blood) से किया जा सकता है।


    इस cord blood का इस्तेमाल कैंसर, रक्त् विकार और इम्यून ​डेफिशिएंसी जैसी घातक बीमारियों के उपचार के लिए लिए किया जा सकता है। शिशु को कुछ ऐसे जन्मजात रोग होते हैं, जिनका इलाज इनके खुद के स्टेम सेल से नहीं किया जा सकता है।


    ऐसी स्थिति में किसी दूसरे के स्वस्थ स्टेम सेल का उपयोग जाता है और आपके शिशु का इलाज कर पूर्ण रूप से रोगमुक्त किया जा सकता है। इसलिए अगर आप अपने शिशु को बेहतर स्वास्थ्य देना चाहते हैं तो cord blood का सही इस्तेमाल जरूर करें।


    पूरी दुनिया में कॉर्ड ब्लड बैंकिंग (cord blood banking) काफी लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन भारत में अभी भी इसको लेकर जागरूकता काफी कम है। अभी आप सोच रहे होंगे कि cord blood banking क्या होता है? तो आइए इसके बारे में भी जान लेते हैं।


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    काॅर्ड ब्लड बैंकिंग क्या होता है | What Is Cord Blood Banking In Hindi

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    Cord Blood

    आपने देखा होगा कि शिशु के जन्म के बाद, अपरा (placenta), गर्भनाल (umbilical ford) और गर्भनाल रक्त (code blood) को फेंक दिया जाता है। लेकिन अब समय बदल गया है और बहुत सारे अपने बच्चे को स्वस्थ जीवन देने के लिए इस कॉर्ड ब्लड को भविष्य में इस्तेमाल के लिए संग्रहित करवा लेते हैं।


    शिशु जन्म के बाद इस cord blood के पास 48 घंटे का समय होता है। इसे जन्म के 48 घंटे के अंदर किसी सुरक्षित जगह पर फ्रीज करके रखा जाता है। जिस जगह पर इस ब्लड को रखा जाता है उसे ही Cord Blood Banking या Stem Cell Banking कहा जाता है। कॉर्ड ब्लड बैंकिंग को स्टेम सेल बैंकिंग भी कहा जाता है।


    नवजात शिशु के जन्म के बाद cord blood की जांच की जाती है, और इसे फ्रीज करके विशेष जगह पर रखा किया जाता है ताकि भविष्य में चिकित्सकीय जरुरत के हिसाब से इसका इस्तेमाल किया जा सके।


    स्टेम सेल्स को सुरक्षित रखने के लिए भी विशेष बैंक होते हैं। विश्व स्तर पर ऐसे बैंकों के लिए मानक तैयार किए गए हैं। इसके cord blood bank बनाए गए हैं- पब्लिक और प्राइवेट।


    पब्लिक कॉर्ड ब्लड बैंकिंग क्या होता है? (What Is Public Cord Blood Bank)


    पब्लिक कॉर्ड ब्लड बैंक का मतलब होता है जन्म के बाद शिशु के cord blood को माता-पिता के सहमति से तय प्रकिया के अनुसार उसे संभाल कर रखते हैं। जिसे जरूरत पड़ने पर कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति पर उस cord blood का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें माता-पिता का कोई अलग से खर्च नहीं लगता है।


    दुनिया के बहुत सारे देशों में public cord blood bank काफी बेहतरीन ढंग से काम कर रहे हैं और इसका बेहतर परिणाम दे रहे हैं, लेकिन भारत में अभी भी इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


    प्राइवेट कॉर्ड ब्लड बैंक क्या होता है? (What Is Private Cord Blood Banking)


    प्राइवेट कॉर्ड ब्लड बैंक का मतलब होता है कि इसमें कोई भी माता पिता अपनी इच्छा से अपने शिशु का cord blood केवल अपने शिशु की या अपने परिवार की आवश्यकता के लिए सुरक्षित रखवाते हैं। हालांकि ऐसा करने के लिए आपको ही इसके खर्च उठाने पड़ेंगे।


    पहले ऐसा करने पर अधिक खर्च लगता था, लेकिन अब बहुत सारी प्राइवेट कम्पनी इसे सस्ता बनाने के लिए कई तरह के योजनाएं ला रही है। ताकि आने वाले समय में इसका इस्तेमाल और अधिक लोग कर सके।


    Cord Blood Stem Cells कैसे काम करती है | How Cord Blood Stem Cells Work?


    Cord blood का काम करने का तरीका यह होता है कि यदि कोई बीमारी किसी रोगी के खुद के stem cell में कोई बदलाव से हुई है तो ऐसी स्थिति में रोगी के सारे bad cell को निकालकर किसी दूसरे के स्वस्थ सेल का इस्तेमाल किया जाता है।


    इस प्रक्रिया में दूसरे का स्वस्थ सेल आपके अंदर धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। फिर इन स्वस्थ सेल से बनने वाले सभी सेल पूरी तरह स्वस्थ होंगे। इस प्रकार आपका गंभीर रोग भी बिल्कुल आसानी से पूर्ण रूप से ठीक हो जाता है।


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    Cord Blood को कैसे इकट्ठा किया जाता है?


    Cord blood को शिशु के जन्म के तुरंत बाद ही किया जाता है। इस प्रकिया में शिशु और माँ को किसी प्रकार की कोई हानि नहीं पहुचती है। इसमें बच्चे के प्रसव में भी कोई दिक्कत नहीं होता है। Cord blood को इकट्ठा करने की पूरी प्रक्रिया दर्दरहित होता है। इसमें माँ और शिशु दोनों को कोई कष्ट का सामना नहीं करना पड़ता है।


    Cord blood को इकट्ठा करने के लिए प्रसव के बाद umbilical cord पर एक क्लैंप लगाई जाती है, ताकि काटने के बाद इससे खून बाहर न निकले। आप चाहे तो यह क्लैंप कुछ समय बाद भी लगवा सकते हैं, लेकिन इसके लिए डॉक्टर से सलाह लेनी होगी। क्लैंप लगाने के बाद इसे काट दिया जाता है। इसके बाद गर्भनाल रक्त को एक सिरिंज के द्वारा निकाल दिया जाता है।


    इसके बाद जैसे ही खून को सिरिंज के द्वारा बाहर निकाला जाता है, उसे एक विशेष प्रकार के Germ free blood bag में रख लिया जाता है। डॉक्टर इस blood bag को पहले से ही शिशु के जन्म से समय अपने पास रखते हैं।


    डॉक्टरों के द्वारा लगभग 60ml से लेकर 150ml तक cord blood को एकत्रित किया जाता है। आपको बता दें कि इस पूरी प्रक्रिया में 10 मिनट दे अधिक समय नहीं लगता है।


    रक्त को blood bag में सील करने के बाद डॉक्टर इसे cord blood bank में लेकर जाते हैं, जहाँ इसकी पूरी तरह से जांच की जाती है। यदि खून पूरी तरह से अपने तय मानकों पर खरा उतरता है तो इसे बहुत ही कम तापमान पर रख दिया जाता है। इतने कम तापमान पर रखने का मुख्य वजह ये होता है कि इसमें किसी प्रकार की कोशिकीय गतिविधियां न हो।


    Cord Blood लेना कब संभव नहीं होता?


    आपने ये तो जान लिया कि cord blood कैसे लिया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि किन परिस्थितियों में कॉर्ड ब्लड को लेना संभव नहीं होता है। अगर नहीं जानते हैं तो आइए इसके बारे में जान लेना हमारे लिए बेहद आवश्यक है।


    ● यदि शिशु का जन्म तय समय से पहले हुआ है तो ऐसी स्थिति में cord blood नहीं लिया जा सकता है।

    ● यदि समय से पहले जुड़वा शिशु का जन्म हुआ हो, क्योंकि उनमें ऐसा हो सकता है कि उनमें पहले से ही खून की कमी हो।

    ● यदि आपको पहले से HIV अथवा Hepatitis B जैसी बीमारी हो तब भी नहीं लिया जा सकता है।

    ● गर्भावस्था या प्रसव के दौरान आपके या शिशु में कोई जटिलता उत्पन्न हो जाए।


    Cord blood stem cell से कौन से रोगों का उपचार किया जा सकता है?


