Short Inspirational Story In Hindi For Kids | एकता में बल की अदभुत कहानी |

Best Short Hindi Story With Moral For Kids | Short Inspirational story in hindi for Children | बच्चों के लिए बेस्ट हिंदी कहानी

 

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आज की इस short hindi story में दो भाइयों की एक ऐसी अद्भुत और प्रेरणादायी कहानी है, जो हमें बहुत सिख देती है। ये कहानी हमको बताती है, कि कैसे मिलजुल कर किसी भी काम को आसानी से किया जा सकता है ?

 

इस छोटी सी कहानी को पढ़ने के बाद आप ये जान पाएंगे कि मेल- मिलाप क्या है, इसके हमारे जीवन में कितने फायदे हैं ? इस short Moral Story in hindi for kids को पढ़ने के बाद आपको पता चल जाएगा, की एकता में कितनी शक्ति होती है, तो चलिए दोस्तों इस बेहतरीन प्रेरणादायक कहानी की शुरुआत करते हैं।

 

एकता में ही बल बच्चों के लिए हिंदी निबंध | Short Hindi Story With Moral for Class 1

 

अपने देश में बहुत से ऐसे नगर और गांव है, जहाँ बहुत कम पेड़ पाये जाते हैं। यदि ऐसे गांव- नगर में गाय- बैल भी कम हो और गोबर थोड़ा सा हो तो रसोई के लिए लकड़ी और जलावन बहुत मुश्किल से मिलते हैं।

 

ठीक ऐसे ही एक छोटा सा बाजार था। उस बाजार के आसपास बहुत कम पेड़ थे। और बाजार में किसानों के घर न होने के कारण गाय-बैल भी ज्यादा नहीं थे। रसोई के लिए लकड़ी और जलावन वहाँ के लोगों को खरीदना पड़ता था।

 

अगर कभी लगातार बारिश होता था तो वहाँ के सारे लोगों को लकड़ी और जलावन के लिए बहुत मुसीबतों का सामना करना पड़ता था। एक बार दो- तीन दिन लगातार वर्षा होने के कारण कोई भी मजदूर वहाँ लकड़ी या जलावन बेचने नहीं आया था। इससे कई घरों में रसोई बनाने के लिए कोई ईंधन ही नहीं बचा था।

 

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2. Best Short Moral Story In Hindi

 

पर पेट के लिए कुछ तो करना ही पड़ता। उस गाँव में दो सगे भाई रहते थे, अपने घर पर रसोई के लिए सुखी लकड़ी ढूंढने निकले। उन दोनों भाइयों के पिता उस समय घर पर नहीं थे। फिर उसके माता बिना सुखी लकड़ी के कैसे खाना पकाती और अपने बच्चों को खिलाती। दोनों लड़के जलावन के लिए अपने पिता के लगाए बगीचे में गए। उन्होंने वहां देखा कि आम की एक मोटी सुखी डाल आंधी में टूट कर नीचे गिरी हुई थी।

 

बड़े लड़के ने कहा- लकड़ी तो मिल गयी, लेकिन इसे हम घर कैसे ले जायेंगे ?

तब छोटे लड़के ने कहा- अगर हम इसे यहाँ छोड़कर जाएंगे तो दूसरा कोई लेकर चला जायेगा।

 

लेकिन वे क्या करते। बड़ा भाई 10 वर्ष का था, तो छोटा भाई 8 वर्ष का था। इतनी बड़ी लकड़ी उनसे उठ नहीं सकती थी। इतने में छोटे लड़के ने देखा कि सुखी लकड़ी से गिर कर एक मोटे बड़े सफेद कीड़े को, जो कि मर गया था बहुत सी छोटी चींटिया उसको उठाये ले जा रही थी। ये देख छोटा लड़का चिल्लाया! भईया यह क्या है ?

 

बड़े भाई ने कहा- ये तो चींटिया कीड़े को ले जा रही है।
छोटा भाई बोला- इतनी छोटी चींटिया इतनी बड़े कीड़े को कैसे ले जा सकती है ?

