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N.V. Ramana Biography In Hindi | सीजेआई एन. वी. रमना की जीवनी

N.V. Ramana Biography In Hindi | सीजेआई एन. वी. रमना की जीवनी

CJI N.V. Ramana Biography In Hindi |  मुख्य न्यायाधीश एन. वी. रमना का जीवन परिचय

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N.V. Ramana Biography In Hindi

कहते हैं कि अगर मंजिल को पाने का जज्बा हो तो दुनिया की हर मुश्किल छोटी लगने लगती है। इस कथन को सही साबित कर दिखाया है आंध्रप्रदेश के एक होनहार आदमी और माननीय सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जजों में से एक साथ ही भारत केे मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना ने।


जैसा कि आपको पता होगा कि एन. वी. रमना देश के 48वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में 24 अप्रैल 2021 से अपना पदभार सम्भाल लिए। एक किसान का बेटे से देश के सबसे बड़े न्यायाधीश बनने के सफर की पूरी कहानी इस एन वी रमना की जीवनी के माध्यम से पूरी विस्तार से जानते हैं।


मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एन. वी. रमना की जीवनी | Biography Of CJI N.V. Ramana In Hindi


दोस्तों 27 अगस्त 1957 को जस्टिस एन वी रमना का जन्म आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के एक छोटे से गांव पोन्नावरम में एक किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही वकालत करने की रुचि ऐसी लगी जो अब देश के सबसे बड़े न्यायाधीश बनने तक पहुंच गई। 


एक किसान परिवार से होते हुए भी देश के सबसे सम्मानित पद तक पहुचना सबके लिए आसान नहीं होगा। उन्होंने ये सब कैसे हासिल किया इसकी पूरी कहानी आपको इस आर्टिकल में मिलेगी। जस्टिस एन वी रमना का पूरा नाम नुतलपाटी वेंकटरमण है। जस्टिस एन वी रमना के पत्नी का नाम शिवमाला है।


N.V. Ramana Daughter


जस्टिस एन. वी. रमना की दो बेटियां हैं- 
1. N.V. Tanuja
2. N.V. Bhuvana


सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कैसे होती है?


आपके जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट तय नियमों के अनुसार मुख्य न्यायाधीश के रिटायरमेंट के बाद दूसरे सबसे सीनियर जज को सुप्रीम कोर्ट के सबसे मुख्य न्‍यायाधीश के पद पर नियुक्‍त किया जाता है। नए मुख्य न्यायाधीश के पद के लिए देश के कानून मंत्री वर्तमान समय के मुख्य न्यायाधीश से उनके अगले उत्तराधिकारी का नाम मांगा जाता है।


जिसके बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश अपने बाद सबसे सीनियर जज के नाम की सिफारिश कानून मंत्री को चिट्ठी लिखकर करते हैं। इसके बाद सीजेआई से जज के नाम की सिफारिशी चिट्ठी मिलने के बाद कानून मंत्री इसे वर्तमान प्रधानमंत्री के सामने रखते हैं। फिर इसके बाद मुख्य न्यायाधीश के नाम की सिफारिश राष्ट्रपति के पास भेजी जाती है।


जहां देश के राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम पर अंतिम मुहर लगाता है। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे 23 अप्रैल 2021 को अपने कार्यकाल से सेवानिवृत्त चुके हैं। उन्‍होंने वर्तमान जस्टिस एन वी रमना को 24 अप्रैल 2021 से देश के 48वें CJI के तौर पर नियुक्ति की सिफारिश की थी। 


जिस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी थी और माननीय राष्ट्रपति ने 24 अप्रैल 2021 को एन वी रमना को देश के मुख्य न्यायाधीश के रूप भी शपथ दिलाई। एन वी रमना आंध्र प्रदेश से पहले शख्स हैं जो सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभालेंगे। इनका कार्यकाल का समय 26 अगस्त 2022 तक होगा।


जस्टिस एन वी रमना का कैरियर | CJI N.V. Ramana Full Career Details In Hindi


आइये अब भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना के कैरियर के बारे में पूरी विस्तार से जानते हैं।


जस्टिस एन वी रमना अपना कैरियर वकालत में बनाने से पहले दो साल तक एक क्षेत्रीय समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में काम किया। लेकिन इनको लगा कि मैं इस काम के लिए नहीं बना हूँ तो सन 1980 में एक लॉ कॉलेज में अपना एडमिशन ले लिया।


अपनी पढ़ाई पूरी होने के बाद 10 फरवरी 1983 को एन वी रमना अपना रेजिस्ट्रेशन आंध्रप्रदेश हाई कोर्ट में एक लॉयर के रूप में कराया। जहाँ उनके काम के प्रति जुनून और ज्ञान को लेकर उनका नियुक्ति 27 जून 2000 को आंध्रप्रदेश के हाई कोर्ट के स्थायी जज के रूप में कर दी गयी। जहाँ उन्होंने एक से बढ़कर सराहनीय और साहसिक फैसले लिए। इसके अलावा उन्होंने आंध्र प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में भी काम किया है।


फिर उनके काम को देखते हुए उनका ट्रांसफर नई दिल्ली कर दिया गया। जहाँ उनकी नियुक्ति 2 सिंतबर 2013 को दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कर दी गयी। यहाँ भी मुख्य न्यायाधीश के रूप में रहते हुए उन्होंने एक से बढ़कर फैसले लिए।


जिसको देखते हुए 17 फरवरी 2014 को उनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में कर दी गयी। तब से लेकर अभी तक उन्होंने देश से जुड़ी अनेकों संवेदनशील मामलों की सुनवाई कर चुके हैं या फिर उसमें शामिल रह चुके हैं। आगे देश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में रहते हुए इनको और भी कई तरह के चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।


सीजेआई एन वी रमना के महत्वपूर्ण फैसले


● जस्टिस एन वी रमना ने जम्मू कश्मीर में नवम्बर 2019 में धारा 370 हटने के बाद से बंद बड़े 3G/4G नेटवर्क के लिए केंद्र सरकार को ये कहते हुए चालू करने को कहा कि आप ज्यादा दिनों तक किसी के मूल अधिकार से वंचित नहीं रख सकते हैं।


आपको हर हाल में जम्मू कश्मीर के लोगों को नेट की सुविधाएं उपलब्ध करानी होगी। आप टेलिकॉम नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। जिसके बाद 2020 में तुरंत केंद्र सरकार को वहाँ सारी सुविधाएं शुरू करनी पड़ी।


● देश के सबसे बड़े न्यायाधीश के कार्यालय को भी RTI के दायरे में लाने का साहसिक फैसला एन वी रमना ने ही सुनाया था। उन्होंने ये फैसला ये कहते हुए सुनाया था कि देश के हर नागरिक को CJI कार्यालय के बारे में जानकारी रखने का अधिकार है। इससे आम जनता में CJI की साफ छवि बनी रहेगी।


जस्टिस एन वी रमना और वाईएस जगन मोहन रेड्डी से जुड़ी विवाद


एन वी रमना ने जीवन में जितने सफलता हासिल की है उतना ही उनका विवादों से भी नाता रहा है। इन पर  अक्टूबर 2020 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अक्टूबर 2020 को भारत के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबड़े को पत्र लिखकर इन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाया।


अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि एन वी रमना और उनके करीबी रिश्तेदार आंध्रप्रदेश में अवैध रूप से जमीन के खरीद परोख्त में शामिल थे और उनके सरकार को गिराने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े गंभीर आरोप को जांच कर उनपर उचित कार्रवाई करने की मांग की थी।


जिसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी द्वारा लिखे गए इस पत्र की काफी निंदा की और अखिल भारतीय वकील संघ ने रेड्डी पर जुर्माना लगाने का फैसला किया और कहा कि यदि इनके द्वारा लगाए गए आरोपी बेबुनियाद होंगे तो उनको दण्डित भी किया जाएगा। 


आपको बता दें कि अभी तक ये मामला सुलझा नहीं है और इसकी पूरी सुनवाई होनी बाकी है। देखते हैं कि आगे जस्टिस रमना अपना कार्यकाल किस तरह से पूरा करते हैं ये आने वाला समय बताएगा।


हम उम्मीद करते हैं कि भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना की जीवनी आपको काफी अच्छी लगी होगी। साथ ही अगर आप CJI N.V. Ramana के बारे में कोई और जानकारी जानना चाहते हैं तो कमेंट करके जरूर पूछ सकते हैं।


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सम्पूर्ण श्रीमद भगवद गीता उपदेश | Shrimad Bhagwat Geeta In Hindi

सम्पूर्ण श्रीमद भगवद गीता उपदेश | Shrimad Bhagwat Geeta In Hindi

श्रीमद भागवत गीता का सम्पूर्ण अध्याय | Shrimad Bhagwat Geeta Saar In Hindi

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आज पूरी दुनिया में किसी ग्रन्थ की सबसे ज्यादा चर्चा होती है और किसी ग्रँथ को पूजा जाता है तो श्रीमद्भागवत गीता है। दुनिया के बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी इसमें बताये गए ज्ञान को लेकर आश्चर्यचकित रह जाते हैं। आज पृथ्वी के हर कोने से लोग श्रीमद्भागवत गीता का ज्ञान को पाने की लालसा रखते हैं और इसमें बताये गए मार्ग पर चलने की कोशिश करते हैं।


इसके अंदर बताये गए ज्ञान कितना अनूठा और पवित्र है इस बात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि कई विदेशी यूनिवर्सिटीज गीता पढ़ाने को लेकर काफी जोर दे रहे हैं। यहाँ तक कि कई कम्पनियों के मालिक भी गीता के अंदर छुपे ज्ञान को पाकर अपना जीवन बदल लिया।


यहाँ तक कि दुनिया के कई सफल लोग अपने सफलता का असली कारण गीता को ही मानते हैं। इस गीता में ऐसी कौन सी ज्ञान छिपा है जो इस पूरी दुनिया को बदल कर रख सकता है। भागवत गीता की पूरी जानकारी हम आज सम्पूर्ण गीता सार के माध्यम से प्राप्त करेंगे।


दुनिया के सबसे चर्चित कम्पनियों में से एक गूगल के मालिक ने तो यहां तक कह दिया है कि मैं आज जहाँ भी हूँ इस गीता ज्ञान के बदौलत हूँ। क्या आप जानते हैं कि अपने अंदर छुपे सबसे अच्छे रूप को बाहर निकालने का सबसे बड़ा ग्रँथ है।


श्रीमद भगवद गीता की रचना और उसके अध्याय


श्रीमद् भगवद गीता के कुल 18 अध्याय है और इसका निर्माण मूल रूप से संस्कृत में परमात्मा के द्वारा हुआ था। पर समय बदलने के साथ संस्कृत भाषा का बोलचाल में इस्तेमाल होना बंद होता चला गया। परन्तु समय बदलने के साथ श्रीमद्भागवत गीता का अनुवाद हिंदी में भी हुआ। जिसके बारे में आज हम श्रीमद्भागवत गीता के सम्पूर्ण सार को बहुत ही आसान भाषा में जानने की कोशिश करेंगे।


आपको बताते चलें कि भागवत गीता के रचयिता वेदव्यास जी हैश्रीमद्भागवत गीता का उपदेश लगभग 5000 ईसा पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को महाभारत के युद्ध में दिया था। जो किसी जाति विशेष के लिए नहीं बल्कि पूरी मानव जाति के कल्याण के लिए है।