    Cord blood stem cell हमारे जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे 80 से भी अधिक बीमारियों का इलाज किया जा सकता है। जिनमें से मुख्य बीमारियों का नाम इस प्रकार है-


    कैंसर
    स्क्लेरोसिस
    अल्जाइमर
    सिकल सेल एनीमिया
    थैलेसीमिया
    एप्लास्टिक एनीमिया
    दुर्लभ आनुवांशिक मैटाबॉलिक विकार
    ब्लड कैंसर (ल्यूकीमिया और लिम्फोमा)
    बोन मैरो फेल्योर
    सेरेब्रल पाल्सी और ऑटिज्म
    मधुमेह (डायबिटीज)
    रीढ़ से जुड़ी चोट
    हृदय गति का रुकना
    तंत्रिका संबंधी (न्यूरोलॉजिकल) विकार


    Top 10 Cord Blood (Stem Cell) Banking Companies In India


    1. Life cell International Private Limited, Tamilanadu (Chennai), Gurur gram
    2. Regenerative Medical Services Pvt. Ltd. Maharashtra
    3. Cryobanks International India Pvt. Ltd. Guru gram
    4. Jeevan Stem Cell Foundation, Chennai
    5. CryoViva Biotech India Pvt. Ltd. Guru gram
    6. Stemcyte India Therapeutics Pvt. Ltd. Gujrat
    7. Indu Stem Cell Bank, Gujarat
    8. Path Care Labs Pvt. Ltd., Hyderabad
    9. The School of Tropical Medicine, Kolkata
    10. Reliance Life Sciences Pvt. Ltd., Mumbai


    Private Cord Blood Banking Cost In India


    भारत में अगर cord blood banking cost के बारे में बात किया जाए तो पहली बार औसतन सालाना 15 से 20 हजार रुपये खर्च आएंगे। इसके बाद 3 से 4 हजार सालाना इसके मेंटनेंस के लिए लग सकता है। लेकिन यदि आप इसे लांग टर्म के लिए लेते हैं तो इससे कम खर्च में भी हो सकता है। Long term में 21 और 75 वर्ष का सबसे बेस्ट ऑप्शन हो सकता है।


    Cord Blood से जुड़ी गलतफहमियां


    Cord blood को लेकर बहुत सारे लोगों के बीच कई सारी भ्रांतियां फैली हुई है। जैसे Cord blood का इस्तेमाल सिर्फ उसी बच्चे में किया जा सकता है, जिसका ब्लड संरक्षित करके रखा गया हो। जबकि कई सारे डॉक्टरों का ऐसा मानना है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है।


    Cord blood का इस्तेमाल उस बच्चे को छोड़कर सभी पर किया जा सकता है। एक अध्ययन का अनुसार अगर सभी लोग cord blood को सुरक्षित रखने लगेंगे तो इससे हर साल लाखों लोगों की जाने बचाई जा सकती है।


    हमें पूरी उम्मीद है कि आपको cord blood meaning in hindi पूरी तरह समझ में आ गयी होगी। अगर आपको cord blood stem cells और cord blood banking से सम्बंधित कोई दूसरी जानकारी प्राप्त करना हो तो कमेंट बॉक्स में लिखना न भूलियेगा।


    FAQ About Umbilical Cord Blood


    1. Umbilical Cord (गर्भनाल) क्या होता है?

    Ans: जब कोई शिशु जन्म लेता है तो तो आपने उसके नाभि पर एक पतला नली जैसा लंबा नाल देखा होगा। उसी नाल को गर्भनाल या umbilical cord कहा जाता है। इसी गर्भनाल के जरिये गर्भ में शिशु का पोषण होता है।


    2. Umbilical cord blood को हिंदी में क्या कहते हैं?

    Ans: गर्भनाल रक्त।


    3. Cord blood कितने दिनों तक सुरक्षित रह सकता है?

    Ans: अगर cord blood को सुरक्षित जगह पर रखा जाए तो इसे दशकों तक रखा जा सकता है। बस इसे रखने के लिए सही नियमों का पालन किया गया हो।


    4. क्या cord blood से बुजुर्गों का भी इलाज संभव है?

    Ans: जी हां बिल्कुल, cord blood से किसी भी उम्र के लोगों का इलाज किया जा सकता है।


    5. Cord blood का इस्तेमाल कहाँ होता है?

    Ans: इस कॉर्ड ब्लड का इस्तेमाल 80 से भी अधिक बीमारियों के इलाज में किया जा सकता है। इन बीमारियों में कैंसर, ब्लड डिसऑर्डर, अल्जाइमर, हृदय रोग इत्यादि अनेकों रोगों का इलाज किया जा सकता है।

    नोट:- किसी भी तरह के उपचार से पहले डॉक्टर से सुझाव लेना न भूलें।

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    Foxglove Benefits, Side Effects & Uses In Hindi

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    Benefits Of Foxglove In Hindi | Side Effects Of Foxglove In Hindi


    सेहत की दुनिया में आज कोई सबसे ज्यादा प्रचलित नाम है तो वो Foxglove है। लोग आखिर जानना चाहते हैं कि foxglove क्या है और इसके लाभ क्या है जो लोगों के बीच इतना प्रचलित है।


    फॉक्सग्लोव के कुछ सबसे अच्छे लाभों के बारे में बात करें तो ये रक्तस्राव (ब्लीडिंग) को कम करता है, सूजन को खत्म करता है, हृदय डिसऑर्डर के इलाज में मदद करता है, शरीर को डिटॉक्सीफाई करने, तंत्रिका तंत्र को शांत करने और त्वचा की स्थिति को ठीक करने की भी क्षमता इसमें होता है।


    लेकिन ये सब कैसे करता है ये जान लेना बेहद जरूरी है, नहीं तो गलत तरीके से सेवन करना आपके लिए घातक साबित हो सकता है। तो आइए विस्तार से Benefits Of Foxglove In Hindi के बारे में जानते हैं।


    फॉक्सग्लोव क्या है? Foxglove Meaning In Hindi


    Foxglove को आमतौर पर लोग जीनियस डिजिटलिस (Genius Digitalis) भी कहते हैं। इसमें 20 से अधिक सालों भर रहने वाली फूलों की प्रजातियां होती हैं जो झाड़ियों या छोटे फूलों वाले पौधों के रूप में आती हैं।


    ये पौधा यूरोप के कुछ हिस्सों में पाया जाता है, लेकिन अब आपको यह पूरे एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी आसानी से मिल सकता है।


    फॉक्सग्लोव के फूल काफी पहचानने योग्य होते हैं। आमतौर पर इनकी तुलना मानव उंगलियों से की जाती है। इसके फूलों का रंग सफेद, पिला होने के अलावा गुलाबी और बैंगनी भी होता है।


    इसमें पाए जाने वाले सक्रिय पदार्थ को डिगॉक्सिन कहा जाता है। मानव स्वास्थ्य पर इसके कई विविध प्रभावों के कारण अनुसंधान क्षेत्रों में इस पर बहुत ध्यान दिया गया है।


    हालांकि, आपको बता दें कि इनमें से कई शक्तिशाली जड़ी-बूटियों होने के साथ-साथ संभावित हर्बल उपचार के कुछ खतरनाक परिणाम भी होते हैं।


    Foxglove का सेवन करने की विधि |How To Use Foxglove


    Foxglove के अत्यधिक सेवन से कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इसलिए इसका उपयोग केवल अच्छे चिकित्सक के सलाह के बाद ही किया जाना चाहिए।


    फॉक्सग्लोव पौधे की पत्तियों का उपयोग आमतौर पर चिकित्सा और पारंपरिक उपचार में किया जाता है।


    इसको कई तरीके से उपयोग किया जा सकता है। जैसे इसके पत्ते का पाउडर, टिंचर, अर्क, जलसेक और अनाज सहित कई अलग-अलग तरीकों से ले सकते हैं।


    आप किसी आयुर्वेदिक स्टोर या किसी दवा के दुकान से इसके जैसे ही या कई विभिन्न रूप में भी foxglove को प्राप्त कर सकते हैं। आप जिस देश में भी रहते हैं वहां के कानून के अनुसार foxglove आसानी से कोई भी बेच सकता है। लेकिन आपको साफ तौर पर उल्लेख करना होगा कि इसका अत्यधिक सेवन आपके लिए खतरनाक हो सकता है।


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    फॉक्सग्लोव के लाभ | Health Benefits Of Foxglove In Hindi


    इतना जान लेने के बाद आइये जानते हैं कि foxglove के लाभ क्या है?

    1. फॉक्सग्लोव हृदय स्वास्थ्य (Heart Health) में सुधार करता है और हृदय गति को असन्तुलित होने से बचाता है साथ ही ये कई अन्य विकारों को रोकने में सक्षम है।


    2. यह मांसपेशियों के ऊतकों को मजबूत करता है और आपके हृदय की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। साथ ही ये आपके पूरे शरीर के रक्त को पंप करने में भी मदद करता है।


    3. यह धमनियों और रक्त वाहिकाओं को तनाव देकर रक्तचाप को बढ़ाने में सक्षम है।


    4. हाइपोटेंशन से पीड़ित लोगों के लिए फॉक्सग्लोव का उपयोग करना आपके हृदय गति और रक्तचाप को नियंत्रित करने का एक शानदार तरीका हो सकता है।


    4. यह आपके शरीर ऊर्जा स्तर को भी प्रभावी ढंग से बढ़ा सकता है। इसके अलावा अगर आप निम्न रक्तचाप (Low Blood Pressure) से पीड़ित हैं तो ये उसको भी सामान्य बनाये रखता है।


    5. Foxglove के सेवन करने के 10 से 12 घंटे बाद इसका असर दिखना शुरू होता है। इसलिए थोड़ा धैर्य रखेंगे तो अच्छा होगा।

       इसलिए जल्दी प्रभाव दिखने के चक्कर में भूलकर भी आवश्यकता से अधिक सेवन न करें। वरना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।


    इसे लेने के बाद आमतौर पर आपको अधिक पेशाब लग सकता है। इसलिए घबराए नहीं, इससे आपके शरीर के कई विषाक्त पदार्थ जैसे, अधिक लवण, वसा इत्यादि को बाहर निकलता है। जिसके फलस्वरूप आपका हेल्थ सिस्टम और मेटाबॉलिज्म अधिक अच्छे से काम करता है।


    6. Foxglove आपके तंत्रिका तंत्र और विभिन्न तंत्रिका विकारों के उपचार में भी बहुत प्रभावी हो सकता है।


    7. यह तंत्रिका तंत्र पर लाभकारी प्रभाव डाल सकता है। वैसे लोग जो अक्सर सबसे रहस्यमय और दुखद विकारों से ग्रस्त होते हैं उनके लिए ये काफी लाभदायक होता है।