बड़े भाई ने कहा- ध्यान से देखो तो कितनी सारी चींटिया है, ये सब मिलकर इस कीड़े को ले जा रही है। अगर कभी बहुत सी चींटिया मिल जाती है, तो मरे हुए सांप को भी घसीट कर ले जा सकती है।

 

दोनों भाइयों ने देखा कि, चींटिया कीड़े को धीरे- धीरे खिसका कर ले जा रही थी। कीड़ा मोटा और बड़ा था,तो बार-बार लुढ़क जा रहा था। कभी-कभी दस- पांच चींटिया उसके नीचे दब भी जाती थी। लेकिन दूसरी चींटिया झटपट उस कीड़े को हिला डुला कर चींटियों को निकाल देती थी। उन्होंने देखा कि, इतनी छोटी चींटिया थकने का नाम ही नही ले रही थी। दोनों भाइयों को देखते- देखते वे कीड़े को धीरे-धीरे सरकाकर दूर तक ले गयी।

 

ये देख कर छोटा लड़का बहुत प्रसन्न हो गया। उसने ताली बजायी और खुशी से उछलने लगा। फिर वह आम से गिरी सुखी लकड़ी पर जाकर बैठ गया और बोला- भैया! हमलोग क्या चींटियों से भी गए गुजरे हैं। भैया तुम जाकर अपने मित्रों को बुला लाओ। मैं यहाँ बैठता हूँ। हम सब लड़के मिलकर इस लकड़ी को उठा कर घर ले चलेंगे।

 

बड़ा लड़का बाजार में गया और अपने मित्रों को बुला लाया। बहुत से लड़के मिलकर उस भारी लकड़ी को लुढ़काना और ठेलना प्रारंभ किया। सारे लड़के मिलकर उस लकड़ी को उनके घर तक पहुंचा दिया। दोनों भाइयों ने उनके इस मेहनत के लिए अपने मित्रों को धन्यवाद दिया।

 

उन लड़कों की माता ने अपने पुत्रों के साथ आये लड़कों को मिठाइयां दी और कहा- बच्चों! मेल में बहुत बल होता है। अगर तुमलोग कोई भी काम को ऐसे ही मिल जुलकर करोगे तो कठिन से कठिन काम को आसानी से कर सकते हो। और अगर तुमलोग मिलकर रहोगे तो तुमलोगों को कोई हानि नहीं पहुंचा सकता।

 

आपस में मिलकर रहने से तुमलोग हमेशा खुश भी रहोगे और तुम्हारे काम में कभी कोई बाधा नहीं आएगा। तुमलोग मिल जुलकर हर काम को बड़े ही सरलता से कर सकते हो। तुम सब अगर मिल कर रहोगे तो किसी भी मुसीबत का सामना कर सकते हो। एकता में कितनी शक्ति है इसका अर्थ तुमलोग अवश्य जान गए होंगे।

 

Moral Education For Kids In Hindi | नैतिक शिक्षा

 

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दोनों भाइयों के माता के बात को सुन कर सारे मित्रों ने एक साथ प्रतिज्ञा किया, कि हमलोग कभी आपस में झगड़े नहीं करेंगे। हमेशा मिलजुल कर रहेंगे। हमलोगों को जीवन में चाहे कैसी भी परिस्थितियों का सामना करना पड़े, हम कभी अलग नहीं होंगे। हम सारी बाधाओं को मिलकर उनका सामना करेंगे। इसके बाद सारे मित्र खुशी-खुशी अपने घर को लौट गए।

 

दोस्तों! आप सभी ऐसे ही अपने मित्रों के साथ मिलकर रहेंगे तो आप बड़े से बड़े काम को एकजुट होकर उसको पूरा कर लेंगे। अगर हम एक दूसरे से लड़ते झगड़ते रहे, तो हमारी कोई भी काम पूरा नहीं होगा। हमें कोई भी दबा कर चला जायेगा। इसलिए हमेशा जहाँ भी रहो सबसे मिलजुल कर रहो। क्योंकि हम सब जानते हैं एकता में ही बल है।

 

आप सबको ये Short Hindi Story With Moral for class 2 कैसी लगी। और आप सबको ये कहानी से क्या सिख मिला, हमें comment करके जरूर बतायें। साथियों अपना-अपना moral story हमें शेयर करके अपनी राय जरूर दें।

धन्यवाद!

 

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