सम्पूर्ण श्रीमद भगवद गीता सार इन हिंदी | Shrimad Bhagawad Geeta Quotes in Hindi

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सम्पूर्ण गीता सार

● वेदों में मैं सामवेद हूँ।
● सभी देवों में मैं इंद्र हूँ।
● सभी समझ और भावनाओं में मैं मन हूँ।
● सभी जीवित प्राणियों में मैं चेतना हूँ।
● मेरे लिए न कोई घृणित है और न ही प्रिय, परन्तु जो व्यक्ति भक्ति के साथ मेरी पूजा करते हैं वो मेरे साथ है और मैं उनके साथ हूँ।
● जो चीज हमारे हाथ में नहीं है, उसके विषय में चिंता करने से कोई फायदा नहीं है।
● इस दुनिया में केवल मन ही किसी का शत्रु और मित्र होता है।
● हम जो देखते हैं वो हम है और जो हम है उसी वस्तु को निहारते हैं। इसलिए जीवन में अच्छी और सकारात्मक चीजों को देखें और उनके बारे में सोचें।
● लोग आपके अपमान के बारे में हमेशा बात करेंगे, लेकिन सम्मानित व्यक्ति के लिए अपमान तो मृत्यु से बदतर है।
● जो आदमी किसी भी देवता की पूजा विश्वास के साथ करता है, मैं उसका विश्वास उसी देवता में दृढ़ कर देता हूँ।
मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है, जैसा वो विश्वास करता है वैसा वो बन जाता है।
● एक उपहार तभी अच्छा और पवित्र लगता है जब वह दिल से किसी सही व्यक्ति को सही समय और सही जगह पर दिया जाए। साथ ही उपहार देने वाले व्यक्ति का दिल उपहार देने के बदले में कुछ पाने की उम्मीद न रखता हो।
जो मन को नियंत्रित नहीं कर सकते, उनके लिए मन शत्रु के समान काम करता है।
● किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन के साथ पूर्ण रूप से जीने से अच्छा है कि हम अपने स्वयं के भाग्य के साथ अपना जीवन खुद जियें।
● मृत्यु के समय जो व्यक्ति मुझे स्मरण करते हुए अपना शरीर त्यागता है वो व्यक्ति मेरे धाम को प्राप्त करता है।
● आपका अधिकार सिर्फ कर्म करने पर है, उससे फल प्राप्त करने पर नहीं। इसलिए हमेशा केवल कर्म करने की चेष्टा कीजिये फल प्राप्ति की नहीं।
● हमारा मन अशांत जरूर है और उसको अपने वश में नियंत्रित करना मुश्किल है लेकिन लगातार अभ्यास से उस पर काबू किया जा सकता है।
● फल प्राप्ति की अभिलाषा छोड़कर कर्म करने वाले लोग अपने जीवन में अधिक सफल होते हैं।
● इस दुनिया में ऐसा कोई आदमी नहीं है जिसने अच्छे कर्म किये हो और उनको बुरे फल की प्राप्ति हुई हो।
● क्रोध से भ्रम पैदा होता है और भ्रम से बुद्धि का नाश होता है। जब बुद्धि का नाश होता है तब तर्क का नाश होता है और जब तर्क का नाश होता है तब व्यक्ति का पतन हो जाता है।
● अगर आप अपने लक्ष्य को हासिल करने में असफल होते हैं तो अपनी रणनीति बदलिए न कि लक्ष्य।
● स्वार्थ से भरा हुआ कार्य इस दुनिया को कैद में कर कर रहा है। इसलिए अपने जीवन से स्वार्थ को दूर रखें।
● बिना किसी व्यक्तिगत लाभ के मैं इस पूरी धरती की मधुर सुगंध हूँ, मैं अग्नि की ऊष्मा हूँ, सभी जीवित प्राणियों का जीवन और सन्यासियों का आत्मसंयम हूँ, मैं यक्ष तथा राक्षसों में धन का स्वामी कुबेर हूँ, मैं आठ वासुओं में अग्नि हूँ और शिखर वाले पर्वतों में सुमेरु पर्वत हूँ।
● हे अर्जुन! मैं बहुत, भविष्य और वर्तमान सभी प्राणियों को जानता हूँ लेकिन वास्तविकता में मुझे कोई नहीं जानता।
● बुरे कर्म करने वाले सबसे नीच व्यक्ति और जिनकी बुद्धि माया ने हर ली है वो मेरी पूजा और मुझे पाने का प्रयास नहीं करते हैं।


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श्रीमद भागवत गीता श्लोक इन हिंदी


● जो लोग अपने काम की सफलता के लिए कामना करते हैं वो निःसन्देह देवताओं की पूजा करें।
● जो लोग सभी इच्छाओं की त्याग कर देते हैं उसे परम् शांति की प्राप्ति होती है।
● जब किसी व्यक्ति को अपने काम में सुख की अनुभूति होती है, तब उनका काम अवश्य सफल होता है।
● मैं भले ही इस दुनिया का रचयिता हूँ लेकिन सबको इस बात का मालूम होना चाहिए कि मैं कुछ नहीं करता और मैं पूर्णतः अनन्त हूँ।
● जो व्यक्ति आध्यत्मिक जागरूकता के अंतिम चरण तक पहुँच चुके हैं उनका बस एक ही मार्ग होता है- निःस्वार्थ कर्म।
● बुद्धिमान व्यक्ति को इस समाज के कल्याण के लिए बिना शक्ति के काम करना चाहिए।
● इंद्रियों की तुलना में कल्पना सुखों का शुरुआत है और अंत भी जो दुःख को जन्म देता है।
● जो व्यक्ति मेरा हमेशा स्मरण और एकाग्र मन से मेरी पूजन करता है, मैं व्यक्तिगत रूप से उसके कल्याण का उत्तरदायित्व लेता हूँ।
● हे अर्जुन! हमने एक साथ कई जन्म लिए हैं लेकिन मुझे याद है तुम्हे नहीं।
● कर्म मुझे बांध नहीं सकता, क्योंकि मुझे कर्म के बाद फल प्राप्ति की इच्छा नहीं होती है।
● तुम उसके लिए शोक करते हो जो वास्तव में शोक करने के योग्य नहीं है और फिर भी ज्ञान की बातें करते हो। हे अर्जुन! बुद्धिमान व्यक्ति न जीवित और न ही मृत व्यक्ति के लिए शोक करते हैं।
● सदैव संदेह करने वाले व्यक्ति के लिए खुशी न इस लोक में है और न ही किसी दूसरे लोक में।
● हे अर्जुन! भाग्यशाली योद्धा को ही ऐसा महायुद्ध करने का सौभाग्य प्राप्त होता है।
● बुद्धिमान व्यक्ति कभी किसी दुसरे पर निर्भर नहीं रहता है, बल्कि अपना हर रास्ता खुद बनाता है।
● मैं सभी प्राणियों को समान रूप से देखता हूँ। न तो मुझे कोई अधिक प्रिय है और न कोई कम। लेकिन जो मेरा प्रेम पूर्वक अराधना करते हैं वो मेरे भीतर रहते हैं।
● सच्चे व्यक्ति के लिए गंदगी का ढेर हो या पत्थर और सोना सभी समान है।
● किसी दूसरे के काम को अच्छे से पूरा करने से अच्छा है खुद का काम पूरा करना, भले ही उस काम को करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़े।
● जिसके मन और आत्मा में एकता हो, जो क्रोध और इच्छा से मुक्त हो, जो खुद की आत्मा को सही मायने में जानता हो भगवान और परमात्मा उसको हमेशा शांति प्रदान करते हैं।


सम्पूर्ण भगवद गीता उपदेश हिंदी में | Bhagwat Geeta Updesh In Hindi


● जन्म लेने वाले के लिए मृत्यु उतना ही अटल सत्य है जितना कि मृत्यु होने वाले के लिए जन्म लेना। इसलिए जो चीज तुम्हारे हाथ में नहीं है उसका कभी शोक मत करो।
जो व्यक्ति ज्ञान और कर्म को एक रूप में देखता है वहीं सही मायने में देखना जानता है।
● जिस व्यक्ति को दुःख से मन अशांत नहीं होता है, जिसको सुख की कोई आकांक्षा नहीं होती तथा जिसने राग, भय और क्रोध पर विजय पा लिया है ऐसा व्यक्ति आत्मज्ञानी कहलाता है।
● श्रेष्ठ व्यक्ति जैसा व्यवहार करता है दूसरे लोग भी उसके साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं। वे जो कहते हैं लोग उसी का अनुसरण करते हैं।
● हे अर्जुन! जब-जब दुनिया में धर्म की हानि होती है और अधर्म की वृद्धि होती है तब-तब मैं अच्छे लोगों की रक्षा, दुष्टों का नाश और धर्म की रक्षा करने के अवतार लेता हूँ।
मौसम में जिस प्रकार परिवर्तन आता है ठीक उसी प्रकार हमारे जीवन में भी उतार-चढ़ाव आता रहता है। इससे निराश नहीं होना चाहिए बल्कि इसका डंटकर सामना करना चाहिए।
● जो मानव इस शरीर का अंत होने से पहले ही काम और क्रोध से उत्पन्न होने वाले वेग को अपने वश में कर लेते हैं वहीं आदमी योगी और सुखी होता है।
● जो व्यक्ति आध्यात्मिकता के शिखर तक पहुँच चुके हैं उनका बस एक ही मकसद होता है- निःस्वार्थ कर्म।
● जो मनुष्य सभी कामनाओं और इच्छाओं को त्यागकर ममता रहित और अहंकार मुक्त होकर अपने कर्तव्यों का पालन करता है उसे ही शांति प्राप्त होता है।
● जो किसी भी परिस्थितियों में न तो हर्षित होता है और न शोक करता है तथा जो शुभ और अशुभ कर्म का त्यागी है वैसा व्यक्ति मुझे अतिप्रिय है।
● आप जिस भी काम को करें उसको हमेशा भगवान को अर्पण कर दें। ऐसा करने से मनुष्य को अति आनंद को महसूस करेगा।
● जो व्यक्ति कार्य में निष्क्रियता और निष्क्रियता में कार्य देखता है वही बुद्धिमान व्यक्ति कहलाता है।
● जिन्हें वेद के मधुर वाणी से अथाह प्रेम है उसके लिए वेदों का भोग ही सबकुछ है।
● चिंता से दुःख उत्पन्न होते हैं किसी और कारण से नहीं।
● जो आज तुम्हारा है वो कल किसी और का था परसों किसी और का होगा। तुम इसे अपना समझकर मग्न हो रहे हो बस यहीं प्रसन्ता तुम्हारे दुखों का कारण है।
● हे अर्जुन! तुम निश्चय ही शक्तिमान हो लेकिन तुम मेरे भक्तों का नाश नहीं कर सकते।
● यदि कोई अत्यंत दुराचारी व्यक्ति भी मुझे अनन्य भक्ति भाव से मेरा स्मरण करता है तो उसे भी साधु ही मानना चाहिए क्योंकि वो जल्दी ही धर्मात्मा हो जाता है।
● हे अर्जुन! तुम सदा मेरा स्मरण करो और अपना कर्तव्य करो। तुम इन तरह मुझमें अर्पण किये गए मन और बुद्धि से युक्त होकर निःसन्देह ही तुम मुझको प्राप्त होगे।
● हे अर्जुन! जैसे अग्नि किसी भी लकड़ी को जला देती है ठीक वैसी ही ज्ञान रूपी अग्नि कर्म के सारे बंधनों को भष्म कर देती है।
● अपने आप जो कुछ भी प्राप्त हो उसमें हमेशा संतुष्ट रहने वाला तथा ईर्ष्या से रहित सफलता और असफलता में हमेशा एक समान रहने वाला कर्मयोगी कर्म करता हुआ भी कर्म के बंधनों से नहीं बंधता है।
● जिसके मन और इन्द्रिय उसके वश में है, जिसने हर प्रकार के स्वामित्व का परित्याग कर दिया है ऐसा मनुष्य शरीर से कर्म करते हुए भी पाप मुक्त होता है और जर्म बंधन से मुक्त हो जाता है।