    8. कई सारे अध्ययनों से ये पता चला है कि इसका उपयोग मिर्गी के दौरे और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) के अन्य उन्मत्त विकारों जैसी स्थितियों में किया जाता है।


    9. महिलाओं में ब्लीडिंग में हुए गड़बड़ी को कम करता है। रक्तस्राव को कम करके शरीर को काफी लाभ पहुचाता है। मासिक धर्म में हो रही अनियमितता में काफी लाभ पहुचाता है।


    10. मस्तिष्क का स्वास्थ्य बढ़ाने में भी काफी मदद करता है। ये हमारे दिमाग को तेज और दर्द मुक्त करता है।


    11. Foxglove में मौजूद कुछ सक्रिय तत्वों में एनाल्जेसिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गठिया से पीड़ित लोगों के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होता है।


    12. त्वचा देखभाल में भी इसका उपयोग होता है। यह त्वचा की सूजन, फोड़े या अल्सर में भी प्रभावी होता है।


    Side Effects Of Foxglove In Hindi


    चेतावनी: इस article में हर बात को बेहद बारीकी से स्पष्ट किया गया है। फिर भी यह कहना आवश्यक है कि "फॉक्सग्लोव अत्यधिक विषैला होता है और यदि गलती से इसका सेवन किया जाए या अनुचित तरीके से उपयोग किया जाए तो इसके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।


    Foxglove का सेवन कभी भी पेशेवर चिकित्सक के सलाह और उनके देखभाल के बिना न लें। आवश्यकता से अधिक सेवन आपके सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसको प्रयोग करते समय खासी सावधानी बरतनी चाहिए।


    इसके अधिक सेवन से आपका हृदय अनियंत्रित हो सकता है। आमतौर पर इसके अनियंत्रित उपयोग से चक्कर आना, अत्यधिक पेशाब होना, असामान्य रूप से दिल की धड़कन में बदलाव होना, पेट मे खराबी, आँखों की रोशनी में प्रभाव पड़ना इत्यादि हो सकता है।


    लम्बे समय तक इसका सेवन करने से कलर ब्लाइंडनेस की भी समस्या हो सकती है। इसलिए कभी भी डॉक्टर के परामर्श के बिना foxglove का उपयोग न करें।


    हमें उम्मीद है कि आपको foxglove के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी। फिर भी अगर आप foxglove के बारे में कोई और जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो कमेंट करके जरूर पूछ सकते हैं।

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    आज दुनिया में ऐसा कोई भी आदमी नहीं मिलेगा जो अपने जिंदगी में सक्सेस नहीं होना चाहता हो, जो अपना हर सपना पूरा नहीं करना चाहता हो, जो अपने हर लक्ष्य को पूरा करना नहीं चाहता हो। लेकिन अधिकतर लोगों की बस एक ही समस्या होती है कि वो सुबह जल्दी नहीं उठना चाहते हैं।


    परन्तु क्या आप जानते हैं कि दुनिया में जितने भी लोग सफल होते हैं उन सभी का सबसे बड़ा गुण यहीं होता है कि वो सुबह के समय को अच्छे तरीके से उपयोग में लाते हैं, वो चाहे कितना भी देर से सोते हैं लेकिन सुबह उठना कभी नहीं भूलते हैं। जबकि असफल लोग यहीं सबसे बड़ी गलती करते हैं।


    हमें पता है कि आप ये अच्छी तरह से जानते होंगे कि सुबह जल्दी उठने के क्या फायदे हैं फिर भी आप देर तक सोना पसन्द करते हैं। जबकि आप ये बात अच्छी तरह से जानते हैं कि सुबह देर से उठने के कितने नुकसान होते हैं। आपका पूरा दिन ऐसे ही खराब हो जाता है। आप घर काम लेट से करते हैं, कभी ऑफिस के लिए लेट हो जाते हैं तो कभी जरूरी यात्रा के लिए लेट हो जाते हैं।


    ऐसे में अगर आप लाख कोशिशों के बावजूद सुबह जल्दी नहीं उठ पाते हैं और जानना चाहते हैं कि सुबह जल्दी कैसे उठें तो ये article आपके लिए है। अगर आप इसमें बताये गए टिप्स को ध्यान से फॉलो करेंगे तो निश्चित ही आपकी ये समस्या दूर हो जाएगी। तो चलिए सुबह जल्दी उठने के 5 सबसे आसान तरीका के बारे में जानते हैं।


    5 Best Tips For How To Wake Up Early In Hindi | सुबह जल्दी उठने का 5 सबसे आसान तरीका


    1. खुद से अलार्म सेट करें- जी हाँ आप बिल्कुल सही पढ़ रहे हैं। आप सोते समय बस एक बात निश्चय कर लें कि जब भी अलार्म बजेगा तुरंत उठ जाऊँगा। उठने के बाद अलार्म बंद करके दुबारा सोने का प्रयास बिल्कुल न करें। उठने का मतलब ये होगा कि आप शौचालय से आने के बाद अपने निर्धारित कामों में लग जाएं। ऐसा करके अपने सारे काम को आसान कर सकते हैं।


    2. समय में धीरे-धीरे बदलाव करें- इसका मतलब है कि अगर आपको 7 बजे उठने की आदत है तो पहले ही दिन 5 बजे का अलार्म बिल्कुल नहीं लगाए। आप उठने के समय में धीरे-धीरे परिवर्तन करें। पहले दिन 15 मिनट जल्दी उठने का प्रयास करें। फिर जब आपका शरीर इसका आदी हो जाये तो फिर कुछ दिनों बाद 15 मिनट कम करके अलार्म लगायें।


    ऐसा करके आप उठने के समय में आसानी से बदलाव कर सकते हैं और आपको किसी तरह का कोई दिक्कत नहीं होगा।


    3. फोन या अलार्म क्लॉक को अपने से दूर रखें- अब आप ये बोलेंगे कि इसका क्या मतलब हुआ तो आपको बता दें कि आप अच्छी तरह से जानते होंगे कि अलार्म जब पास में बजता है तो हम सोए हुए ही उसको बंद करके दुबारा सो जाते हैं। क्या आपके साथ भी ऐसा ही होता है? कमेंट करके जरूर बताइये।


    इसलिए अगर आप सच में सुबह जल्दी उठना चाहते हैं तो अलार्म को अपने से दूर रखें, ताकि आप सोए हुए उसको बंद न कर सके। अलार्म को दूर रखने का फायदा ये होगा कि जब भी अलार्म बजेगा आपको बंद करने के लिए उठकर जाना पड़ता है और इससे आपकी नींद भी आसानी से टूट जाता है। लेकिन आप यहाँ भी दुबारा सोने का प्रयास न करें क्योंकि आप जीतने के लिए बने हैं हारने के लिए नहीं।


    4. जल्दी सोने का प्रयास करें- आपने अंग्रेजी की एक कहावत तो सुनी हो होगी कि Early to bed & early to rise. इसका मतलब है कि सुबह जल्दी उठना जितना जरूरी है जल्दी सोना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए देर रात तक टीवी और मोबाइल चलाने से बचें।


    देर रात तक अंधेरे में मोबाइल ज्यादा देर तक चलाने से आपके आंखों की रोशनी भी जा सकती है। साथ ही आपको कई तरह की बीमारियों का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अगर आप जल्दी उठना चाहते हैं तो जल्दी सोने की भी कोशिश करें।


    अगर बिस्तर पर जाने के बाद नींद नहीं आती है तो आप अपने जरूरत के अनुसार कोई भी किताब पढें। ऐसा करने से आपको बहुत सारा ज्ञान भी प्राप्त होगा और आपको जॉब या बिजनेस में तरक्की भी मिलेगी। इसके साथ-साथ आपका मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा, नींद भी अच्छी आएगी और आप सुबह जल्दी भी उठ पायेंगे।


    सुबह के धूप के फायदे आपके शरीर के अनेकों कष्टों को दूर करते हैं, आपके बॉडी को मजबूत बनाते हैं। इसलिए सूर्योदय से पहले उठकर मोबाइल चलाने के बजाय धूप में कुछ देर बिताए। सूर्य के धूप कैसे हमारे शरीर को अनेकों रोगों से बचाता है इसकी जानकारी यहाँ से प्राप्त सकते हैं।

    सुबह के धूप के आश्चर्यजनक फायदे।


    5. दिन की शुरुआत कैफीन से न करें- क्या आप भी दिन की शुरुआत कॉफी या चाय से करते हैं? अगर ऐसा करते हैं तो ये बिल्कुल गलत आदत है, क्योंकि इसमें बहुत अधिक मात्रा में कैफीन पाया जाता है। जो आपके शरीर के लिए काफी नुकसानदेह साबित होता है। 


    बहुत सारे लोगों का आजकल शौक बनता जा रहा है कि बिस्तर पर चाय या कॉफी लेकर ही दिन की शुरुआत करते हैं, जो कि आपके स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है।


    आप सुबह इसीलिए उठते हैं ताकि स्वस्थ रहें। अगर चाय या कॉफी पीकर उठते हैं तो आपके स्वास्थ्य के लिए तो खतरा ही है। इसलिए सुबह चाय या कॉफी लेने के बजाय गुनगुने पानी से दिन की शुरुआत करें। इससे आपके अंदर की विषैले पदार्थ भी बाहर निकलते हैं और आप दिन भर ताजगी महसूस करते हैं।


    निष्कर्ष: सुबह जल्दी कैसे उठें?