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श्रीमद भागवत गीता पुराण इन हिंदी | Shrimad Bhagwad Geeta In Hindi


● हे अर्जुन! जो भक्त किसी भी मनोकामना से मेरी पूजा करता है मैं उनकी मनोकामना की अवश्य पूर्ति करता हूँ।
● हे अर्जुन! मेरे जन्म और कर्म दिव्य है। इसे जो मनुष्य भली भांति जान लेता है उसका मरने का बाद पुनः जन्म नहीं होता है बल्कि उसको परमधाम की प्राप्ति होती है।
● काम, क्रोध और लोभ ये जीव को नरक में ले जाने वाले तीन द्वार है। इसलिए इन तीनो का त्याग करना चाहिए।
● इंद्रियां इस शरीर से श्रेष्ठ होता है। इंद्रियों से परे मन और मन से परे बुद्धि है तथा आत्मा बुद्धि से भी अनन्त श्रेष्ठ है।
● इंद्रियां मन और बुद्धि काम के निवास स्थान कहे जाते हैं। ये काम इंद्रियां मन और बुद्धि को ढँककर मनुष्य को भटका देता है।
● जो मनुष्य बिना आलोचना से डरे श्रद्धा पूर्वक मेरे आदेश का पालन करते हैं वे सारे कर्मों के बंधन से मुक्त हो जाते हैं।
● मनुष्य कर्म को त्यागकर कर्म के बंधन से मुक्त नहीं होता है।
● केवल कर्म के त्याग मात्र से सिद्धि प्राप्त नहीं होती है।
कोई भी मनुष्य एक क्षण भी बिना कर्म किये नहीं रह सकता।
● जो मनुष्य सब कामनाओं को त्यागकर इच्छा रहित विचरण करता है उसको परम् शांति की प्राप्ति होती है।
● जैसे जल में तैरती नाव को तूफान उसे अपने लक्ष्य से दूर ले जाता है वैसे ही इन्द्रिय सुख मनुष्य को गलत रास्ते पर ले जाता है।
● शांति से सभी दुखों का अंत होता है और शांति मनुष्य की बुद्धि शीघ्र ही स्थिर होकर परमात्मा से युक्त हो जाती है।
● क्यों व्यर्थ में चिंता करते हो, किस से व्यर्थ डरते हो, कौन तुम्हें मार सकता है? आत्मा न तो पैदा होती है और न मरती है।
● हर काम का फल मिलता है।
● ऋषियों का चिंतन करने से ऋषियों का आशक्ति होती है, आशक्ति से इच्छा उत्पन्न होती है और इच्छा से क्रोध उत्पन्न होता है, क्रोध से सम्मोहन और अविवेक उत्पन्न होता है, सम्मोहन से मन भ्रष्ट होता है, मन नष्ट होने पर बुद्धि का नाश होता है और बुद्धि का नाश होने से मनुष्य का पतन होता है।
● केवल कर्म करना ही मनुष्य के वश में है कर्मफल नहीं। इसलिए कर्मफल की आशक्ति में ना फसों।
● तुम्हारा क्या गया जो तुम रोते हो, तुम यहाँ क्या लाये थे जो तुमने खो दिया, तुमने क्या पैदा किया था जो नाश हो गया। एक बात का हमेशा ध्यान रखों कि जो भी लिया यहीं से लिया, जो खोया यहीं से खोया इसलिए व्यर्थ में शोक करना छोड़ दो।
● सुख-दुख, लाभ-हानि और जीत-हार की चिंता न करके मनुष्य को अपने शक्ति के अनुसार कर्तव्य करना चाहिए। ऐसे बहुत से कर्म करने पर मनुष्य को पाप नहीं लगता।
● जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा है अच्छा ही हो रहा है, जो होगा वह भी अच्छा ही होगा।
● तुम भूतकाल को याद करके पश्चाताप न करो, भविष्य की चिंता न करो बल्कि वर्तमान के बारे में सोचो।
● हे अर्जुन! सभी प्राणी जन्म से पगले अप्रगट थे और फिर मृत्यु के बाद अप्रगट हो जायेंगे।
● परिवर्तन इस संसार का नियम है। जिसे तुम मृत्यु समझते हो वही तो जीवन है। पल भर में तुम अमीर बन जाते हो और पल भर में ही गरीब।
● मेरा-तुम्हारा, अपना-पराया ये सब अपने मन से मिटा दो फिर तुम सबके अपने बन जाओगे।
● शस्त्र इस आत्मा को नहीं मार सकती है, अग्नि इसको जला नहीं सकती, जल इसे गिला नहीं कर सकता है और वायु इसे सूखा नहीं सकता।
● जैसे मनुष्य अपने पुराने वस्त्रों को उतारकर दूसरे नए वस्त्र धारण करते हैं वैसे ही जीव मृत्यु के बाद अपने पुराने शरीर को त्यागकर नया शरीर धारण कर लेता है।
● तुम अपने आप को भगवान को अर्पित कर दो यहीं सबसे उत्तम सहारा है। जो इसके सहारे को जानता है वो भय, चिंता, सुख-दुःख से सर्वदा मुक्त रहता है।
● आत्मा न कभी जन्म लेती है और न कभी मरती है। शरीर का नाश होने पर भी इसका नाश नहीं होता है।
न तो ये शरीर तुम्हारा है और न तुम शरीर के हो बल्कि ये अग्नि, जल, वायु, आकाश और पृथ्वी से मिलकर बना है और इसी में पुनः मिल जाएगा।
● जैसे इसी जन्म में जीवात्मा बाल्यकाल, युवा, और वृद्धावस्था को प्राप्त करती है वैसे ही जीवात्मा मरने के बाद नया शरीर प्राप्त करती है। इसीलिए वीर पुरुष को मृत्यु से घबराना नहीं चाहिए।
● हे अर्जुन! तुम ज्ञानियों के तरह बात करते हो लेकिन जिनके लिए शोक नहीं करना चाहिए उनके लिए तुम शोक कर रहे हो। ज्ञानी पुरुष किसी के लिए शोक नहीं करते हैं।
● हे अर्जुन! विषम परिस्थितियों में कायरता को प्राप्त करना श्रेष्ठ मनुष्यों के आचरण के विपरीत है। न तो ये स्वर्ग प्राप्ति का साधन है और न ही इससे कीर्ति प्राप्त होता है।
● यदि व्यक्ति विश्वास के साथ एकाग्रचित्त होकर लगातार किसी चीज के बारे में लगातार कर्म और चिंतन करे तो वो कुछ भी बन सकता है।
● उससे कभी मत डरो जो वास्तविक नहीं है क्योंकि न तो वह कभी था और न कभी होगा। जो वास्तविक है वो हमेशा रहेगा और उसे कभी नष्ट नहीं किया जा सकता है।


हम उम्मीद करते हैं कि आपको सम्पूर्ण श्रीमद भगवद गीता सार का ज्ञान प्राप्त हो गया होगा। आपको गीता की कौन सी श्लोक सबसे ज्यादा प्रेरित करती है आप कमेंट करके जरूर बताइएगा।


साथ ही अगर आपको ये श्रीमद भागवत गीता उपदेश अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर करना न भूलें।


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आज दुनिया में ऐसा कोई भी आदमी नहीं मिलेगा जो अपने जिंदगी में सक्सेस नहीं होना चाहता हो, जो अपना हर सपना पूरा नहीं करना चाहता हो, जो अपने हर लक्ष्य को पूरा करना नहीं चाहता हो। लेकिन अधिकतर लोगों की बस एक ही समस्या होती है कि वो सुबह जल्दी नहीं उठना चाहते हैं।


परन्तु क्या आप जानते हैं कि दुनिया में जितने भी लोग सफल होते हैं उन सभी का सबसे बड़ा गुण यहीं होता है कि वो सुबह के समय को अच्छे तरीके से उपयोग में लाते हैं, वो चाहे कितना भी देर से सोते हैं लेकिन सुबह उठना कभी नहीं भूलते हैं। जबकि असफल लोग यहीं सबसे बड़ी गलती करते हैं।


हमें पता है कि आप ये अच्छी तरह से जानते होंगे कि सुबह जल्दी उठने के क्या फायदे हैं फिर भी आप देर तक सोना पसन्द करते हैं। जबकि आप ये बात अच्छी तरह से जानते हैं कि सुबह देर से उठने के कितने नुकसान होते हैं। आपका पूरा दिन ऐसे ही खराब हो जाता है। आप घर काम लेट से करते हैं, कभी ऑफिस के लिए लेट हो जाते हैं तो कभी जरूरी यात्रा के लिए लेट हो जाते हैं।


ऐसे में अगर आप लाख कोशिशों के बावजूद सुबह जल्दी नहीं उठ पाते हैं और जानना चाहते हैं कि सुबह जल्दी कैसे उठें तो ये article आपके लिए है। अगर आप इसमें बताये गए टिप्स को ध्यान से फॉलो करेंगे तो निश्चित ही आपकी ये समस्या दूर हो जाएगी। तो चलिए सुबह जल्दी उठने के 5 सबसे आसान तरीका के बारे में जानते हैं।


5 Best Tips For How To Wake Up Early In Hindi | सुबह जल्दी उठने का 5 सबसे आसान तरीका


1. खुद से अलार्म सेट करें- जी हाँ आप बिल्कुल सही पढ़ रहे हैं। आप सोते समय बस एक बात निश्चय कर लें कि जब भी अलार्म बजेगा तुरंत उठ जाऊँगा। उठने के बाद अलार्म बंद करके दुबारा सोने का प्रयास बिल्कुल न करें। उठने का मतलब ये होगा कि आप शौचालय से आने के बाद अपने निर्धारित कामों में लग जाएं। ऐसा करके अपने सारे काम को आसान कर सकते हैं।


2. समय में धीरे-धीरे बदलाव करें- इसका मतलब है कि अगर आपको 7 बजे उठने की आदत है तो पहले ही दिन 5 बजे का अलार्म बिल्कुल नहीं लगाए। आप उठने के समय में धीरे-धीरे परिवर्तन करें। पहले दिन 15 मिनट जल्दी उठने का प्रयास करें। फिर जब आपका शरीर इसका आदी हो जाये तो फिर कुछ दिनों बाद 15 मिनट कम करके अलार्म लगायें।


ऐसा करके आप उठने के समय में आसानी से बदलाव कर सकते हैं और आपको किसी तरह का कोई दिक्कत नहीं होगा।


3. फोन या अलार्म क्लॉक को अपने से दूर रखें- अब आप ये बोलेंगे कि इसका क्या मतलब हुआ तो आपको बता दें कि आप अच्छी तरह से जानते होंगे कि अलार्म जब पास में बजता है तो हम सोए हुए ही उसको बंद करके दुबारा सो जाते हैं। क्या आपके साथ भी ऐसा ही होता है? कमेंट करके जरूर बताइये।


इसलिए अगर आप सच में सुबह जल्दी उठना चाहते हैं तो अलार्म को अपने से दूर रखें, ताकि आप सोए हुए उसको बंद न कर सके। अलार्म को दूर रखने का फायदा ये होगा कि जब भी अलार्म बजेगा आपको बंद करने के लिए उठकर जाना पड़ता है और इससे आपकी नींद भी आसानी से टूट जाता है। लेकिन आप यहाँ भी दुबारा सोने का प्रयास न करें क्योंकि आप जीतने के लिए बने हैं हारने के लिए नहीं।


4. जल्दी सोने का प्रयास करें- आपने अंग्रेजी की एक कहावत तो सुनी हो होगी कि Early to bed & early to rise. इसका मतलब है कि सुबह जल्दी उठना जितना जरूरी है जल्दी सोना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए देर रात तक टीवी और मोबाइल चलाने से बचें।


देर रात तक अंधेरे में मोबाइल ज्यादा देर तक चलाने से आपके आंखों की रोशनी भी जा सकती है। साथ ही आपको कई तरह की बीमारियों का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अगर आप जल्दी उठना चाहते हैं तो जल्दी सोने की भी कोशिश करें।


अगर बिस्तर पर जाने के बाद नींद नहीं आती है तो आप अपने जरूरत के अनुसार कोई भी किताब पढें। ऐसा करने से आपको बहुत सारा ज्ञान भी प्राप्त होगा और आपको जॉब या बिजनेस में तरक्की भी मिलेगी। इसके साथ-साथ आपका मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा, नींद भी अच्छी आएगी और आप सुबह जल्दी भी उठ पायेंगे।


सुबह के धूप के फायदे आपके शरीर के अनेकों कष्टों को दूर करते हैं, आपके बॉडी को मजबूत बनाते हैं। इसलिए सूर्योदय से पहले उठकर मोबाइल चलाने के बजाय धूप में कुछ देर बिताए। सूर्य के धूप कैसे हमारे शरीर को अनेकों रोगों से बचाता है इसकी जानकारी यहाँ से प्राप्त सकते हैं।

सुबह के धूप के आश्चर्यजनक फायदे।


5. दिन की शुरुआत कैफीन से न करें- क्या आप भी दिन की शुरुआत कॉफी या चाय से करते हैं? अगर ऐसा करते हैं तो ये बिल्कुल गलत आदत है, क्योंकि इसमें बहुत अधिक मात्रा में कैफीन पाया जाता है। जो आपके शरीर के लिए काफी नुकसानदेह साबित होता है। 


बहुत सारे लोगों का आजकल शौक बनता जा रहा है कि बिस्तर पर चाय या कॉफी लेकर ही दिन की शुरुआत करते हैं, जो कि आपके स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है।


आप सुबह इसीलिए उठते हैं ताकि स्वस्थ रहें। अगर चाय या कॉफी पीकर उठते हैं तो आपके स्वास्थ्य के लिए तो खतरा ही है। इसलिए सुबह चाय या कॉफी लेने के बजाय गुनगुने पानी से दिन की शुरुआत करें। इससे आपके अंदर की विषैले पदार्थ भी बाहर निकलते हैं और आप दिन भर ताजगी महसूस करते हैं।


निष्कर्ष: सुबह जल्दी कैसे उठें?


दोस्तों ये थे सुबह जल्दी उठने के 5 तरीके। ये तरीके तभी आपके लिए फायदेमंद होंगे जब आप इनको फॉलो करेंगे। इसलिए आप कुछ ही दिन इस नियम को फॉलो करें फिर आप देखिए आपके अंदर कितना बदलाव आता है।


अगर आपके अंदर आगे बढ़ने का जुनून है तो सबसे पहले सुबह जल्दी उठने का लक्ष्य हासिल करें। फिर आप देखिए आपके सारे काम समय पर हो जाते हैं कि नहीं। उम्मीद करते हैं आज से आप बहाने बनाने के बजाय सुबह जल्दी उठकर अपने दिन की शुरुआत करेंगे।


हम उम्मीद करते हैं कि सुबह जल्दी कैसे उठे जैसी समस्या को आप इन आसान टिप्स को फॉलो करके दूर कर सकते हैं। अगर आपको हमारा सुबह जल्दी उठने का तरीका पसन्द आया हो तो इसे शेयर जरूर करें और साथ ही इससे सम्बंधित कोई भी सवाल हो तो कमेंट करके जरूर पूछिये।


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निघत अब्बास का जीवन परिचय | Nighat Abbas Biography Hindi

निघत अब्बास का जीवन परिचय | Nighat Abbas Biography Hindi

निघत अब्बास की जीवनी | Nighat Abbas Biography In Hindi

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Nighat Abbas Biography In Hindi

Nighat Abbas Biography: दोस्तों आज हम देश के एक ऐसी महिला के बारे में बात करने वाले हैं जिसने बहुत ही कम समय में अपने ज्ञान और बेबाक बयान के बदौलत देश के हर कोने में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। एक ऐसी महिला जिसे भारत में महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन और अदभुत उदाहरण कहा जाता है।


जी हाँ हम बात कर रहे हैं दिल्ली के छोटे से कोने से निकलकर देश में पल रहे देशद्रोहियों को मजा चखाने वाली निघत अब्बास की जीवनी के बारे में। जिसने पूरे देश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और लोगों को अपना मुरीद बनाया।


आज उनके प्रसिद्धि का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि देश का हर न्यूज़ चैनल अपने शो में निघत अब्बास को बुलाना चाहता है क्योंकि जिस दिन निघत अब्बास का लाइव डिबेट होता है उस दिन न्यूज़ चैनलों का TRP बढ़ना तय होता है।


इन्होंने चाहे ट्रिपल तलाक हो या धारा 370 हो या धर्म के नाम पर ढोंगी मौलवियों के गलत चेहरे को बेनकाब कर पूरे देश से सुर्खियां बटोरीं। तो आइए कैसे एक पुरुष प्रधान देश में अपनी राजनीति के अनूठे ज्ञान से एक अमिट छाप छोड़ने वाली निघत अब्बास की जीवनी के बारे में पूरी विस्तार से जानते हैं।


निघत अब्बास कौन है | Nighat Abbas Life Story In Hindi

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Nighat Abbas Life Story In Hindi

आज इनको पूरे भारत में कौन नहीं जानता है। देश का सुश्री निगहत अब्बास जी दिल्ली के लिए एक सक्रिय और प्रभावशाली भाजपा प्रवक्ता हैं। वह सभी सक्रिय मीडिया प्लेटफार्मों पर पार्टी का प्रतिनिधित्व करती है। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों के बारे में समाचार चैनलों पर बहस करने और सार्वजनिक मीडिया शो में भाग लेने वाले वक्ता के रूप में वह देश में लोकप्रिय सार्वजनिक व्यक्ति हैं।


निघत अब्बास पेशे से एक राजनीतिक विश्लेषक और सामाजिक कार्यकर्ता है। इसके साथ ही आशा फाउंडेशन की ब्रांड एंबेसडर भी है। वर्तमान में वह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बीजेपी(भारतीय जनता पार्टी) के सदस्य और राष्ट्रीय प्रवक्ता है।


निघत अब्बास की जीवनी | Nighat Abbas: Biography, Height, Age, Family, Cast In Hindi


निघत अब्बास का जन्म 13 मई 1994 को दिल्ली में हुआ था।

पूरा नाम- निघत अब्बास
निकनेम(Nickname)- निघत
हाइट(Height)- 1.6 मीटर
वजन(Weight)- 60kg
भाई(Brother)- ज्ञात नहीं
उम्र(Age)- 27वर्ष
पति(Husband)- ज्ञात नहीं
माता(Mother)- ज्ञात नहीं
रंग(Color)- गोरा
वैवाहिक जीवन- अविवाहित


Nighat Abbas Education & Political Career In Hindi

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Night Abbas Political Career

आइये दोस्तों अब निघत अब्बास की शिक्षा और उनके राजनीतिक करियर के बारे में पूरी विस्तार से जानते हैं।


निघत अब्बास की शिक्षा दिल्ली से ही पूरी हुई। उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से पूरी की है। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपना कैरियर मार्केटिंग से शुरू की लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने अपना किस्मत मीडिया प्रबंधन में आजमाया फिर उसके बाद रेस्टोरेंट का बिजनेस भी शुरू किया लेकिन यहाँ भी निराश हाथ लगी।


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लेकिन कहते हैं न कि हिम्मत न हारो तो कभी हार नहीं होती। ये बात भी इन पर बिल्कुल फिट बैठती है। उनका जीवन तो किसी और काम के लिए था। आखिरकार उनको अपनी मंजिल तब मिली जब 2018 में मनोज तिवारी से जब उनकी मुलाकात हुई तो उनके पार्टी और विचारधारा से काफी प्रभावित हुई।


जिसके बाद निघत की प्रतिभा और पार्टी के प्रति लगाव को देखकर उन्होंने बीजेपी में शामिल कर लिया और जल्द ही दिल्ली भाजपा का राष्ट्रीय प्रवक्ता का दर्जा भी प्राप्त कर लिया और आज इस पार्टी के एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। ये कई बार भारत के गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी मंच साझा कर चुकी है।


निघत अब्बास टीवी शो में हिन्दू-मुस्लिम मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए पूरे देश में चर्चित है। जिसके चलते उनको कई बार भारी विरोध का भी सामना करना पड़ा है और कई कट्टर मुस्लिम समर्थक को उनकी बात काफी चुभती रहती है। ये भारत के सभी भारतीय समाचार चैनलों के बीच खासी लोकप्रिय है। वो अलग-अलग टीवी चैनलों पर हजारों बार बहस कर चुकी है।


तीन तलाक और धारा 370 जैसे संवेदनशील मुद्दों पर निघत की शानदार बहस ने उनको पूरे देश का सहानुभूति और प्यारा मिला। ऐसे बहुत सारे मुद्दे हैं जिनपर उनका बहस देखने लायक होता है। अगर आपने उनके टीवी डिबेट अभी तक नहीं देखा है तो एक बार जरूर देखें। अपने शानदार टैलेंट के बदौलत देश के हर तबके के लोगों को अपना मुरीद बना चुकी है।


वह हमेशा कोशिश करती है कि अपने चाहने वालों को कभी निराश न करें। वो देश के हर मुद्दे पर अपनी राय खुलकर रखती है और सोशल मीडिया पर हमेशा लोगों से जुड़ी रहती है। निघत अब्बास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवनी और उनके द्वारा किये गए सराहनीय कार्य की बहुत बड़ी फैन है।


Nighat Abbas NGO & Success Story In Hindi


निघत अब्बास एक शानदार राजनीतिक सेलेब्रिटी होने के साथ-साथ एक सामाजिक कार्यकर्ता भी है। आप सोच रहे होंगे कि मैं ऐसा क्यों कह रहा हूँ तो आपके जानकारी के लिए बता दें कि निघत अब्बास खुद का एक NGO भी चलाती है। जिसका नाम स्त्री रोशनी एनजीओ है। जिसमें देश के तमाम महिलाओं को उनके खिलाफ हो रहे अत्याचारों और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक कर उनसे लड़ने की प्रेरणा देती है।


वो महिलाओं को सशक्त बनाने और उनको शिक्षित करने पर काफी जोड़ देती है। उनका मानना है कि हर हाल में महिलाओं को शिक्षा से जोड़ना होगा तभी हमारा देश तेजी से आगे बढ़ सकता है।


निघत गरीबी रेखा से नीचे आने वाली लड़कियों को शिक्षा की सारी सुविधाएं मुहैया कराती है। साथ ही उनका 12वीं तक कि पढ़ाई का पूरा खर्च उनका NGO ही उठाता है। वह बालिका शिक्षा और बालिका स्वच्छता को सशक्त बनाने का सराहनीय कार्य बखूबी निभाती है।


उनके महिलाओं की स्वच्छता के प्रति किये गए उनके कार्य को लोगों ने काफी सराहा। उन्होंने अनेकों महिलाओं को बायोडिग्रेडेबल पैड्स के निर्माण को लेकर काफी जागरूक किया और मुफ्त में सैनिटरी पैड्स भी बांटे। वे हाल ही में योगी आदित्यनाथ द्वारा महिला सुरक्षा के लिए बनाए सख्त कानून की जमकर तारीफ करती आई है।