    दोस्तों ये थे सुबह जल्दी उठने के 5 तरीके। ये तरीके तभी आपके लिए फायदेमंद होंगे जब आप इनको फॉलो करेंगे। इसलिए आप कुछ ही दिन इस नियम को फॉलो करें फिर आप देखिए आपके अंदर कितना बदलाव आता है।


    अगर आपके अंदर आगे बढ़ने का जुनून है तो सबसे पहले सुबह जल्दी उठने का लक्ष्य हासिल करें। फिर आप देखिए आपके सारे काम समय पर हो जाते हैं कि नहीं। उम्मीद करते हैं आज से आप बहाने बनाने के बजाय सुबह जल्दी उठकर अपने दिन की शुरुआत करेंगे।


    हम उम्मीद करते हैं कि सुबह जल्दी कैसे उठे जैसी समस्या को आप इन आसान टिप्स को फॉलो करके दूर कर सकते हैं। अगर आपको हमारा सुबह जल्दी उठने का तरीका पसन्द आया हो तो इसे शेयर जरूर करें और साथ ही इससे सम्बंधित कोई भी सवाल हो तो कमेंट करके जरूर पूछिये।


    एक महीने में तेजी से वजन बढ़ाने के अचूक उपाय

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    एक महीने में वजन बढ़ाने का अचूक देशी तरीका | तेजी से वजन कैसे बढ़ाएं

    एक महीने में वजन बढ़ाने का अचूक देशी तरीका | तेजी से वजन कैसे बढ़ाएं

    Vegetarian Diet Plan For Weight Gain In Hindi | Weight Gain Tips In Hindi | वजन बढ़ाने के सबसे आसान तरीके

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    अगर आप दुबलेपन से परेशान हैं और हर तरह के दवा-नुस्खे आजमा चुके हैं। फिर भी अपने शरीर को सुंदर और सुडौल नहीं कर पा रहे हैं तो आज का ये healthy diet plan उनलोगों के लिए है जो अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं और अपने बॉडी को सुंदर और ताकतवर बनाना चाहते हैं। हम आपको वजन बढ़ाने के सही तरीके के बारे में पूरी विस्तार से बताएंगे।


    अगर आप वजन बढ़ाने के बारे में सोच रहे होंगे तो आपके मन में एक ख्याल जरूर आया होगा कि वजन बढ़ाने के लिए आपको सारा दिन कुछ न कुछ खाते रहना है तो आपका वजन बढ़ाने का ये बिल्कुल भी सही तरीका नहीं है। इन गलत तरीकों से आप अनचाहे मोटापे का शिकार हो सकते हैं और मोटापे से होने वाली अनेकों बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।


    इसलिए आज मैं आपके लिए वजन बढ़ाने के लिए पूरे दिन का डाइट प्लान लेकर आया हूँ। अगर आप इसे सही ढंग से फॉलो करते हैं तो आप बिल्कुल सही तरीके से वजन बढ़ा सकते हैं। तो अगर आपको लगता है कि आपका शरीर सुंदर और सुडौल दिखे तो आप ये Vegetarian Diet Plan For Weight Gain In Hindi पूरा जरूर पढ़िए।


    Male-Female Weight Gain Diet Plan For Vegetarian In Hindi | How To Gain Weight Fast In Hindi | जल्दी से वजन कैसे बढ़ाएं


    अगर आप चाहते हैं कि आपका वजन सही तरीके से बढ़े तो इसकी शुरुआत आपको सबसे पहले सुबह से करनी होगी। दिन की शुरुआत सबसे पहले गुनगुने पानी के साथ कीजिये। हल्का गर्म पानी लें और एक से दो ग्लास गुनगुना पानी एक जगह पर बैठकर पिये।


    सुबह खाली पेट गर्म पानी पीने से हमारी शरीर से जहरीले पदार्थ बाहर निकलते हैं, हमारी मांसपेशियां रिलैक्स हो जाती है और साथ ही रक्त का संचार(Blood Circulation) सही हो जाता है।


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    पानी पीने के आधे घण्टे बाद 6 से 7 भीगे हुए बादाम खायें। भीगो कर बादाम खाने से इसके फायदे भी बढ़ जाते हैं और आसानी से पच भी जाता है।


    Daily Exercise Routine For Weight Gain In Hindi


    इतना करने के बाद आप एक घण्टे व्यायाम(exercise) के लिए जरूर निकालें। क्या आप जानते हैं कि वर्कआउट जितना वजन घटाने(weight loss) के लिए जरूरी है उतना वजन बढ़ाने के लिए भी जरूरी है। आपके लिए एक सलाह ये भी है कि कोई भी डाइट प्लान तभी काम करेगी जब आप उसके साथ जरूरी वर्कआउट करेंगे। इसलिए व्यायाम के लिए जरूर टाइम निकाले और हो सके तो सुबह में करें। इसमें आप स्विमिंग, योगा, सुबह के धूप में टहलना इत्यादि कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको ज्यादा फायदा होगा।


    वर्कआउट से आते ही एक अच्छा एनर्जी युक्त पौष्टिक आहार लें। इस टाइम में आप बनाना(banana) शेक ले सकते हैं क्योंकि इस समय आपके शरीर को एनर्जी की जरूरत है। लेकिन इसे बनाते समय खास ध्यान रखें और चीनी का बिल्कुल इस्तेमाल न करें।


    इसे बनाने के लिए आप फूल क्रीम यानी कि मलाई वाला दूध ले सकते हैं। उसमें दो केले तक डाल सकते हैं। इसे बनाते समय जो भी चीज डालना चाहते हैं आप डाल सकते हैं। जैसे- बादाम, काजू इत्यादि। अगर कुछ मीठा डालना ही हो तो शहद डाल सकते हैं। इस तरह एक टेस्टी और healthy शेक तैयार कर लें और वर्कऑउट से आते ही पिये। इस शेक को लेने के एक से डेढ़ घंटे बाद ब्रेकफास्ट कर लें।


    Vegetarian Breakfast For Weight Gain In Hindi


    एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि आपका शेड्यूल चाहे कितना भी बिजी क्यों न हो ब्रेकफास्ट करना कभी न भूलें। एक पौष्टिक ब्रेकफास्ट करने से आपकी एनर्जी पूरा दिन बनी रहती है और आप ज्यादा तरोताजा महसूस करते हैं। ब्रेकफास्ट में आप स्टफ पराठा, इटली सांभर, पनीर, पौष्टिक सैंडविच,पोहा या फिर कोई भी healthy ब्रेकफास्ट कर सकते हैं।


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    ब्रेकफास्ट के दो घन्टे बाद आप फल खा सकते हैं। जो भी आपके पास मौसमी फल मौजूद हो वो आप खा सकते हैं। जैसे:- सेब,नाशपाती, खरबूजा, तरबूज, अंगूर, अनानास, पपीता इत्यादि।


    क्या आप जानते हैं कि फल हमारे शरीर को फाइबर भी देते हैं और ढेड़ सारे पौष्टिक तत्व भी। फल खाने के दो घन्टे बाद आती है लंच की बारी। लंच में आपको कोई भी पौष्टिक आहार लेना चाहिए। जैसे:- दो रोटी या फिर एक बोइल्ड राइस, दाल, कड़ी, सब्जी और दही इत्यादि।


    लंच के दो से तीन घण्टे बाद आप अपने पसन्द की चाय ले सकते हैं। अगर ग्रीन टी ले तो सबसे बढ़िया है नहीं तो दूध वाली भी चाय ले सकते हैं। चाय के साथ एक हैल्थी स्नैक्स जरूर लें।


    लंच के दो से तीन घण्टे बाद आती है डिनर की बारी। डिनर करते समय एक बात का खास तौर पर ध्यान रखें कि रात का भोजन आपके दिन का सबसे हल्का भोजन होना चाहिए। डिनर में आप  दो चपाती, दाल,सब्जी इत्यादि लें सकते हैं। अगर डिनर के बाद भी आपको भूख लगती है तो रात को सोने से एक घन्टा पहले आप गुनगुना दूध ले सकते हैं। लेकिन इसमें चीनी का प्रयोग बिल्कुल भी न करें। आप चाहे तो दूध के साथ शहद ले सकते हैं।


    अब देखते हैं कि वजन बढ़ाने के लिए डेली डाइट प्लान में आप और क्या-क्या चीज ले सकते हैं। अगर कभी भी खाने के बाद आपको मीठा खाने का मन करे तो आप एक डार्क चॉकलेट ले सकते हैं। उसी तरह आप अपने डाइट में आलू और शक्करकंद ले सकते हैं। लेकिन इसे लेते समय ध्यान रहे कि ये तला हुआ ना हो, बल्कि उबला हुआ हो। उसी तरह हाई फैट डेरी लेने से भी फायदा होगा। जैसे कि मलाई वाला दूध, दही या पनीर।


    Conclusion:- ये पूरे दिन का डाइट प्लान 1700 कैलोरी का है। अगर आप इसे बिल्कुल एक महीने तक फॉलो करते हैं तो आप अपना वजन एक महीने में 3 से 5 किलो तक बढ़ा सकते हैं। बाहर का खाना बिल्कुल न खाएं। ज्यादा तला हुआ या फिर मसालेदार भोजन न करें और चीनी से भी दूर ही रहे। साथ ही वर्कआउट बिल्कुल भी मिस न करें।