वहीं दिल्ली के केजरीवाल सरकार के खिलाफ कोरोना के मरीजों के लिए किए गए बदइंतजामी को लेकर कई बार उनको कठघरे में भी लाकर खड़ा कर दिया।


इन्होंने कई बार देश को प्लास्टिक को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने की भी मांग उठा चुकी है। वो हर जगह पर बालिका शिक्षा के बारे में खुलकर बात करती है। हम सभी उम्मीद करते हैं कि निघत अपना ये सराहनीय कार्य आगे भी जारी रखेंगी।


आप निघत अब्बास को ट्विटर और इंस्टाग्राम पर भी फॉलो कर सकते हैं। वहाँ पर वो हर समय अपने बातों को रखती रहती है।

Nighat Abbas Twitter

Nighat Abbas Instagram


आपको निघत अब्बास की कौन सी खूबी सबसे ज्यादा पसंद आई कमेंट करके लिखना न भूलिएगा। साथ ही अगर आपको निघत अब्बास की जीवनी पसन्द आयी हो तो इसे शेयर जरूर करें।


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महान बास्केटबॉल खिलाड़ी कैसे बनें | Basketball All Rules In Hindi

महान बास्केटबॉल खिलाड़ी कैसे बनें | Basketball All Rules In Hindi

बास्केटबॉल खिलाड़ी कैसे बनें जानें पूरी जानकारी | How To Become Basketball Player In Hindi

Basketball kya hai aur basketball player kaise bane, 8 tips to become better basketball player
Basketball Player Kaise Bane

हमारे दिमाग में जब भी बास्केटबॉल का नाम आता है तब दिमाग में सिर्फ एक ही नाम आता है वो है माइकल जॉर्डन। एक ऐसा फेमस खिलाड़ी जिसने इस खेल को एक अलग पहचान दी, लोगों में इस खेल के लिए लोकप्रियता बढ़ी।


शायद ही दुनिया में कोई ऐसा बास्केटबॉल का प्रेमी हो जिसने माइकल जॉर्डन का नाम नहीं सुना होगा क्योंकि ये ऐसे खिलाड़ी थे जिनको दुनिया का हर खिलाड़ी अपना आदर्श मानता है और इनके जैसा ही खुद को बनाना चाहता है।


ऐसे में अगर आपको भी बास्केटबॉल में खास रुचि रखते हैं तो और उनके जैसा ही महान बास्केटबॉल खिलाड़ी बनना चाहते हैं तो हम आपकी पुरो मदद करेंगे, क्योंकि इस article हम आज जानने वाले हैं कि बास्केटबॉल क्या है और बास्केटबॉल खिलाड़ी कैसे बनें?


तो अगर आप भी माइकल जॉर्डन जैसा महान खिलाड़ी बनना चाहते हैं तो आप इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ियेगा क्योंकि आज हम जानने वाले हैं कि बास्केटबॉल क्या होता है और इसे कैसे खेलते हैं, कैसे माइकल जॉर्डन एक महान खिलाड़ी बनें, उनके खेलने का तरीका क्या था, एक बास्केटबॉल खिलाड़ी बनने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है?


बास्केटबॉल क्या है? What Is Basketball In Hindi


बास्केटबॉल दो टीमों के बीच खेला जाने वाला वैसा खेल है जिसमें दो टीमों के खिलाड़ी एक तय नियम के अनुसार एक गोलाकार गोले में गेंद को डालकर अंक प्राप्त करते हैं। इसमें जो टीम ज्यादा अंक प्राप्त करती है उसको विजेता घोषित किया जाता है। आपको बता दें कि बास्केटबॉल पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला खेल में से एक है। बास्केटबॉल में प्रत्येक टीम में 5 खिलाड़ी होते हैं।


8 Way To Become Great Basketball Player In Hindi


1. एक महान बास्केटबॉल खिलाड़ी बनने के लिए आपको अपने खेल के प्रति लगाव होना चाहिए, उसके प्रति प्रेम और जुनून होना बहुत जरूरी है। एक बात हमेशा याद रखिये कि आप किसी भी खेल में तभी एक महान खिलाड़ी बन सकते हैं जब आपका उस खेल के प्रति जुनून हो।


आप किसी भी खेल में सफल तब तक नहीं हो सकते हैं जब तक आपको उस खेल में मजा न आता हो, उसके प्रति कोई जुनून न हो, उसको खेलने में आपको एक अलग ऊर्जा महसूस न होता हो। इसलिए एक अच्छा बास्केटबॉल खिलाड़ी बनने से पहले आपको खुद से ही एक सवाल करना होगा कि आपको ये गेम खेलना कितना अच्छा लगता है और एक अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए आप कितना मेहनत कर सकते हैं?


एक बात तो शायद आप भी जानते होंगे कि जब तक किसी काम को करने का कारण पता नहीं होता है तब वो काम पूरा नहीं होता है। इसलिए अपने गेम और लक्ष्य के प्रति हमेशा ईमानदारी से पेश आइये।


2. एक अच्छा बास्केटबॉल खिलाड़ी बनने के लिए इस गेम से सम्बंधित हर एक नियम का पता होना सबसे जरूरी चीज होता है। जैसे आपको पता ही होगा कि हर एक खेल के लिए अपना एक अलग नियम होता है। ठीक उसी प्रकार बास्केटबॉल का एक महान खिलाड़ी बनने के खेल का नियम मालूम होना और उन नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है।


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आप किसी भी गेम में तब तक एक अच्छे खिलाड़ी नहीं कहे जाते जब तक आप हर एक नियम का अनुशासन के साथ पालन नहीं करते हैं। इसलिए बास्केटबॉल के हर एक नियमों को ध्यान से याद करें।


इस दुनिया में एक अच्छा जीवन जीने के लिए शारिरिक और मानसिक रूप से दोनों में ठीक होना बहुत जरूरी है और ये बात बास्केटबॉल के गेम में भी लागू होता है। एक बास्केटबॉल का खिलाड़ी बनने के लिए शारीरिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी है इसलिए अपने फिटनेस पर हमेशा ध्यान रखें।


3. बास्केटबॉल खिलाड़ी को शारिरिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी मजबूत होना जरूरी होता है क्योंकि एक खिलाड़ी तभी अपने खेल में सफल हो सकता है जब वो सही समय पर सही निर्णय ले। अगर आप अपने खेल पर फोकस नहीं लगाएंगे तो आप कभी एक अच्छा खिलाड़ी नहीं बन सकते हैं क्योंकि बास्केटबॉल खिलाड़ी को हमेशा मुस्तैद, चौकन्ना और स्वस्थ रहना बहुत जरूरी होता है।


4. बास्केटबॉल खेलने के लिए ड्रिब्लिंग का आना बहुत जरूरी है। आप जानते ही है कि इस खेल में बॉल को ड्रिबल करना होता है। बास्केटबॉल में बॉल को ड्रिबल करना ही इसको सीखने का पहला पाठ होता है। इसलिए अगर आप एक अच्छा बास्केटबॉल का खिलाड़ी बनना चाहते हैं तो निरंतर ड्रिब्लिंग का अभ्यास करते रहना जरूरी है।


आप जितना अधिक ड्रिब्लिंग का अभ्यास ध्यान लगाकर करेंगे आप उतना ही अधिक अपने खेल में बेहतर होंगे। इस खेल में बॉल को अच्छे से ड्रिबल करना सबसे बड़ा हथियार है। इसलिए आप बॉल ड्रिब्लिंग में इतना माहिर बन जाइये कि आपके जैसा कोई न बन पाये।


5. बास्केटबॉल में बॉल को ड्रिबल करने के साथ-साथ बॉल को अच्छे से थ्रो करने का स्किल होना बहुत ज्यादा जरूरी है। आप बॉल को थ्रो करने का इस तरह अभ्यास कीजिये आपका हर बॉल बास्केट में जाकर गिरे। इसके लिए आपको बॉल थ्रो करने का सही तरीका मालूम होना बहुत जरूरी है।


बॉल को थ्रो करते समय आपके शरीर का सही संतुलन होना चाहिए और आपका हर बॉल का निशाना बास्केट में जाकर गिरना चाहिए। बॉल फेकते समय आपका ध्यान बिल्कुल केंद्रित होना चाहिए। आपको एक हाथ से भी बॉल फेकने का अभ्यास करना चाहिए।


आप बॉल को सही ढंग से थ्रो करने के लिए किसी अच्छे कोच का सहारा ले सकते हैं या फिर यूट्यूब पर किसी अच्छे खिलाड़ी जैसे- माइकल जॉर्डन आदि का भी वीडियो देखकर सीख सकते हैं।


6. बास्केटबॉल में बॉल को पास करना और उसका डिफेंस करना सीखना भजत जरूरी होता है। एक अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए आपको ड्रिब्लिंग और बॉल थ्रोइंग के साथ-साथ बॉल को पास करना और उसका डिफेंस करना सबसे जरूरी होता है क्योंकि बास्केटबॉल आप अकेले तो खेलते नहीं है और साथी खिलाड़ी को तभी आप बॉल दे पाएंगे जब आपको बॉल को पास करना आएगा। इसलिए बॉल को पास करना और उसको डिफेंस करना जरूर सीखें।


आप बॉल को पास करना और डिफेंस करना सीखने के लिए 2 हैंड पास, बाउंस पास और ओवर हेड पास को प्रैक्टिस जरूर कीजिये। इसके साथ-साथ आपको सही ढंग से डिफेंस स्किल को सीखना बहुत जरूरी है क्योंकि एक प्लेयर होने के नाते आपको बॉल डिफेंस करना आपके टीम के लिए जीत में अहम भूमिका निभाती है।


7. आप अच्छा प्लेयर बनने से पहले खुद को एक टीम के खिलाड़ी के रूप में तैयार जरूर करें। एक महान खिलाड़ी वहीं होता है जो अपने टीम के साथ खुद को तैयार रखता है। वैसे खिलाड़ी की सफल होने की संभावना अधिक रहती है जो खेल से जुड़ी हर क्षेत्र में एक्सपर्ट हो और हर समय टीम के हीत के बारे में सोचे साथ में वो टीम में अच्छी तरह से तालमेल बिठा सकें।


इसलिए एक खिलाड़ी बनने के बजाय अपने टीम का सबसे बढ़िया प्लेयर बनें। अगर आप कम उम्र में ही एक अच्छा खिलाड़ी बनना चाहते हैं तो अपने स्कूल के समय से ही बास्केटबॉल खेलना और टूर्नामेंट में भाग लेना शुरू कर दें तो आपके लिए ये गेम बहुत आसान हो जाएगा।


इसलिए अपना कैरियर चुनते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें कि बास्केटबॉल प्लेयर बनने के लिए अपने स्कूल के समय से ही इस ओर ध्यान देना शुरू कर दें क्या पता आप दुनिया में माइकल जॉर्डन के जैसा अपनी प्रतिभा से डंका बजा दें। अगर आप केवल मनोरंजन के लिए भी खेलते हैं तो बास्केटबॉल आपके शरीर को मजबूत और सशक्त बनाने में काफी सहायक होगा।


कोई भी गेम आपके मानसिक और शारीरिक विकास के बहुत जरूरी होता है तो क्यों न बास्केटबॉल में अपना किस्मत आजमाया जाये। हमें उम्मीद है कि एक अच्छा बास्केटबॉल प्लेयर कैसे बनें से सम्बंधित पूरी जानकारी काफी पसंद आयी होगी और एक अच्छा खिलाड़ी बनने में काफी मदद करेगी।


FAQ About Basketball Game In Hindi | बास्केटबॉल से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवाल


1. बास्केटबॉल का आविष्कार किसने किया था?
उत्तर- जेम्स नाइस्मिथ ने।


2. बास्केटबॉल में बास्केट की ऊंचाई कितनी होती है?
उत्तर- 10 फीट या 3.048 मीटर


3. बास्केटबॉल में कोर्ट की लंबाई और चौड़ाई कितनी होती है?
उत्तर- अंतराष्ट्रीय खेलों में बास्केटबॉल कोर्ट की लंबाई-चौड़ाई 28/15मीटर और NBA में 29/15 मीटर होता है।


4. बास्केटबॉल का वजन कितना होता है?
उत्तर- 567 ग्राम से 624 ग्राम तक होता है।


5. बास्केटबॉल में कितने खिलाड़ी होते हैं?
उत्तर- बास्केटबॉल में प्रत्येक टीम के तरफ से 12 खिलाड़ी होते हैं लेकिन कोर्ट पर सिर्फ 5 खिलाड़ी को ही खेलने की अनुमति होती है।


6. बास्केटबॉल का मैच कितने मिनट का होता है?
उत्तर- अंतराष्ट्रीय मैच 10 मिनट का चार भागों और NBA 12 मिनट का चार भागों में खेला जाता है।


आपको हमारा ये article कैसा लगा और बास्केटबॉल खिलाड़ी कैसे बनें से सम्बंधित और भी कोई सवाल हो तो कमेंट करके जरूर पूछ सकते हैं। साथ ही अगर आपको ये जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें।


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आजकल हम ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ हर काम को हर कोई जल्दी से करना चाहता है, जल्दी से अपने मुकाम को पाना चाहता है। इस रेस में स्टूडेंट्स भी अपने जॉब, अपने कैरियर को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं। हर स्टूडेंट्स चाहता है कि 10वीं या 12वीं के बाद उनकी नौकरी लग जाएं।


पर ये सच है कि जिस तेजी से बेरोजगारी बढ़ी है उस हिसाब से सबकी नौकरी लगना काफी मुश्किल हो गया है। इसका सबसे बड़ा कारण है हर कोई एक ही रेस में भागे जा रहा है। पर स्टूडेंट्स को मैं एक बात बताना चाहता हूँ कि ऐसे बहुत सारे फील्ड है जिसमें नौकरियां भरी पड़ी है लेकिन उसके बारे में कोई ध्यान ही नहीं दे पाता।


इसी को लेकर हम आपको एक ऐसे क्षेत्र के नौकरी के बारे में बताने वाले हैं जिसमें आपको नौकरी काफी आसानी से मिल सकती है। जी हां हम बात कर रहे हैं एक Geologist की। इसमें नौकरी मिलना बहुत आसान है बस आपको कुछ जरूरी टिप्स फॉलो करने होंगे।


आज एक जियोलॉजिस्ट का मांग पूरी दुनिया में काफी तेजी से बढ़ा है। ऐसे में हम इससे कैसे दूर रह सकते हैं? पर आप सोच रहे होंगे कि जियोलॉजिस्ट क्या होता है और इनका काम क्या होता है? इन सभी बातों के लिए आप बिल्कुल चिंतित न हो क्योंकि हम आज आपको पूरी जानकारी देंगे कि जियोलॉजिस्ट कैसे बनें? तो चलिए इसके बारे में पूरी विस्तार से जानते हैं।


भूगर्भ शास्त्र क्या है- Definition Of Geology In Hindi


जियोलॉजिस्ट के बारे में जानने से पहले हम जानते हैं कि Geology (जियोलॉजी) क्या होता है? अगर हम आसान शब्दों में भूविज्ञान का अर्थ के बारे में बात करें तो जिसमें पृथ्वी के बारे में अध्ययन किया जाता है, उससे जुड़ी गतिविधियों के बारे में अवलोकन किया जाता है तो उसे हम जियोलॉजी कहते हैं।


Geology शब्द का निर्माण इन दो शब्दों से मिलकर हुआ है- Geo+Logy. जिसमें Geo का मतलब पृथ्वी और Logy का मतलब अध्ययन करना होता है। इस तरह इन दो शब्दों को जोड़ दिया जाए तो जियोलॉजी शब्द बनता है।


जियोलॉजिस्ट(भूवैज्ञानिक) क्या है? What Is Geologist Full Information In Hindi


अगर मैं आपसे पूछूँ कि Geologist(भूवैज्ञानिक) क्या होता है और आप इसके बारे में क्या जानते हैं? अगर आप कुछ जानते होंगे तो शायद आप कहेंगे कि Geologist वैसे वैज्ञानिक होते हैं जो पृथ्वी से जुड़ी इतिहास के बारे में जानकारी रखते हैं और उस जानकारी के आधार पर भविष्यवाणी करते हैं।


लेकिन आपको बता दें कि एक Geologist (भूवैज्ञानिक) का काम इन सबसे कहीं ज्यादा होता है। क्या आप जानते हैं कि एक जियोलॉजिस्ट को हम Geophysicist और Geohydrologist भी कहा जाता है। Geologist ही भूकंप, मिट्टी का खिसकना, बाढ़ और ज्वालामुखी के बारे में पता लगाता है। पृथ्वी की बनावट और उसके केंद्र आदि का पता लगाने का काम भी एक Geologist (भूवैज्ञानिक) ही करता है।


इतना सब जानने के बाद अब तक तो आप समझ ही गए होंगे कि अभी या आने वाले समय में एक Geologist की क्या भूमिका रहने वाली है? आपमें से बहुत सारे लोग या तो Geologist के बारे में जानना चाहते हैं या फिर बहुत सारे स्टूडेंट्स Geologist (भूवैज्ञानिक) बनना भी चाहते हैं।


पर उनको ये नहीं पता होता है कि Geologist (भूवैज्ञानिक) क्या होता है और इनके क्या काम होते हैं, एक Geologist (भूवैज्ञानिक) कैसे बनते हैं? इसलिए आज हम आपको पूरी जानकारी देने वाले हैं कि Geologist क्या है और Geologist कैसे बनें? बस आप इस article को पूरा ध्यान से जरूर पढ़ियेगा।


भू-वैज्ञानिक (Geologist) कैसे बने | How To Become Geologist In India


अगर आपको अपना कैरियर Geologist में बनाना है तो उसके लिए आपको भूगर्भ शास्त्र (Geology) में स्नातक स्तर की पढ़ाई जरूर पूरी करनी होगी। साथ ही आपको बारहवीं की पढ़ाई science से करनी होगी।


अगर आप एक अच्छा Geologist बनना चाहते हैं और एक सरकारी कॉलेज में एडमिशन लेने की इच्छा रखते हैं तो उसके लिए आपको GATE से राष्ट्रीय स्तर के एग्जाम में भाग लेना होगा। आपके जानकारी के लिए बता दें कि भारत में कई सारी ऐसी यूनिवर्सिटीज है जो अपना खुद का प्रवेश परीक्षा आयोजन करती है।


भूविज्ञान पाठ्यक्रम | Geologist Subjects Requirements Details


चलिए अब आपको Geologist (भूवैज्ञानिक) से सम्बंधित और भी कुछ जरूरी जानकारी प्राप्त करते हैं। वैसे स्टूडेंट्स जो बारहवीं में 55 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये हो वहीं स्टूडेंट्स ही जियोलॉजी के डिप्लोमा कोर्स Diploma Of Associateship In Applied Geology को कर सकते हैं। साथ ही वो स्टूडेंट्स बारहवीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स की पढ़ाई किया हो।


ये भी पढ़ें:- MIT क्या है और MIT में एडमिशन कैसे लें? सबकी पूरी जानकारी।


Geologist बनने के लिए अगर हम undergraduate कोर्स की बात करें तो आपको 3 साल की कोर्स करना होगा। इस कोर्स को करने के लिए आपको नीचे दिए गए निम्नलिखित ऑप्शन मिलेगा।

1. Bachelor Of Science(Hons.) In Geology
2. Bachelor Of Science(B.Sc.) In Geology
3. Earth Science Environmental Science
4. Bachelor Of Arts In Geology


ग्रेजुएशन की पढ़ाई खत्म करने के बाद आप चाहे तो परास्नातक की कोर्सेज भी कर सकते हैं जिससे आपके अंदर और अधिक निखार आएगा। जिसको पूरा करने के लिए आपको ये निम्नलिखित ऑप्शन मिलेगा।

1. Master Of Science(Hons.) In Geology
2. Master Of Science (M.Sc.) In Geology
3. Applied Geology
4. Master Of Technology In Geology
5. Applied Geology


Geologist Qualifications In India


हम जानते हैं कि आज पूरे विश्व में पर्यावरण संरक्षण की जरूरत बहुत तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में एक अच्छे Geologist की मांग आने वाले समय में और भी अधिक बढ़ने वाली है। इसलिए इस क्षेत्र में जॉब का अवसर और तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए इस अवसर का लाभ लेने के लिए आपके पास Geologist का डिग्री होना बहुत जरूरी है।


अगर आप जियोलॉजी में परास्नातक या पीएचडी की डिग्री प्राप्त कर लेते हैं तो आपको एक अच्छी जॉब मिलना बहुत आसान हो जाएगा।


जियोलॉजी में मास्टर की डिग्री प्राप्त करने के बाद आप इस विषय में पीएचडी या एमफिल भी कर सकते हैं। आप और क्षेत्र के अनुसार इस फील्ड में भी अपने अनुसार कोई भी फील्ड चुन सकते हैं। जैसे- Marine Geology, Structural Geology, Economic Geology, Geochemistry, Valcanology, Mineralogy, Geomorphology और Engineering Geology.


Top 10 Geologist Institute In India


आइये दोस्तों अब हम जानते हैं कि एक Geologist बनने के लिए भारत में 10 ऐसे institue है जो जियोलॉजी की UG और PG की कोर्सेज करवाते हैं? उन सभी इंस्टीट्यूट के नाम बारी-बारी से जानते हैं।

1. Indian Institute Of Technology (IIT) Roorkee
2. IIT Kharagpur
3. IIT Bhuvaneshvar
4. IIT Mumbai
5. BHU( Banaras Hindu University)
6. Delhi University
7. Aligarh Muslim University
8. Presidency University Of Calcutta
9. Annamalaee University Tamilnadu
10. University Of Calcutta Kolkata


Scope Of Geologist Jobs In India


अब आपके मन में एक सवाल उत्पन्न हो रहा होगा कि एक Geologist बनने के बाद किस तरह का जॉब मिलेगा। तो हम आपको बता दें एक Geologist बनने के बाद आप अपने फील्ड के अनुसार कोई भी जॉब कर सकते हैं। जैसे- Geological Advisor, Seismologist, Meteorologist, Oceanographer और Processing Geophysicist जैसे जॉब आप आसानी से पा सकते हैं।


एक Geologist के रूप में आपके अंदर ये सारी चीजें होनी बहुत जरूरी है। जैसे- इन्वेस्टिगेशन स्पिरिट, बहुत तरह की डेटा को हैंडल करने का गुण, हर चीज की गहरी अवलोकन करना, किसी भी तरह के स्थिति को अच्छे तरीके से विश्लेषण करने का हुनर और संख्यात्मक गणना करने का हुनर।


इन सभी के अलावा अगर आपके पास टीम वर्क कौशल, जटिल से जटिल समस्याओं के बारे में सोचना और हर समस्या को कैसे सॉल्व किया जाए तो आप सोच नहीं सकते हैं कि आप इस फील्ड में कितना अच्छा कर सकते हैं।


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आपको बता दें कि जियोलॉजी विषय से अपना कोर्स पूरा करने के बाद आपको सरकारी और प्राइवेट हर जगह पर जॉब मिल सकता है। भारत में कई सारी ऐसी सरकारी संस्थान है जो Geologist की भर्ती करता है। जैसे जियोलाजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड जैसी सरकारी संस्थान भी समय अनुसार Geologist की भर्तियां कराता है।


List Of Government Geological Companies In India


आपको बता दें कि इन सरकारी संस्थानों की परीक्षाएं यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाती है। भारत में अगर बात करें कि सबसे ज्यादा सरकारी Geologist की भर्ती कौन लेता है तो उसमें टॉप संस्थान इस प्रकार है-

1.Geological Survey Of India
2. Coal India
3. Steel Authority Of India Limited (SAIL)
4. Oil and Natural Gas Corporation Limited (ONGC)
5. Defence Research and Development Organisation (DRDO)
6. National Mineral Development Corporation (NMDC)
7. Rajsthan State Mines & Minerals


Top Private Geologist recruiter in india


अब आपको टॉप प्राइवेट Geologist recruiter in india के बारे में बताते हैं।

1. Mining Firms
2. Mineral Processing Firms
3. Mineral Extracting Firms
4. Private Refineries
5. Coal Extraction Firms
6. Exotic Gems Mining Firms


भूवैज्ञानिक के काम | What Does a Geologist Do?