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    इतना करने के बाद आप ये भी ध्यान रखें कि 7 से 8 घन्टे का नींद जरूर पूरा करें और किसी भी तरह का तनाव न लें। अगर आप अच्छी डाइट प्लान के साथ इन चीजों का भी ध्यान रखेंगे तो आपका वजन बहुत आसानी से बढ़ेगा।


    आपके ये Vegetarian Diet Plan For Weight Gain In Hindi कैसी लगी? अगर आपको हमारा how to gain weight fast in hindi अच्छी लगी और अगर आपको लगे कि इससे किसी का मदद हो सकता है तो इसे शेयर जरूर करें। हमारे साथ बिताए गए पल के लिए हम आपके सदा आभारी हैं।

    Top 10 Health Benefits Of Taking Ashwagandha Powder In Hindi

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    Ashwagandha Benefits For Men & Women In Hindi | अश्वगंधा लेने के फायदे और नुकसान

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    दोस्तों मुझे पता है कि आप अश्वगंधा के लाभ के बारे में कुछ न कुछ जरूर जानते होंगे। पर यकीन मानिए हम आपको अश्वगंधा के बारे में बहुत सारी ऐसी जानकारी है जिसके बारे में आप नहीं जानते होंगे।


    अश्वगंधा को लेने के सही तरीके से लेने के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जिससे आपको सबसे ज्यादा फायदा होगा। किसी भी चीज को बिना अच्छी तरह से जाने उपयोग करने से हमें उतना फायदा नहीं मिल पाता जितना कि वो दे सकता है।


    आज हम आपको बताएंगे अश्वगंधा के फायदे और नुकसान से लेकर अश्वगंधा क्या होता है, अश्वगंधा के मेडिकल प्रॉपर्टीज क्या है, अश्वगंधा कौन-कौन खा सकता है और किनके लिए ज्यादा लाभदायक है, अश्वगंधा के साइड इफेक्ट क्या है इन सबके बारे में पूरी विस्तार से जानेंगे।


    What is Ashwagandha in Hindi | अश्वगंधा क्या होता है?


    दोस्तों अश्वगंधा संस्कृत का शब्द है। मतलब इसका नाम घोड़े का जो सुगन्ध होता है उसको दर्शाता है। अश्वगंधा का जो पाउडर आता है उसका सुगन्ध भी घोड़े के सुगन्ध के जैसा होता है और इसको घोड़े से तुलना इसलिए किया जाता है क्योंकि अश्वगंधा का जो लोग सेवन करते हैं उनको घोड़े जैसा पावर होने का अनुभव करते हैं।


    अश्वगंधा बहुत सारी बड़ी बीमारियों में काम आता है। आपको बता दें कि United States Food & Drug Association (USFDA) ने इसको कई सारी बीमारियों के इलाज के लिए मंजूरी भी दे रखी है। मतलब कई सारे देशों में भी अश्वगंधा का उपयोग स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता है।


    आगे आपको अश्वगंधा के 10 फायदे बताने वाले हैं कि कैसे अश्वगंधा का उपयोग करने का सही तरीका क्या है और कैसे हमारे शरीर के अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।

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    Top 10 Health Benefits Of Taking Ashwagandha | अश्वगंधा के पाउडर और कैप्सूल लेने के 10 फायदे

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    1. अश्वगंधा के कई सारे लाभ है और आपको बता दें कि केंद्रीय मेडिकल जांच रिपोर्ट के अनुसार अश्वगंधा में एन्टी बैक्टीरियल पाये जाते हैं। जी हाँ जो लोग इसको उपयोग करते हैं उनको और लोगों के मुकाबले फ़ूड इंफेक्शन का खतरा कम रहता है। इस कारण इसका सेवन काफी लाभप्रद होता है।


    2. एक रिसर्च से ये भी पता चला है कि अश्वगंधा के अंदर कैंसर रोधी तत्व पाए जाते हैं। मतलब इसके सेवन से कैंसर को दूर रखने में काफी मदद मिलती है। साथी जिन लोगों को कैंसर हो चुका है और वे केमोथेरेपी करा चुके हैं। वैसे लोगों को इसका सेवन जरूर करना चाहिए क्योंकि अश्वगंधा केमोथेरेपी के खतरनाक साइड इफेक्ट को मारता है।


    3. अश्वगंधा कई सारे सेक्सुअल प्रॉब्लम में भी काम आता है। शादी के पहले या शादी के बाद जो भी सेक्सुअल प्रॉब्लम आती है उसमें ये काफी असरदार साबित होता है। मतलब ये vitality(स्फूर्ति) को तो बढ़ाता ही है और साथ में fertility(प्रजनन क्षमता) को भी बढ़ाता है।


    Ashwagandha Powder health Benefits for men & Women in hindi


    4. जिन लोगों के शुक्राणुओं की कमी है, शीघ्रपतन की बीमारी है या फिर स्वप्नदोष की बीमारी से पीड़ित हैं उनके लिए अश्वगंधा का सेवन करना काफी लाभदायक होगा। ये इतनी सारी बीमारियों में इसलिए काम करता है क्योंकि अश्वगंधा आपके टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को बढ़ाता है।


    पुरुषों के विकास के लिए ये हार्मोन सबसे ज्यादा जरूरी है। चाहे आपका आपके मांसपेशी हो या फिर शरीर का कोई भी भाग हो इन सबके विकास के लिए आपके अंदर टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का होना बहुत जरूरी है। इस तरह पुरुषों के लिए अश्वगंधा के फायदे अनेकों है।


    5. अगर आपके अंदर टेस्टोस्टेरोन हार्मोन लेवल कम होगा तो आपका विकास नहीं होगा। अश्वगंधा आपके टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के लेवल को सही रखता है और आपको किसी भी सेक्सुअल समस्या से दूर रखता है।


    6. अश्वगंधा थाइराइड ग्लैंड को भी बढ़ाता है। वैसे आदमी जिनको थाइराइड की समस्या है उनके लिए अश्वगंधा का सेवन करना बहुत लाभकारी सिद्ध होता है। अश्वगंधा को अगर आप नियमित रूप से सेवन करते हैं तो थाइराइड हार्मोन्स के स्तर को बनाये रखता है और आपको थाइराइड से दूर रखता है।


    7. अश्वगंधा में तनाव दूर करने का गुण भी पाया जाता है। जी हाँ अगर आप तनावग्रस्त है, चाहे शारीरिक रूप से हो या फिर मानसिक रूप से ये दोनों स्थितियों में आपके तनाव को कम करता है। अश्वगंधा तनाव बनाने वाले हार्मोन्स को कम करता है तो अगर आप अश्वगंधा के पाउडर का सेवन करते हैं तो आपको काफी हद तक तनाव से मुक्ति मिलती है।


    8. अश्वगंधा आपके अंदर के सामान्य दर्द से छुटकारा दिलाता है। अगर आपके शरीर के अंदर किसी भी तरह का दर्द होता है या फिर हाथ-पैर में दर्द होता है तो अश्वगंधा इन सब दर्द से मुक्ति दिलाता है।


    9. वैसे आदमी जो जिम जाते हैं उनके लिए अश्वगंधा प्राकृतिक बूस्टर का काम करता है क्योंकि बॉडी बिल्डिंग के लिए टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स का लेवल बढ़ना बहुत जरूरी है। इस तरह अगर आप जिम जाते हैं तो आपके लिए अश्वगंधा का सेवन किसी प्राकृतिक औषधि से कम नहीं है। अगर आप टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के लिए किसी दूसरे तरह के दवा का उपयोग करते हैं तो उनको छोड़ अश्वगंधा का एक बार सेवन करके देखिए बहुत फायदा होगा।


    10. अश्वगंधा का सेवन करने से बहुत सारी नस सम्बंधित बीमारियों से छुटकारा मिलता है। अश्वगंधा के सेवन करने से वायरल इंफेक्शन होने का खतरा कम हो जाती है।

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    तो आपने देखा कि एक अश्वगंधा का सेवन करने से इतने सारे स्वास्थ्य लाभ है। इसलिए कहा जाता है कि अगर रात को सोते समय एक ग्लास दूध में एक चम्मच अश्वगंधा डालकर सेवन करने से बहुत सारी शारीरिक बीमारियों से छुटकारा मिलता है।


    अश्वगंधा का सेवन हर आयु के लोग कर सकते हैं। पुरुष या स्त्री सभी के लिए अश्वगंधा का सेवन लाभकारी होता है। मतलब आपको कोई बीमारी हो या न हो आपके लिए अश्वगंधा का सेवन हमेशा लाभदायक होगा। अश्वगंधा आपको हर जगह आसानी से मिल जाता है। आप किसी भी मेडिकल स्टोर से खरीद सकते हैं।


    पतंजलि अश्वगंधा के पाउडर और कैप्सूल के फायदे


    आप किसी भी कम्पनी का अश्वगंधा खरीद सकते हैं। आप पतंजलि के अश्वगंधा खरीद सकते हैं, आप चाहे तो डाबर, हिमालय, हर्बल आदि का अश्वगंधा मतलब किसी भी कम्पनी का खरीद सकते हैं। पतंजलि अश्वगंधा के फायदे इसलिए ज्यादा है क्योंकि ये भारतीय कम्पनी बनाती है। आपका जो भी पैसा लगेगा वो देश के विकास में काम आएगा।


    अगर जिनको पाउडर लेने में दिक्कत हो रही है तो आप पतंजलि अश्वगंधा के कैप्सूल ले सकते हैं क्योंकि पतंजलि अश्वगंधा के कैप्सूल अच्छे क्वालिटी के होते हैं और सस्ते भी होते हैं। पतंजलि अश्वगंधा के फायदे इसलिए है क्योंकि ये कई टेस्ट और रिसर्च भी पास कर चुका है और ये हर जगह आसानी से उपलब्ध भी होता है।


    अगर आप अच्छा स्वास्थ्य चाहते हैं तो आज ही आर्डर करके बिल्कुल ही कम दाम पर अश्वगंधा मंगा सकते हैं। इसके लिए आप नीचे लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन आर्डर कर सकते हैं।


    पतंजलि अश्वगंधा

    डाबर अश्वगंधा

    हर्बल अश्वगंधा

    हिमालय अश्वगंधा


    Side Effects Of Taking Ashwagandha In Hindi | अश्वगंधा पाउडर और कैप्सूल लेने के नुकसान


    अब हम आपको बताते हैं कि अश्वगंधा का सेवन करने का नुकसान कब और किसे होता है?