आइये अब जानते हैं कि Geologist का किस तरह के काम में जरूरी होता है।

1. Environment Protection
2. Disaster Detection
3. Construction


इन सभी तरह के फील्ड में एक Geologist का बहुत जॉब opportunity होता है। इसके अलावा एक Geologist सड़क निर्माण और भूकंप का पूर्वानुमान लगाने में अहम भूमिका निभाते हैं।


आपको बता दें कि जिसमें जितना जॉब अवसर होता है उतना ही चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। आइये अब जानते हैं कि एक Geologist को किस तरह के कार्य चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और Geologist बनने के फायदे और नुकसान क्या है?


एक Geologist को हमेशा सुनसान जगह पर जाना पड़ता है। इसलिए इस तरह के काम को करना सबके लिए आसान नहीं होता है। पर अगर आप प्रकृति को करीब से देखना चाहते हैं तो ये काम आपके लिए किसी अवसर से कम नहीं है।


ऐसे स्टूडेंट्स जो पृथ्वी से सम्बंधित समस्याओं के बारे में जानने और उसको दूर करने की इच्छा रखते हैं उनके लिए ही Geologist बनना सूटेबल होता है।
एक Geologist पृथ्वी के अंदर से खनिजों के बारे में पता लगाता है।


आप Geologist बनना चाहते हैं लेकिन अगर आप फील्ड में कार्य करना नहीं चाहते हैं और रिसर्च या शैक्षिक क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो आप अगर पीएचडी करते हैं तो आपको इसमें काफी आसानी होगी।


भू-वैज्ञानिक की सैलरी कितनी होती है | Geologist Salary In India


Geologist के बारे में इतना सब तो जान गए लेकिन अब आप ये जरूर जानने को उत्सुक होंगे कि Geologist की भारत में सैलरी कितनी होती है? तो आपको बता दें कि प्राइवेट कंपनियों में आपकी सैलरी एक फ्रेशर के रूप में 4 से 5 लाख रुपये सालाना हो सकती है।


आपको बताते चलें कि आपकी सैलरी आपके कम्पनी, आपके स्किल पर भी काफी निर्भर करता है। आपकी स्किल बढ़ने के साथ-साथ आपकी सैलरी भी समय के साथ बढ़ते जाएगी। आपको एक और जरूरी जानकारी बताते चलें कि एक Geologist की सैलरी आपके कम्पनी, आपके जगह पर भी बहुत निर्भर करता है। एक अच्छे Geologist (भूवैज्ञानिक) की सैलरी 10 लाख से ऊपर तक भी हो सकती है।


जियोलॉजिस्ट की सैलरी उनके अनुभव के आधार पर बहुत तेजी से बढ़ता जाता है या फिर कहें तो सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले जॉब्स में इनका प्रमुख स्थान रहता है। विदेशों में तो एक अच्छे जियोलॉजिस्ट की सैलरी करोड़ों रुपये की होती है।


एक जियोलॉजिस्ट की नौकरी साहस और रोमांच से भरा होता है। इसके साथ-साथ ये हमारी धरती के इतिहास और भविष्य के बारे में अंदाजा लगाने में अहम रोल निभाते हैं।


हम आपको यहाँ एक सलाह देना चाहेंगे कि किसी भी फील्ड में अपना कैरियर बनाने के लिए उसके फायदे और नुकसान के बारे में पूरी जानकारी जरूर जानें। इसलिए अगर आपके मन में एक Geologist बनने का सपना है तो आप अपना कैरियर इसमें जरूर बनाएं।


हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा ये article जियोलॉजिस्ट क्या है और जियोलॉजिस्ट कैसे बनें आपकी काफी सहायता की होगी। फिर भी अगर आपको इससे सम्बंधित और कोई सवाल जानना हो तो कमेंट करके जरूर पूछ सकते हैं।


अगर आपको भूगर्भ शास्त्र का महत्व समझ में आ गया हो और अगर आप भूवैज्ञानिक बनना चाहते हैं तो आपको एक बार इसमें प्रयास जरूर करनी चाहिए। हम आपके बेहतर भविष्य की कामना करते हैं।


करियर चुनते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें।

10 ऐसी गलतियां जिससे आपका समय सबसे ज्यादा बर्बाद होता है।

MIT क्या है और इसमें Admission कैसे लें- Full Details In Hindi

MIT क्या है और इसमें Admission कैसे लें- Full Details In Hindi

MIT क्या होता है और इसमें Admission कैसे लें? How To Get Admission In MIT USA From India

MIT kya hai aur isme admission kaise le, what is mit in hindi
MIT kya hai

MIT का नाम आते ही लोगों के मन में बस एक ही ख्याल आता है वो है दुनिया का नम्बर 1 इंस्टीट्यूट। कहते हैं कि इस इंस्टीट्यूट में पढ़ने का सपना हर एक स्टूडेंट अपने मन में पाल कर रखता है। लेकिन बहुत सारे विद्यार्थियों को ये पता ही नहीं होता है कि MIT में एडमिशन के लिए क्या criteria है, इसमें एडमिशन लेने के लिए क्या प्रॉसेस है?


इस तरह के अनेकों सवाल विद्यार्थियों के मन में रहता है। जानकारी के अभाव में फिर उनके साथ यहीं होता है कि या वे तो इसमें पढ़ने से वंचित रह जाते हैं या फिर अपने सपने को सपना ही बनें रहने देते हैं।


अगर आप भी ऐसे ही सवालों के बारे में जानना चाहते हैं MIT इंस्टिट्यूट क्या है और इसमें एडमिशन कैसे लें और मिट तो आप इस article को ध्यान से पूरा जरूर पढ़िए। आपके सारे सवालों का जवाब आसानी से मिल जाएगा। हम आपकी पूरी सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।


MIT का Full Form Pronunciation In Hindi


दोस्तों MIT का फुल फॉर्म Massachusetts Institute of Technology (MIT) होता है। बहुत सारे लोग इसके उच्चारण को लेकर confusion में रहते हैं तो आपको बता दें कि MIT फुल फॉर्म का pronunciation मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी होता है।


MIT कोर्स क्या होता है | What Is MIT In Hindi


Massachusetts Institute of Technology (MIT) अमेरिका के कैम्ब्रिज शहर में मैसाचुसेट्स नामक जगह पर स्थित एक निजी शोध विश्वविद्यालय है। जिसका स्थापना अमेरिका के औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए सन 1861 में किया गया था।


MIT में कुल एक महाविद्यालय के अलावा पाँच विद्यालय है। जिसमें कुल 32 शैक्षणिक विभाग है। MIT इंस्टीट्यूट का मुख्य उद्देश्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान और वैज्ञानिक तकनीक को बढ़ावा देना है।


जैसा कि हम सभी जानते हैं कि MIT में पढ़ने के लिए दुनिया भर के स्टूडेंट्स सपने देखते हैं। उनका एक ही सपना होता है इस इंस्टिट्यूट से पढ़कर अपना एक अलग कैरियर बनाना, अपना एक अलग पहचान बनाना।


जाहिर सी बात है कि जिस इंस्टीट्यूट का इतना ज्यादा क्रेज हो उसमें एडमिशन लेना कितना मुश्किल होगा? आपको पता होगा कि इस इंस्टीट्यूट में एडमिशन लेने के लिए दुनिया भर से स्टूडेंट्स आते हैं।


आपके जानकारी के लिए बता दें कि MIT में एडमिशन लेने के लिए आप किस देश से आये हैं, आपका बैकग्राउंड क्या है, आपका एडुकेशन सिस्टम क्या है इन सभी बातों का कोई मतलब नहीं होता है। आपके व्यक्तिगत पर्सनालिटी को देखकर ही इस इंस्टीट्यूट में दाखिला दिया जाता है। 


इसलिए आगे से ये भ्रम निकाल दीजिये कि छोटे देश के स्टूडेंट्स का एडमिशन नहीं होगा। बस आपको खुद को improve करना है। खुद को improve कैसे करें इसके लिए ये 15 self improvement tips जरूर पढ़ें।


MIT से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण जानकारी आपको बता दें कि प्रत्येक 100 एप्पलीकेशन में से मात्र 7 से 8 एप्पलीकेशन को ही एक्सेप्ट किया जाता है। अब आपको पता चल ही गया होगा कि MIT में एडमिशन लेने के लिए कितना टफ कम्प्टीशन होता है।


इसलिए इस इंस्टिट्यूट में एडमिशन उसी स्टूडेंट्स को मिल पाता है जिनका हर क्षेत्र में अच्छी जानकारी हो और खुद को एक बेहतरीन प्रतिभागी के रूप में पेश कर पायेगा।


क्या आपको पता है कि MIT का मुख्य मकसद शिक्षा, रिसर्च और बेहतर आविष्कार के जरिए एक बेहतरीन दुनिया का निर्माण करना है? इसलिए इस इंस्टीट्यूट में उसी स्टूडेंट्स को एडमिशन दिया जाता है जो इंटेलीजेंट होने के साथ-साथ वो हर चीज को एक अलग तरीके से सोचता हो।


How To Get Admission In MIT After 12th In USA Hindi


आपको इसके बारे में ये जानकारी भी रखना जरूरी है कि जो भी भारतीय स्टूडेंट्स इस इंस्टिट्यूट में पहले से पढ़ते हैं उनका कहना है कि आईआईटी और जेईई में टॉप करने वाले स्टूडेंट्स के लिए MIT में एडमिशन लेना काफी आसान है। 


यानी कि जो लड़के आईआईटी और जेईई जैसे एग्जाम की तैयारी कर चुके हैं उनके लिए इसका एग्जाम पास करना अन्य लोगों की तुलना काफी आसान है।


अगर कोई स्टूडेंट्स 12वीं पास कर लेता है वो MIT में एडमिशन लेने के लिए योग्य बन जाता है। यानी कि आप MIT के ग्रेजुएशन प्रोग्राम में हिस्सा ले सकते हैं। अगर आप अमेरिकी नागरिक नहीं है इसलिए आपको इंटरनेशनल एप्लिकेंट के कैटेगरी में रखा जाएगा और आपको MIT के ग्रेजुएशन प्रोग्राम में भाग लेने के लिए 12वीं के शुरुआत में ही इसमें एडमिशन लेने के अप्लाई करना होगा।


Massachusetts Institute Of Technology (MIT) Fees | MIT की फीस कितनी होती है?