    1. अगर कोई महिला गर्भवती है तो ऐसे में उनको अश्वगंधा का सेवन कभी नहीं करना चाहिए क्योंकि अश्वगंधा के अंदर जो तत्व होते हैं वो आपके अंदर पल रहे बच्चे को प्रभावित करते हैं।


    2. वैसे आदमी जिनको डायबिटीज,डिप्रेशन आदि बीमारियों का दवा चल रहा है उनके लिए अश्वगंधा का सेवन करना हानिकारक होता है क्योंकि इन बीमारियों में जो दवा चलाई जाती है उससे अगर अश्वगंधा मिलता है तो उसके साइड इफेक्ट्स होते हैं।


    अगर आपको डायबिटीज है और आप कोई दूसरी दवा नहीं ले रहे हैं तो आप अश्वगंधा का सेवन कर सकते हैं। मतलब आपको कोई भी बीमारी है और आप कोई दूसरा दवा नहीं ले रहे हैं तो आप अश्वगंधा का सेवन कर सकते हैं। साथ ही अगर आपको नींद न आने की बीमारी है तो अश्वगंधा का सेवन बिल्कुल ना करें।


    हम उम्मीद करते हैं कि अश्वगंधा क्या है और इसके फायदे-नुकसान क्या है इन सबके बारे में आपको पूरी जानकारी मिल गई होगी। फिर अगर आप हमसे कुछ पूछना चाहते हैं तो हमें कमेंट करके जरूर पूछिए।


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    Top 10 Daily Health Habits In Hindi | स्वस्थ रहने के आसान उपाय

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    Top 10 Daily Health Habits In Hindi | Best 10 Daily Health Tips In Hindi

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    Top 10 Daily Health Habits

    अच्छी दैनिक आदतें आपके समग्र स्वास्थ्य के लिए इतना बड़ा बदलाव ला सकती हैं। आज हम आपसे ऐसे Top 10 Daily Health Habits In Hindi For Healthy Life शेयर करने जा रहे हैं, जिसने मेरे जीवन को कई अलग-अलग तरीकों से बदल दिया है।

    यदि आप भी स्वस्थ रहने के लिए इन Best 10 Daily Health Tips In Hindi के बारे में जानना चाहते हैं तो आपको ये पूरा पोस्ट जरूर पढ़नी चाहिए। हम 10 दैनिक आदतों के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिन्होंने मेरे शारीरिक स्वास्थ्य, भावनात्मक स्वास्थ्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों में मेरे जीवन में वास्तव में बड़ा बदलाव किया है।

    साथियों अच्छे और सेहतमंद स्वास्थ्य के लिए पहली बात यह है कि ये दैनिक आदतें पिछले कई वर्षों में लगातार आदत का परिणाम रही हैं। ऐसा कुछ नहीं है जो रातोंरात हुआ है। अच्छा स्वास्थ्य खराब आदतों के लिए मुश्किल है। हालांकि ये आदतें हमारी दैनिक आदतें हैं। आप अपना स्वास्थ्य ठीक कर सकते हैं और वो भी बिना अपने पर किसी तरह का दबाव डाले।

    खासकर जब चीजें बहुत व्यस्त हो जाती हैं या चीजें बहुत अधिक हो जाती हैं। क्या आप जानते हैं एक अनुमान के अनुसार जो लोग अपने दैनिक आदतों को बदलना चाहते हैं उनके छोटी छोटी चीजों को हल्के में लेने के कारण वो अपने कार्यशैली में बदलाव नहीं कर पाते। यहीं लोग न तो अपना स्वास्थ्य बेहतर कर पाते हैं और ना ही जीवन में सफल हो पाते हैं।

    आम तौर पर हर कोई बदलाव करना चाहता है आप भी कर सकते हैं। लेकिन ये बदलाव आपको एक दिन करने से नहीं आता है बल्कि दैनिक आदत बनाने से आता है। शुरुआत में कगर आप रोज नहीं कर पाते हैं तो सप्ताह में कम से कम 3 से 5 बार करने की आदत जरूर डालें।

    तो चलिए दोस्तों स्वस्थ रहने के लिए आपको Top 10 Daily Health Habits In Hindi For Healthy Life के बारे में पूरी विस्तार से बताते हैं जो आपको हमेशा स्वस्थ और खुशहाल जीवन प्रदान करेगा।

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    Top 10 Daily Health Habits In Hindi | Best Health Tips In Hindi |  खुशहाल जीवन के उपाय

    दिन की शुरुआत पानी से करें | Benefits Of Drinking Water

    1. दोस्तों आप आज से ही अपने दैनिक जीवनशैली में बदलाव लाना शुरू कीजिए। जब भी आप सुबह-सुबह बिस्तर से उठिए सबसे पहले एक ग्लास पानी जरूर पीजिए। क्योंकि मुझे लगता है कि सुबह ऊर्जा के स्तर में एक बड़ा अंतर होता है। जब हम सो रहे होते हैं तो हम कोई पानी नहीं ले रहे होते हैं और जब हम जागते हैं तो हल्के से निर्जलित हो सकते हैं।

    जब हम निर्जलित होते हैं तो हमारे शरीर पर थकान का असर ज्यादा होता है। शरीर में पानी का लेवल बनाये रखने के लिए सुबह उठते ही एक गिलास पानी जरूर पियें। यह आमतौर पर सामान्य पानी होता है, लेकिन अगर आपको गर्म पानी पसंद है तो आप जरूर पियें। लेकिन सुबह का पानी आपके ऊर्जा स्तर के लिए बहुत अच्छी बात है और आपके अच्छे स्वास्थ्य में बहुत लाभदायक होता है।

    What Is Meditation | Benefits Of Meditation In Hindi

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    What Is Meditation

    2. बड़े-बड़े डॉक्टर भी हर दिन कम से कम 10 मिनट के लिए ध्यान करने के लिए जरूर सुझाव देते हैं। मैं अपनी राय बताऊँ तो पहले बहुत संदेह करता था लेकिन ध्यान करना(Meditation) जब मैंने पहली बार शुरू किया तो मुझे वास्तव में इस पर विश्वास नहीं हुआ। 

    इसका सकारात्मक प्रभाव जो मेरे जीवन पर पड़ा है मैं सोच भी नहीं सकता था। मुझे नहीं लगता कि इसके पीछे कोई अलग विज्ञान था लेकिन वास्तव में विज्ञान का एक ऐसा भाग है जो आपके अंदर छुपी अनेकों गलत विचारों को दूर करता है।

    मात्र दिन में 10 मिनट का ध्यान आपको अपने प्रतिरक्षा तंत्र(Immune System) को बेहतर बनाने में मदद करता है, यह अनेकों दर्द को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा भी यह बहुत कुछ कर सकता है। ध्यान लगाने(Meditation) की क्रिया का सबसे बड़ा फायदा मुझे ये हुआ है कि मैं आपसे भी शांत दिखाई देता हूं, लेकिन ये सच है कि मैं स्वाभाविक रूप से एक शांत व्यक्ति नहीं हूं। लेकिन ध्यान लगाने के इस आदत ने मुझे यहाँ तक पहुंचा दिया है।

    मुझे वास्तव में लगता है कि Meditation के लाभ अनेकों हैं यदि आप एक शुरुआती समय में ध्यान कर रहे हैं तो आपके लिए बहुत कठिन हो सकता है। इसके लिए मेरे पास 2 युक्तियां हैं। सबसे पहले शुरुआत में मेरे लिए पहले भी 10 से 15 बार ध्यान लगाना बहुत मुश्किल था और शायद आपको भी हो सकता है।

    आपको शुरुआत में समझ ही नहीं आएगा कि आप कर क्या रहे हैं पर लगातार Meditation करने से आपको आदत पड़ जायेगा। जो आज के जीवन के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। इसलिए इसमें अवश्य समय दें। 

    ये भी पढ़ें:- स्वस्थ रहने के लिए ये 15 टिप्स जरूर अपनायें।

    दूसरी बात यह है कि यदि आप किसी के निर्देशन में Meditation कर रहे हैं तो आपको इसमें जल्दी सफलता मिल सकता है। अगर कोई आपको meditation सिखा रहा है तो आपको सही रास्ते और लगातार सही रास्ते पर रहने में मदद कर सकता है। 

    Benefits Of Running For Healthy Life In Hindi

    3. दोस्तों क्या आप जानते हैं कि दौड़ने से ज्यादा फायदा तेज गति से चलना होता है। जी हाँ अगर रोज सुबह टहलने की आदत डाल लें तो आप कितने ही बीमारियों को bye कर सकते हैं। तेज गति से टहलना आपके स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है।

    शोध के अनुसार हरियाली के संपर्क में आने से स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। साथ ही अगर सूर्य का धूप तो हमारे मजबूत हड्डियों के लिए किसी औषधि से कम नहीं होता है।

    अब तो विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सिफारिश की है कि सप्ताह में लगभग 150 मिनट का व्यायाम आपके दिल के सेहत के लिए बहुत जरूरी है। व्यायाम के लिए आपको कहीं जाने की भी जरूरत नहीं है बस आपको टहलने की आदत में सुधार लाना है।

    Daily Exercise Habits Can Prevent From Disease

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    Daily Exercise Habits

    4. आपका व्यायाम करने की आदत आपको हृदय रोग सम्बंधित बीमारियों से दूर रखता है।  इसलिए अगर आप ब्रिस्क वॉक या जॉगिंग कर रहे हैं या दौड़ रहे हैं तो इसका सीधा प्रभाव आपके हृदय पर पड़ता है। 

    आज आपको भी देखने को मिलता होगा कि महिलाओं को अनेकों रोगों का सामना करना पड़ता है। महिलाएं आज मोटापे का शिकार हो रही है। इसका सबसे बड़ा कारण है व्यायाम न करना।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सिफारिश की है कि एक सप्ताह में कम से कम 2 बार एक वयस्क आदमी को व्यायाम जैसे गतिविधियों में शामिल होना बहुत जरूरी है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ आदमी की हड्डियों में जकड़न जैसी समस्या आ जाती है। इस समस्या को दूर करने का सबसे आसान और बेहतर तरीका है व्यायाम करना,टहलना आदि।

    हड्डियों के मजबूती के लिए अगर आप सूर्य के धूप में टहल रहे हैं तो आपकी हड्डियां हमेशा मजबूत रहेगी। अगर आपको सूर्य के धूप के लाभ के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो आपको ये पोस्ट जरूर पढ़नी चाहिए।

    सूर्य के धूप के चमत्कारी फायदे जरूर जानें।

    5. मैं हर दिन कुछ हरे शाक-सब्जी खाने की कोशिश करता हूं। लेकिन यह बहुत शर्मनाक है कि हम इन पोषण और विटामिन से भरपूर खाना को छोड़कर जंक फूड की तरफ ज्यादा ध्यान देते हैं। लेकिन मैं यह स्वीकार करूंगा कि मैं हरा खाना नहीं खाता था पर जब इसके फायदे देखें तो फिर जंक फूड को भूल जाना ही बेहतर समझा। 

    दैनिक रूप से कुछ हरे शाक-सब्जी का सेवन आपके डॉक्टर से दूर रखता है। तो आज से ही जंक फूड को bye कहिए और विटामिन युक्त भोजन को अपनाइए।

    6. दिन में हो सके तो कम से कम 2 से 3 अलग-अलग रंग का फल और सब्जी जरूर खायें। विभिन्न रंगों के फल और सब्जी का सेवन करने के मतलब ये है कि सबके पास अलग-अलग फाइटोकेमिकल्स होते हैं, जिसका अर्थ है कि उनके पास अलग-अलग स्वास्थ्य गुण हैं। 

    कुछ फाइटोकेमिकल्स कैंसर की रोकथाम में मदद कर सकते हैं तो कुछ जिगर की मदद कर सकते हैं तो कुछ चयापचय में मदद करने के लिए उन फाइटोकेमिकल्स के अलग-अलग कारण होते हैं। 

    7. इस भागदौड़ भरी जिंदगी में मन को शांत कर पाना बहुत ही मुश्किल काम है। जी हाँ हम उसी मन और दिमाग को शांत करने की बात कर रहे हैं जिसके बदौलत आप अपना कोई भी काम करते हैं। जरा आप सोचिए जो मन और दिमाग आपके लिए दिन-रात काम करता है क्या आपने कभी उसको शांत और स्वस्थ रखने के लिए कुछ करते हैं।

    मैं आपको इसका परिणाम बताता हूँ। क्या आपको भी बात-बात पर गुस्सा आता है, क्या आप भी थोड़ी सी बात पर झल्ला जाते हैं, क्या आपका भी मन उदास रहता है, क्या आपको भी चिड़चिड़ापन महसूस होता है? अगर हाँ तो इसका सबसे बड़ा कारण है कि आपका मन और दिमाग शांत नहीं है। आप अपने मन को शांत रखने के लिए कुछ करते ही नहीं है।

    अपने मन और दिमाग को भी शांत करने के लिए एक मधुर आवाज में संगीत सुनना आपको काफी राहत पहुचा सकता है। जी हाँ संगीत सुनने के कई अलग-अलग स्वास्थ्य लाभ हैं। दिन में मन को शांत करने के लिए कुछ देर का मधुर आवाज में संगीत सुनना काफी लाभप्रद होता है। आपको भी ये ट्रिक एक बार जरूर आजमा कर देखना चाहिए।

    8. हमेशा हर दिन कुछ नया पढ़ने या सीखने की कोशिश जरूर कीजिये। क्योंकि यह ऐसी चीज है जिसका मैं वास्तव में मैं आनंद लेता हूं, लेकिन इसके अन्य लाभ भी हैं, खासकर जब यह मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए आता है। इसलिए जब हमारे उम्र में प्राकृतिक गिरावट आते हैं तो उस समय आपके लिए नई चीजें सीखना काफी रोचक हो सकता है।

    वैसे तो हर उम्र के लोगों को कुछ अलग और कुछ नया करने का हमेशा प्रयत्न करते रहना चाहिए। इससे आपका मानसिक विकास के साथ-साथ करियर का भी विकास होता है। इसलिए कीजिये कुछ ऐसा जो पहले किया न हो इसके जैसा।

    9. दोस्तों आज के समय में हर रिश्ते में कड़वाहट भरती जा रही है। आज हर कोई अलग और उदास रहना चाहता है। पर क्या आप जानते हैं आप अपनों से अलग होकर अपने जीवन का सबसे अनमोल धरोहर को खो रहे हैं।

    जी हाँ साथियों कोशिश कीजिये कि हर दिन प्रियजनों के साथ गुणवत्ता का समय बिताने की कोशिश कीजिये। ये आपके जीवन का वो समय होता है जब आप सबसे ज्यादा शांत महसूस करते हैं। ममेरे यहाँ गुणवत्ता शब्द का इस्तेमाल करने का मकसद यहीं था कि आज हम रिश्तों से ज्यादा अपने फोन या कम्प्यूटर में व्यस्त रहने लगे गए हैं।

    इस डिजिटल युग में इन सबके बिना रहना थोड़ा मुश्किल जरूर है पर जब भी आप किसी अपनों के साथ रहे तो इनसे दूरी बनाकर ही रहे क्योंकि आप किसी के साथ होते हुए भी उसके साथ नहीं होते हैं। इसलिए जब भी किसी प्यारे रिश्तेदार के साथ रहे तो फोन को ऑफ रखने की कोशिश करें। आप जितना ज्यादा अपना समय अपनों के बीच बिताएंगे आपको उतना ही खुशी मिलेगी और आप तनावमुक्त जीवन जी सकेंगे।

    Daily Habits Of Switch Off Mobile Phone

    10. दोस्तों आज शायद हर आदमी एक गलती जरूर करता है। सोते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना। परन्तु क्या आप जानते हैं कि मोबाइल से निकलने वाली नीली रोशनी आपको अंधा बना सकती है। जी हाँ ये सच है कि अंधेरे में ज्यादा देर तक मोबाइल फोन का उपयोग करना आपके सेहत के लिए कतई ठीक नहीं है।

    इसमें से निकलने वाली नीली किरण आपके आंखों को गहरा क्षति पहुंचा सकता है और साथ ही आपको नींद न लगने के भी शिकार हो सकते हैं। जबकि एक दिन में कम से कम 6 से 7 घण्टे नींद लेना अनिवार्य है। इसलिए सोते समय फोन को स्विच ऑफ रखें और इन सब बीमारियों को अपने से दूर रखें।

    तो दोस्तों उम्मीद करता हूँ कि आपको ये Top 10 Daily Healthy Habits In Hindi For Healthy Life के बारे में पूरी तरह जान गए होंगे। उम्मीद है कि अगर आप इन Best 10 Daily Health Tips In Hindi को अपनाते हैं तो आप हमेशा स्वस्थ और खुशहाल जीवन जियेंगे। अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें।

    धूप के चमत्कारी फायदे | Health Benefits Of Morning Sunlight In Hindi

    धूप के चमत्कारी फायदे | Health Benefits Of Morning Sunlight In Hindi

    सुबह की धूप के फायदे | Health benefits of morning sunight In Hindi


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    दोस्तों आज के बदलते हुए लाइफस्टाइल और शहरों में बढ़ते हुए फ्लैट कल्चर की वजह से बहुत बार हम धूप लेने से वंचित रह जाते हैं । जिसकी वजह से हमें अनेक मानसिक और शारीरिक बीमारियों का हमें सामना करना पड़ता है।


    मगर दोस्तों आप सुबह की 10 से 15 मिनट के धूप लेकर इन सभी बीमारीयां या परेशानियों से अपने आप को बचा सकते हो क्योंकि यदि हम प्राकृतिक चिकित्सा की बात करें तो उसमें भी सूर्य चिकित्सा का बहुत बड़ा रोल है।


    साथियों आज हम बात करते हैं ऐसे कौन से वह बड़े फायदे हैं जो सुबह की धूप लेने से हमें मिलते हैं और उसके बाद में हम बात करते हैं, ऐसा कौन सा वह सही तरीका है यदि उसे अपनाये तो सुबह की धूप लेते समय हमें पहले ही दिन से अमेजिंग रिजल्ट्स मिलने शुरू हो जाएंगे।


    पहले बात हम फायदों की करते हैं कि धूप लेने से हमें क्या लाभ है क्या एडवांटेज है?