आपके जानकारी के लिए बता दें कि MIT की एप्लीकेशन फीस 75$ यानी अगर इंडियन रुपये के बारे में बात करें तो लगभग 5 हजार है और एक साल का ट्यूशन फीस लगभग 53818$ है। इतना ज्यादा फीस दे पाना हर स्टूडेंट्स के बस की बात नहीं है। लेकिन क्या आपको पता है ये फीस बहुत कम भी हो सकता है। इसका एक तरीका है जो हम आपको बताते हैं।


MIT की इतनी बड़ी फीस को कम करने के लिए अगर कोई स्टूडेंट्स वित्तिय सहायता लेने की शर्त को पूरा करता है तो उसका 90% फीस माफ कर दिया जाता है। जिससे ऐसे स्टूडेंट्स जो MIT से पढ़कर कुछ अलग करना चाहते हैं तो उनका सपना पैसों की कमी की वजह से अधूरी न रह सकें।


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MIT में Admission कैसे लें | MIT Admission Requirements For Indian Students In Hindi


MIT में पढ़ने के लिए जरूरी शर्त ये है कि अगर कोई स्टूडेंट्स कम से कम 4 साल इंग्लिश की पढ़ाई किया है उसी स्टूडेंट्स को इसमें पढ़ने का मौका दिया जाता है, मैथ्स में उसको कैल्कुलस की जानकारी हो, दो साल तक इतिहास और सामाजिक विज्ञान का अध्ययन किया हो और उसको फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की भी अच्छी जानकारी रखता हो।


ऐसा स्टूडेंट्स जो इन सब विषयों का अध्ययन नहीं किया है वो भी इसमें एडमिशन लेने के अप्लाई कर सकता है लेकिन MIT का कहना है कि अगर कोई स्टूडेंट्स ऐसे विषयों के बारे में थोड़ी-बहुत जानकारी रखता है तो उसको MIT का पाठ्यक्रम काफी आसान हो जाएगा।


MIT में एडमिशन लेने के लिए आपको इंग्लिश में अपनी जानकारी का proficiency एग्जाम देना होगा। आप नीचे दिए गए किसी भी एग्जाम को चुन सकते हैं। वैसे आपके जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय स्टूडेंट्स के लिए TOEFL का एग्जाम पास करना आसान होता है और ये इंडियन स्टूडेंट्स के लिए सबसे आसान एग्जाम होता है।


1. Cambridge English Qualification यानी C1 Advance या C2 Proficiency.
2. Duolingo English Test( DET)
3. International English Language Testing System (IELTS)
4. Pearson Test Of English (PTE Academic)
Test Of English As a Foreign Language (TOEFL)


What Is Minimum Score Required For MIT Admission In Hindi


Cambridge English Qualification यानी C1 Advance या C2 Proficiency पास करने के लिए न्यूनतम 185 अंक प्राप्त करना जरूरी है। जबकि recommended 190 अंक प्राप्त करना जरूरी होता है।


Duolingo English Test( DET) पास करने के लिए न्यूनतम 120 अंक प्राप्त करना जरूरी है, जबकि recommended अंक 125 लाना अनिवार्य है। International English Language Testing System (IELTS) पास करने के न्यूनतम 7 अंक प्राप्त करना जरूरी है जबकि recommended अंक 7.5 लाना जरूरी है।


Pearson Test Of English (PTE Academic) पास करने के लिए 65 अंक प्राप्त करना जरूरी है जबकि recommended अंक 70 जरूरी है। Test Of English As a Foreign Language (TOEFL) पास करने के लिए न्यूनतम 90 अंक प्राप्त करना जरूरी है जबकि recommended अंक 100 प्राप्त करना अनिवार्य है।


What Is Admission Process Of MIT For International Students In Hindi


MIT में एडमिशन लेने के लिए आपको ACT या SAT में से कोई भी एक एग्जाम को पास करना जरूरी है और अपना प्राप्त TOEFL अंक सबमिट करना जरूरी होता है। तभी आप इसमें एडमिशन ले पाएंगे।


हालांकि आपके जानकारी के लिए बता दें कि साल 2020-21 में MIT में एडमिशन के लिए COVID-19 के वजह से इन सभी अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।


एक जरुरी जानकारी आपको बता दें कि TOEFL के लिए कोई भी उम्र की बाध्यता नहीं है। मतलब ये कि अगर कोई स्टूडेंट्स MIT में एडमिशन लेने के और सब जरूरी मानकों पर खरा उतरता है तो उसके लिए उम्र से सम्बंधित कोई भी बाधा नहीं आएगी।


अमेरिका में स्थित किसी भी कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए ACT टेस्ट पास करना जरूरी होता है क्योंकि अमेरिका की वैसी अधिकांश बड़ी यूनिवर्सिटीज जो अंडर ग्रेजुएट्स एडमिशन लेती है  वे सभी ACT और SAT दोनों के अंकों को जोड़ती है।


इस एग्जाम में चार भाग होते हैं- इंग्लिश, मैथ्स, रीडिंग और विज्ञान। इसमें लेखन(writing) भी एक सहायक विषय के रूप में काम करता है। आप इस एग्जाम को पास करने के लिए कितना भी बार प्रयास कर सकते हैं। एग्जाम पास करने के लिए कोई भी उम्र की समयसीमा नहीं होती है।


आपकी उम्र 13 होने के बाद ही आप MIT के एग्जाम के योग्य बन जाएंगे और इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। Scholastic Assessment Test (SAT) के लिए कोई भी उम्र सम्बंधित बाध्यता नहीं है। अगर आप एग्जाम को पहली बार में पास नहीं कर पाते हैं तो कोई बात नहीं आप इसके लिए कितना ही बार एग्जाम दे सकते हैं और खुद को बेहतर बना सकते हैं। इसकी कोई बाध्यता नहीं है।


जानकारी के मुताबिक ज्यादातर 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स इसमें एडमिशन लेने के इस टेस्ट को देते हैं ताकि उनको आसानी से अंदर ग्रेजुएट कोर्स में दाखिला मिल सके। आपको एक रोचक जानकारी बता दें कि MIT में एडमिशन लेने के लिए लगभग 50% स्टूडेंट्स SAT के 1600 में से 1500 से 1550 तक का अंक प्राप्त कर लेते हैं। ऐसे में अगर आपको MIT में एडमिशन लेने के सेलेक्ट होना है तो आपको इससे अधिकतम अंक प्राप्त करना जरूरी होगा।


American College Testing Testing (ACT) एग्जाम में आपका अंक अधिक होना भी बहुत जरूरी है क्योंकि इसमें 75% स्टूडेंट्स ACT के एग्जाम में 36 में से 34 या उससे भी ज्यादा अंक प्राप्त कर लेते हैं। इन टेस्ट में पास करने के अलावा हर स्टूडेंट्स को अपने से सम्बंधित 5 शार्ट essay सबमिट करने पड़ते हैं।


MIT एडमिशन के लिए औसत GPA(Grade Point Average) रिलीज नहीं करता है। लेकिन एक प्रतिभागी स्टूडेंट्स के तौर पर आपका GPA अधिकतम होना आपके लिए बहुत बहुत अच्छा रहेगा।


इतना सब जानने के बाद आइये अब जानते हैं कि MIT में एडमिशन के appication में क्या-क्या डिटेल्स भरना जरूरी होता है? आपके द्वारा दिया गया answer जितना अधिक सही और साफ होगा Application भरते समय अपने बारे में उतना ही खुद को सही तरीके से बयान कर पाएंगे।


MIT के द्वारा दिये गए application में बढ़िया से essay लिखना होगा, पर ध्यान रहें कि essay जरूरत से बड़ा ना हो। बल्कि ध्यान रखें कि कोई भी essay 100-200 शब्द का ही हो। अगर आप इस प्रकार essay लिखते हैं तो आपकी पर्सनाल्टी को बेहतर तरीके से पेश होगी।


आपके लिए बता दें कि ये essay आपके बारे में जानने के लिए एक बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए essay लिखते समय खास ध्यान रखें क्योंकि इनको पढ़कर ही आपके पर्सनाल्टी के बारे में पता लगाया जाता है।


इन essay में आपको अपनी फैमिली, बैकग्राउंड, सोशल एक्टिविटी, आपका समाज आदि के बारे में जानकारी देनी होती है। MIT में दाखिला लेते समय आपको किस विषय में सबसे ज्यादा रुचि है और क्यों, आप अपने लाइफ के व्यस्त कार्यक्रम में खुश रहने के लिए क्या करते हैं, आपने लाइफ में अपने समाज को क्या दिया है, आपने ऐसा कोई चैलेन्ज लिया है जो आपके मुताबिक सफल नहीं हुआ है लेकिन आपने किसी भी तरह उसको अच्छे से मैनेज किया हो। इस तरह के सवालों का जवाब essay में लिखना होता है।


MIT Entrance Exam Details In Hindi


MIT में एडमिशन के लिए दो बार विषय से सम्बंधित टेस्ट अनिवार्य रूप से लिया जाता है। मैथेमेटिक्स लेवल 2 और साइंस विषय के बायोलॉजी, इकोलॉजिकल, बायोलॉजी मॉलिक्यूलर, केमिस्ट्री या फिर फिजिक्स में से कोई एक में से टेस्ट लिया जा सकता है।


2 लेटर ऑफ recommendation में आपको गणित या विज्ञान के टीचर की recommendation सबमिट करना के साथ-साथ एक language और humanity विषय के टीचर की recommendation सबमिट करना होता है।


इन सबके अलावा आपके स्कूल के द्वारा बनाये गये रिपोर्ट को भी सबमिट करना होगा। इतना सब करने के बाद MIT में एडमिशन के लिए इंटरव्यू सबसे लास्ट स्टेप होता है। इस इंटरव्यू में कुछ भी अलग करने की कोई जरूरत नहीं है।


आप उसी तरह का नॉर्मल व्यवहार करें जैसा कि आप है तो आपको इंटरव्यू में पास होना कोई मुश्किल नहीं होगा क्योंकि MIT का मानना है कि हम उसी स्टूडेंट्स को एडमिशन देना चाहते हैं जो कि हर तरह के परिस्थितियों में रहा हो ना कि किसी मशीन के जैसा।


मतलब साफ है कि MIT ऐसे स्टूडेंट्स को तवज्जों नहीं देता है जो सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में ही knowledge रखते हैं बल्कि ऐसे स्टूडेंट्स जो शिक्षा के साथ-साथ दैनिक दिनचर्या, सोशल वर्क में भी भाग लेते हैं और जो खेलकूद में भी हिस्सा लेता हो। यानी कि MIT को वैसे स्टूडेंट्स की जरूरत रहता है जो हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखा सकें। ऐसे स्टूडेंट्स को MIT में एडमिशन लेना काफी आसान होता है।


तो साथियों इतना सब जानने के बाद अब आप जान ही गए होंगे कि MIT में एडमिशन लेने के क्या करना चाहिए? अगर इन सभी बातों का ध्यान रखकर आप सही तरीके से तैयारी करते हैं तो MIT में आसानी से एडमिशन लेकर अपने कैरियर को एक चमकता हुआ भविष्य के रूप में दे सकते हैं।


अगर आप अपने स्कूल के दौरान नेशनल या इंटरनेशनल ओलंपियाड में भाग लेते हैं तो आप खुद को एक बेहतर MIT स्टूडेंट्स के रूप में तैयार कर पाएंगे। इसलिए सिर्फ किताबी ज्ञान लेने के बजाय अपनी पर्सनाल्टी को और डेवेलोप कर हर तरह की जानकारी लेने की कोशिश करें।


हम उम्मीद करते हैं कि MIT क्या है और MIT USA में एडमिशन कैसे लें से सम्बंधित सारी जानकारी आपको मिल गयी होगी। फिर अगर आपको MIT से सम्बंधित कोई और भी जानकारी पता करना हो तो आप कमेंट करके जरूर पूछ सकते हैं।


करियर चुनते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें।

10 ऐसी गलतियां जिससे आपका समय बर्बाद करते हैं।