    सुबह की धूप के चमत्कारी फायदें | Amazing benefits of Morning sunlight In Hindi


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    बात करते हैं दोस्तों यदि आप सुबह की धूप लेते हैं तो इससे आप एक सर्दियों में होने वाले विशेष प्रकार के डिप्रेशन से अपने आप को बचा सकते हैं या डिप्रेशन है तो यह सुबह की धूप(Sunlight) आपको उसे ठीक करने में हेल्प करती है।


    डॉक्टर्स भी वैसे पेशेंट जिनको डिप्रेशन है, उनको सजेस्ट करते हैं, सुबह की धूप लेने के लिए। क्योंकि ऐसे यदि आप करते हैं तो इससे आपके शरीर के अंदर एंडोर्फिन हार्मोन्स रिलीज होता है। एंडोर्फिन एक नेचुरल एंटीडिप्रेसेंट है।


    दोस्तों अक्सर जहाँ सूरज देखने के लिए नहीं मिलता है,वहां पर अधिकतर बिल्डिंग पर, पब्लिक प्लेसिस पर या घरों में भी लोग पीली लाइट येलो लाइट का इस्तेमाल करते हैं ताकि वह इस तरह के डिप्रेशन से अपने आप को बचा सकते हैं।


    दोस्तों एक स्टडी से पता चलता है,यदि आपको सुबह की धूप नहीं मिलती है तो इससे आपके अंदर हाय ब्लड प्रेशर की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है क्योंकि सुबह की धूप से आपके अंदर विटामिन डी मिलता है।


     इससे आपका विटामिन डी या सुबह की धूप) आप जो समझे वो आपके ब्लड सरकुलेशन को बढ़ाती है, ब्लड सर्कुलेशन को इंप्रूव करती है। यह आपके ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करती है। ये आपके बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं।


    इतना ही नहीं दोस्तों यदि आप सुबह की धूप लेते हैं तो आपके लंग कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर या स्किन कैंसर जैसी समस्याओं से आपको बचा करके रखती है।


    साथ ही साथियों यदि आपको स्किन प्रॉब्लम,एक्ने(acne) आदि की आपको समस्या है तो आप सुबह की धूप जरूर लें क्योंकि इसके अंदर बैक्टेरिया मारने की क्षमता होती है। इतना ही नहीं दोस्तों सुबह की धूप आपकी इम्युनिटी को पढ़ाती है। आपके मेटाबॉलिज्म को इंप्रूव करती है। आपके डाइजेशन को बेहतर करते हैं।


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    ऐसा देखा गया है दोस्तों स्टडीज में जिनको सुबह की धूप नहीं मिलती है, उनके वजन बढ़ने के खतरा से ज्यादा हो जाती है। उनका फैट ज्यादा तेजी से बढ़ता है। उनके अंदर चर्बी ज्यादा रूकती है जो धूप लेते हैं उनको वजन बढ़ने का खतरा कम होता है।


    इतना ही नहीं दोस्तों यदि आप सुबह की धूप लेते हैं तो स्टडीज में ऐसा पाया गया है की सेराटोनिन का लेवल बढ़ जाता है। सेराटोनिन एक हैप्पी हार्मोन है ,जिसकी वजह से आप दिन में अपने आप को हैप्पी और एनर्जी से भरपूर महसूस करते हैं।


    सुबह की धूप लेने से आपकी नींद रेगुलर होती है। आपको नींद अच्छी आती है। सुबह की धूपयदि आप लेते हैं तो आपको जोंडिस जैसे बीमारी की प्रॉब्लम को दूर करने में भी हेल्प मिलती है। जिन बच्चों को जोड़ में तकलीफ है,हड्डियों में कोई समस्या है उनसे अपील की जाती है, की सुबह का धूप जरूर लें।


    साथियों अब हम बात करते हैं कि सुबह की धूप लेने का ऐसा कौन सा तरीका है जो हमें पहले दिन से ही चमत्कारी लाभ देने वाला है। अब हम यहां पर बात करें कि करीब 15 मिनट को तीन भाग में अलग करते हैं।


    धूप लेने के सबसे अच्छे तरीकें | Best way to get sunlight


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    Best ways to get sunlight

    ● पहले 5 मिनट की हम बात करते हैं ,तब भी आप सुबह धूप लेने की बात करते हैं। यदि सर्दियाँ है तो आप वहां पर कोशिश करें कि आप 8:00 से 10:00 के बीच धूप खोलें और यदि गर्मियां है तो 7:00 से 9:00 के बीच धूप लें।


    आप कहीं पर भी जहां पर धूप(Sunlight) आपको पूरी तरह से मिलती हो,आप आराम से बैठ जाए आप नीचे बैठ जाएं या कुर्सी पर बैठ जाएं। आप बैठने के बाद में आंखें बंद कर लें और आंखें बंद करने के बाद अपनी नाक से गहरी सांस लेना शुरू करें।


     वैसे तो आप हमेशा सांस लेते हैं मगर आप गहरी लंबी सांस लें। आपके सांस आपके नीचे तक पहुंचने चाहिए। नाक से ही आपको सांस गहरा लंबा लेना है और नाक से ही आपको सांस छोड़ना है।


    आप धूप(Sunlight) में बैठे हुए गहरी लंबी सांस लें। जितना गहरा हो सके उतना ले और धीरे-धीरे आप उसको बाहर छोड़िएगा। गहरी लंबी सांस लीजिएगा और गहरी लंबी सांस छोड़िएगा। पहले 5 मिनट में आपको यह अभ्यास आंख बंद करके धूप में बैठकर के आपको करना है।


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    ● दूसरे 5 मिनट में आपको बस अपने सांस को गहराई तक अंदर ले जाना है और फिर गहराई से उसे बाहर निकलना है।इस प्रक्रिया में आपको बस और कुछ दूसरे चीज़ के बारे में नहीं सोचना है,बस अपने सांसो को ध्यानपूर्वक गहराई से लेना है और छोड़ना है। अगर दोस्तों ऐसा करते हैं,तो आपके मन को बहुत ही सुकून महसूस होगा।


    ● अब हम बाद के 5 मिनट में केवल और केवल हम फील करेंगे हम ऐसा इमेजिन करेंगे कि सूर्य की किरणें(Sunlight) आपके सर के ऊपर से आपके अंदर आपके शरीर के अंदर आते जा रही हैं और वह धीरे-धीरे आपके पूरे शरीर में फैलती जा रही हैं। 


    सूर्य की किरणें आपके सर के ऊपर से आपके शरीर में प्रवेश करती हैं और वह धीरे-धीरे करके पूरे शरीर में आपके फैलती जाती हैं।


    सूर्य की किरणों के उपयोग


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    Uses of sunlight

    सनलाइट हर बीमारी को किसी भी तरह की दुख को दर्द को जिससे आजा परेशान है, उसको ठीक करती है।ऐसा एहसास आपको रखना है। सूर्य की किरणें(Sunlight) आपके ऊपरी हिस्से से आपके अंदर प्रवेश करती हैं। वह किसी भी नेगेटिविटी को बाहर निकालती हैं ।


    सनलाइट शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत करती है।  सूर्य की किरणें(Sunlight) आपके शरीर को पूरी तरह से अंदर और बाहर दोनों तरफ से मजबूत करती है। इसके बाद यदि आपके पास समय है तो आप 5 मिनट से ज्यादा बढ़ा सकते हैं, मगर इतना भी करेंगे तो आपके लिए काफी फायदेमंद है।


    अब हम 15 मिनट में तीन तरह की प्रैक्टिस कर चुके हैं पहले में हमने प्रैक्टिस की फ्रेंड निवेदन कि दूसरे में हमने सिर्फ सांसो पर ध्यान दिया तीसरे में हमने सूर्य की किरणें(Sunlight) को अपने शरीर के अंदर बढ़ता हुआ देखा जो हमारे शरीर को पूरी तरह से मेंटल और फिजिकल रूप से मजबूत कर सकता है। यदि आप इसको आज से ही करते हैं तो आप पाएंगे कि अपने अंदर एक बड़ा परिवर्तन आपको अंदर दिखेगा।


    आप अगर सनलाइट में इन बताये हुए कुछ टिप्स को फॉलो करते हैं तो निश्चित रूप से परिवर्तन आपको मिलेगा। किसी भी तरह का डिप्रेशन ,किसी भी तरह की फिजिकल प्रॉब्लम्स, मेंटल प्रॉब्लम्स आपको यदि है तो आप अपने आप में बहुत रिलैक्स फील करेंगे ।


    आपको इस सनलाइट से निश्चित रूप से चमत्कारी लाभ मिलेंगे और अपने अनुभव कमेंट में जरूर लिखें मुझे पूरा भरोसा है कि यह सब जानकारी आपको बहुत अच्छी लगी होगी और बहुत ही फायदेमंद साबित होगी।


    थैंक्स फॉर योर लव एंड सपोर्ट आई विश यू ए हैप्पी लाइफ।


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